कमल ककड़ी के फायदे- Top 6 Amazing Lotus Root Benefits in Hindi

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कमल ककड़ी के फायदे:- भारत का राष्ट्रीय पुष्प, जिसकी गिनती दुनिया के चुनिंदा खूबसूरत फूलों में की जाती है। इसका उपयोग सदियों से चिकित्सकीय रूप से किया जा रहा है। वैसे जितना सुंदर यह फूल होता है, उतनी ही स्वादिष्ट और पोषण से भरपूर इसकी जड़ होती है। जी हां, कमल की जड़ जिसे आम भाषा में कमल ककड़ी कहा जाता है, जो हम सभी को स्वस्थ रखने में समर्थ मानी जाती है। इस लेख में हम आपको कमल ककड़ी के फायदे के बारे में बता रहे हैं।

कमल ककड़ी के फायदे

कमल ककड़ी के फायदे आपको बीमारी के लक्षणों से राहत पाने में मदद करते हैं, लेकिन किसी बीमारी का इलाज साबित नहीं हो सकते। इसलिए, गंभीर बीमारी की अवस्था में डॉक्टरी परामर्श जरूरी है। इस अवस्था में कमल ककड़ी इलाज व दवा के प्रभाव को जरूर बढ़ा सकते हैं। दादी के नुस्खे के इस लेख में हम आपको कमल ककड़ी के फायदे के साथ कमल ककड़ी के नुकसान के विषय में भी जानकारी देंगे। लोटस यानि कमल का फूल 100 प्रकार के होते हैं, भारत में ये काफी जगह पाया जाते हैं। ये खूबसूरत दिखने वाला फूल कीचड़ में पाया जाता है जिसके अनेक फायदे हैं।

भारत में तो हम इसकी सब्ज़ी बनाते हैं लेकिन चीन में इस से वह अपनी ओषधियाँ भी तैयार की जाती हैं। भारत में ये हमें बढ़ी आसानी से मिल जाती है इसलिए हम इसे सब्ज़ी के रूप में उपयोग में लाते हैं। कमल एक जलीय पौधा है और कमल का फूल हजारों सालों से एशियाई देशों में पाया जाता है. हमारे देश में इसका धार्मिक महत्त्व है. पवित्रता और दिव्य सौंदर्य का प्रतीक है. इसकी जड़ 4 फीट पानी के अंदर फैली होती है. इन्हें निकाल कर धोया, काटा और तैयार किया जाता है. हिंदी में इसे ही कमलककड़ी कहा जाता है. हर्बल दवाओं में प्राकृतिक या पाउडर के रूप में भी इसका प्रयोग किया जाता है|

इसका उपयोग सलाद के रूप में भी किया जाता है. इसकी बनावट आलू की तरह होती है और इसका स्वाद थोड़ा मीठा और नारियल की तरह होता है. इसमें विटामिन, खनिज और फाइटोन्यूटरिएंट्स हैं जिनमें शामिल हैं पोटेशियम, फास्फोरस, तांबा, लोहा, मैंगनीज के साथ साथ थियामिन, पैंटोफेनीक एसिड, जस्ता, विटामिन बी 6, विटामिन सी. इसके साथ साथ यह फाइबर और प्रोटीन का बहुत ही महत्वपूर्ण स्रोत है

कमल ककड़ी क्‍या है

कमल ककड़ी, जिसे अंग्रेजी में लोटस रूट भी कहा जाता है। यह असल में कमल के पौधे की जड़ होती है। माना जाता है कि इसकी तुलना किसी भी अन्य सब्जी से नहीं की जा सकती। “द सेक्रेड लोटस” के नाम से जाना जाने वाला यह पौधा खासकर भारत, चीन और पर्शिया में पाया जाता है। विज्ञान जगत में कमल को नेलुम्बो नुसिफेर के नाम से जाना जाता है। कमल ककड़ी में कमल के फूल की ही तरह कई गुण पाए जाते हैं। हालांकि, कमल की तुलना में कमल ककड़ी में ये गुण कुछ कम मात्रा में होते हैं।

कमल ककड़ी के फायदे

कमल ककड़ी के फायदे :

1) कैंसर के लिए ( Benefits of Lotus Root for Cancer )

कमल ककड़ी के फायदे कई बीमारियों से लड़ने में मिलते हैं। यहां तक कि कैंसर का खतरा कम करने में भी यह मदद करता है। कमल ककड़ी में मौजूद बायोटिक फाइटोकेमिकल्स को औषधि के रूप में उपयोग किया जाता है। ये कंपाउंड पेट में कैंसर की कोशिकाओं को पनपने से रोकने में मदद करते हैं । यहां हम स्पष्ट कर दें कि कैंसर एक घातक बीमारी है। अगर कोई इस रोग से पीड़ित है, तो उसे डॉक्टर से उचित इलाज करवाना चाहिए। इस अवस्था में कमल ककड़ी इलाज व दवा के प्रभाव को कुछ हद तक बढ़ा सकती है और साथ ही कैंसर से उबरने में मदद करती है।

2) एनीमिया के लिए ( Benefits of Lotus Root for Anemia )

शरीर में आयरन की कमी एनीमिया का कारण बनती है। शरीर में आयरन की कमी से पर्याप्त हीमोग्लोबिन नहीं बन पाता। वहीं, कमल के इथेनॉल अर्क में हेमाटोपोईएटिक प्रभाव (रक्त कोशिकाओं को बढ़ाने वाले गुण) होते हैं, जो आयरन की कमी से होने वाले एनीमिया से आराम दिलाते हैं। कमल ककड़ी में आयरन भी पाया जाता है, लेकिन इस संबंध में ज्यादा शोध उपलब्ध नहीं है कि कमल ककड़ी इसमें कितना प्रभावशाली होगी। इसलिए, इसका उपयोग करने से पहले एक बार डॉक्टर से परामर्श अवश्य कर लें।

3) मधुमेह के लिए (Benefits of Lotus Root for Diabetes )

कमल ककड़ी के फायदे कोलेस्ट्रोल और मधुमेह (ब्लड शुगर) को नियंत्रित करने में भी मिलते हैं। कमल ककड़ी में डाइटरी फाइबर पाए जाते हैं, जो ब्लड कोलेस्ट्रोल को कम करने में मदद करते हैं । साथ ही कमल ककड़ी का इथेनॉल अर्क शरीर में इंसुलिन का प्रभाव बढ़ाकर खून में ग्लूकोज का स्तर कम करने में मदद करता है । इन समस्याओं का इलाज करने के लिए आप डॉक्टरी परामर्श पर दवाइयों के साथ कमल ककड़ी का उपयोग कर सकते हैं।

4) बालों के लिए (Benefits of Lotus Root for Hair )

बालों के खराब होने का एक बड़ा कारण ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को माना गया है। इसकी वजह से बालों के झड़ने और समय से पहले से सफेद होने की समस्या का सामना करना पड़ता है। ऐसे में ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को कम करने के लिए कमल ककड़ी में मौजूद विटामिन-सी एक प्रभावी एंटी-ऑक्सीडेंट की तरह काम करता है और बालों को ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से बचाने में मदद करता है। इसके अलावा, कमल ककड़ी में मौजूद आयरन बालों को जल्दी सफेद होने से बचाने में लाभदायक साबित होता है ।

5) सूजन को कम करने के लिए ( Benefits of Lotus Root for Swelling )

कमल ककड़ी कई गुणों से भरपूर होती है और ऐसा ही एक गुण है एंटी इंफ्लेमेटरी। दरअसल, कमल ककड़ी के मेथेनॉल अर्क को एक प्रभावी एंटी इंफ्लेमेटरी एजेंट माना गया है। चूहों पर किए गए एक शोध में यह पता चला है कि कमल ककड़ी का उपयोग इन्फ्लेमेशन को कम करने में प्रभावशाली साबित होता । इसलिए, कहा जाता है कि कमल ककड़ी के फायदे सूजन को कम करने में भी मिलते हैं।

6) हड्डियों के लिए (Benefits of Lotus Root for strong bons )

इसे खाने से हड्डियां भी मजबूत होती है और इसमें काफी मात्रा में फाइबर भी पाया जाता है। फाइबर हमारे कोलेस्ट्रॉल लेवल को काम करने में काफी मदद करता है। कमल ककड़ी खनिजों भरपूर मात्रा में पाया जाता है और साथ ही साथ यह विटामिन C का बहुत अच्छा स्रोत माना जाता है। इसकी वजह से शरीर रोग प्रतिरोधक शक्ति मिलती है। हमको दिन भर में जितने भी विटामिन्स चाहिए होते हैं वह सारे विटामिन्स लगभग कमल ककड़ी में मिल जाते हैं। इसलिए अगर आप हमेशा कमल ककड़ी का सेवन करेंगे तो आप हमेशा स्वस्थ रहेंगे।

कमल ककड़ी की सब्जी बनाने की रेसिपी :

सामग्री :

1) कमल ककड़ी – 500 ग्राम /आधा किलो

2) टमाटर – 2

3) प्याज – 2

4) हरा धनिया – 5 ग्राम

5) अदरक, हरी मिर्च , लहसुन का पेस्ट – 2 चमच्च

6) सरसों का तेल – 2 चमच्च

7) जीरा – 1 चमच्च

8) धनिया पाउडर – 1 बड़ा चमच्च

9) लाल मिर्च पाउडर – 1 चमच्च

10) कश्मीरी लाल मिर्च पाउडर – 1 बड़ा चमच्च (कलर के लिए)

11) हल्दी पाउडर – 1/२ चमच्च गरम मसाला – 1 छोटा चमच्च

12) नमक स्वादनुसार

बनाने की विधि :

सबसे पहले कमल ककड़ी के दोनों किनारों को काट कर अलग कर देंगे अब धीरे धीरे इसका छिलका उतारिये। अगर हम इसका छिलका नहीं उतारेंगे तो खाते समय इसके रेशे मुंह में आएंगे। अब छील कर इसे साफ पानी से अच्छी तरह धो लीजिये और छोटे छोटे चिप्स के आकार के टुकड़ों में काट लीजिये।

अब एक पतीले में पानी गरम कर लें और इसमें एक चमच्च नमक दाल लीजिये। जब पानी उबलना शुरू हो जाए तो इसमें कमल ककड़ी यानी लोटस स्टेम को डाल दें। अब इसे 2 से 3 उबाल आने तक पकने दें। दोस्तों ऐसा इसलिए किया जाता है ताकि इसके छेदों में अगर गंदगी या मिट्टी होगी तो वह साफ़ हो जाएगी।

कमल ककड़ी का उपयोग कैसे करें :

1) आप इसके छोटे छोटे टुकड़े करके और इस पर अपनी पसंद का मसाला मिलाकर, फ्राई करके खा सकते हैं।

2) आप चाहें तो इसका अचार बना सकते हैं।

3) आप चाहें तो इसे उबाल कर इसका उपयोग सलाद में भी कर सकते हैं।

4) आप इसकी सब्जी या कोफ्ते भी बना सकते हैं।

5) आप इसकी मदद से फ्राई रायता (दही में घी और जीरे से छोंक लगा कर) भी बना सकते हैं।

No Side Effects of lotus Root in Hindi

ध्यान रखें कि कमल ककड़ी किसी भी बीमारी का इलाज नहीं कर सकती। यह सिर्फ बीमारी के लक्षणों को कम करने में सहायता कर सकती है।

यह आपको कई बीमारियों के लक्षणों से आराम दिलाने में मदद कर सकती है।

नियंत्रित रूप से उपयोग करने से आप कमल ककड़ी के नुकसान से बच सकते हैं,

तो आज से ही कमल ककड़ी को अपने आहार में शामिल करें और इसके लाभों का फायदा उठाएं।

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कमल ककड़ी क्‍या है?

कमल ककड़ी, जिसे अंग्रेजी में लोटस रूट भी कहा जाता है। यह असल में कमल के पौधे की जड़ होती है। माना जाता है कि इसकी तुलना किसी भी अन्य सब्जी से नहीं की जा सकती। “द सेक्रेड लोटस” के नाम से जाना जाने वाला यह पौधा खासकर भारत, चीन और पर्शिया में पाया जाता है। विज्ञान जगत में कमल को नेलुम्बो नुसिफेर के नाम से जाना जाता है। कमल ककड़ी में कमल के फूल की ही तरह कई गुण पाए जाते हैं। हालांकि, कमल की तुलना में कमल ककड़ी में ये गुण कुछ कम मात्रा में होते हैं।

कैंसर के लिए कमल की ककड़ी कैसे फायदेमंद है बताईये?

कमल ककड़ी के फायदे कई बीमारियों से लड़ने में मिलते हैं। यहां तक कि कैंसर का खतरा कम करने में भी यह मदद करता है। कमल ककड़ी में मौजूद बायोटिक फाइटोकेमिकल्स को औषधि के रूप में उपयोग किया जाता है। ये कंपाउंड पेट में कैंसर की कोशिकाओं को पनपने से रोकने में मदद करते हैं । यहां हम स्पष्ट कर दें कि कैंसर एक घातक बीमारी है। अगर कोई इस रोग से पीड़ित है, तो उसे डॉक्टर से उचित इलाज करवाना चाहिए। इस अवस्था में कमल ककड़ी इलाज व दवा के प्रभाव को कुछ हद तक बढ़ा सकती है और साथ ही कैंसर से उबरने में मदद करती है।

सूजन को कम करने के लिए कैसे उपयोगी बताईये?

कमल ककड़ी कई गुणों से भरपूर होती है और ऐसा ही एक गुण है एंटी इंफ्लेमेटरी। दरअसल, कमल ककड़ी के मेथेनॉल अर्क को एक प्रभावी एंटी इंफ्लेमेटरी एजेंट माना गया है। चूहों पर किए गए एक शोध में यह पता चला है कि कमल ककड़ी का उपयोग इन्फ्लेमेशन को कम करने में प्रभावशाली साबित होता । इसलिए, कहा जाता है कि कमल ककड़ी के फायदे सूजन को कम करने में भी मिलते हैं।