8 Amazing Uses for Aloe Vera in Hindi ( एलोवेरा के फायदे )

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आपने एलोवेरा का बहुत नाम सुना होगा, और यह भी सुना होगा कि एलोवेरा को औषधि की तरह इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि एलोवेरा के औषधीय गुण क्या-क्या हैं। क्‍या आपको पता है कि किस-किस रोग में एलोवेरा के इस्तेमाल से लाभ मिलता है। आयुर्वेदिक ग्रंथों में एलोवेरा के फायदे के बारे में कई सारी अच्छी बातें बताई गई हैं। एलोवेरा भले ही एक छोटा-सा पौधा है, लेकिन इसके गुण अनगिनत हैं। Aloe Vera in Hindi

इसके अनगिनत फायदों के कारण ही इसे लगभग हर घर में इस्तेमाल किया जाता है। एलोवेरा के फायदे अनेक हैं, चाहे वो स्वास्थ्य के लिए हों, त्वचा के लिए हों या बालों के लिए। घृतकुमारी के लाभ की लिस्ट लंबी है और इनके बारे में लोगों को विस्तार से जानकारी मिले, इसी वजह से दादी के नुस्खे के इस लेख का विषय घृतकुमारी को चुना गया है। इसे घृतकुमारी आसव भी कहते हैं। इस लेख में हम एलोवेरा के फायदे और नुकसान से जुड़ी सारी जानकारियों से अपने पाठकों को अवगत कराएंगे। हालांकि, तमाम गुणों के बावजूद एलोवेरा कोई मेडिकल ट्रीटमेंट नहीं है। Aloe Vera in Hindi

इसे सिर्फ घरेलू नुस्खे की तरह ही इस्तेमाल किया जाता है। आप एलोवेरा से लाभ लेकर अपना और अपने परिवार की बहुत-सी बीमारियों का इलाज कर सकते हैं। इसलिए आइए जानते हैं कि एलेवोरा के फायदे किस-किस रोग में मिलते हैं। एलोवेरा के औषधीय गुणों की अगर बात की जाए तो इसमें एंटीसेप्टिक, एंटी-बैक्टीरियल, एंटी-इंफ्लेमेटरी और ऐसे ही कई अन्य गुण मौजूद हैं। इसके साथ ही इसमें विटामिन ए और फोलिक एसिड जैसे जरूरी पोषक तत्व भी पाए जाते हैं।

यह एक हेल्थ टॉनिक की तरह स्वास्थ्य के लिए लाभकारी होता है। यह एकमात्र पौधा पाचन क्रिया में सुधार से लेकर, रोग-प्रतिरोधक क्षमता को बूस्ट करने के साथ-साथ डायबिटीज जैसी बीमारी में भी लाभकारी परिणाम दिखाता है। अगर कोई गंभीर रोग से पीड़ित है, तो उसे डॉक्टर से इलाज जरूर करवाना चाहिए। Aloe Vera in Hindi

एलोवेरा क्‍या है

एलोवेरा का पौधा छोटा होता है। इससे पत्‍ते मोटे, गूदेदार होते हैं। पत्ते चारो तरफ लगे होते हैं। एलोवेरा के पत्‍ते के आगे का भाग नुकीला होता है। इसके किनारों पर हल्‍के कांटे होते हैं। पत्‍तों के बीज से फूल का दंड निकलता है जिस पर पीले रंग के फूल लगे होते हैं। भारत के अलग-अलग देशों में एलोवेरा की कई प्रजातियां पाई जाती हैं। मुख्यतया दो प्रजातियों का चिकित्सा में विशेष तौर पर प्रयोग किया जाता है .

अन्य भाषाओं में एलोवेरा के नाम ( Name of Aloe Vera in Different Languages )

Aloe Vera in –

1) Hindi – घीकुआँर, ग्वारपाठा, घीग्वार

2) English – एलो वेरा (Aloe vera), कॉमन एलो (Common aloe), बारबडोस एलो (Barbados aloe), मुसब्बार (Musabbar), कॉमन इण्डियन एलो (Common Indian aloe)

3) Sanskrit – कुमारी, गृहकन्या, कन्या, घृतकुमारी

4) Kannada – लोलिसर (Lolisar)

5) Gujarati – कुंवार (Kunwar), कड़वी कुंवर (Kadvi kunvar)

6) Tamil – कत्तालै (Kattale), अंगनी (Angani), अंगिनी (Angini)

7) Telugu – कलबन्द (Kalband), एट्टाकलाबन्द (Ettakalaband)

8) Bengali – घृतकुमारी (Ghritkumari)

9) Nepali – घ्यूकुमारी (Giukumari)

10) Punjabi – कोगर (Kogar), कोरवा (Korwa)

11) Malayalam – छोट्ठ कथलाइ (Chotthu kathalai)

12) Marathi – कोरफड (Korphad), कोराफण्टा (Koraphanta)

13) Arabic – तसाबार अलसी (Tasabrar alsi), मुसब्बर (Musabbar)

14)Persian – दरखते सिब्र (Darkhate sibre), दरख्तेसिन (arkhteesinn)

एलोवेरा के प्रकार :

1) एलो बरबडेंसिस (Aloe Barbadensis) – यह एलोवेरा का सबसे आम प्रकार है। इसे किसी परिचय की जरूरत नहीं है, यह एलोवेरा अपने औषधीय गुणों के लिए जाना जाता है।

2) टाइगर एलो – यह एलोवेरा की सबसे खूबसूरत प्रजातियों में से एक है, जिसे एक छोटे से गमले या कंटेनर में रखा जा सकता है। इसमें तलवार के आकार की पत्तियां होती हैं, जिसपर चितकबरे धब्बे होते हैं।

3) क्लाइम्बिंग एलो – यह एलोवेरा की दुर्लभ प्रजातियों में से एक है। इसकी पत्तियां आस-पास के पेड़-पौधों में फैल सकती हैं।

4) एलो डेस्कइंगसी (Aloe Descoingsii) – यह एलोवेरा की सबसे छोटी प्रजाति होती है। यह केवल 2-3 इंच तक बढ़ती है। गहरे हरे रंग की पत्तियों पर सफेद सफेद धब्बे होते हैं। वसंत से गर्मियों के दौरान इस पर पीले-नारंगी रंग के फूल खिलते हैं।

5) रेड एलो – धीमी गति से बढ़ने वाले रेड एलो को पानी की कम आवश्यकता होती है। सूरज की किरणें पड़ते ही यह खूबसूरत लाल तांबे के रंग सा दिखता है। यह एलोवेरा के सबसे आकर्षक किस्मों में से एक है।

एलोवेरा के फायदे – Benefits of Aloe Vera in Hindi :

1) वजन कम करने के लिए ( Benefits of Aloe Vera for Lose weight )

बाहर का खाना और सही ढंग से शारीरिक क्रिया न करने से वजन बढ़ने की समस्या होती है। ऐसे में अगर एलोवेरा जूस का सेवन किया जाए, तो कुछ हद तक इस परेशानी से छुटकारा मिलता है। दरअसल, एक शोध के अनुसार, एलोवेरा में मौजूद एंटी-ओबेसिटी गुण की वजह से डाइट के कारण होने वाली मोटापे की समस्या कुछ हद तक कम होती है। इसके अलावा, यह ऊर्जा खपत को बढ़ाता है और शरीर में फैट को कुछ हद तक कम करता है। इसके अलावा, मोटापे और डायबिटीज के शुरुआती लक्षणों से पीड़ित मरीजों में भी एलोवेरा जेल से वजन कम होने की संभावना होती है। हालांकि, वजन कम करने के लिए सिर्फ एलोवेरा जेल ही नहीं बल्कि इसके साथ संतुलित आहार और व्यायाम भी जरूरी है। Aloe Vera in Hindi

2) हृदय रोग से बचाव के लिए ( Benefits of Aloe Vera for heart disease )

एलोवेरा का सेवन हृदय रोग के जोखिम को कम करता है। चूहों पर किए गए एक भारतीय अध्ययन से पता चला है कि एलोवेरा हृदय रोग के जोखिम खासकर डॉक्सोरूबिसिन दवा (कैंसर उपचार के लिए) के दुष्प्रभाव से होने वाली समस्याओं को कम करता है। वहीं, दूसरी तरफ एलोवेरा जेल में कार्डियो प्रोटेक्टिव गुण होने की बात सामने आयी है। इसके अलावा, एलोवेरा एथेरोस्क्लेरोसिस (Atherosclerosis – धमनियों में प्लाक का जमने की बीमारी) को रोकने में मदद करता है । हालांकि, एलोवेरा में एंटी-एथेरोस्क्लेरोटिक (Anti-Atherosclerotic) प्रभाव होने को लेकर अभी और शोध की जरूरत है। पर हृदय को स्वस्थ रखने के लिए एलोवेरा का सेवन किया जाता है। Aloe Vera in Hindi

3) झुर्रियों के लिए ( Benefits of Aloe Vera for Wrinkles )

झुर्रियों के लिए लोग तरह-तरह के कॉस्मेटिक और ट्रीटमेंट का सहारा लेते हैं। ये कुछ वक्त तो असर दिखाते हैं, लेकिन आगे चलकर इनकी वजह से त्वचा पर बुरा प्रभाव भी होता है। ऐसे में झुर्रियों के लिए एलोवेरा जेल एक अच्छा प्राकृतिक उपचार हो सकता है। शोध के अनुसार, एलोवेरा के सेवन से सूरज की हानिकारक किरणों के कारण होने वाली झुर्रियों (Photoaged Skin) में सुधार देखा गया। यह कोलेजन (Collagen – त्वचा में पाया जाने वाला प्रोटीन) उत्पादन को बढ़ाने के साथ-साथ त्वचा की इलास्टिसिटी में भी सुधार करने में मदद करता है। जिससे झुर्रियों के कम होने की संभावना होती है। Aloe Vera in Hindi

4) बालों के लिए ( Benefits of Aloe Vera for Hiar )

बालों को स्वस्थ रखने के लिए भी एलोवेरा लाभकारी होता है। दरअसल, बालों को स्वस्थ रखने और झड़ने से रोकने के लिए एलोवेरा को हर्बल औषधि की तरह उपयोग किया जाता है। हालांकि, इस बारे में कोई ठोस वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं है कि यह पूरी तरह से बालों के झड़ने को रोकता है या नहीं। यह लोगों के अनुभवों के आधार पर कहा जाता है। अगर किसी को बाल झड़ने या बालों से संबंधित कोई गंभीर समस्या है, तो बेहतर है कि विशेषज्ञों की राय लें और उसके बाद ही एलोवेरा जेल का उपयोग करें।

5) सूजन के लिए ( Benefits of Aloe Vera for swelling )

एलोवेरा सूजन की परेशानी को कम करने में भी सहायक होता है। दरअसल, इसमें एंटी-इन्फ्लेमेटरी गुण होते हैं, जिस कारण यह सूजन पर प्रभावकारी होता है। चूहों पर किए गए अध्ययनों में यह बात सामने आयी है कि ताजे एलोवेरा के सेवन से चूहों में सूजन की कमी पाई गई है। फिलहाल, सूजन पर एलोवेरा के बेहतर प्रभाव जानने के लिए गहन शोध की आवश्यकता है ऐसे में अगर किसी को सूजन की अधिक समस्या हो तो वो डॉक्टरी सलाह जरूर लें। Aloe Vera in Hindi

6) कोलेस्ट्रॉल के लिए ( Benefits of Aloe Vera for Cholesterol )

एलोवेरा का सेवन कोलेस्ट्रॉल के लिए भी लाभकारी होता है। एक रिपोर्ट के अनुसार, एलोवेरा के सेवन से न सिर्फ ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस कम होता है, बल्कि लिवर कोलेस्ट्रॉल भी कम होता है इसके अलावा, एलोवेरा में मौजूद हाइपोकोलेस्ट्रोमिक प्रभाव कोलेस्ट्रॉल को कम करने वाला गुण) कोलेस्ट्रॉल को कम करने में सहायक होता है। Aloe Vera in Hindi

7) लीवर के लिए ( Benefits of Aloe Vera for Lever )

दो भाग एलोवेरा के पत्तों का रस और 1 भाग शहद लेकर उसे चीनी मिट्टी के बर्तन में रखें। इस बर्तन का मुंह बन्द कर 1 सप्ताह तक धूप में रख दें। एक सप्ताह बाद इसे छान लें। इस औषधि को 10-20 मिलीग्राम की मात्रा में सुबह-शाम सेवन करने से लीवर से संबंधित बीमारियों में लाभ होता है। Aloe Vera in Hindi

अधिक मात्रा में इसका सेवन करने से पेट साफ होता है। उचित मात्रा में सेवन करने से मल एवं वात से जुड़ी समस्‍याएं ठीक होने लगती हैं। इससे लीवर स्वस्थ हो जाता है।

8) कमर दर्द के लिए ( Benefits of Aloe Vera for back ache )

कमर दर्द से परेशान रहते हैं तो एलोवेरा के इस्तेमाल से फायदा ले सकते हैं। गेंहू का आटा, घी और एलोवेरा जेल (एलोवेरा का गूदा इतना हो जिससे आटा गूंथा जाए) लेकर आटा गूंथ लें। इससे रोटी बनाएं। रोटी का चूर्ण बनाकर लड्डू बना लें। रोज 1-2 लड्डू को खाने से कमर दर्द ठीक होता है। Aloe Vera in Hindi

एलोवेरा जेल कमर दर्द में दर्दनिवारक दवा की तरह काम करता है। Aloe Vera in Hindi

एलोवेरा का जूस बनाने की विधि :

सामग्री:

1) एक बड़ा एलोवेर का पत्ता

2) दो कप पानी

3) एक चम्मच

4) छोटी कटोरी

5) ब्लेंडर

बनाने की विधि:

1) सबसे पहले एलोवेरा के पत्ते को धो लें।

2) फिर चाकू की मदद से बीच से काट लें।

3) काटने के बाद उसमें से जो पीले रंग का पदार्थ (लैटेक्स) दिखेगा, उसे हटा दें।

4) फिर एक और बार एलोवेरा के पत्ते को धो लें।

5) अब चम्मच की मदद से एलोवेरा के जेल को निकालें और कटोरी में रखें।

6) जूस बनाने के लिए दो चम्मच एलोवेरा जेल में पानी डालकर तीन से चार मिनट के लिए ब्लेंडर में ब्लेंड करें।

7) अब इस जूस को एक गिलास में निकाल लें।

8) एलोवेरा जूस पीने के तरीके की बात की जाए तो इसमें स्वाद के लिए नींबू या अदरक मिला सकते हैं।

9) स्वाद के लिए इसे अन्य जूस के साथ मिलाकर भी पी सकते हैं, लेकिन इसके लैक्सेटिव प्रभाव का ध्यान जरूर रखें। Aloe Vera in Hindi

एलोवेरा का उपयोग – How to Use Aloe Vera in Hindi

1) एलोवेरा के जूस का सेवन कर सकते हैं।

2) एलोवेरा और शहद को मिलाकर भी जूस बनाकर सेवन कर सकते हैं।

3) एलोवेरा युक्त टूथपेस्ट का उपयोग कर सकते हैं।

4) एलोवेरा जेल को चेहरे पर उपयोग किया जा सकता है।

5) हल्दी, दूध, एलोवेरा और शहद का फेस पैक बनाकर लगाया जा सकता है।

6) हल्की-फुल्की चोट लगने पर भी एलोवेरा जेल का उपयोग किया जा सकता है।

7) एलोवेरा जेल को बालों में कंडीशनर की तरह उपयोग किया जा सकता है।

एलोवेरा को लंबे समय तक सुरक्षित कैसे रखें :

1) एलोवेरा के पत्तों को प्लास्टिक में पैक करके फ्रिज में रख दें।

2) एलोवेरा के जेल को भी बर्फ की तरह जमाकर रख सकते हैं।

3) एलोवेरा के जेल को एक एयर टाइट कंटेनर में रखकर फ्रिज में रख सकते हैं।

4) शहद के साथ एलोवेरा जेल को मिलाकर एक जार में रखकर फ्रिज में रख सकते हैं।

5) एलोवेरा जेल को नींबू के रस के साथ मिलाकर भी स्टोर करके रख सकते हैं। नींबू में विटामिन-सी होता है, जो एलोवेरा 6) को कई दिनों तक सुरक्षित रख सकता है।

घाव और चोट के लिए :

1) फोड़ा ठीक से पक न रहा हो तो एलोवेरा के गूदे में थोड़ा सज्जीक्षार और हरड़ चूर्ण मिलाकर घाव पर बांधें। इससे फोड़ा जल्दी पक कर फूट जाता है।

2) घृतकुमारी के पत्ते को एक ओर से छील लें। इस पर थोड़ा हरड़ का चूर्ण बुरक कर हल्‍का गर्म कर लें। इसे गांठ पर बांधें। इससे गांठों की सूजन दूर होगी।

3) स्त्रियों के स्तन में गांठ पड़ गई हो या सूजन हो गई हो तो एलोवेरा की जड़ का पेस्‍ट बना लें। इसमें थोड़ा हरड़ चूर्ण मिलाकर गर्म करके बांधने से लाभ होता है। इसे दिन में 2-3 बार बदलना चाहिए।

4) घृतकुमारी का गूदा घावों को भरने के लिए सबसे उपयुक्त औषधि है। रेडिएशन के कारण हुए गंभीर घावों पर इसके प्रयोग से बहुत ही अच्छा फायदा मिलता है।

5) आग से जले हुए अंग पर एलोवेरा के गूदे को लगाने से जलन शांत हो जाती है। इससे फफोले नहीं होते हैं। एलोवेरा और कत्‍था को समान मात्रा में पीसकर लेप करने से नासूर में फायदा होता है।

6) एलोवेरा के रस को तिल और कांजी के साथ पका लें। इसका लेप करने पर घाव में लाभ होता है। केवल एलोवेरा के रस को पकाकर घाव पर लेप करने से भी लाभ होता है। Aloe Vera in Hindi

घर में कैसे बनाएं एलोवेरा का तेल :

सामग्री : Aloe Vera in Hindi

1) जरूरत अनुसार एलोवेरा के पत्ते

2) नारियल तेल

बनाने की विधि

1) सबसे पहले एलोवेरा के पत्तों को धो लें।

2) फिर एलोवेरा के पत्तों को छोटा-छोटा काट लें।

3) अब पत्तों को सूखा लें।

4) अब उन पत्तियों को एक जार में डाल दें और उसमें नारियल तेल भर दें।

5) उस जार को बंद करके कुछ दिनों तक उसे धूप में रखें।

6) फिर कुछ दिनों बाद तेल को छानकर दूसरे जार में निकाल दें।

7) तैयार है एलोवेरा का तेल।

Side Effects of Aloe Vera in Hindi

जिनको एलोवेरा जूस पीना बर्दाश्त न हो या जूस पीने के बाद असहजता महसूस हो, वो लोग एलोवेरा जूस का सेवन लगातार न करें। चाहें तो त्वचा पर लगाने के लिए उपयोग कर सकते हैं।

जिनको डायबिटीज है और ब्लड शुगर कम करने की दवा ले रहे हैं, ऐसे व्यक्ति एलोवेरा का सेवन न करें, क्योंकि एलोवेरा के साइड इफेक्ट हो सकते हैं। इससे ब्लड शुगर का स्तर और कम हो सकता है।

अगर किसी को पेट दर्द, मतली या उल्टी की समस्या हो तो एलोवेरा का सेवन न करें। एलोवेरा में लैक्सेटिव गुण होता है, जो स्थिति को और खराब कर सकता है।

गर्भवती या स्तनपान कराने वाली महिलाएं इसका सेवन डॉक्टरी सलाह पर ही करें, क्योंकि एलोवेरा के साइड इफेक्ट हो सकते हैं।  Aloe Vera in Hindi

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