5 Amazing Benefits of Apricot ( khubani ) in Hindi ( खुबानी के फायदे )

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Benefits of Apricot

Benefits of Apricot:- खुबानी या Apricot अपने अद्भुत स्वाद और पोषक लाभ के लिए बहुत लोकप्रिय है। इसका सेवन स्वास्थ्य को कई तरह के लाभ प्रदान करता है जो आसानी से किसी और फल से नहीं पाए जाते हैं। इसमें भरपूर मात्रा में Vitamin A, C, Potassium, Magnesium, Manganese, Iron जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं जो हमारी सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होते हैं। साथ ही यह फाइबर का ( Benefits of Apricot ) एक अच्छा स्रोत है। Apricot को ताज़े फल के रूप में भी खाया जाता है। साथ ही इसे सुखा कर भी खाया जाता है।

Benefits of Apricot

आप इसे अन्य फलों के साथ अपनी डाइट में आसानी से शामिल कर सकते हैं।अपने खट्टे मीठे स्वाद की वजह से खुबानी विश्वभर में लोकप्रिय है। इसका खूबसूरत आकार और अलग स्वाद किसी भी फूड लवर को अपना दीवाना बना सकता है। पौष्टिक होने की वजह से इस रसदार फल को कई प्रकार के व्यंजनों में भी इस्तेमाल किया जाता है।

स्वस्थ रहने के लिए आप भी अन्य फ्रूट्स के साथ खुबानी को अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं। इसके सभी ( Benefits of Apricot ) फायदों के बारे में हम यहां विस्तार से बता रहे हैं। इस लेख में खुबानी के फायदे के साथ ही इसकी सुरक्षित मात्रा और कई अन्य जरूरी जानकारी दी गई है। बस, तो खुबानी के बारे में सब कुछ जानने के लिए अंत तक जरूर पढ़ें लेख। खुबानी गुठली वाला फल होता है और इसकी खास बात ये है कि खुबानी को कच्चा और सूखे मेवे दोनों रुपों में खाया जा सकता है।

खुबानी पौष्टिकता के भरपूर होने के कारण खुबानी के फायदे ( Benefits of Apricot) भी स्वास्थ्य के दृष्टि से बहुत होते हैं। आपको यह जानकर आश्चर्य होगा कि आयुर्वेद में खुबानी का प्रयोग औषधि के रुप में बहुतायत मात्रा में की जाती है। चलिये आगे विस्तार से जानते हैं कि खुबानी कैसे बीमारियों के उपचार के लिए प्रयोग में लाया जाता है।

Benefits of Apricot

खुबानी क्या है

उरूमाण या खुबानी का वर्णन चरक, सुश्रुत व अष्टांग-हृदय आदि संहिताओं में बादाम, अखरोट आदि मेवा फलों के साथ किया गया है। खुबानी आड़ू या प्लम जैसा होता है जिसका छिलका थोड़ा खुरदुरा और मुलायम जैसा होता है। आयुर्वेद के अनुसार खुबानी मीठा और गर्म तासीर का होता है। खुबानी के गुणों के कारण यह वात और कफ को कम करने के साथ कमजोरी दूर करने में मददगार होता है।

इसके अलावा खुबानी स्पर्म या शुक्र की क्ववालिटी और संख्या बढ़ाने में भी सहायता करता है। खुबानी आग से जलने पर दर्द और ( Benefits of Apricot ) जलन कम करने में भी फायदेमंद होता है। खुबानी के फल का जलीय एवं ऐथेनॉल सार क्षयरोगरोधी (Anti-tubercular) यानि ट्युबरक्लोसिस को होने से रोकने में मदद करता है। साथ ही खुबानी का ब्युटैनॉलिक-सार जीवाणुरोधी भी होता है। खुबानी का सार बैक्टिरीया से लड़ने में मदद करता है।

Benefits of Apricot

अन्य भाषाओं में खुबानी के नाम ( Name of Apricot in Different Languages )

Apricot in-

1) Sanskrit-उरुमाण;

2) Hindi-जरदालू, खुबानी, चिलू;

3) Urdu-खुबानी (Khubani);

4) Kashmiri-गरडालू (Gardalu), जर्दालु (Jardalu), चेरकिश (Cherkish);

5) Nepali-खुर्पानी (Khurpani);

6) Panjabi-हरी (Hari), सरी (Sari), चुली (Chuli)।

7) English-कौमन एप्रीकोट (Common apricot);

8) Arbi-बिनकफक (Binkuk), किशानिश (Kishanish);

9) Persian-मिश-मिश (Mish-Mish), जरदालु (Zardalu)।

खुबानी की किस्म – Varieties Of Apricot In Hindi

1) सूखी खुबानी के लिए बेहतर किस्म : मूरपार्क, ट्रेवेट, स्टोरी, हंटर और रिवरब्राइट।

2) ताजा खुबानी के लिए बेहतर किस्म : मूरपार्क, ब्लेनहेम, अर्लीकोट, सुपरगोल्ड और कैटी ताजा खाने के लिए अच्छी किस्म मानी जाती हैं।

3) भारत में मिलने वाली खुबानी की आम किस्म : वैसे तो विदेशों से कई तरह की खुबानी की किस्म एक्सपोर्ट होकर भारत पहुंचती हैं, लेकिन यहां हलमन और राकचिकारपो की ज्यादा पैदावार होती है।

खुबानी के फायदे:- Benefits of Apricot in Hindi

1) वजन कम करने के लिए ( Benefits of Apricot for Lose weight )

अक्सर फाइबर से युक्त चीजों का सेवन करने से पेट जल्दी भर जाता है और आसानी से भूख नहीं लगती है। ऐसे में खूबानी का नियमित रूप से सेवन करने से आपको पेट भरा रहेगा और आप उल्टी सीधी चीजें खाने से बच जाएंगे। ऐसे में वजन को नियंत्रित करने में भी बहुत मदद मिलेगी। खुबानी का इस्तेमाल वजन कम करने के लिए भी किया ( Benefits of Apricot ) जाता है।

एक रिसर्च के मुताबिक, वजन कम करने के लिए इसके जूस की जगह साबुत फल का सेवन किया जाना चाहिए। दरअसल, इसमें मौजूद फाइबर सेटाइटी (Satiety) हार्मोन को रिलीज करता है, जिससे पेट को तृप्ति का एहसास होता। ऐसा होने पर बार-बार खाने की इच्छा नहीं होती और वजन बढ़ने की आशंका कम हो जाती है ।

2) त्वचा के लिए ( Benefits of Apricot for Skin )

आजकल बाहर के प्रदूषण ( Benefits of Apricot ) और खान-पान में असंतुलन का असर सबसे ज्यादा त्वचा पर होती है। खुबानी तेल के प्रयोग से त्वचा का रूखापन कम होकर कोमल भाव आता है। खुबानी तेल की मालिश करने से शारीरिक दुर्बलता, तथा जोड़ो के दर्द में भी लाभ होता है।

खुबानी में एंटी-एजिंग गुण हाेता है। यह गुण त्वचा को समय से पहले बूढ़ा होने से रोकने में मददगार( Benefits of Apricot) हो सकता है। यह गुण बढ़ती उम्र के लक्षण जैसे फाइन लाइन्स और झुर्रियां हटाने में सहायक होता है। इसके अलावा, इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट स्किन इंफ्लेमेशन यानी सूजन को कम करता है।

3) गर्भावस्था के लिए ( Benefits of Apricot for Pregnancy )

गर्भावस्था के दौरान भी खुबानी के फायदे देखे गए हैं। गर्भावस्था में अस्थमा की समस्या से जूझ रही महिलाएं खुबानी का सेवन कर सकती हैं। अस्थमा के लिए जरूरी माने जाने वाले एंटीऑक्सीडेंट युक्त खाद्य पदार्थ में खुबानी का नाम भी शामिल है। इसके अलावा, विटामिन-सी व विटामिन-ई के लिए भी रोजाना 4 खुबानी का सेवन किया जा सकता है । वैसे गर्भावस्था में ( Benefits of Apricot ) खुबानी के लाभ महिला की स्थिति पर भी निर्भर करता है। इसी वजह से इसे डाइट में शामिल करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

4) अल्सर के लिए ( Benefits of Apricot for Ulcer )

खुबानी का उपयोग अल्सर की समस्या से बचाव में लाभदायक होता है। असल में खुबानी एंटीऑक्सीडेंट से युक्त होती है। यह फ्री-रेडिकल्स के प्रभाव को कम करती है। फ्री-रेडिकल्स यानी मुक्त अणु शरीर में अल्सर को बना सकते हैं। इसी वजह से माना जाता है कि खुबानी का एंटीऑक्सीडेंट प्रभाव अल्सर से बचाता है ।

इसके अलावा, एक अन्य अध्ययन ( Benefits of Apricot ) से पता चला है कि खुबानी के बीज के अंदर का खाद्य हिस्सा यानी कर्नेल के अर्क में पेक्टिन (Pectin) फाइबर होता है। इसे अल्सर की समस्या से बचाव करने के लिए प्रभावी माना गया है। इतना ही नहीं, एक शोध में इस बात की भी पुष्टि हुई है कि कर्नेल अर्क में एंटी-अल्सरेटिव और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो अल्सर और उसकी वजह से होने वाली सूजन को कम कर सकते हैं ।

5) अस्थमा के लिए ( Benefits of Apricot for Asthma )

खुबानी का सेवन सांस से जुड़ी समस्या जैसे अस्थमा के लिए भी किया जा सकता है। एक रिसर्च पेपर में लिखा है कि डाइट सही न होने के कारण भी अस्थमा हो सकता है। खासकर, अगर डाइट में एंटीऑक्सीडेंट की कमी हो, तो अस्थमा का जोखिम बढ़ सकता है। शोध में बताया गया है कि खुबानी में लाइकोपीन कैरोटीनॉयड कंपाउंड होता है, जो शक्तिशाली ( Benefits of Apricot) एंटीऑक्सीडेंट प्रभाव प्रदर्शित करता है। यह इफेक्ट अस्थमा की समस्या को कुछ हद तक नियंत्रित करने में मददगार होता है ।

खुबानी का इस्तेमाल कैसे करें

हर बीमारी के लिए खुबानी का सेवन और इस्तेमाल कैसे करना चाहिए, इसके बारे में पहले ही बताया गया है। अगर आप किसी ख़ास बीमारी के इलाज के लिए खुबानी का उपयोग कर रहें हैं तो आयुर्वेदिक चिकित्सक की सलाह ज़रूर लें।

1) आप खुबानी को दही के साथ मिलाकर या अपने सुबह के नाश्ते में दलिया के साथ खा सकते हैं।

2) खुबानी को मिल्क शेक में मिक्स करके पी सकते हैं।

3) इसे धोकर ऐसे ही फल की तरह खाया जा सकता है।

4) फ्रूट सलाद का स्वाद व उसके पोषक तत्वों को बढ़ाने के लिए खुबानी को मिला सकते हैं।

5) सूखी खुबानी का भी सेवन किया जा सकता है। सेहत के लिए सूखी खुबानी फायदेमंद होती है।

6) खुबानी के बीज के अंदर बादाम के आकार का खाद्य हिस्सा होता है। उसे भी खाया जाता है।

खुबानी के सेवन करने का समय

समय : खुबानी एक फल है, तो इसका सेवन सुबह या दोपहर किसी भी समय संयमित मात्रा में किया जा सकता है।

मात्रा : खुबानी की सटीक मात्रा स्पष्ट नहीं है। हां, गर्भावस्था में रोजाना 4 खुबानी खाने की सलाह दी जाती है । माना जाता है कि सामान्य तौर पर रोजाना 6 से 8 खुबानी का सेवन किया जा सकता है।

Side Effects of Apricot in Hindi

  • सूखी खुबानी को अच्छे से चबाकर ही खाएं, वरना यह गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल समस्या पैदा कर सकती है।
  • एक अध्ययन के अनुसार खुबानी के बीज के अंदर गिरी का सेवन हृदय की समस्या का कारण बन सकता है
  • अगर किसी को खुबानी या सूखी खुबानी से एलर्जी हो, तो इसका सेवन करने से बचें।
  • खुबानी के टॉक्सिक इफेक्ट भी हो सकते हैं। बताया जाता है कि खुबानी के सेवन से बच्चों को विषाक्तता हाे सकती है।

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खुबानी क्या है?

उरूमाण या खुबानी का वर्णन चरक, सुश्रुत व अष्टांग-हृदय आदि संहिताओं में बादाम, अखरोट आदि मेवा फलों के साथ किया गया है। खुबानी आड़ू या प्लम जैसा होता है जिसका छिलका थोड़ा खुरदुरा और मुलायम जैसा होता है। आयुर्वेद के अनुसार खुबानी मीठा और गर्म तासीर का होता है। खुबानी के गुणों के कारण यह वात और कफ को कम करने के साथ कमजोरी दूर करने में मददगार होता है।

अस्थमा के लिए खुबानी कैसे उपयोगी हैं?

खुबानी का सेवन सांस से जुड़ी समस्या जैसे अस्थमा के लिए भी किया जा सकता है। एक रिसर्च पेपर में लिखा है कि डाइट सही न होने के कारण भी अस्थमा हो सकता है। खासकर, अगर डाइट में एंटीऑक्सीडेंट की कमी हो, तो अस्थमा का जोखिम बढ़ सकता है। शोध में बताया गया है कि खुबानी में लाइकोपीन कैरोटीनॉयड कंपाउंड होता है, जो शक्तिशाली ( Benefits of Apricot) एंटीऑक्सीडेंट प्रभाव प्रदर्शित करता है। यह इफेक्ट अस्थमा की समस्या को कुछ हद तक नियंत्रित करने में मददगार होता है ।

खुबानी के Side Effects बताईये?

सूखी खुबानी को अच्छे से चबाकर ही खाएं, वरना यह गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल समस्या पैदा कर सकती है।
एक अध्ययन के अनुसार खुबानी के बीज के अंदर गिरी का सेवन हृदय की समस्या का कारण बन सकता है
अगर किसी को खुबानी या सूखी खुबानी से एलर्जी हो, तो इसका सेवन करने से बचें।
खुबानी के टॉक्सिक इफेक्ट भी हो सकते हैं। बताया जाता है कि खुबानी के सेवन से बच्चों को विषाक्तता हाे सकती है।

गर्भावस्था के लिए खुबानी कैसे उपयोगी है ?

गर्भावस्था के दौरान भी खुबानी के फायदे देखे गए हैं। गर्भावस्था में अस्थमा की समस्या से जूझ रही महिलाएं खुबानी का सेवन कर सकती हैं। अस्थमा के लिए जरूरी माने जाने वाले एंटीऑक्सीडेंट युक्त खाद्य पदार्थ में खुबानी का नाम भी शामिल है। इसके अलावा, विटामिन-सी व विटामिन-ई के लिए भी रोजाना 4 खुबानी का सेवन किया जा सकता है । वैसे गर्भावस्था में ( Benefits of Apricot ) खुबानी के लाभ महिला की स्थिति पर भी निर्भर करता है। इसी वजह से इसे डाइट में शामिल करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें।