Best Herbal Medicine for body ,Benefits of Haldi (Turmeric in Hindi)

0
1011
Turmeric

Haldi:- रसोई घर में अपने कई प्रकार की मसाले देखे होंगे हल्दी भी उन्हीं में से एक है ।हल्दी का इस्तेमाल सब्जी में एंटीसेप्टिक के रूम में किया जाता है। हल्दीमल में कई प्रकार के औषधीय गुण पाए जाते हैं जैसे एंटीऑक्सीडेंट, एंटीफंगल, एंटीसेप्टिक तत्व आदि। हल्दी का इस्तेमाल करने से खांसी सर्दी जैसी बीमारियों से भी बचा जा सकता है।आज हम आपके साथ हमारे इस लेख के माध्यम से हल्दी से जुड़ी सभी आवश्यक जानकारी जैसे हल्दी के फायदे, हल्दी के नुकसान, हल्दी के पोषक तत्व, हल्दी क्या होती है? आदि पर चर्चा परिचर्चा करेंगे।

Haldi

हल्दी का वैज्ञानिक कुरकुमा लोंगा है और यह जिंजिबसे कुल से सम्बन्ध रखती है। हल्दी का सामान्य नाम टरमरिक और हल्दी कहा जाता है।हल्दी की जड़ों का इस्तेमाल किया जाता है। यह दिखाई देने में अदरक के की तरह दिखाई देती है और यह पीले रंग की होती है। हल्दी का इस्तेमाल हर्बल दवाइयों में किया जाता है। इस औषधि से बनी  दवाइया सांस संबंधित परेशानियों के लिए, रूमेटिजम, में बदन दर्द और थकान को दूर करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है।

हल्दी का उत्पादन दक्षिण एशिया के उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में किया जाता है। हल्दी के पौधे की जड़ को उबालने के बाद सुखाकर सर पीसकर पीले रंग का पाउडर बनाया जाता है। भारत हल्दी का सबसे बड़ा उत्पादक उपभोक्ता और निर्यातक है । भारत में उगाई गई हल्दी सर्वश्रेष्ठ हल्दी मानी जाती है क्योंकि इसमें करक्यूमिन की मात्रा अधिक मात्रा में उपस्थित होता है ।

Haldi

Nutrients of Haldi (Turmeric in Hindi)

भारत में विश्व की 80% हल्दी का उत्पादन किया जाता है। हल्दी को भारतीय केसर भी कहा जाता है। हल्दी में कई पोषक तत्व पाए जाते हैं जो हमारे स्वास्थ्य के लिए काफी फायदेमंद होते हैंहल्दी में कई पोषक तत्व पाए जाते हैं जैसे प्रोटीन विटामिन ए कार्बोहाइड्रेट मिनरल्स आदि। इसके अतिरिक्त हल्दी में एंटीऑक्डेंट, एंटीफंगल, एंटीसेप्टिक, एंटी इन्फ्लेमेटरी, दर्द निवारक औषधीय गुण पाया जाता है।

Benefits of Haldi(Turmeric in Hindi)

Haldi

लिवर के लिए Haldi

हल्दी हमारे शरीर में एक प्राकृतिक डिटॉक्सिफायर के अनुरूप कार्य करता है ।यह हमारे लिवर में एंजाइमों का उत्पादन करके रक्त को साफ करने का काम करता है । हल्दी का सेवन करने से लिवर में उपस्थित महत्वपूर्ण एंजाइमों का उत्पादन बढ़ता है । यह एंजाइम हमारे शरीर में विषाक्त पदार्थों को तोड़कर उनकी मात्रा को कम करने में सहायक होते हैं ।हल्दी का सेवन करने से रक्त परिसंचरण को बेहतर बनाने के लिए सहायक साबित हो सकता है। यह सभी स्वास्थ्य के लिए काफी फायदेमंद होते  है। हल्दी का सेवन करना हमारे स्वास्थ्य के लिए काफी फायदेमंद साबित हो सकता है।

कैंसर के लिए (Haldi for cancer)

हल्दी में करक्यूमिन प्रचुर मात्रा में पाया जाता है, जो हमारे शरीर में कैंसर के विकास को रोकने में सहायक होता है । करक्युमिन कैंसर से लड़ता है और कीमोथेरेपी के प्रभाव को बढ़ाने में सहायक होता है ।हल्दी का काली मिर्च के साथ सेवन करने से काफी फायदा मिल सकता है ।करक्यूमिन कैंसर कोशिकाओं के विकास को रोकने में भी सहायक होता है। यह ट्यूमर के विकास को भी रोक सकता है। हल्दी का सेवन करने से प्रोटेस्ट कैंसर के विकास को रोकने में सहायक होता है। हल्दी में मौजूद औषधीय गुण कोशिका को नष्ट करने में सक्षम होते हैं जो कैंसर का कारण होती है। हल्दी का सेवन करना कैंसर की समस्या में काफी फायदेमंद हो सकती है।

गठिया के लिए ( Haldi for arthritis)

हल्दी में एंटी इन्फ्लेमेटरी औषधीय गुण पाया जाता है, जो ओस्टियोआर्थराइटिस और रूमेटाइड गाठिया के इलाज में सहायक होता है। हल्दी में एंटी ऑक्सीडेंट औषधीय गुण भी पाया जाता है जो फ्री रेडिकल्स को नष्ट करने में सहायक होता है हल्दी में करक्युमिन प्रचुर मात्रा में पाया जाता है जो ओस्टियोआर्थराइटिस के दर्द से छुटकारा दिलाने में सहायक होता है। हल्दी का सेवन करने से अपराधियों के समस्या से छुटकारा पा सकते हैं।

डायबिटीज के लिए (Haldi for diabetes)

हल्दी का इस्तेमाल मधुमेह के इलाज के लिए भी किया जाता है।  हल्दी का इस्तेमाल करने से इंसुलिन के स्तर को नियंत्रित किया जा सकता है ।हल्दी ग्लूकोस को स्तर को नियंत्रित कर मधुमेह की समस्या से राहत दिलाने में सहायक होती है। रक्त में ग्लूकोज के स्तर को नियंत्रित करने में सहायक होता है जिससे डायबिटीज की समस्या को नियंत्रित किया जा सकता है। हल्दी का इस्तेमाल करने से डायबिटीज के कारण लिवर संबंधित समस्याओं को भी ठीक किया जा सकता है। हल्दी का सेवन करने से टाइप 2 डायबिटीज की शुरुआत को रोका जा सकता है।

Haldi

कोलेस्ट्रॉल कम करने के लिए (Haldi to control cholesterol)

हल्दी का इस्तेमाल करने से कोलेस्ट्रॉल के स्तर को नियंत्रित किया जा सकता है ।कोलेस्ट्रॉल के स्तर को नियंत्रित रखने से कार्डियोवैस्कुलर से संबंधित रोगों को भी रोका जा सकता है ।हल्दी में करक्युमिन और विटामिन बी सिक्स प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं, जो कार्डियोवैस्कुलर सस्थ्य को बनाए रखने में सहायक होते हैं। विटामिन बी 6 होमोसिस्टिन की समस्या को रोकने में सहायक होते हैं ।हल्दी का सेवन करने से हृदय के रोगों को रोका जा सकता है।

रोग प्रतिरोधक क्षमता के लिए(Haldi for immune system)

हल्दी मे  मौजूद लीपॉपोलिसेकाराइड्स हमारे शरीर में प्रतिरक्षा प्रणाली को बढ़ाने में सहायक होता है। इसके अतिरिक्त हल्दी में जीवाणु रोधी एंटीवायरल एंटीफंगल औषधीय गुण पाए जाते हैं जो रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में सहायक होते हैं। हल्दी का सेवन करने से आप सर्दी खासी जैसी समस्याओं से छुटकारा पा सकते हैं।

घाव भरने के लिए (Haldi for healing wounds)

हल्दी में एंटीबैक्टीरियल एंटीसेप्टिक एंटी फगल औषधीय गुण पाए जाते हैं, जो जल जाने त्वचा के कट जाने तथा अन्य घाव घाव को ठीक करने में सहायक होती है। यह संक्रमण को बढ़ने से भी रूकती है। इसके अतिरिक्त हल्दी में एंटी इन्फ्लेमेटरी औषधीय गुण पाया जाता है, जो त्वचा पर सूजन को कम करने में सहायक होता है। हल्दी का इस्तेमाल करने से आप इन सभी समस्याओं से छुटकारा पा सकते हैं।

मोटापे की समस्या से छुटकारा पाने के लिए (Haldi to reduce weight)

हल्दी में कई औषधीय गुण पाए जाते हैं जो वजन को नियंत्रित करने में सहायक होते हैं। हल्दी में मौजूद औषधीय गुण लीवर के प्रभाव को बढ़ाने में सहायक होते हैं, जो वसा को तोड़ने में सहायक होते हैं ।मोटापे से ग्रसित लोगों को हल्दी का सेवन करना चाहिए। हल्दी आपकी स्वास्थ्य के लिए काफी फायदेमंद साबित हो सकती है।

अल्जाइमर के लिए (Haldi for Alzheimer)

हल्दी में करक्यूमिन और टर्मरोन औषधीय गुण पाया जाता है जो मस्तिष्क की कोशिकाओं के विकास करने में सहायक होता है। हल्दी अल्जाइमर से ग्रसित लोगों पर न्यूरोडीजेनरेटिव बीमारियों को रोकने में सहायक होता है। मस्तिष्क की सूजन को कम करने में भी हल्दी का इस्तेमाल किया जा सकता है ।अल्जाइमर संबंधित समस्याओं से छुटकारा पाने के लिए आप हल्दी का इस्तेमाल कर सकते हैं ।यह मस्तिष्क में प्लाक के गठन को हटाने और ऑक्सीजन के प्रभाव को सुधार करने में सहायक होते हैं। हल्दी का सेवन करने से अल्जाइमर रोग की गति को धीमा किया जा सकता है।

Haldi

पाचन के लिए (Haldi for digestion)

हल्दी में कई औषधीय गुण पाए जाते हैं जो लिवर को उत्तेजित करने में सहायक होते हैं जिससे पाचन प्रक्रिया में सुधार आता है और ब्लाटिंग और गैस की समस्याओं से छुटकारा पाया जा सकता है हल्दी का इस्तेमाल अल्सर और आंतो से संबंधित समस्याओं से छुटकारा पाया जा सकता है। पाचन संबंधी समस्याओं से छुटकारा पाने के लिए आप हल्दी का इस्तेमाल कर सकते हैं।

यह भी देख > दालचीनी के फायदे

Side effects of Haldi (Turmeric in Hindi)

  •  हल्दी का लंबे समय तक सेवन करने से आपका पेट भी खराब हो सकता है।
  •  यह  गर्भाशय उत्तेजक के अनुरूप कार्य करता है जो मासिक धर्म के दौरान प्रभाव को बढ़ाने में सहायक होता है।
  •  गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं को अपने शिशुओं को किसी भी तरह की हानि से बचाने के लिए हल्दी के सेवन से बचना चाहिए या फिर सीमित मात्रा में ही हल्दी का सेवन करना चाहिए।
  •  हल्दी रक्त में थक्का जमने की प्रक्रिया को धीमा करने के लिए इस्तेमाल की जाती है ।अधिक मात्रा में इस्तेमाल करने से रक्तस्राव की समस्या सामने आ सकती है ।यदि आप ब्लड क्लोटिंग से जुड़ी दवाइयों का सेवन कर रहे हैं तो आप हल्दी का सेवन ना करें या फिर अपनी डॉक्टर से सलाह लेकर ही हल्दी का सेवन करें।
  • हल्दी का अधिक मात्रा में सेवन करने से दस्त और मतली और उल्टी की समस्या सामने आ सकती है।

For more details regarding Haldi Benefits in Hindi:- click here

हल्दी क्या है?

रसोई घर में अपने कई प्रकार की मसाले देखे होंगे हल्दी भी उन्हीं में से एक है ।हल्दी का इस्तेमाल सब्जी में एंटीसेप्टिक के रूम में किया जाता है। हल्दीमल में कई प्रकार के औषधीय गुण पाए जाते हैं जैसे एंटीऑक्सीडेंट, एंटीफंगल, एंटीसेप्टिक तत्व आदि। हल्दी का इस्तेमाल करने से खांसी सर्दी जैसी बीमारियों से भी बचा जा सकता है।आज हम आपके साथ हमारे इस लेख के माध्यम से हल्दी से जुड़ी सभी आवश्यक जानकारी जैसे हल्दी के फायदे, हल्दी के नुकसान, हल्दी के पोषक तत्व, हल्दी क्या होती है? आदि पर चर्चा परिचर्चा करेंगे।

गठिया के लिए कैसे उपयोगी है?

हल्दी में एंटी इन्फ्लेमेटरी औषधीय गुण पाया जाता है, जो ओस्टियोआर्थराइटिस और रूमेटाइड गाठिया के इलाज में सहायक होता है। हल्दी में एंटी ऑक्सीडेंट औषधीय गुण भी पाया जाता है जो फ्री रेडिकल्स को नष्ट करने में सहायक होता है हल्दी में करक्युमिन प्रचुर मात्रा में पाया जाता है जो ओस्टियोआर्थराइटिस के दर्द से छुटकारा दिलाने में सहायक होता है। हल्दी का सेवन करने से अपराधियों के समस्या से छुटकारा पा सकते हैं।

घाव भरने के लिए हल्दी कैसे उपयोगी है?

हल्दी में एंटीबैक्टीरियल एंटीसेप्टिक एंटी फगल औषधीय गुण पाए जाते हैं, जो जल जाने त्वचा के कट जाने तथा अन्य घाव घाव को ठीक करने में सहायक होती है। यह संक्रमण को बढ़ने से भी रूकती है। इसके अतिरिक्त हल्दी में एंटी इन्फ्लेमेटरी औषधीय गुण पाया जाता है, जो त्वचा पर सूजन को कम करने में सहायक होता है। हल्दी का इस्तेमाल करने से आप इन सभी समस्याओं से छुटकारा पा सकते हैं।

हल्दी के Side Effects बताईये?

 हल्दी का लंबे समय तक सेवन करने से आपका पेट भी खराब हो सकता है।
यह  गर्भाशय उत्तेजक के अनुरूप कार्य करता है जो मासिक धर्म के दौरान प्रभाव को बढ़ाने में सहायक होता है।
गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं को अपने शिशुओं को किसी भी तरह की हानि से बचाने के लिए हल्दी के सेवन से बचना चाहिए या फिर सीमित मात्रा में ही हल्दी का सेवन करना चाहिए।
 हल्दी रक्त में थक्का जमने की प्रक्रिया को धीमा करने के लिए इस्तेमाल की जाती है ।अधिक मात्रा में इस्तेमाल करने से रक्तस्राव की समस्या सामने आ सकती है ।यदि आप ब्लड क्लोटिंग से जुड़ी दवाइयों का सेवन कर रहे हैं तो आप हल्दी का सेवन ना करें या फिर अपनी डॉक्टर से सलाह लेकर ही हल्दी का सेवन करें।
हल्दी का अधिक मात्रा में सेवन करने से दस्त और मतली और उल्टी की समस्या सामने आ सकती है।