Top 10 Benefits of Garam Masala in Hindi ( गरम मसाले के फायदे )

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Garam Masala:- भारत के लगभग हर रसोई घर में गरम मसाला जरूर इस्तेमाल किया जाता है । इससे चुटकी भर ही इस्तेमाल करने से खाने का स्वाद लजीज हो जाता है । आप यह तो जानते ही होंगे कि कई प्रकार के मसाले को मिलाकर गरम मसाला तैयार किया जाता है लेकिन क्या आप जानते हैं कि खाने का स्वाद बढ़ाने वाला गरम मसाला स्वास्थ्य के लिए कितना गुणकारी है ।

Garam Masala

Table of Contents

अगर आप नहीं जानते तो परेशान होने की कोई बात नहीं है । हम आपको बताते हैं । दादी के नुस्खे इस लेख में आपको गरम मसाले के बारे में विस्तार से बताएंगे साथ ही गरम मसाला बनाने की विधि या कहें कि घर में गरम मसाला कैसे बनाएं इसकी जानकारी भी आपको दी जाएगी , इसलिए स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए इस लेख को अंत तक जरूर पड़ेंगे ।

गरम मसाला ना केवल भोजन का स्वाद बढ़ाता है बल्कि पानी से उत्पन्न रोग को और पेट संबंधी विकारों को रोकने में भी मदद करता है । यह विभिन्न प्रकार की बीमारियों जैसे : भूख में कमी ,डकार ,सफेद जीभ ,पेट का भारीपन , पेट फूलना ,या पेट की सूजन, गैस की समस्या ,पेट का घूर घूर करना ,पेट में दर्द , पेट में कीड़े आदि को रोकने में मदद करता है ।

गरम मसाला भारत में उत्पन्न होता है अक्सर 10 से अधिक प्रकार के मसालों को मिलाकर गरम मसाला तैयार किया जाता है ।लेकिन यह इस बात पर निर्भर करता है कि आप गरम मसाले के नुस्खे में किन किन मसालों को मिलाते हैं । जो आपको स्वास्थ्य लाभ प्रदान करेंगे ।

Garam Masala क्या है 

वास्तव में गर्म मसाले का निर्माण पानी से होने वाले रोगों को रोकने के लिए क्या गया था । जो प्राचीन भारत में बरसात के मौसम में बहुत आम थे । लेकिन अब यह सभी मौसमों में उपयोग किया जाता है यहां तक कि अब भारत में गर्म मसालों के बिना कुछ खा भी नहीं सकते गरम मसाला के दो अलग-अलग फार्मूले है । जो गर्मी और ठंड के मौसम मैं उपयोग किए जाने चाहिए ।

अन्य मसालों के मुकाबले दालचीनी में एंटीऑक्सीडेंट्स की मात्रा सबसे अधिक होती है । सुगंधित मसाले दालचीनी का इस्तेमाल खाने का स्वाद बढ़ाने के लिए किया जाता है। । रसोई के अलावा कई तरह की आयुर्वेदिक और एलोपैथिक दवाइयों में भी चीनी का इस्तेमाल किया जाता है ।

यह शाकाहारी और मांसाहारी दोनों ही तरह के व्यंजनों में इस्तेमाल किया जाता है। कई खुशबूदार भारतीय मसालों के मेल से बने इस गरम मसाले को एयर टाइट डिब्बों में भरकर रखा जाता है और अपनी सुविधा व स्वाद के मुताबिक अलग-अलग व्यंजनों को स्वादिष्ट बनाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। अगर आप किसी से गरम मसाले बनाने की विधि के बारे में पूछेंगे तो आपको कोई एक फिक्स जवाब नहीं मिलेगा क्योंकि गरम मसाला तैयार करने का कोई एक तय तरीका नहीं होता।

हर कोई अपनी-अपनी जरूरतों के अनुसार अपने तरीके से इसे तैयार करता है। लेकिन एक बात सब मानते हैं कि घर पर तैयार गरम मसाला बाहर से खरीदे हुए मसाले से बेहतर होता है। भले ही इसे तैयार करने का लोगों का अपना-अपना तरीका हो लेकिन इतना पक्का है कि गरम मसाला भारत के हर किचन का अभिन्न अंग है। और आपको बता दें कि स्वादिष्ट होने के साथ ही गरम मसाला आपकी सेहत के लिए भी बहुत फायदेमंद होता है। 

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गरम मसालों के फायदे :

1) पाचन के लिए ( Benefits of Garam Masala for Digestive System )

एक स्वस्थ शरीर के लिए जरूरी है कि उसका पाचन तंत्र ऊंचाहार रूप से कार्य करता रहे। इसके लिए हमारी रसोई में रखा गरम मसाला फायदेमंद होता है। यहां पर एक बार फिर से गरम मसाले में फाइबर का जिक्र होगा फाइबर का सेवन हमारी पाचन क्रिया को सुधारने के साथ-साथ कब्ज की समस्या से भी राहत दिलाने में मदद करता है ।

2) पेट की सूजन के लिए ( Benefits of Garam Masala for Stomach bloating )

ऐसी स्वास्थ्य समस्या है जिसमें पेट भरा हुआ महसूस होता है । सुजा हुआ भी लग सकता है । समस्या का एक प्रमुख कारण कब्ज होता है ।आप कब्ज को गरम मसाले में मौजूद फाइबर के सेवन से दूर कर सकते हैं । इसका सेवन करने से पेट की सूजन लॉकिंग की समस्या खत्म होती है ।

3) आंखों के स्वास्थ्य के लिए ( Benefits of Garam Masala for Eye health )

आंखों को बेहतर स्वास्थ्य के लिए भी गरम मसाले को बहुत उपयोगी माना गया है । खेल के गरम मसाले में उपयोग की जाने वाली राजधानी लाभदायक होती है । दालचीनी में फोलेट की भरपूर मात्रा पाई जाती है । एक वैज्ञानिक शोध में यह देखा गया कि फोलेट का सेवन जियोग्राफिक एट्रोफी से आंखों को सुरक्षित रखने में लाभदायक होता है । जियोग्राफिक एट्रोफी आंखों का एक रोग, जिससे देखने की क्षमता में कमी आती है।

4) सूजन और दर्द के लिए ( Benefits of Garam Masala for Swelling and pain )

सूजन और दर्द में आराम पाने के लिए भी आप घर मसाले का इस्तेमाल कर सकते हैं । इसका कारण यह है कि गर्म मसाले को बनाने में मेथी का प्रयोग किया जाता है । वैज्ञानिक शोध में देखा गया कि मेथी के बीच में एंटी इन्फोमेट्री और दर्द निवारक गुण पाए जाते हैं यह दोनों ही गुण दर्द और सूजन में आराम दिलाते हैं ।

5) शरीर को डिटॉक्सिफाई करने के लिए ( Benefits of Garam Masala for Detoxify )

डिटॉक्सिफाई एक प्रकार की क्रिया होती है हमारे शरीर से जहरीले पदार्थों को हटाने , वजन घटाने और स्वास्थ्य को बढ़ावा देने में मदद मदद मिलती है। डिटॉक्सिफाई की गतिविधि बढ़ाने के लिए एक अच्छे स्रोत के रूप में गर्म मसाले का उपयोग किया जाता है , क्योंकि गरम मसाले में डिटॉक्सिफाई गुण पाए जाते हैं ।

6) प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए ( Benefits of Garam Masala for buffering capacity )

बेहतर रोग प्रतिरोधक क्षमता हमारे शरीर को कई प्रकार के संक्रमण और बीमारियों से बचाए रखने का काम करती है। गरम मसाले में धनिया में जिंक पाया जाता है विशेषज्ञों के अनुसार जिंक रोग – प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में प्रमुख भूमिका निभाता है। इसलिए धर्म मसाले के जरिए जिंक का सेवन हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करेगा और हमारा शरीर बीमारियों से भी बचा रहेगा ।

7) कैंसर के लिए : ( Benefits of Garam Masala for Cancer )

कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों से बचे रहने के लिए भी गरम मसाला एक रामबाण औषधीय की तरह कार्य कर करता है । दरअसल ऐसा इसलिए संभव है क्योंकि गरम मसाले को तैयार करने के लिए काली मिर्च और सुखी लाल मिर्च का प्रयोग किया जाता है anti-cancer गतिविधि पाई जाती है । एंटी कैंसर गतिविधि कैंसर होने के लिए जिम्मेदार स्थितियों के खिलाफ क्रिया करके आपको कैंसर से बचाए रखने का काम करता है ।

8) सर्दी खांसी के लिए ( Benefits of Garam Masala for cold cough )

सर्दी खांसी से राहत पाने के लिए भी गरम मसाले का फायदे देखे जा सकते हैं सर्दी के लक्षणों में खांसी को भी गिना जाता है आप इस से राहत पाने के लिए गर्म मसाले का इस्तेमाल कर सकते हैं । इसमें इस्तेमाल होने वाले धनिया में जिंक पाया जाता है । वही जिंक बच्चों में पाए जाने वाले सर्दी के लक्षणों को कम करने में मदद करता है ।

9) डायरिया के लिए ( Benefits of Garam Masala for Diarrhea )

डायरिया की स्थिति में पतले दस्त होना शुरू हो जाते हैं । थोड़ी ही देर बाद पीड़ित व्यक्ति का शरीर बिल्कुल असहाय होने लगता है। ऐसे में आप गरम मसाले की मदद ले सकते हैं, क्योंकि इसमें फाइबर पाया जाता ह। फाइबर का सेवन डायरिया की स्थिति मैं फायदेमंद होता है ।

10) मधुमेह के लिए ( Benefits of Garam Masala for diabetes )

मधुमेह की समस्या से बच्चे रहने के लिए भी गरम मसाला सकारात्मक असर दिखाता है दरअसल गरम मसाले को तैयार करने में कई प्रकार के मसाले का प्रयोग किया जाता है इनमें से एक जीरा भी है वही जीरा एक सक्रिय डायबिटीज एजेंट है यह डायबिटीज के लक्षणों को कम करने के लिए सक्रिय रूप से कार्य करता है गरम मसाले में मौजूद जीरा डायबिटीज से पीड़ित लोगों के लिए लाभदायक होता है ।

एक कप गर्म पानी मसाला तैयार करने ने की विधि :

सामग्री
  • 2 बड़े चम्मच जीरा
  • 2 बड़े चम्मच धनिया के बीज
  • 2 बड़े चम्मच इलायची के दाने
  • 2 बड़े चम्मच काली मिर्च
  • 2 छोटी लाल मिर्च
  • 3 इंच की दालचीनी छड़ी
  • 1 चम्मच साबुत लौंग
  • 1 चम्मच कुटा हुआ जायफल
  • 1/2 चम्मच पिसा हुआ केसर
  • मेथी के बीज 1 चम्मच
  • 4 तेज पत्ते

नोट : गरम मसाला बनाने के लिए लोगों के द्वारा इन सामग्रियों के अतिरिक्त भी कुछ अन्य मसालों का उपयोग किया जाता है, जो उनके स्वाद और जरुरत के हिसाब से होता है। इसलिए कई लोग इसमें तुलसी के पत्ते, अदरक के सूखे टुकड़े, मेथी के बीज को भी शामिल करते हैं।

बनाने की प्रक्रिया:

  • सबसे पहले एक अच्छे वजन की कड़ाही लें और इसे गैस पर हल्के तापमान पर गर्म होने के लिए रखें।
  • ध्यान रहे कि कड़ाही सूखी हो।
  • अब इसमें जीरा, धनिया, इलायची, दालचीनी और लौंग डालें।
  • इसे बीच-बीच में चलाते रहें, जब तक कि गर्म होने के बाद मसालों के रंग में परिवर्तन न आ जाए।
  • इसे लगभग 10 मिनट तक और अच्छी सुगंध निकलने तक भूनते रहें।
  • ध्यान रहे कि इन्हें धीमी आंच पर ही इसे भूनें।
  • अब बची हुई सामग्रियों (जायफल और केसर को छोड़कर) को भी दो मिनट तक भून लें।
  • जब सभी सामग्रियां ठंडी हो जाएं, तो उन्हें मिक्सर में पीसकर पाउडर बना लें।
  • इसके बाद तैयार पाउडर में जायफल व केसर को मिलाएं।
  • फिर इसे ठंडा होने के लिए छोड़ दें।
  • अब आपका गरम मसाला तैयार है। आप इसे एयरटाइट कंटेनर में डालकर सूखे स्थान पर स्टोर करें।

गरम मसाले का उपयोग :

  • गरम मसाले को सब्जी बनाने में उपयोग कर सकते हैं।
  • इसे आलू की टिकिया में इस्तेमाल कर सकते हैं।
  • गरम मसाले को नमक के साथ मट्ठे में मिलाकर पिया जा सकता है।
  • बेसनी भिंडी को बनाने में गरम मसाला का इस्तेमाल किया जा सकता है।
  • अचार, खटाई और सलाद की ड्रेसिंग में गरम मसाले को इस्तेमाल कर सकते हैं।

कब खाएं : गरम मसाला को आप दिन के किसी भी समय में खा सकते हैं।

कितना खाएं: एक बार में लगभग आधे से भी कम छोटा चम्मच (एक व्यक्ति के लिए) गरम मसाला इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके सेवन की मात्रा की सटीक जानकारी के लिए आप एक बार आहार विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें। 

Side effects of Garam Masala

  1. आयात किए गए गरम मसाले में लेड की मात्रा हो सकती है, जिसका अधिक सेवन शरीर में जहर बना सकता है । 
  2. गरम मसाला में उपयोग होने वाले कुछ मसालों में जैसे धनिये में जिंक की मात्रा पाई जाती है। 
  3. अधिक मात्रा में जिंक का सेवन करने से यह मतली और उल्टी की समस्या हो सकती है । 
  4. गरम मसाले में सोडियम की भरपूर मात्रा पाई जाती है और सोडियम का अधिक सेवन उच्च रक्तचाप का कारण बन सकता है । 

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Garam Masala क्या है ?

वास्तव में गर्म मसाले का निर्माण पानी से होने वाले रोगों को रोकने के लिए क्या गया था । जो प्राचीन भारत में बरसात के मौसम में बहुत आम थे । लेकिन अब यह सभी मौसमों में उपयोग किया जाता है यहां तक कि अब भारत में गर्म मसालों के बिना कुछ खा भी नहीं सकते गरम मसाला के दो अलग-अलग फार्मूले है । जो गर्मी और ठंड के मौसम मैं उपयोग किए जाने चाहिए । अन्य मसालों के मुकाबले दालचीनी में एंटीऑक्सीडेंट्स की मात्रा सबसे अधिक होती है । सुगंधित मसाले दालचीनी का इस्तेमाल खाने का स्वाद बढ़ाने के लिए किया जाता है। । रसोई के अलावा कई तरह की आयुर्वेदिक और एलोपैथिक दवाइयों में भी चीनी का इस्तेमाल किया जाता है ।

प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए गरम मसाला उपयोगी है?

बेहतर रोग प्रतिरोधक क्षमता हमारे शरीर को कई प्रकार के संक्रमण और बीमारियों से बचाए रखने का काम करती है। गरम मसाले में धनिया में जिंक पाया जाता है विशेषज्ञों के अनुसार जिंक रोग – प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में प्रमुख भूमिका निभाता है। इसलिए धर्म मसाले के जरिए जिंक का सेवन हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करेगा और हमारा शरीर बीमारियों से भी बचा रहेगा ।

गरम मसाले से होने वाले Side Effects बताईये?

आयात किए गए गरम मसाले में लेड की मात्रा हो सकती है, जिसका अधिक सेवन शरीर में जहर बना सकता है । 
गरम मसाला में उपयोग होने वाले कुछ मसालों में जैसे धनिये में जिंक की मात्रा पाई जाती है। 
अधिक मात्रा में जिंक का सेवन करने से यह मतली और उल्टी की समस्या हो सकती है । 
गरम मसाले में सोडियम की भरपूर मात्रा पाई जाती है और सोडियम का अधिक सेवन उच्च रक्तचाप का कारण बन सकता है ।