All about Ghee. 5 Amazing Health Benefits Of Ghee in Hindi ( घी के फायदे )

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Benefits of ghee

घी हर घर में आसानी से मिलने वाली बहुत ही फायदेमंद चीज होती है। जब भी हमें कोई व्यंजन बनाना होता है तो हम घी का प्रयोग करते है। और अगर गाय का घी हो तो यह काफी गुणकारी माना जाता है। देसी घी को खाने से हमें बहुत तरह के फायदे होते हैं। हालांकि कुछ लोग दूध की मलाई से घी को बनाते हैं लेकिन सामान्य तौर से बना हुआ घी अच्छा होता है। घी हमारे शरीर की कमजोरी को भी दूर करता है और हमें ताकतवर बनाता है। तो चलिए आज हम आपको घी से जुड़े हुए कुछ ऐसे घरेलू नुस्खे बताते हैं जिससे आप अच्छा स्वास्थ्य पा सकते है।

आयुर्वेद में देसी घी को काफी उपयोगी बताया गया है. अगर आप घी का उपभोग करने में विफल रहते हैं, तो अन्य कई तरीके हैं जिनमें घी का इस्तेमाल किया जा सकता है. जैसे नाक में बूँद के रूप में, एनीमा और त्वचा आदि में. घी पित्त और वात को शांत करता है. इसलिए, यह वात-पित्त शरीर के प्रकार के साथ-साथ वात और पित्त असंतुलन विकारों से पीड़ित लोगों के लिए आदर्श है. यहाँ हम देसी घी की बात कर रहे हैं. आइये जानते हैं देसी घी के बारे में अच्छी सेहत के लिए घी का सेवन करना बहुत फायदेमंद माना जाता है। बुजुर्ग लोग भी इसीलिए घी खाने की सलाह देते रहते हैं।

दरअसल घी के अनगिनत फायदे होने के कारण ही इसे इतना महत्व दिया जाता है। घी का सेवन शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य दोनों के लिए ही अच्छा है। भारत में पुराने समय से दूध और उससे बने उत्पादों का इस्तेमाल किया जा रहा है, जैसे – दही, मक्खन व मावा आदाि। इन्हीं में से एक है घी, जिसे दूध से निकाले गए मक्खन या मलाई को गर्म करके बनाया जाता है। भारत में इसका उपयोग तेल के स्थान पर भी किया जाता है। रोटी, लड्डू व गुलाब जामुन जैसे पकवानों के अलावा घी का उपयोग कई औषधीय गुणों के कारण दवाओं में भी किया जाता है। आयुर्वेद में तो कुछ बीमारियों का इलाज देसी घी से ही किया जाता है। इस लेख में हम आपको घी के फायदे, नुकसान और घी खाने के सही तरीके के बारे में विस्तार से बता रहे हैं।

घी क्या है

जब मक्खन को अच्छी तरह पकाते हैं, तब पकने के बाद छाछ के अंश को अलग करने से जो पदार्थ तैयार होता है, उसे घी कहते हैं। सभी प्रकार के तैलीय व चिकने पदार्थों में घी सबसे अच्छा माना गया है क्योंकि अन्य औषधियों के साथ पकाने से यह उनके बल को बढ़ा देता है। अन्य किसी भी चिकनाई युक्त खाद्य पदार्थ में ऐसे गुण नहीं मिलते हैं। घी भारी, चिकनाई युक्त मधुरविपाक व शीतवीर्य होता है। यह बुद्धि, याददाश्त, बल, शुक्र, चमक और स्वर में वृद्धि करने वाला अच्छा रसायन है। घी से ह्रदय को ताकत मिलती है और यह वृद्धों के लिए भी काफी फायदेमंद होता है।

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घी के फायदे – Benefits of Ghee in Hindi

1) कोलेस्ट्रॉल के नियंत्रण के लिए ( Benefits of Ghee for Cholesterol )

रक्त में मौजूद कोलेस्ट्रॉल के बढ़ने से हृदय की समस्या, रक्तचाप के साथ और भी कई सारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करने के लिए सीमित मात्रा में किए गए घी के सेवन को फायदेमंद माना जा सकता है। घी में कंजगेटेड लिनोलेनिक एसिड (Conjugated Linolenic Acid) होता है, जिसमें एंटीऑक्सीडेंट और एंटीएथेरोजेनिक (धमनियों में प्लाक को जमने से रोकना) गुण होता है। इसलिए, यह रक्त में मौजूद हानिकारक कोलेस्ट्रॉल यानी एलडीएल को कम करता है। साथ ही लाभदायक कोलेस्ट्रॉल यानी एचडीएल के स्तर को बेहतर करता है ।

2) गर्भावस्था में घी के फायदे ( Benefits of Ghee for Pregnancy )

घी में कई ऐसे औषधीय गुण होते हैं, जिसके कारण इसका सेवन गर्भवती और उसके शिशु के लिए फायदेमंद हाेता है। घी को सिंघाड़ा पाउडर 1 टेबल स्पून और गुनगुने दूध के साथ सेवन करने से प्लेसेंटा (गर्भनाल) की अवस्था ठीक रहती है। चावल और दही के साथ घी का सेवन भ्रूण के दिल के फायदेमंद होता है। छठे महीने में चावल के साथ गाय का घी भ्रूण के मस्तिष्क के विकास के लिए उपयोगी हाेता है।

गाय के घी में भुने हुए गार्डन क्रेस सीड के बीजों को दूध और चीनी के साथ मिलाकर सेवन करने से यह गर्भावस्था के दौरान महिला को एनीमिया और कमजोरी से बचाने में मदद करता है । वहीं, डॉक्टरों की मानें तो घी फैट सॉल्युबल विटामिन्स का अच्छा स्रोत है। घी में मौजूद विटामिन डी, जो कि एक फैट सॉल्युबल विटामिन है, थायराइड ग्रंथि को रेगुलेट कर सकता है और यह प्रेगनेंसी में महत्वपूर्ण है।

3) आंखों के लिए ( Benefits of Ghee for Eyes )

घी में कई पोषक तत्व पाए जाते हैं। इन्हीं में से एक है विटामिन-ए। माना जाता है कि विटामिन-ए की कमी से आंखों की रोशनी प्रभावित होती है। वहीं, घी के सेवन से विटामिन-ए की अच्छी मात्रा मिलती है, जो इस दोष को दूर करने के लिए कारगर होता है। देसी घी आपकी आंखों के लिए अमृत के समान माना गया है। अगर आप अपने भोजन में रोजाना देशी गाय का घी प्रयोग करते है तो यह आपकी आंखों के स्वास्थ्य के लिए काफी फायदेमंद रहता है। जिन लोगों को कम दिखाई देता है या चश्मा है लोग नियमित रूप से सेवन अवश्य करें। जो कि आपको आंखों के लिए काफी गुणकारी रहेगा। घी में मौजूद फैट आपके शरीर के लिए अच्छा होता है।

4) अच्छे पाचन के लिए ( Benefits of Ghee for Digestion )

आयुर्वेद के अनुसार, घी पचाने में आसान होता है। यह खाना बनाने में इस्तेमाल होने वाले अन्य तेलों के मुकाबले पेट के लिए हल्का होता है। खासकर, गाय का घी पाचन तंत्र को बेहतर करता है । संभवत, इसलिए गर्भवती महिलाओं को शुरुआती महीनों में होने वाली कब्ज, मतली और उल्टी की समस्या को कम करने के लिए भोजन में घी शामिल करने की सलाह दी जाती है ।

पाचन शक्ति कमजोर होने का सीधा मतलब है कई तरह की बीमारियों को न्यौता देना। अगर आपकी पाचन शक्ति कमजोर है जो कुछ भी गलत खाने से तुरंत हाजमा बिगड़ सकता है। आयुर्वेद में बताया गया है कि घी का सेवन करने से पाचन शक्ति मजबूत होती है। हालांकि हमेशा घी का सीमित मात्रा में ही सेवन करना चाहिए।

5) वजन कम करने के लिए ( Benefits of Ghee for Lose weight )

अगर बात हो वजन कम करने की, तो घी के सेवन से इसे नियंत्रित कर लोगों को फिट बनाया जा सकता है। एक रिसर्च के अनुसार, ऑक्सीडाइज घी में सैचुरेटेड फैटी एसिड और ओलिक एसिड पाए जाते हैं। ये दोनों घटक वजन को बढ़ने से रोकते हैं और बढ़े हुए वजन को कम करने में मदद करते हैं । सैचुरेटेड फैटी एसिड, जो कि शॉर्ट चेन फैटी एसिड होते हैं, फैट बर्निंग में मदद कर सकते हैं। विशेष रूप से, शरीर के अधिक फैट वाले हिस्सों में जमा वसा को कम करने में सहायक होता है।

इसके अलावा, एक अन्य शोध में पाया गया है कि पाचन क्रिया को धीमा करने के लिए घी पेट में एसिड के स्राव को बढ़ाता है और पाचन क्रिया धीमी होने से भी वजन कम करने में फायदा मिलता है। इसके अलावा, डॉक्टरों को कहना है कि जब घी को भोजन में शामिल किया जाता है, तो यह खाने के ग्लाइसेमिक इंडेक्स को कम करता है। इससे मेटाबॉलिज्म तो बेहतर होता ही है, साथ ही ब्लड में शुगर की मात्रा धीरे-धीरे बढ़ती है, जो कि मधुमेह के मरीजों के लिए भी उपयोगी होता है। ऐसे में दोपहर के खाने में घी को शामिल करना उपयोगी होता है।

घी बनाने का तरीका

वैसे तो घी बाजार में भी उपलब्ध होता है, लेकिन घर में बने घी के स्वाद की बात ही कुछ और है। यहां हम घर पर घी बनाने की विधि के बारे में बता रहे हैं।

1) सबसे पहले 10 दिन तक कम से कम 500 ग्राम दूध में लगने वाली मलाई को इकट्ठा करें।

2) अब इस मलाई को ब्लेंडर में डालकर 5 मिनट तक ब्लेंड करें।

3) ब्लेंड करने के बाद आप देखेंगे कि मक्खन और तरल (मट्ठा व छाछ) दोनों अलग-अलग हो गए हैं।

4) अब एक बर्तन में छाछ और दूसरे में मक्खन को निकाल लें।

5) मक्खन को एक नॉन स्टिक पैन में डालकर पकाएं।

6) मक्खन धीरे-धीरे पिघलने लगेगा। जैसे ही मक्खन पिघलना शुरू हो जाए, तो आंच को कम कर दें।

7) थोड़ी ही देर में इसमें से ऊपर की तरफ घी तैरने लगेगा और नीचे कुछ जला हुआ अवशेष नजर आने लगेगा।

8) इसे आप ठंडा होने पर छान लें। छना हुआ तरल द्रव्य घी के रूप में आपको मिल जाएगा।

9) लीजिए, घर में बना हुआ घी तैयार है।

घी को लम्बे समय तक सुरक्षित कैसे रखे

घी को सुरक्षित रखने के लिए कुछ विशेष करने जरूरत नहीं है। इसे एक जार में भरकर किसी ठंडे स्थान पर रख दें। दरअसल, ठंडे स्थान पर रखा हुआ घी तीन महीने तक खराब नहीं होता है। इसे रेफ्रिजरेटर में भी रखा जा सकता है। फ्रिज में रखा हुआ घी एक साल तक सुरक्षित रहता है। इसे कमरे के तापमान पर भी रखा जा सकता है।

How to Use Ghee in Hindi

रोटी को स्वादिष्ट बनाने के लिए उस पर घी का उपयोग करना आम बात है। इसका उपयोग कई पकवान और मिष्ठान बनाने के लिए कर सकते हैं। घी का उपयोग तड़का लगाने के लिए भी किया जा सकता है। पानी, काली मिर्च, चीनी और अदरक की चाय में घी मिलाकर पीने से खांसी और गले की समस्याओं में फायदा मिल सकता है। दक्षिण भारत में घी का उपयोग डोसा, इडली व उत्तपम जैसे स्वादिष्ट खाद्यों को बनाने के लिए किया जाता है। गर्मी बढ़ने पर एक चम्मेच घी में थोड़ी-सी शक्कर को मिलाकर इसका सेवन करने से गर्मी के प्रभाव को कम करने में मदद मिलती है। देसी घी को कई जड़ी-बूटियों के साथ मिलाकर इस्तेमाल करने पर यह कई रोगों को दूर करने का काम बखूबी करता है। किसी भी खाद्य पदार्थ को बनाने में तेल के स्थान पर घी का उपयोग कर सकते हैं।

Side Effects of Ghee in Hindi

घी में विटामिन ए की अच्छी मात्रा पाई जाती है । विटामिन ए का अधिक मात्रा में सेवन करने से सिरदर्द, भूख में कमी और उल्टी के साथ-साथ श्वास नली के जाम होने का खतरा हो सकता है ।

घी के ज्यादा सेवन से शरीर में उच्च स्तर के सैचुरेटेट फैटी एसिड और कोलेस्ट्रॉल की मात्रा बढ़ सकती है, इनकी बड़ी हुई मात्रा को हृदय रोगों के लिए हानिकारक माना गया है ।

अधिक मात्रा में किया गया घी का सेवन अपच और दस्त की समस्या का कारण बन सकता है ।

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