8 Evidence-Based Health Benefits of Cinnamon in Hindi ( दालचीनी के फायदे )

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Benefits of Cinnamon 1

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Benefits of Cinnamon

आपने घर के मसालों की रानी, दालचीनी का उपयोग तो कई बार किया होगा। लेकिन क्या आप जानते हैं कि‍ यह आपकी हर बीमारी का इलाज करने में सक्षम है। आमतौर पर लोग दालचीनी का प्रयोग केवल मसालों के रूप में ही करते हैं, क्योंकि लोगों को दालचीनी के फायदे के बारे में पूरी जानकारी नहीं है। आयुर्वेद में दालचीनी को एक बहुत ही फायदेमंद औषधि के रूप में बताया गया है। दालचीनी के फायदे

आयुर्वेद के अनुसार, दालचीनी के इस्तेमाल से कई रोगों का इलाज किया जाता है।दालचीनी लगभग हर भारतीय रसोई में आसानी से मिल जाती है। यह एक ऐसा मसाला है, जिसका इस्तेमाल खाने का स्वाद बढ़ाने के लिए ही नहीं, बल्कि एक औषधि की तरह भी किया जाता है। इसी वजह से दादी के नुस्खे के इस लेख में हम दालचीनी के फायदे बता रहे हैं। दालचीनी का पेड हमेशा हराभरा तथा छोटी झाड़ी जैसा होता है। दालचीनी के फायदे

उसके तने की छाल चुनकर सुखाई जाती है। उनका आकार कवेलू जैसा गोलाकार, जाडा, मुलायम तथा भुरे लाल रंग का होता है। दालचीनी के पेड़ से हमेशा सुगंध आती है। इसका उपयोग मसालो और दवा के तौर पर किया जाता है। इसका तेल भी निकाला जा सकता है। दालचीनी के पेड़ को पत्तों का उपयोग खाने में मसाले की तरह किया जाता है। इन्हे तेजपत्ता भी कहा जाता है। दालचीनी के फायदे

यहां हम विभिन्न वैज्ञानिक शोध के आधार पर बताएंगे कि किस तरह से दालचीनी व्यक्ति को स्वस्थ रखने और बीमारियों से बचाए रखने में मदद करती है। बस ध्यान दें कि दालचीनी किसी बीमारी का इलाज नहीं है। हां, यह रोग से बचने और शरीर को स्वस्थ रखने में मदद जरूर करती है। दालचीनी के औषधीय उपयोग और दालचीनी खाने के फायदे के बारे में विस्तार से जानने के लिए पढ़ते रहें यह लेख। दालचीनी के फायदे

दालचीनी क्या है

दालचीनी एक मसाला है। दालचीनी की छाल तेजपात की वृक्ष छाल से अधिक पतली, पीली, और अधिक सुगन्धित होती है। यह भूरे रंग की मुलायम, और चिकनी होती है। फलों को तोड़ने पर भीतर से तारपीन जैसी गन्ध आती है। इसके फूल छोटे, हरे या सफेद रंग के होते हैं। अगर आप दालचीनी की पत्तियों को मलेंगे तो इससे तीखी गंध आती है। दालचीनी का प्रयोग कई तरह की बीमारियों को ठीक किया जाता है।

दालचीनी के फायदे

अन्य भाषाओं में दालचीनी के नाम ( Name of Dalchini in Different Languages )

Cinnamon in –

1) Cinnamon in hindi – दालचीनी, दारुचीनी, दारचीनी

2) Dalchini in English– ट्रु सिनैमोन (True Cinnamon), सीलोन सिनामोन (Ceylon Cinnamon)

3) Cinnamon in Sanskrit– त्वक्, स्वाद्वी, तनुत्वक्, दारुसिता, चोचम, वराङ्ग, भृङ्ग, उत्कट

4) Cinnamon in Urdu– दारचीनी (Darchini)

5) Cinnamon in Oriya– दालोचीनी (Dalochini), दारूचीनी (Daruchini)

6) Cinnamon in Kannada– लवङ्ग चक्के (Lavanga chakke), तेजदालचीनी (TejaDalchini)

7) Cinnamon in Gujarati– दालचीनी (Dalchini), तज (Taj)

8) Cinnamon in Tamil– लवंग पत्तै (Lavang pattai)

9) Cinnamon in Telugu– लवंगमु (Lavangamu)

10) Cinnamon in Bengali– दारुचीनी (Daruchini)

11) Cinnamon in Punjabi– दाचीनी (Dachini), किरफा (Kirfa)

12) Cinnamon in Malayalam– एरिकोलम (Erikkolam), वरनम (Varanam)

13) Cinnamon in Marathi– दालचीनी (Dalchini)

14) Cinnamon in Nepali– दालचीनी (Daalchiinii), कुखीतगी (Kukhiitagi)

15) Cinnamon in Arabic– दारसीनी (Darsini), किर्फा (Qirfah), र्क्फाहेसेलेनीयाह (Qirfahesailaniyah)

16) Cinnamon in Persian– दारचीनी (Darchini), दारचीनीसेइलनीयाह (Darchinisailaniyah), तालीखाहे (Talikhahe)।

दालचीनी के प्रकार और कौन सी अच्छी होती है ? >>>>>

दालचीनी सामान्य तौर पर चार प्रकार की होती है और सीलोन दालचीनी को सबसे अच्छा माना जाता है। महंगी होने के बावजूद लोग इस दालचीनी को इसके स्वाद और गुणों के लिए खरीदना पसंद करते हैं।

1) ट्रू दालचीनी व सीलोन दालचीनी या मैक्सिकन दालचीनी (Cinnamomum Zeylanicum)

2) इंडोनेशियन दालचीनी (Cinnamomum Burmanni)

3) वियतनामिज दालचीनी (Cinnamomum Loureiroi)

4) कैसिया दालचीनी या चाइनीज दालचीनी (Cinnamomum Aromaticum)

दालचीनी के फायदे : Benefits of Cinnamon in Hindi

1) हृदय स्वास्थ्य के लिए ( Benefits of Cinnamon for cardiovascular health )

दालचीनी डायबिटीज के साथ ही हानिकारक कोलेस्ट्रॉल को कम करके हृदय को स्वस्थ रखने का काम करती है । एक शोध में कहा गया है कि एक, तीन और छह ग्राम दालचीनी का सेवन करने वालों में एलडीएल, सीरम ग्लूकोज, ट्राइग्लिसराइड (रक्त में मौजूद एक तरह का फैट) और टोटल कोलेस्ट्रोल के स्तर को कम करके हृदय संबंधी रोगों से बचने में मदद मिलती है। एक पशु अध्ययन के मुताबिक कैसिया दालचीनी में मौजूद घटक सिनामलडिहाइड और सिनामिक एसिड कार्डियो प्रोटेक्टिव गुण को प्रदर्शित करते हैं। इसी वजह से दालचीनी को हृदय रोग से बचाव के लिए अहम माना जाता है। दालचीनी के फायदे

2) कैंसर के लिए ( Benefits of Cinnamon for Cancer )

दालचीनी, कैंसर की कोशिकाओं के विकास को कम करने और उसे फैलने से रोकती है। एक अध्ययन में बताया गया है कि इसमें कीमोप्रेंटिव गुण होते हैं। शोध के अनुसार दालचीनी में मौजूद एंटी-ऑक्सीडेंट, एंटी-इंफ्लेमेटरी, एपोप्टोसिस-इंडयूसिंग (कोशिकाओं को खत्म करने वाली) गतिविधि, एंटी-प्रोलिफेरेटिव (कोशिकाओं को बढ़ने से रोकना वाला) प्रभाव मिलकर कीमोप्रेंटिव एजेंट की तरह काम करते हैं। दालचीनी के फायदे

यह सभी मिलकर कैंसर सेल्स के बनने की प्रक्रिया में हस्तक्षेप करके उन्हें बढ़ने और बनने से रोकते हैं । इसके अलावा, दालचीनी अन्य कैंसर के लक्षण को भी कम करने में मदद करता है। एक अन्य शोध में पाया गया है कि इसमें एंटी कैंसर गुण मौजूद होते हैं। रिसर्च में जिक्र है कि दालचीनी मेलेनोमा कैंसर (त्वचा का कैंसर) के खिलाफ सुरक्षा प्रदान करती है। पाठक ध्यान दें कि दालचीनी, किसी भी तरीके से कैंसर का इलाज नहीं है। दालचीनी के फायदे

3) मस्तिष्क स्वास्थ्य के लिए ( Benefits of Cinnamon for Brain health )

दालचीनी के घरेलू उपाय को मस्तिष्क के लिए भी काफी फायदेमंद माना जाता है। यह ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को कम करके मस्तिष्क को स्वस्थ बनाने का काम करती है। साथ ही इससे जल्दी सीखने की क्षमता में भी वृद्धि भी होती है। रिसर्च की मानें तो यह दालचीनी का सेवन करने से उत्पादित होने वाले सोडिम बेंजोएट की वजह से होता है। वहीं, दालचीनी में फाइटोकेमिकल्स भी होते हैं, जो ग्लूकोज का उपयोग करने की दिमाग की क्षमता को बढ़ाते हैं। दालचीनी के फायदे

यह अल्जाइमर रोग की वजह से दिमाग में होने वाले परिवर्तन को भी नियंत्रित करता है इसके अलावा, दालचीनी, पार्किंसंस रोग के जोखिम से बचाव में कुछ हद तक मददगार होता है गौर हो कि अल्जाइमर रोग में याददाश्त कमजोर हो जाती है और पार्किंसंस में शरीर के अंगों में कंपन शुरू हो जाता है।  दालचीनी के फायदे

4) एचआईवी के लिए ( Benefits of Cinnamon for HIV )

एचआईवी जैसी बीमारी के लिए किसी भी तरह की घरेलू दवा पर निर्भर रहना सही नहीं है। किसी भी व्यक्ति को एचआईवी से संक्रमित होते ही तुरंत डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। अगर एचआईवी और दालचीनी को लेकर शोध की बात करें, तो रिसर्च में कहा गया है कि दालचीनी में मौजूद प्रोजेनिडिन पॉलीफेनोल एंटी-एचआईवी -1 गतिविधि प्रदर्शित करता है दालचीनी के फायदे

5) त्वचा के लिए ( Benefits of Cinnamon for Skin )

दालचीनी के लाभ में त्वचा स्वास्थ्य भी शामिल है। एक शोध में इस बात का जिक्र है कि दालचीनी में मौजूद एंटी-इंफ्लामेटरी गुण चर्म रोग से व्यक्ति को बचा सकता है। इसका इस्तेमाल करने से हल्के से मध्यम एक्ने को भी कम किया जाता है। इसी वजह से बाजार में दालचीनी युक्त स्किन जेल भी उपलब्ध है। दालचीनी के एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण पिंपल और दाग-धब्बों को कम करते हैं। इसके अलावा, दालचीनी और शहद का मिश्रण पिंपल वाले बैक्टीरिया से मारने का काम करता है । दालचीनी के फायदे

6) सिर दर्द के लिए ( Benefits of Cinnamon for Headache )

1) अगर आप सिर दर्द से परेशान रहते हैं, तो दालचीनी का सेवन करें। दालचीनी के 8-10 पत्तों को पीसकर लेप बना लें। दालचीनी के लेप को मस्तक पर लगाने से ठंड, या गर्मी से होने वाली सिर दर्द से आराम मिलता है। आराम मिलने पर लेप को धोकर साफ कर लें।

2) दालचीनी के तेल से सिर पर मालिश करें। इससे सर्दी की वजह से होने वाले सिरदर्द से आराम मिलती है।

3) दालचीनी, तेजपत्ता, तथा चीनी को बराबर-बराबर मात्रा में मिला लें। इसे चावल के धोवन (चावल को धोने के बाद निकाला गया पानी) से पीस कर बारीक चूर्ण बना लें। इसे नाक के रास्ते लें। इसके बाद गाय के घी को भी नाक के रास्ते लें। इससे सिर से संबंधित विकारों में आराम मिलता है।

4) आप तंत्रिका-तंत्र संबंधी परेशानियों के लिए दालचीनी के तेल को सिर पर लगाएं। इससे फायदा होता है।

7) खांसी के लिए ( Benefits of Cinnamon for cough )

1) खांसी के इलाज के लिए दालचीनी का प्रयोग करना फायदेमंद होता है। खांसी से परेशान रहने वाले लोग आधा चम्मच दालचीनी के चूर्ण को, 2 चम्मच मधु के साथ सुबह-शाम सेवन करें। इससे खांसी से आराम मिलता है।

2) दालचीनी के पत्ते का काढ़ा बना लें। 10-20 मिली मात्रा में सेवन करने से खांसी ठीक होती है।

3) एक चौथाई चम्मच दालचीनी के चूर्ण में 1 चम्मच मधु को मिला लें। इसे दिन में तीन बार सेवन करने से खांसी, और दस्त में फायदा होता है।

8) दस्त के लिए ( Benefits of Cinnamon for Diarrhea )

1) 5 ग्राम दालचीनी चूर्ण में 1 चम्मच मधु मिला लें। इसे दिन में 3 बार सेवन करें। इससे दस्त में फायदा होता है।

2) 750 मिग्रा दालचीनी के चूर्ण में 750 मिग्रा कत्था चूर्ण मिला लें। इसे पानी के साथ दिन में तीन बार सेवन करें। इससे दस्त पर रोक लगती है।

3) इसी तरह 4 ग्राम दालचीनी, तथा 10 ग्राम कत्था को मिलाकर पीस लें। इसमे 250 मिली खौलते हुए पानी में डालकर ढक दें। दो घंटे बाद इसे छानकर दो हिस्से करके पिएं। इससे दस्त बन्द हो जाते हैं।

4) बेलगिरी के शर्बत में 2-5 ग्राम दालचीनी का चूर्ण मिला लें। इसे सुबह-शाम पीने से दस्त की समस्या में लाभ होता है। दालचीनी के फायदे

दालचीनी का उपयोग – Uses of Dalchini in Hindi >>>>

दालचीनी कैसे खाएं :

1) दालचीनी का इस्तेमाल खाने में मसाले की तरह होता है।

2) सिनेमन पाउडर का सेवन दूध के साथ कर सकते हैं।

3) इसे गुनगुने पानी में मिलाकर भी पी सकते हैं।

4) दालचीनी को शहद के साथ मिलाकर चेहरे पर लगा सकते हैं।

5) दालचीनी को हर्बल टी या काढ़ा बनाते समय भी डाल सकते हैं।

6) दालचीनी को उबालकर इसके पानी से बालों को धोया जा सकता है।

7) च्यवनप्राश बनाने के लिए भी दालचीनी का उपयोग किया जाता है।

कितना खाएं :

दालचीनी को अधिक मात्रा में खाने से शरीर में टॉक्सिक प्रभाव पड़ सकता है। इससे जुड़े शोध में कहा गया है कि इसका दैनिक सेवन 0.1 mg/kg से ज्यादा शरीर के लिए हानिकारक हो सकता है । दालचीनी के फायदे

कब खाएं :

इसका इस्तेमाल चाय या काढ़े के साथ सुबह किया जाता है। दोपहर या रात के भोजन में भी इसकी कुछ मात्रा का इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके अलावा, इसका सेवन डॉक्टरी परामर्श पर दिन के किसी निर्धारित समय में किया जा सकता है। दालचीनी के फायदे

Side Effects of Dalchini in Hindi

दालचीनी के एसिडिक नेचर की वजह से दांत प्रभावित हो सकते हैं, जिससे प्लाक और अन्य समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।

 एलर्जी।

 लिवर संबंधी समस्या।

 ग्लूकोज लेवल को कम कर सकता है, जिससे व्यक्ति ऊर्जाहीन महसूस कर सकता है।

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