सहजन के फायदे- Powerful Health Benefits of Drumsticks in Hindi

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Benefits of Drumsticks

सहजन के फायदे:- सहजन के बारे में तो हम सभी जानते हैं। इसका वैज्ञानिक नाम मोरिंगा ओलिफेरा (Moringa Oleifera) है। सहजन की फली की सब्जी लगभग हर घर में बनती है। खाने में तो इसका स्वाद सबको खूब भाता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस फली और इसके पेड़ के भी स्वास्थ्य के लिए कई फायदे हैं। इनमें प्रोटीन, अमीनो एसिड, बीटा कैरटीन और विभिन्न फीनॉलिक होते हैं।

सहजन के फायदे

Table of Contents

(सहजन के फायदे)इन पत्तियों को ताजा या पाउडर के रूप में भोजन के पूरक के रूप में उपयोग किया जाता है। सहजन के पौधे में जड़ से लेकर सहजन के फूल, पत्तियों तक सेहत के गुण भरे हुए हैं। सहजन से तो आप भली-भांति परिचित होंगे यह एक ऐसी सब्जी है जो बाजार में चारों और बिकती है पर हम मैं से बहुत से लोग हैं जो इस सब्जी को देख कर भी अनदेखा कर देते हैं।

अब जैसा कि हम जानते हैं सर्दियां आ चुकी है और इस मौसम में आपको ढेर सारी हरी सब्जियां देखने को मिलेगी इसलिए मौसम का आनंद सहजन की सब्जी खाकर उठाइए। सहजन की सब्जी ही नहीं बल्कि इसके पेड़ के विभिन्न भाग के अनेकों प्रयोग पुराने जमाने से ही किए जा रहे हैं। सहजन के फूल वा पत्ते में पोषक तत्व है कि विश्व स्वास्थ्य संगठन के मार्गदर्शन में दक्षिण अफ्रीका के कई देशों में कुपोषण पीड़ित लोगों के आहार के रूप में सहजन का प्रयोग करने की सलाह दी गई है (सहजन के फायदे) सहजन की सब्जी को अपनी डाइट में शामिल कीजिए और इसका लाभ उठाएं आयुर्वेद में 300 रोगों का सहजन से उपचार बताया गया है|

 सहजन के फायदे

सहजन के बीज से तेल निकाला जाता है और छाल पत्ती ,गोंद ,जड़ आदि से आयुर्वेदिक दवाइयां तैयार की जाती है जो कई बीमारियों को दूर करती है और शरीर के हर अंग को मजबूत भी करती है क्योंकि इसमें बहुत सारे पोषक तत्व भरे हुए हैं। (सहजन के फायदे) आज जानते हैं सहजन के फायदों के बारे में फल और साग-सब्जियों के मामले में भारत एक धनी देश माना जाता है।

यहां नॉनवेज की तुलना में शाकाहारी भोजन के असंख्य प्रकार आपको दिख जाएंगे, लेकिन जानकारी के अभाव में लोग सभी स्वादिष्ट सब्जियों का आनंद नहीं उठा पाते। अगर आप भी खाने-पीने के शौकीन हैं और अपने आहार में गुणकारी खाद्य पदार्थों को शामिल करना चाहते हैं, तो दादी के नुस्खे का यह लेख आपके लिए लाभकारी सिद्ध हो सकता है।

यहां हम गुणकारी सहजन के बारे में जानकारी देने जा रहे हैं, जिसके विभिन्न स्वास्थ्य फायदों के बारे में शायद आपको पता न हो। (सहजन के फायदे) हमारे साथ जानिए स्वास्थ्य के लिए सहजन के लाभ। इसके अलावा, हम इस लेख में शरीर के लिए सहजन का उपयोग कैसे करना है, वो भी जानकारी देंगे।

सहजन क्या है

सहजन एक प्रकार की फली है, जिसका उपयोग सब्जी के तौर पर किया जाता है। इसे अंग्रेजी में ड्रमस्टिक (Drumstick) या मोरिंगा (Moringa) कहा जाता है। इसका वानस्पतिक नाम मोरिंगा ओलिफेरा (Moringa Oleifera) है। आपको जानकर हैरानी होगी कि भारत मोरिंगा का सबसे बड़ा उत्पादक है, यहां इसका वार्षिक उत्पादन 1.1 से 1.3 मिलियन टन है। सहजन का पेड़ बहुत ही तेजी से बढ़ता है और इसकी फलियों के साथ इसके पत्ते और फूल का भी इस्तेमाल खाने के लिए किया जाता है। (सहजन के फायदे) सहजन के ये तीनों भाग बहुत गुणकारी होते हैं। लेख के आगे के भाग में हम न सिर्फ स्वास्थ्य के लिए, बल्कि त्वचा के लिए भी सहजन के फायदे की जानकारी देंगे।

सहजन के लिए यह कहावत मशहूर है- ‘‘सहजन अति फूले-फले, तबहुं डारपात की हानि।’’ सहजन की फली हरे रंग की तथा अंगुली के समान मोटी होती है। जंगली वृक्षों की फलियाँ और लगाए हुए वृक्षों की फलियाँ सब्जी के रूप में प्रयोग की जाती हैं।

यह स्वास्थ्यवर्धक आहार भी है और औषधि के रूप में प्रयोग भी की जाती है। फूलों के रंग के भेद से शास्त्रकारों ने सहजन के सफेद और लाल दो भेद किए हैं। (सहजन के फायदे) सफेद जाति कड़ुआ और लाल जाति मीठी होती है। कड़ुआ सहजन हर जगह मिल जाता है लेकिन मीठा सहजन कम ही पाया जाता है। सहजन के छोटे या मध्यम आकार के वृक्ष होते हैं। छाल और तना सुपाच्य होता है। जब वृक्ष फलियों से लद जाते हैं तो डालियां अक्सर टूट जाती हैं।

सहजन के फायदे

अनेक भाषाओं में सहजन के नाम ( Benefits of Drumstick and Uses )

  • Hindi (drumstick in hindi) – सहजन, सहजन, सहजना, सैजन, मुनगा
  • English – Drum stick tree (ड्रम स्टिक ट्री), इण्डियन हौर्स रेडिश (Indian horse radish), हौर्स रेडिश ट्री (Horse radish tree)
  • Sanskrit – शोभाञ्जन, शिग्रु, तीक्ष्णगन्ध, अक्षीव, मोचक, सौभाञ्जन
  • Oriya – मुनीया (Muniya), सजीना (Sajina)
  • Konkani – मेइसिंग (Maissing), मोरिंग (Moring)
  • Kannada – नुग्गे (Nugge), नुग्गी (Nuggi)
  • Gujarati – सेगते (Segato), सरगवो (Saragavo)
  • Telugu – मुनगा (Munaga)
  • Tamil – मंरुगाई (Murungai), मुंकाई (Murunkai)
  • Bengali – सजिना (Sajina)
  • Nepali – सज्योन (Sajyon)
  • Punjabi – सोंहजना (Sohanjana), सैन्जन (Sanjan)
  • Marathi – शेवगी (Shevgi), शेगटा (Shegata)
  • Malayalam – सहिजनो (Sahijano), सर्हिजणो (Sarhijano)
  • Persian – सर्वकोही (Sarvkohi)

सहजन के फायदे :

1) मोटापे के लिए ( Benefits of Drumsticks for Obesity )

अगर आप मोटापे या बढ़ते वजन की समस्या से परेशान हैं, तो अब आपको काफी हद तक राहत मिल सकती है। हरी सब्जियों की लिस्ट में सहजन की फली या पत्तियों को शामिल कर बढ़ते वजन की परेशानी को कुछ हद तक नियंत्रित कर सकते हैं। दरअसल, इसमें क्लोरोजेनिक एसिड (Chlorogenic Acid) मौजूद होता है, जिसमें एंटी-ओबेसिटी गुण मौजूद होते हैं, जिससे मोटापे या वजन की परेशानी से लड़ने में मदद मिलती है। आप इसे एक स्वास्थ्यवर्धक खाद्य पदार्थ के रूप में अपने आहार में शामिल कर सकते हैं । (सहजन के फायदे)

2) कैंसर के लिए (Benefits of Drumsticks for Cancer )

सहजन में मौजूद औषधीय गुण कैंसर जैसी खतरनाक बीमारी के जोखिम को कम करने में मदद करते हैं। दरअसल, सहजन की छाल और सहजन की पत्तियों में एंटी-कैंसर और एंटी-ट्यूमर गुण मौजूद होते हैं । इसके अलावा, सहजन की पत्तियां पॉलीफेनोल्स (Polyphenols) और पॉलीफ्लोनोइड्स (Polyflavonoids) से समृद्ध होती हैं, जो एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-कैंसर यौगिक होते हैं, जो इस घातक बीमारी के जोखिम को कम करने में मदद करते हैं । (सहजन के फायदे)

 सहजन के फायदे

3) मधुमेह के लिए ( Benefits of Drumsticks for Diabetes )

सहजन की फलियों, छाल और अन्य भागों में एंटी-डायबिटिक गुण मौजूद होते हैं, जो मधुमेह के लिए गुणकारी साबित होते हैं और मधुमेह के स्तर को कम करते हैं । अगर आपको सहजन खाना पसंद न हो, तो आप डॉक्टर की सलाह से सहजन की पत्तियों की टैबलेट भी ले सकते हैं, क्योंकि इसमें भी एंटी-डायबिटिक गुण होते हैं । (सहजन के फायदे)

4) हड्डियों के लिए ( Benefits of Drumsticks for bons )

बढ़ती उम्र के साथ हड्डियों की देखभाल और उन्हें स्वस्थ रखना भी जरूरी है। आप अपनी हड्डियों को स्वस्थ रखने के लिए सहजन का सेवन कर सकते हैं। मोरिंगा को कैल्शियम, मैग्नीशियम और फास्फोरस का अच्छा स्रोत माना गया है, जो हड्डियों के लिए जरूरी पोषक तत्व हैं। इन गुणों की मौजूदगी की वजह से सहजन हड्डियों को स्वस्थ रखने में मदद करता है। फिलहाल, अभी इस पर और शोध की जरूरत है। इसके अलावा, इसमें एंटी-ऑस्टियोपोरोटिक (Anti-Osteoporotic) गुण भी होते हैं, जो ऑस्टियोपोरोसिस जैसी हड्डी की बीमारी के जोखिम को कम करने में मदद करते हैं। (सहजन के फायदे)

5) हृदय को स्वस्थ रखने के लिए ( Benefits of Drumsticks for Heart )

हृदय शरीर के सबसे महत्वपूर्ण अंगों में से एक है। ऐसे में हृदय को स्वस्थ रखना और उसका ध्यान रखना जरूरी है। अगर आप अपने हृदय को स्वस्थ रखना चाहते हैं, तो अपने आहार में सहजन की पत्तियों को शामिल करें। सहजन की पत्तियों में उच्च मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं, जो शरीर में इंफ्लेमेशन के कारण होने वाली समस्याओं से राहत दिलाने में मदद करते हैं और हृदय संबंधी परेशानी उन्हीं में से एक है। सहजन की पत्तियों में मौजूद बीटा कैरोटीन (β carotene) एंटीऑक्सीडेंट के रूप में कार्य कर हृदय को स्वस्थ रखने में मदद करता है। (सहजन के फायदे)

6) मस्तिष्क के लिए ( Benefits of Drumsticks for Brain )

सहजन मस्तिष्क को स्वस्थ रखने में भी मदद करता है। बढ़ती उम्र का असर मस्तिष्क पर भी होता है और मस्तिष्क संबंधी बीमारी जैसे – अल्जाइमर – भूलने की बीमारी), पार्किंसंस सेंट्रल नर्वस सिस्टम से जुड़ा विकार ) और ऐसी ही कई अन्य समस्याएं हो सकती है। ऐसे में सहजन का सेवन काफी लाभदायक होता है। यह नोओट्रॉपिकमस्तिष्क स्वास्थ्य के लिए एक तरह की दवा) की तरह काम करता है, यानी मस्तिष्क संबंधी परेशानियों को दूर करने में मदद करता है। यह अल्जाइमर रोगियों में यानी जिन्हें भूलने की बीमारी हो जाती है, उनमें याददाश्त तेज या सुधार करने में भी सहायक होता है। (सहजन के फायदे)

7) लिवर के लिए ( Benefits of Drumsticks for Liver )

गलत खान-पान और जीवनशैली का लिवर पर काफी गलत प्रभाव पड़ता है। ऐसे में जरूरी है वक्त रहते अपने खान-पान को सुधार लें और न सिर्फ सही वक्त पर खाना, बल्कि सही आहार को अपने डाइट में शामिल करें। अन्य आहारों के साथ डाइट में सहजन की फली या इसकी पत्तियों को शामिल किया जाता है। इसमें क्वारसेटि नामक फ्लैवनॉल होते हैं, जो हेपाटोप्रोटेक्टिव की तरह कार्य करते हैं, यानी लिवर को किसी भी प्रकार की क्षति से बचाकर सुरक्षित रखने में मदद करते हैं। इसलिए, सहजन की फली, फूल या सहजन की पत्तियों को डाइट में शामिल करें और लिवर को घातक बीमारियों के जोखिम से बचाएं । (सहजन के फायदे)

8) इम्युनिटी के लिए ( Benefits of Drumsticks for Immunity )

अगर किसी व्यक्ति की रोग-प्रतिरोधक क्षमता कमजोर है, तो उस व्यक्ति के बीमार होने का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में जरूरी है कि अपनी डाइट में उन खाद्य पदार्थों को शामिल किया जाए, जो रोग-प्रतिरोधक क्षमता में सुधार करने में मदद करें।

इन्हीं खाद्य पदार्थों में से एक है सहजन। सहजन की फली या इसकी पत्तियों के सेवन से इम्यूनिटी में सुधार होता है। इसका संतुलित मात्रा में सेवन रोग-प्रतिरोधक क्षमता में सुधार करता है। ध्यान रहे कि इसे अगर जरूरत से ज्यादा खाया गया, तो इसमें इसोथियोसीयानेट और ग्लाइकोसाइड सायनाइड) नामक विषैले तत्व होते हैं, जो तनाव को बढ़ा सकते हैं और इसके एंटीऑक्सीडेंट असर को कम करते हैं। इसलिए, इसका सेवन संतुलित मात्रा में करें । (सहजन के फायदे)

9) एंटी-एजिंग के लिए ( Benefits of Drumsticks for Anti aging )

बढ़ती उम्र का असर चेहरे पर भी दिखने लगता है, नतीजतन चेहरे की चमक कम होने लगती है और झुर्रियां बढ़ने लगती हैं। ऐसे में आप में से कई लोग एंटी-एजिंग क्रीम का भी सहारा लेते होंगे, जिसका असर कुछ वक्त तक ही रहता है।

इस कारण इसका उपयोग बार-बार करने की जरूरत होती है। इस स्थिति में बेहतर है कि आप अपनी डाइट का सही तरीके से चुनाव करें, क्योंकि कहीं न कहीं आपकी डाइट का असर आपकी त्वचा और चेहरे पर पड़ता है। आप अपने डाइट में सहजन को या इसकी पत्तियों को शामिल कर सकते हैं। इसका सेवन आपके चेहरे पर बढ़ती उम्र के प्रभाव को कम करने में मदद करता है। इतना ही नहीं इसके बीज भी कम उम्र में त्वचा पर एजिंग के प्रभाव को कम करने में मदद करते हैं। (सहजन के फायदे)

10) एनीमिया के लिए ( Benefits of Drumsticks Anemia )

सहजन के गुण की बात करें, तो इसकी छाल या इसकी पत्तियों का सेवन एनीमिया यानी लाल रक्त कोशिकाओं की कमी से बचाव के लिए भी किया जा सकता है। सहजन की पत्तियों के एथनोलिक एक्सट्रैक्ट में एंटी-एनीमिया गुण मौजूद होते हैं और इसके सेवन से हीमोग्लोबिन के स्तर में सुधार होता है, जिससे लाल रक्त कोशिकाओं के उत्पादन में मदद मिलती है । (सहजन के फायदे)

सहजन का उपयोग :

1) आप सहजन का उपयोग सब्जी बनाकर कर सकते हैं।

2) आप सहजन की पत्तियों की सब्जी बना सकते हैं या आप इसे सांभर में भी उपयोग कर सकते हैं।

3) आप सहजन को काटकर उसका उपयोग सूप में भी कर सकते हैं।

4) डॉक्टरी सलाह से सहजन की पत्तियों की टैबलेट का भी सेवन कर सकते हैं।

5) सहजन की पत्तियों और फूल को सुखाकर उसका पाउडर बनाकर सलाद, सूप और सब्जी में उसका उपयोग भी कर सकते हैं। (सहजन के फायदे)

आंखों के रोगों में सहजन का प्रयोग लाभदायक ( Drumstick Uses to Cure Eye Disease in Hindi )

1) कफ के कारण आँख से पानी बहने की समस्या में सहजन के पत्तों को पीसकर टिकिया बनाकर आंखों पर बांधने से लाभ होता है।

2) सहजन के पत्ते के 50 मि.ली. रस में 2 चम्मच शहद मिला लें। इसे आँखों में काजल की तरह लगाने से आंखों के धुंधलेपन जैसी सभी प्रकार के आंखों की बीमारी में लाभ होता है।

3) सहजन के पत्तों के रस में समान मात्र में मधु मिला ले। इसे 2-2 बूंद आंख में डालने से आँखों का दर्द कम होता है तथा लाभ होता है। (सहजन के फायदे)

सिर दर्द में सहजन का सेवन फायदेमंद (Use Drumstick for Headache relief in Hindi)

1) सहजन की जड़ के रस में बराबर मात्रा में गुड़ मिला लें। इसे छानकर 1-1 बूंद नाक में डालने से सिर दर्द (Headache) में लाभ होता है।

2) सहजन के पत्तों के रस में काली मिर्च को पीस लें। इसे मस्तक पर लेप करने से मस्तक पीड़ा ठीक होता है।

3) सहजन के पत्तों को पानी के साथ पीस लें। इसका लेप करने से सर्दी की वजह से होने वाला सिर का दर्द ठीक होता है। (सहजन के फायदे)

टाइफाइड में सहजन से फायद (Drumstick is Beneficial in Typhoid in Hindi)

1) सहजन की छाल को जल में घिस लें। इसकी एक दो बूंद नाक में डालने से तथा सेवन करने से मस्तिष्क ज्वर यानी दिमागी बुखार या टॉयफाइड में लाभ होता है।

2) सहजन के 20 ग्राम ताजे जडों को 100 मि.ली. पानी में उबालें। इसे छानकर पिलाने से टॉयफॉयड ख़त्म हो जाता है। (सहजन के फायदे)

 सहजन के फायदे

कान से जुड़े रोगों में सहजन का उपयोग फायदेमंद ( Benefits of Drumsticks for Ear diseases )

1) 20 मि.ली. सहजन की जड़ रस में एक चम्मच मधु और 50 मि.ली. तेल को मिला लें। इसे गर्मकर, छानकर, कान में 2-2 बूंद टपकाने से कान का दर्द (Ear Pain) कम होता है।

2) सहजन की गोंद को तिल के तेल में गर्म कर छान लें। इसे कान में 2-2 बूंद टपकाने से कान दर्द में लाभ (drumstick benefits) होता है।

3) सहजन की छाल और राई को पीसकर लेप करें। इससे कान की जड़ में सूजन की परेशानी ठीक हो जाती है ।

Side Effects of Drumsticks in Hindi

  • इसकी छाल के सेवन से गर्भपात होने का खतरा हो सकता है 
  • ध्यान रहे कि जिनको लो ब्लड प्रेशर की परेशानी है, वो इसका सेवन न करें। यह लो ब्लड प्रेशर का कारण बन सकता है।
  •  इसके अधिक सेवन से ब्लड ग्लूकोज के स्तर में जरूरत से ज्यादा कमी भी हो सकती है, जो खतरनाक हो सकता है।
  • ऐसे में बेहतर है कि सेवन करने से पहले विशेषज्ञ की राय लें।

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सहजन क्या है?

सहजन एक प्रकार की फली है, जिसका उपयोग सब्जी के तौर पर किया जाता है। इसे अंग्रेजी में ड्रमस्टिक (Drumstick) या मोरिंगा (Moringa) कहा जाता है। इसका वानस्पतिक नाम मोरिंगा ओलिफेरा (Moringa Oleifera) है। आपको जानकर हैरानी होगी कि भारत मोरिंगा का सबसे बड़ा उत्पादक है, यहां इसका वार्षिक उत्पादन 1.1 से 1.3 मिलियन टन है। सहजन का पेड़ बहुत ही तेजी से बढ़ता है और इसकी फलियों के साथ इसके पत्ते और फूल का भी इस्तेमाल खाने के लिए किया जाता है। (सहजन के फायदे) सहजन के ये तीनों भाग बहुत गुणकारी होते हैं। लेख के आगे के भाग में हम न सिर्फ स्वास्थ्य के लिए, बल्कि त्वचा के लिए भी सहजन के फायदे की जानकारी देंगे।

मोटापे के लिए कैसे उपयोगी है सहजन बताईये?

अगर आप मोटापे या बढ़ते वजन की समस्या से परेशान हैं, तो अब आपको काफी हद तक राहत मिल सकती है। हरी सब्जियों की लिस्ट में सहजन की फली या पत्तियों को शामिल कर बढ़ते वजन की परेशानी को कुछ हद तक नियंत्रित कर सकते हैं। दरअसल, इसमें क्लोरोजेनिक एसिड (Chlorogenic Acid) मौजूद होता है, जिसमें एंटी-ओबेसिटी गुण मौजूद होते हैं, जिससे मोटापे या वजन की परेशानी से लड़ने में मदद मिलती है। आप इसे एक स्वास्थ्यवर्धक खाद्य पदार्थ के रूप में अपने आहार में शामिल कर सकते हैं । (सहजन के फायदे)

इम्युनिटी के लिए कैसे उपयोगी है सहजन बताईये?

अगर किसी व्यक्ति की रोग-प्रतिरोधक क्षमता कमजोर है, तो उस व्यक्ति के बीमार होने का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में जरूरी है कि अपनी डाइट में उन खाद्य पदार्थों को शामिल किया जाए, जो रोग-प्रतिरोधक क्षमता में सुधार करने में मदद करें। इन्हीं खाद्य पदार्थों में से एक है सहजन। सहजन की फली या इसकी पत्तियों के सेवन से इम्यूनिटी में सुधार होता है। इसका संतुलित मात्रा में सेवन रोग-प्रतिरोधक क्षमता में सुधार करता है। ध्यान रहे कि इसे अगर जरूरत से ज्यादा खाया गया, तो इसमें इसोथियोसीयानेट और ग्लाइकोसाइड सायनाइड) नामक विषैले तत्व होते हैं, जो तनाव को बढ़ा सकते हैं और इसके एंटीऑक्सीडेंट असर को कम करते हैं। इसलिए, इसका सेवन संतुलित मात्रा में करें । (सहजन के फायदे)

सहजन से होने वाले Side Effects के बारे में बताईये?

इसकी छाल के सेवन से गर्भपात होने का खतरा हो सकता है 
ध्यान रहे कि जिनको लो ब्लड प्रेशर की परेशानी है, वो इसका सेवन न करें। यह लो ब्लड प्रेशर का कारण बन सकता है।
 इसके अधिक सेवन से ब्लड ग्लूकोज के स्तर में जरूरत से ज्यादा कमी भी हो सकती है, जो खतरनाक हो सकता है।
ऐसे में बेहतर है कि सेवन करने से पहले विशेषज्ञ की राय लें।