10 Impressive Health Benefits of Beetsroot in Hindi ( चुकंदर के फायदे )

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benefits of beetroot

Benefits of Beetsroot:- अपने गहरे लाल रंग के लिए लोकप्रिय चुकंदर स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद माना जाता है। शरीर में हीमोग्लोबिन की मात्रा बढ़ानी हो या सौंदर्यता बरकरार रखनी हो, चुकंदर के फायदे कई हैं। चुकंदर के गुण के कारण इसका उपयोग आमतौर पर सलाद या जूस की तरह किया जाता है। अगर आप चुकंदर खाने के फायदे से ज्यादा वाकिफ नहीं हैं, तो इस लेख को पढ़कर उन सभी को अच्छी तरह समझ जाएंगे। इस लेख में हम सेहत के लिए चुकंदर के लाभ के बारे में विस्तार से बताएंगे। इस लेख में न सिर्फ स्वास्थ के लिए, बल्कि त्वचा और बालों के लिए चुकंदर लाभ के बारे में बताया है।

Benefits of Beetsroot

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वहीं, चुकंदर के नुकसान से बचने के लिए हम इसका उपयोग करने की सही विधि के बारे में बताएंगे। चुकंदर एक ऐसा मूसला जड़ वाला वनस्पति है जो लगभग पूरे साल पाया जाता है। इसको सलाद, सब्जी और जूस के रुप में सेवन करते हैं। चुकंदर न सिर्फ सौन्दर्य दृष्टि से फायदेमंद है बल्कि ये स्वास्थ्यवर्द्धक भी है। चुकंदर देखने में छोटा होता है लेकिन चुकंदर के फायदे  अनगिनत होते हैं। चलिये इस रंगीन वनस्पति के बारे में विस्तार से जानते हैं-

चुकंदर क्या है

चुकंदर 30-90 CM ऊँचा, मांसल, कंद मोटा तना वाला, शाकीय पौधा होता है। इसके पत्ते मूली या शलगम के पत्ते जैसे होते हैं। चुकंदर के फूल 2-3 के गुच्छों में या एकल, लम्बे बेलनाकार स्पाइक जैसे होते हैं। इसकी जड़ बैंगनी लाल रंग की होती है। चुकंदर सितम्बर से फरवरी महीने में फलता-फूलता है।
चुकंदर एक ऐसा सब्जी है जो शरीर के लिए बहुत लाभकारी होता है लेकिन इसके साथ-साथ चुकंदर के औषधीय गुण भी बहुत है। चुकन्दर आँखों के लिए अच्छा, चर्बी कम करने वाला तथा कृमिनाशक होता है। चुकंदर के फायदे अनेक हैं|

  1.  चुकन्दर तीखा, पित्त बढ़ाने वाला तथा अर्श यापाइल्स में फायदेमंद होता है।
  2. लाल चुकन्दर पुष्टिकारक होता है।
  3.  सफेद चुकन्दर मूत्र रोग में फायदेमंद होता है |

इसकी जड़ मीठी और ठंडे तासीर की होती है। चुकंदर की जड़ कफ निकालने वाली, कमजोरी दूर करने वाली, हिमोग्लोबीन की संख्या बढ़ाने वाली होती है। इसके पत्ते के सेवन से मूत्र संबंधी परेशानी, कब्ज , सूजन, सिरदर्द, लकवा तथा कानदर्द से राहत (Beetroot Benefits ) मिलती है। इसके बीज सेक्स की इच्छा बढ़ाने में मदद करते हैं। 

अन्य भाषाओं में चुकंदर के नाम :

1) Name of Beetroot in Sanskrit – रक्तगृंजनम्, पालंकी;

2) Name of Beetroot in Hindi – चुंदर, पालक, रक्तगृञ्जन;

3) Name of Beetroot in Urdu – चकुन्दर (Chakunder);

4) Name of Beetroot in Kannada – सेनसीरा (Sensira), नेयसीसा (neysisa);

5) Name of Beetroot in Tamil – सेनसीरई (Sensirayi);

6) Name of Beetroot in Bengali  –बिटपलङ्ग (Bitpalang), पालक (Palak);

7) Name of Beetroot in Nepali – शखरकन्द (Shakharkand);

8) Name of Beetroot in Marathi – बिपफ्रैट (Bipfruit)।  

9) Name of Beetroot in English – गार्डेन बीट (Garden beet), रेड बीट (Red beet), व्हाईट शुगर बीट (White sugar beet), फोलिजवीट (Foliagebeet), लीफ बीट (Leaf beet), स्पाईनेच बीट (Spinach beet);

10) Name of Beetroot in Arbi – सलाख (Salaq), सिलीख (Silikh);

11) Name of Beetroot in Persian –चकुंदर (Chakundar)।

 Benefits of Beetsroot

चुकंदर के प्रकार :

चुकंदर के प्रकारों को कोई नाम नहीं दिया गया है। वहीं, कुछ लोगों का यह भी सवाल होता है कि चुकंदर कैसा होता है। हम बात दें कि इसकी त्वचा का रंग अलग-अलग होता है जैसे गाढ़ा लाल/बैंगनी से हल्का लाल, आदि। वहीं, बाजार में कुछ हाइब्रिड चुकंदर भी उपलब्ध होते हैं, जो सुनहरी या सफेद छिलके या लाल छिलके पर सफेद धारियों के साथ आते हैं।

चुकंदर के फायदे :

आम तौर पर लोग चुकंदर खाने से कतराते है लेकिन क्या आप जानते है कि चुकंदर खाने के फायदे कितने होते हैं। वह तरह-तरह के बीमारियों के लिए फायदेमंद है। चुकंदर में पाये जाने वाले पौष्टिक तत्वों के कारण सेहत को अनगिनत फायदे मिलते हैं, क्योंकि एक रिचर्स के अनुसार इसमें विटामिन सी , बी -1, बी -2 , बी-6 और बी -12 पाया जाता है। इसकी पत्तियाँ विटामिन – ए का भी बहुत ही अच्छा स्त्रोत है साथ ही चुकंदर आयरन का भी एक अच्छा स्त्रोत माना जाता है।तो चलिये आगे जानते हैं कि चुकंदर या बीटरूट किन-किन बीमारियों में कैसे काम करता है।

1) मधुमेह के लिए ( Benefits of Beetroot for diabetes )

चुकंदर खाने के फायदे में मधुमेह पर नियंत्रण भी शामिल है। इसके हाइपोग्लेमिक गुणों के कारण डायबिटीज के प्राकृतिक इलाज  के रूप में चुकंदर का सेवन किया जाता है। यह एक गुणकारी खाद्य पदार्थ है। इसका सेवन रोजाना करने से रक्त शर्करा संतुलित हो जाती है, जिससे डायबिटीज के मरीजों के लिए यह फायदेमंद होता है। ये सभी तत्व मधुमेह के स्तर को कम करने का काम करते हैं।

2) ह्रदय के लिए ( Benefits of Beetroot for heart )

चुकंदर खाने के लाभ हृदय को ठीक रखने के लिए भी देखे गए हैं। शरीर का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है हृदय, जिसका स्वस्थ रहना हर हाल में जरूरी है। चुकंदर का उपयोग हृदय को स्वस्थ रखने का काम करता है। इसमें मौजूद नाइट्रेट तत्व रक्तचाप को सामान्य कर हृदय रोग और हृदयाघात से बचाता है। इसके अलावा, चुकंदर में मौजूद एंटीइंफ्लेमेटरी गुण शरीर की सूजन को कम करने में मदद करते हैं, जो हृदय रोग का कारण बनते हैं। इसमें मौजूद जरूरी विटामिन्स और मिनरल्स हृदय को स्वस्थ रखते हैं। दिल के रोगों से बचने के लिए चुकंदर का सेवन रोजाना किया जाता है।

3) कैंसर के लिए ( Benefits of Beetroot for Cancer )

कैंसर से बचने के लिए चुकंदर खाने के फायदे देखे गए हैं। एक अध्ययन में पाया गया है कि बीटरूट फेफड़ाें और स्किन कैंसर को शरीर में विकसित होने से रोकता है। वहीं, एक अन्य अध्ययन में इस बात की भी पुष्टि की गई है कि गाजर और चुकंदर का जूस एक साथ मिलाकर पीने से शरीर में ब्लड कैंसर की आशंका को कम किया जाता है। कैंसर एक घातक बीमारी है और घरेलू उपचार से इसका इलाज संभव नहीं है। इसलिए, कैंसर से पीड़ित मरीज को डॉक्टर से चेकअप करवाना चाहिए। 

4) एनीमिया के लिए ( Benefits of Beetroot for Anemia )

आयरन शरीर में लाल रक्त कोशिकाएं बनाने में मदद करता है और लाल रक्त कोशिकाएं शरीर के विभिन्न भाग में ऑक्सीजन पहुंचाने का काम करती हैं। एनीमिया ऐसी अवस्था होती है, जब शरीर में आयरन की कमी के कारण पर्याप्त लाल रक्त कोशिकाएं नहीं बन पाती।

एनीमिया का उपचार करने के लिए आयरन युक्त खाद्य पदार्थ का सेवन करने की सलाह दी जाती है। बताया जाता है कि 100 ग्राम कच्चे चुकंदर में 0.8 मिलीग्राम और पके हुई चुकंदर में 0.79 मिलीग्राम आयरन पाया जाता है, जिसके सेवन से एनीमिया से आराम पाया जाता है। बेहतर परिणाम के लिए चुकंदर की सब्जी बनाकर खाई जाती है।

5) ऊर्जा के स्रोत के लिए ( Benefits of Beetroot for Sources of energy )

थकान मिटाने के लिए चुकंदर के जूस पीने के फायदे भी देखे गए हैं। इसके 100 मिलीलीटर जूस में 95 kcal ऊर्जा होती है, जिसके सेवन से शरीर में तुरंत ऊर्जा मिलती है। वहीं, एक शोध में यह बात सामने आई है कि चुकंदर का जूस एथलीटों की कार्डियोरेस्पिरेटरी एंड्यूरेंस (ज्यादा समय तक शरीर के एक्टिव रहने की क्षमता) को बढ़ाता है। इससे वो जल्दी थकते नहीं हैं और उनका प्रदर्शन बेहतर होता है।

6) दांत और हड्डियों के लिए ( Benefits of Beetroot for Teeth and bones )

हड्डियां हमारे शरीर को मजबूती प्रदान करती हैं और हमारे आकार को बनाने में मदद करती हैं। शरीर के पूरे वजन को संभालने के लिए हड्डियों का मजबूत रहना जरूरी है। इसके अलावा, हड्डियां शरीर के अंगों की रक्षा भी करती हैं, जैसे खोपड़ी की रक्षा करती हैं और चेहरे का आकार बनाती है। पसलियां एक पिंजरे का निर्माण करती हैं, जिससे हृदय और फेफड़े सुरक्षित रहते हैं। इसलिए, हड्डियों की मजबूती के लिए शरीर में कैल्शियम का होना जरूरी है और चुकंदर कैल्शियम का अच्छा स्रोत है। चुकंदर खाने के लाभ में न सिर्फ हड्डियों, बल्कि दांतों को भी मजबूत करना शामिल है।

7) कोलेस्ट्रॉल के लिए ( Benefits of Beetroot for Cholesterol )

शरीर में बनने वाले खराब कोलेस्ट्रॉल को एलडीएल (LDL) कहा जाता है। यह रक्त धमियों में जमा होकर गंभीर रूप से नुकसान पहुंचाता है। शरीर में इसकी मात्रा ज्यादा होने से हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है, इसीलिए इसे नियंत्रित रखने की सलाह दी जाती है। इसे नियंत्रित करने में चुकंदर के जूस के फायदे देखे गए हैं। बताया जाता है कि रोज 500 मिलीलीटर चुकंदर के जूस का सेवन करने से इसके ग्लाइसेमिक नियंत्रण गुण खराब कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल  करने में मदद करते हैं।

8) लीवर के लिए ( Benefits of Beetroot for Liver )

बीट के फायदे में लिवर स्वास्थ्य भी शामिल है। शरीर को पोषित करने के लिए लिवर का स्वस्थ रहना जरूरी है। लिवर से जुड़ी समस्याओं से बचने के लिए आप चुकंदर का रोजाना सेवन कर सकते हैं। बीटरूट हाई फैट वाले भोजन से लिवर को होने वाली ऑक्सीडेटिव क्षति को कम करने में मदद करता है। इसमें फ्लेवोनॉयड्स भी पाए जाते हैं, जो मेटाबॉलिज्म को बनाए रखने में सहायता करते हैं। साथ ही चुकंदर लिवर को डिटॉक्सिफाई भी करता है। यह उसे साफ और स्वस्थ रखने में मदद करता है। 

9) एंटी ऑक्सीडेंट गुण के लिए ( Benefits of Beetroot for Anti oxidant )

ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस कई शारीरिक और मानसिक समस्याओं का कारण बनता है। यह यूवी किरणों के प्रभाव, शरीर में कुछ खास कीटाणुओं के प्रवेश या अधिक तनावपूर्ण एक्सरसाइज के कारण होता है। इसलिए, ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से बचने के लिए एंटीऑक्सीडेंट का उपयोग/सेवन करने की सलाह दी जाती है। ऐसे में चुकंदर का उपयोग फायदेमंद होता है। इसमें मौजूद बीटालेन एक प्रभावी एंटीऑक्सीडेंट होता है, जो ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस के कारण हो रही क्षति से शरीर को बचाता है।

10) त्वचा के लिए ( Benefits of Beetroot for skin )

हमारी त्वचा को कई बाहरी चीजें जैसे धूप, मिट्टी व प्रदूषण आदि नुकसान पहुंचाते हैं। इनके कारण रूखी त्वचा, डर्मेटाइटिस और सोरायसिस (लाल त्वचा, खुजलीदार चकत्ते और पपड़ी) जैसी समस्या हो सकती है। इनसे बचने के लिए त्वचा की सबसे ऊपरी परत को सुरक्षित रखना जरूरी होता है। इसके लिए चुकंदर का उपयोग किया जाता है। चुकंदर का अर्क ग्लूकोसिलेरैमाइड नामक तत्व से समृद्ध होता है, जो त्वचा की ऊपरी परत को सुरक्षित बनाए रखने में मदद करता है। इसलिए, त्वचा के लिए चुकंदर का लाभ उठाने के चुकंदर के जूस का सेवन किया जाता है।

चुकंदर को अपने आहार में कैसे शामिल करें :

1) कच्चा – चुकंदर के फायदे उठाने के लिए आप इसे कच्चा खा सकते हैं। इसे काटकर और फिर उस पर हल्का नमक व नींबू छिड़क कर खाएं।

2) पनीर के साथ भुना हुआ – बीट को तब तक भूनें, जब तक कि वह नरम और रसदार न हो जाए। भुने हुए चुकंदर के साथ पनीर मिलाकर खाएं।

3) जूस – आप चुकंदर का रस निकाल कर रोजाना पी सकते हैं।

4) सलाद के रूप में – चुकंदर खाने के फायदे इसे भोजन के साथ सलाद के रूप में खाने पर भी मिल सकते हैं। आप इसके साथ प्याज भी मिला सकते हैं।

5) सब्जी – आप चुकंदर की सब्जी बनाकर भी खा सकते हैं।

6) रायता – बीट के लाभ इसका रायता बनाकर खाने से भी उठाए जा सकते हैं।

एक दिन में कितना चुकंदर खाना चाहिए :

इस बारे में कोई वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं है कि चुकंदर कब और कितना खाना चाहिए। माना जाता है कि रोज एक गिलास चुकंदर का जूस या सलाद में आधा चुकंदर शामिल किया जा सकता है। किसी खास बीमारी या समस्या के लिए चुकंदर का उपयोग करने से पहले डॉक्टर से परामर्श करना अच्छा विचार हो सकता है।

चुकंदर का जूस बनाने का तरीका :

सामग्री :

1) दो माध्यम आकार के चुकंदर

2) आधा चम्मच शक्कर (वैकल्पिक)

3) पांच-छह पुदीने की पत्तियां

4) एक इंच अदरक

5) नींबू (वैकल्पिक)

विधि : 

1) चुकंदर को छीलकर उसके छोटे-छोटे टुकड़े कर लें।

2) इसके बाद अदरक को भी छीलकर उस छोटे-छोटे टुकड़ों में काट लें।

3) अब एक ब्लेंडर में चुकंदर, अदरक, शक्कर और पुदीने की पत्तियां डालकर ब्लेंड कर लें।

4) इसके बाद एक छन्नी की मदद से पिसे हुए गूदे को छानकर एक गिलास में जूस निकाल लें।

5) आखिरी में आप स्वाद के लिए इसमें दो-तीन बूंद नींबू का रस भी मिला सकते हैं।

चुकंदर को लंबे समय तक सुरक्षित कैसे रखें :

आप जब भी चुकंदर खरीदने जाते हैं, तो ऐसे चुकंदर का चयन करें जिनकी ऊपरी परत एकदम साफ हो। पूरी तरह से दाग-धब्बों से मुक्त फल का चयन करें। मुरझाए हुए चुकंदर या मुरझाई हुई पत्तियों के साथ रखे चुकंदर को खरीदने से बचें।

चुकंदर को लंबे समय तक ताजा रखने के लिए इन्हें फ्रिज में एयर टाइट प्लास्टिक जिप बैग में रखा जाता है। इससे ये लगभग दो हफ्ते तक फ्रेश बने रह सकते हैं। इसकी पत्तियों और तने को जल्दी ही उपयोग कर लें। ये जल्दी खराब हो जाते हैं।

Side Effects of Beetroot in Hindi

  • इसमें समृद्ध मात्रा में डाइट्री ऑक्सालेट पाया जाता है, जिसका अधिक सेवन पथरी का कारण बन सकता है
  • चुकंदर के अधिक सेवन से लिवर में मेटल जमा हो सकता है।
  • इसका ज्यादा उपयोग बीटूरिया (यूरिन का रंग बदलना) का कारण भी बन सकता है।
  • कुछ लोगों को बीटरूट से एलर्जी हो सकती है।

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चुकंदर क्या है?

चुकंदर 30-90 CM ऊँचा, मांसल, कंद मोटा तना वाला, शाकीय पौधा होता है। इसके पत्ते मूली या शलगम के पत्ते जैसे होते हैं। चुकंदर के फूल 2-3 के गुच्छों में या एकल, लम्बे बेलनाकार स्पाइक जैसे होते हैं। इसकी जड़ बैंगनी लाल रंग की होती है। चुकंदर सितम्बर से फरवरी महीने में फलता-फूलता है।
चुकंदर एक ऐसा सब्जी है जो शरीर के लिए बहुत लाभकारी होता है लेकिन इसके साथ-साथ चुकंदर के औषधीय गुण भी बहुत है। चुकन्दर आँखों के लिए अच्छा, चर्बी कम करने वाला तथा कृमिनाशक होता है। चुकंदर के फायदे अनेक हैं|

लीवर के लिए चुकंदर कैसे उपयोगी है?

बीट के फायदे में लिवर स्वास्थ्य भी शामिल है। शरीर को पोषित करने के लिए लिवर का स्वस्थ रहना जरूरी है। लिवर से जुड़ी समस्याओं से बचने के लिए आप चुकंदर का रोजाना सेवन कर सकते हैं। बीटरूट हाई फैट वाले भोजन से लिवर को होने वाली ऑक्सीडेटिव क्षति को कम करने में मदद करता है। इसमें फ्लेवोनॉयड्स भी पाए जाते हैं, जो मेटाबॉलिज्म को बनाए रखने में सहायता करते हैं। साथ ही चुकंदर लिवर को डिटॉक्सिफाई भी करता है। यह उसे साफ और स्वस्थ रखने में मदद करता है। 

चुकंदर को लंबे समय तक सुरक्षित कैसे रखें?

आप जब भी चुकंदर खरीदने जाते हैं, तो ऐसे चुकंदर का चयन करें जिनकी ऊपरी परत एकदम साफ हो। पूरी तरह से दाग-धब्बों से मुक्त फल का चयन करें। मुरझाए हुए चुकंदर या मुरझाई हुई पत्तियों के साथ रखे चुकंदर को खरीदने से बचें।चुकंदर को लंबे समय तक ताजा रखने के लिए इन्हें फ्रिज में एयर टाइट प्लास्टिक जिप बैग में रखा जाता है। इससे ये लगभग दो हफ्ते तक फ्रेश बने रह सकते हैं। इसकी पत्तियों और तने को जल्दी ही उपयोग कर लें। ये जल्दी खराब हो जाते हैं।

चुकंदर के Side Effects बताईये?

इसमें समृद्ध मात्रा में डाइट्री ऑक्सालेट पाया जाता है, जिसका अधिक सेवन पथरी का कारण बन सकता है
चुकंदर के अधिक सेवन से लिवर में मेटल जमा हो सकता है।
इसका ज्यादा उपयोग बीटूरिया (यूरिन का रंग बदलना) का कारण भी बन सकता है।
कुछ लोगों को बीटरूट से एलर्जी हो सकती है।

एक दिन में कितना चुकंदर खाना चाहिए बताईये?

इस बारे में कोई वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं है कि चुकंदर कब और कितना खाना चाहिए। माना जाता है कि रोज एक गिलास चुकंदर का जूस या सलाद में आधा चुकंदर शामिल किया जा सकता है। किसी खास बीमारी या समस्या के लिए चुकंदर का उपयोग करने से पहले डॉक्टर से परामर्श करना अच्छा विचार हो सकता है।