10 Hidden Benefits of Black pepper in Hindi ( काली मिर्च के फायदे )

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Benefits of Black pepper

Benefits Of Black Pepper:- भारत में ऐसा कोई घर नहीं होगा जहां काली मिर्च का प्रयोग नहीं होता हो । यह मसालों की रानी मानी जाती है चाहे हम कोई भी सब्जी बनाएं , सब्जी सुखी हो या रसदार या फिर नमकीन से लेकर सूप आदि तक , हर एक व्यंजन में काली मिर्च का प्रयोग जरूर होता है। भोजन में काली मिर्च का इस्तेमाल केवल स्वाद के लिए ही नहीं किया जाता , यह स्वास्थ्य के लिए भी काफी लाभदायक है काली मिर्च एक अच्छी औषधीय भी है।

लंबे समय से आयुर्वेद में इसका औषधि प्रयोग होता रहा है वास्तव में काली मिर्च के औषधीय गुणों के कारण ही इसे भोजन में शामिल किया जाता है काली मिर्च का प्रयोग रोगो को ठीक करने के लिए भी किया जाता है । काली मिर्च के काफी अधिक औषधीय लाभ है।

Benefits of black Pepper

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यह वात और कफ को नष्ट करती है और कफ तथा वायु को निकालती है यह भूख बढ़ाती है , भोजन को पचाती है , लीवर को स्वस्थ बनाती है । और दर्द तथा पेट के कीड़ों को खत्म करती है । यह पाचन शक्ति को बढ़ाती है और तीखा और गर्म होने के कारण मुंह में लार पैदा करती है और शरीर के समस्त स्रोतों से मलों को बाहर निकाल कर स्रोतों को शुद्ध करती है ।

सलाद शिकंजी या कुछ भी बनाओ ऊपर से थोड़ी सी काली मिर्च छिड़क दो ,तो खाने का स्वाद बढ़ जाता है , हालांकि काली मिर्च सिर्फ इन चीजों का ही जायका नहीं बढ़ाती बल्कि यह किसी भी खाने का स्वाद बढ़ाने का काम कर सकती है । यह सेहत पर कई तरह के लाभकारी असर भी डाल सकती है।

जिस बारे में जानकर आपको हैरानी हो सकती है । दादी के नुस्खे का यह लेख खास काली मिर्च के विषय पर है। इस लेख में हम काली मिर्च के फायदे और काली मिर्च के उपयोग व काली मिर्च के औषधीय गुण आदि के बारे में विस्तार से जानेंगे । यह गुण स्वस्थ रखने का काम कर सकते हैं और किसी शारीरिक समस्या से उभरने में भी मदद करते हैं ।

काली मिर्च क्या है :

जगह के हिसाब से काली मिर्च के अलग-अलग नाम है । तेलुगू में इसे नाला मिरियालु, तमिल में करूमिलाकु व कन्नड़ में कारे मनसु कहा जाता है। यहां बता दें कि काली मिर्च एक फूल वाली बेल है । जिसकी खेती इसके फल के लिए की जाती है । वैज्ञानिक रूप से इसे (Piper nigrum) कहा जाता है । जब इस बेल का फल सूख जाता है । तो इसे मसाले के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है इसी मसाले को काली मिर्च कहा जाता है ।

इसे पेपरकॉर्न भी कहा जाता है। काली मिर्च एक औषधि मसाला है। यह दिखने में छोटी , गोल और काले रंग की होती है। स्वाद काफी तीखा होता है । इसकी लता बहुत समय तक जीवित रहने वाली होती है । यह पान के जैसे पत्तों वाली , बहुत तेजी से फैलने वाली और कोमल लता होती है । लता मजबूत सहारे से लिपट कर ऊपर बढ़ती है । एक वर्ष में इसकी लगभग दो उपज प्राप्त होती हैं।

पहली उपज अगस्त-सितम्बर में और दूसरी मार्च-अप्रैल में। बाजारों में दो प्रकार की मिर्च बिकती है – सफेद मिर्च और काली मरिच। कालीमिर्च की तासीर आयुर्वेद के अनुसार न शीत है और न उष्ण, लेकिन कहीं-कहीं पर इसको उष्ण तासीर का भी बताया गया है।

Benefits of black pepper

काली मिर्च के फायदे

  • पाचन के लिए
  • सर्दी – खांसी से राहत के लिए
  • वजन कम करने के लिए
  • कैंसर से बचाव के लिए
  • भूख बढ़ाने के लिए
  • डायबिटीज और शुगर के लिए
  • जोड़ों के दर्द के लिए
  • इन्फेक्शन से बचने के लिए
  • त्वचा के लिए

Side Effects of Black Pepper

  • काली मिर्च का अधिक सेवन करने से पेट में जलन हो सकती है।
  • काली मिर्च को आंखों के संपर्क में न आने दें। इससे आंखों में जलन हो सकती है।
  • गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को इसके अधिक मात्रा में सेवन करने से बचना चाहिए।
  • इसके अलावा यदि आप काली मिर्च अधिक खाते हैं तो कब्ज, दस्त और एसिडिटी जैसी समस्या भी हो सकती है।

काली मिर्च के फायदे :

काली मिर्च खाने के फायदे और नुकसान, के संबंध में कई वैज्ञानिक शोध किए गए हैं । उन्हीं शोध के आधार पर पहले काली मिर्च के फायदे और उसके बाद काली मिर्च के साइड इफेक्ट की जानकारी देंगे ।

1) पाचन के लिए ( Benefits of black pepper for Digestion )

आहार में काली मिर्च का उपयोग करने से पाचन संबंधी समस्याओं से निजात मिल सकती है । काली मिर्च में पाया जाने वाला पाइपरिन अग्न्याशय यानी पेट के पाचन एंजाइमों को उत्तेजित कर पाचन क्षमता को बढ़ाने में मदद करता है । वहीं, अन्य शोध से पता चलता है कि काली मिर्च से पैंक्रियाटिक लाइपेज, काइमोट्रिप्सिन और एमिलेज की गतिविधियों को बढ़ावा मिल सकता है। इन सभी को डाइजेस्टिव एंजाइम के रूप में जाना जाता है। इनसे पूरी पाचन प्रक्रिया बेहतर तरीके से काम कर सकती है ।

2) सर्दी – खांसी से राहत के लिए ( Benefits of black pepper for cold cough )

काली मिर्च के औषधि गुण के अनुसार सर्दी – खांसी पर सकारात्मक रूप से पड़ सकता है . इस संबंध में किए गए एक मेडिकल रिसर्च के मुताबिक, काली मिर्च सर्दी-खांसी के लिए फोक मेडिसीन के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है। ऐसा कहा जाता है कि इसमें पाइपरिन (Piperine) नामक कंपाउंड होता है, जो सर्दी-खांसी की समस्या से छुटकारा दिला सकता है। साथ ही यह गले में खराश की समस्या का भी समाधान करने का काम कर सकता है। इसलिए, ऐसा कहा जा सकता है कि काली मिर्च खाने के फायदे   सर्दी खांसी से राहत के लिए हो सकते हैं।

3) वजन कम करने के लिए ( Benefits of black pepper for weight loss )

काली मिर्च खाने के फायदे वजन कम करने के लिए भी सहायक होते हैं ।इस संबंध में किए गए एक मेडिकल रिसर्च के दौरान कुछ हफ्ते तक काली मिर्ची युक्त खाद्य पदार्थ का सेवन किया गया , इससे भूख में किसी तरह का बदलाव हुए बिना शरीर मैंफैट और लिपिड का स्तर कम मापा गया | इससे शरीर का वजन कुछ कम हो सकता है । यह सब काली मिर्ची में पाइपरीन और एंटीबायोटिक प्रभाव की वजह से संभव होता है । इसलिए कहा जाता है कि काली मिर्च के औषधीय गुण के कारण वजन कम होता है ।

4) कैंसर से बचाव के लिए ( Benefits of black pepper for Cancer )

कैंसर जैसी घातक समस्याओं से बचने में काली मिर्च मदद करती है । इस बात को लेकर कई वैज्ञानिक शोध किए गए है । यह साबित होता है कि काली मिर्च में एंटी कैंसर गतिविधि पाई जाती है । इस गुण के कारण काली मिर्च शरीर में कैंसर को पनपने से रोक सकती है । इसके अलावा काली मिर्च में मौजूद पाइपरीन की वजह से दवाई की तरह काम करती है ।

पाइपरीन कैंसर सेल्स को बढ़ने से रोकने का काम करता है । माना जा सकता है कि काली मिर्ची के फायदे कैंसर से बचने के लिए हो सकते हैं। साथ ही हम स्पष्ट कर दें कि अगर किसी को कैंसर हो तो उसे सिर्फ डॉक्टर के इलाज से ही ठीक किया जा सकता है । काली मिर्च सिर्फ एक कैंसर से बचने में मदद कर सकती है ।

5) भूख बढ़ाने के लिए ( Benefits of black pepper for Increase appetite )

जिन लोगों को भूख ना लगने की समस्या है उनके लिए काली मिर्च पाउडर फायदेमंद साबित होता हैदरअसल, काली मिर्च में एल्कलॉइड, ओलेरोसिन और ऑयल जैसे कुछ कंपाउंड पाए जाते हैं। इन गुणों के कारण पारंपरिक चिकित्सा पद्धति में भूख बढ़ाने के लिए काली मिर्च का उपयोग किया जाता है ।

6) डायबिटीज और शुगर के लिए ( Benefits of black pepper for Diabetes )

काली मिर्च खाने के फायदे मधुमेह और ब्लड सामान्य रखने के लिए पति है एक वैज्ञानिक शोध के मुताबिक काली मिर्च में एंटीहाइपरग्लाइसेमिक एजेंट होते हैं, जो हो रात में ग्लूकोज की मात्रा को कम करता है। इससे डायबिटीज के इलाज में मदद मिलती है अन्य शोध के अनुसार सीमित मात्रा में पाइपरीन लेने से शरीर में एंटीहाइपरग्लिसेमिक प्रभाव नजर आ सकता है। वही अधिक मात्रा में लेने पर मेटाबॉलिज्म से जुड़ी समस्या हो सकती है ।

7) जोड़ों के दर्द के लिए ( Benefits of black pepper for Joint pain )

काली मिर्ची के गुणों जोड़ों के दर्द और गठिया की समस्या को कुछ कम करती है । कई बार जोड़ों में दर्द और गठिया का मुख्य कारण सूजन हो सकती है । जिस से छुटकारा दिलाने में काली मिर्च मदद करती है । दरअसल काली मिर्च में मौजूद पाइपरीन में इंफ्लेमेटरी और एंटीअर्थराइटिस प्रभाव पाया जाता है, जो सूजन की समस्या को कम कर गठिया की स्थिति में राहत चाहता है ।

8) इन्फेक्शन से बचने के लिए ( Benefits of black pepper for infection )

शरीर या त्वचा में इंफेक्शन फैलने का मुख्य कारण बैक्टीरिया होता है इंफेक्शन की समस्या से छुटकारा पाने के लिए बैक्टीरिया से छुटकारा पाने जरूरी है । इसलिए काली मिर्च का उपयोग किया जाता है एक वैज्ञानिक रिसर्च के अनुसार काली मिर्च में एंटीबैक्टीरियल कौन होते हैं जो ई। कोलाई और स्टैफिलोकोकस ऑरियस जैसे कई बैक्टीरिया को दूर रखने का काम कर सकता है ।

9) धूम्रपान छोड़ने के लिए ( Benefits of black pepper for Smoking )

जो लोग धूम्रपान छोड़ना चाहते हैं । उनके लिए काली मिर्च का उपयोग मददगार साबित होता है । स्टडी में यह बात सामने आई कि काली मिर्च पाउडर की भाप लेने से तूफान की तलब को धीरे-धीरे नियंत्रित किया जा सकता है । इस संबंध में अभी और वैज्ञानिक शोध की आवश्यकता है ।

10) त्वचा के लिए ( Benefits of black pepper for skin )

काली मिर्च के फायदे त्वचा के लिए भी होते हैं दरअसल काली मिर्च के उपयोग से बने तेल में एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं बचा को स्वस्थ रखने का काम करते हैं इसके अलावा यही एंटी – एजिंग की तरह काम करती है । मुंहासे कम कर सकता है और विटिलिगो, झुर्रियों व काले धब्बे को कम करने का काम करती है ।

काली मिर्च से चाय बनाने की विधि :

काली मिर्च की चाय के फायदे कई होते हैं । अगर किसी को काली मिर्च की चाय बनानी नहीं आती तो वह हमारे इस लेख की मदद से काली मिर्च की चाय बनाना सीख सकते हैं ।

सामग्री

1) लगभग 2 छुटकी ताजा पिसी हुई काली मिर्च

2) एक गिलास पानी

3) दो चम्मच शहद

4) एक चम्मच नींबू का रस

5) एक चम्मच ताजा कटा अदरक

बनाने की विधि :

1) सबसे पहले पानी को उबाल ले |

2) उसके बाद सभी सामग्रियों को उबलते हुए पानी में डालें |

3) फिर कुछ सेकंड बाद गैस बंद कर दे और कुछ देर के लिए पतीले को गैस पर ही रहने दे |

4) सच्चाई को छानकर पी ले |

5) इस चाय को हमेशा अलका गर्म पिए।

काली मिर्च का उपयोग :

काली मिर्च का सेवन कई तरह कर सकते हैं :

1) काली मिर्च को सब्जी तैयार करते समय इस्तेमाल किया जाता है ।

2) काली मिर्च को सॉस बनाने में इस्तेमाल किया जाता है ।

3) फास्ट फूड को तीखा बनाने के लिए ऊपर से छिड़का जाता है ।

4) काली मिर्च की चाय बनाकर पी जा सकती है ।

5) काली मिर्च पाउडर और शहद को मिलाकर चाटा जा सकता है ।

6) इसे हल्दी पाउडर के साथ मिलाकर भी ले सकते हैं जो शरीर द्वारा इसके अवशोषण को बढ़ाने में मदद करता है ।

Side effects of black pepper

  1. काली मिर्च का अधिक सेवन करने से पेट में जलन हो सकती है।
  2. काली मिर्च को आंखों के संपर्क में न आने दें। इससे आंखों में जलन हो सकती है।
  3. गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को इसके अधिक मात्रा में सेवन करने से बचना चाहिए।
  4. इसके अलावा यदि आप काली मिर्च अधिक खाते हैं तो कब्ज, दस्त और एसिडिटी जैसी समस्या भी हो सकती है।

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काली मिर्च क्या है?

जगह के हिसाब से काली मिर्च के अलग-अलग नाम है । तेलुगू में इसे नाला मिरियालु, तमिल में करूमिलाकु व कन्नड़ में कारे मनसु कहा जाता है। यहां बता दें कि काली मिर्च एक फूल वाली बेल है । जिसकी खेती इसके फल के लिए की जाती है । वैज्ञानिक रूप से इसे (Piper nigrum) कहा जाता है । जब इस बेल का फल सूख जाता है । तो इसे मसाले के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है इसी मसाले को काली मिर्च कहा जाता है । इसे पेपरकॉर्न भी कहा जाता है। काली मिर्च एक औषधि मसाला है। यह दिखने में छोटी , गोल और काले रंग की होती है। स्वाद काफी तीखा होता है । इसकी लता बहुत समय तक जीवित रहने वाली होती है । यह पान के जैसे पत्तों वाली , बहुत तेजी से फैलने वाली और कोमल लता होती है । लता मजबूत सहारे से लिपट कर ऊपर बढ़ती है । एक वर्ष में इसकी लगभग दो उपज प्राप्त होती हैं। पहली उपज अगस्त-सितम्बर में और दूसरी मार्च-अप्रैल में। बाजारों में दो प्रकार की मिर्च बिकती है – सफेद मिर्च और काली मरिच। कालीमिर्च की तासीर आयुर्वेद के अनुसार न शीत है और न उष्ण, लेकिन कहीं-कहीं पर इसको उष्ण तासीर का भी बताया गया है।

सर्दी – खांसी से राहत के लिए कैसे उपयोगी है बताईये?

काली मिर्च के औषधि गुण के अनुसार सर्दी – खांसी पर सकारात्मक रूप से पड़ सकता है . इस संबंध में किए गए एक मेडिकल रिसर्च के मुताबिक, काली मिर्च सर्दी-खांसी के लिए फोक मेडिसीन के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है। ऐसा कहा जाता है कि इसमें पाइपरिन (Piperine) नामक कंपाउंड होता है, जो सर्दी-खांसी की समस्या से छुटकारा दिला सकता है। साथ ही यह गले में खराश की समस्या का भी समाधान करने का काम कर सकता है। इसलिए, ऐसा कहा जा सकता है कि काली मिर्च खाने के फायदे   सर्दी खांसी से राहत के लिए हो सकते हैं।

धूम्रपान छोड़ने के लिए कैसे फायदेमंद है ?

जो लोग धूम्रपान छोड़ना चाहते हैं । उनके लिए काली मिर्च का उपयोग मददगार साबित होता है । स्टडी में यह बात सामने आई कि काली मिर्च पाउडर की भाप लेने से तूफान की तलब को धीरे-धीरे नियंत्रित किया जा सकता है । इस संबंध में अभी और वैज्ञानिक शोध की आवश्यकता है ।

इन्फेक्शन से बचने के लिए उपयोग बताईये?

शरीर या त्वचा में इंफेक्शन फैलने का मुख्य कारण बैक्टीरिया होता है इंफेक्शन की समस्या से छुटकारा पाने के लिए बैक्टीरिया से छुटकारा पाने जरूरी है । इसलिए काली मिर्च का उपयोग किया जाता है एक वैज्ञानिक रिसर्च के अनुसार काली मिर्च में एंटीबैक्टीरियल कौन होते हैं जो ई। कोलाई और स्टैफिलोकोकस ऑरियस जैसे कई बैक्टीरिया को दूर रखने का काम कर सकता है ।

त्वचा के लिए लिए फायदे बताईये?

काली मिर्च के फायदे त्वचा के लिए भी होते हैं दरअसल काली मिर्च के उपयोग से बने तेल में एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं बचा को स्वस्थ रखने का काम करते हैं इसके अलावा यही एंटी – एजिंग की तरह काम करती है । मुंहासे कम कर सकता है और विटिलिगो, झुर्रियों व काले धब्बे को कम करने का काम करती है ।

काली मिर्च के Side Effects बताईये?

काली मिर्च का अधिक सेवन करने से पेट में जलन हो सकती है।
काली मिर्च को आंखों के संपर्क में न आने दें। इससे आंखों में जलन हो सकती है।
गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को इसके अधिक मात्रा में सेवन करने से बचना चाहिए।
इसके अलावा यदि आप काली मिर्च अधिक खाते हैं तो कब्ज, दस्त और एसिडिटी जैसी समस्या भी हो सकती है।