Top 8 Health Benefits Of Groundnuts |Peanuts Nutrition Facts in Hindi ( मूंगफली के फायदे )

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Benefits of Peanuts Butter

इस मौसम का गरीबों का ड्राईफ्रूट यानी मूंगफली भी बाजारों में है. इसे गरीबों का बादाम कहा गया है. इतनी पौष्टिक और शक्तिवर्धक कि इसके फायदे आपको हैरान कर देंगे. मूंगफली पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन पाया जाता है जो शारीरिक विकास के लिए बहुत जरूरी है। ऐसे में अगर आप किसी भी कारण से दूध नहीं पी पाते हैं तो ( benefits of peanuts butter ) यकीन मानिए मूंगफली का सेवन इसका एक बेहतर विकल्प है। मूंगफली स्वाद में तो बेहतरीन होती ही है लेकिन कम लोगों को ही पता होगा कि ये स्वास्थ्य के कितनी फायदेमंद है। अक्सर लोग इसे स्वाद के लिए ही खाते हैं पर यकीन मानिए इससे होने वाले फायदे जानकर आप भी चौंक जाएंगे. मूंगफली सेहत के लिए रामबाण है. दरअसल यह वनस्पतिक प्रोटीन का एक सस्ता स्रोत हैं। हेल्थ रिसर्च में ये बात सामने आ चुकी है कि दूध और अंडे से कई गुना ज्यादा प्रोटीन होता है मूंगफली में ।

इसके अलावा यह आयरन, नियासिन, फोलेट, कैल्शियम और जिंक का अच्छा स्रोत हैं। थोड़े से मूंगफली के दानों में 426 कैलोरीज, 5 ग्राम कार्बोहाइड्रेट, 17 ग्राम प्रोटीन और 35 ग्राम वसा होती है। इसमें विटामिन ई, के और बी6 भी भरपूर मात्रा में पाए जाते है. साथ ही स्वास्थ्य विशेषज्ञों की माने तो भिगोई हुई मूंगफली और भी अधिक फायदेमंद होती है. क्योंकि मूंगफली के दानों को पानी में भिगोने से इसमें मौजूद न्यूट्रिएंट्स बॉडी में पूरी तरह अब्जॉर्ब हो जाते हैं. आज हम आपको भिगोई हुई मूंगफली खाने के कुछ ऐसे ही फायदे बता रहे हैं. जिसे जानने का बाद ( benefits of peanuts butter) आप दूसरें महंगे पौष्टिक चीजों के बजाए इसका सेवन करना पसंद करेगें। साल भर मूंगफली के फायदे से अपनी सेहत बनायें। मूंगफली से बना पीनट बटर भी बहुत फायदेमंद होता है। 100 ग्राम कच्ची मूंगफली में 1 लीटर दूध के बराबर प्रोटीन होता है। मूंगफली में प्रोटीन 25% से ज्यादा होता है, उतनी ही मात्रा के मांस, मछली, अंडे में प्रोटीन 10% से ज्यादा नहीं होता।

मूंगफली से बना पीनट बटर सभी बॉडीबिल्डर की डाइट में जरूर शामिल रहता है।आप मूंगफली जरूर खाते होंगे। भूनी हुई मूंगफली बहुत ही स्वादिष्ट होती है। मूंगफली खाने से शरीर को शक्ति मिलती है। मूंगफली में रहने वाले पोषक तत्वों के कारण ही मूंगफली को गरीबों का बादाम कहा जाता है, लेकिन क्या आप यह जानते हैं कि कई रोगों में मूंगफली खाने के फायदे मिलते हैं। क्या आपको पता है कि दस्त, ह्रदय विकार, डायिबटी और ( benefits of peanuts butter ) दस्त में मूंगफली के सेवन से लाभ होता है। आयुर्वेद के अनुसार, मूंगफली दस्त पर रोक लगाती है। मूंगफली के बीज शरीर को स्वस्थ रखते हैं। त्वचा विकार, किडनी और सर्दी-खांसी जैसी बीमारियों में मूंगफली खाने के फायदे मिलते हैं। यह एक ऐसी औषधि है जो आसानी से बाजार में मिल जाती है, इसलिए आइए जानते हैं कि आप किस-किस रोग में मूंगफली से लाभ ले सकते हैं।

यह कहना गलत नहीं होगा कि मूंगफली के फायदे बादाम से किसी भी तरह से कम नहीं हैं। यह न सिर्फ ठंड के मौसम में दोस्तों के बीच हंसी-ठिठोली और टाइम पास का बढ़िया जरिया है, बल्कि यह पौष्टिक तत्वों का खजाना भी है। दादी के नुस्खे  ज के इस लेख में हम मूंगफली ( benefits of peanuts butter ) खाने के फायदे बता रहे हैं। हालांकि, इनमें से कुछ फायदे ऐसे हैं, जो शायद कई लोगों को पता होंगे, लेकिन इसमें कुछ फायदे ऐसे हैं, जिन्हें जानकर आप चौंक जाएंगे। फायदों के साथ-साथ मूंगफली खाने के नुकसान के बारे में भी जानने का प्रयास करेंगे। मूंगफली खाने का तरीका भी इस लेख में शामिल है।

पाठकगण ये भी ध्यान रखें कि मूंगफली का सेवन किसी बीमारी का इलाज नहीं है, यह सिर्फ स्वास्थ्य समस्या से बचाव कर सकती है। गंभीर बीमारियों में हमेशा डॉक्टर से सलाह लें। ड्राई फ्रूट के मामले में मूंगफली एक ऐसा स्थान रखती है जो बड़ी आसानी से आपको कम से कम दाम में मिल जाती है। अन्य ड्राई फ्रूट के मुकाबले इसका प्रयोग विभिन्न प्रकार के पकवानों को बनाने में किया जाता है। जबकि मूंगफली का ( benefits of peanuts butter ) सेवन अगर रात में भिगोने के बाद सुबह उठकर किया जाए तो उसके कई बेहतरीन स्वास्थ्य फायदे देखने को मिल सकते हैं। आज हम आपको उन फायदों के बारे में बताएंगे जो मूंगफली को भिगोकर खाने के बाद मिलता है।

मूंगफली क्या है

मूंगफली की देश भर में कई प्रजातियां होती हैं। इसको देशी बादाम या चीनियां बादाम भी कहा जाता है। इसके पत्ते मेथी के पत्तों के जैसे होते हैं, लेकिन दोनों में कुछ अंतर होता है। मूंगफली के पत्ते मेथी के पत्ते से कुछ बड़े तथा चमकीले हरे रंग के होते हैं। इसके फूल सुनहरे-पीले रंग के होते हैं। इसके पौधों में से फूल बारीक-बारीक तन्तु के रूप में ( benefits of peanuts butter ) निकलकर जमीन के अन्दर घुसते हैं, और जमीन में ही तन्तुओं से मूंगफली तैयार होती है।

जिसको पकने के बाद खोदकर निकाला जाता है। मूँगफली के तेल में पाए जाने वाले अनसेचुरेटेड वसीय अम्ल शरीर की लिपिड मात्रा और बॉडी माँस इन्डेक्स (लम्बाई एवं वजन का अनुपात) को ठीक रखने में गुणकारी पाए गए हैं। यहां मूंगफली के फायदे और नुकसान से जुड़ी सभी जानकारियां बहुत ही आसान भाषा में लिखी गई है ताकि आप मूंगफली से पूरा-पूरा लाभ ले पाएं।

अनेक भाषाओं में मूंगफली के नाम ( Name of Groundnuts in Different Languages )

Groundnuts in –

1) Hindi-मूंगफली, विलायती मूंग, भोंयशीघ्र

2) English-Pea nut (पी नट), ग्राउन्ड नट (Ground nut), चाईनीज ऑमन्ड (Chinese almond),

3) Sanskrit-भूशिम्बी, भूमुद्ग, स्नेहबीजा, मंडपी

4) Oriya-भूईरचना (Bhuirachna)

5) Konkani-मुस्सोम्बीबीकन (Mussombibikan)

6) Kannada-नेला गुडल (Nela gudal)

7) Gujarati-मांडवी (Mandavi), मूगफली (Mugphali)

8) Tamil-नीलक्कडलई (Nilakkadalai)

9) Telugu-नीलासंगलु (Nilasanagalu), वेरुशांगलु (Verushanagalu)

10) Bengali-बिलातीमूंग (Bilatimung);

11) Nepali-बदाम (Badam)

12) Marathi-भूई मूग (Bhui muga)

13) Malayalam-नेलाकाला (Nelakkala)

14) Manipuri-बदाम (Badam)

मूंगफली के फायदे – Benefits of Peanut in Hindi

सर्दियों के मौसम में क्या खाएं और क्या नहीं यह सवाल कई बार आपको परेशान करता है. अगर आप भी इस बात को लेकर असमंजस में रहते हैं कि सर्दियों में आहार में किन चीजों को शामिल कर आप खुद को सेहतमंद बनाए रख सकते हैं तो यह लेख आपकी मदद कर सकता है.

1) शारीरिक कमजोरी के लिए ( Benefits of Peanut for physical weakness )

मूंगफली तेल का सेवन करने से शारीरिक कमजोरी दूर होती है, और शरीर को शक्ति मिलती है। सर्दी के मौसम में गुड़ में मूंगफली तथ तिल डालकर जो गुड़युक्त खाद्यपदार्थ तैयार किया जाता है, उसको खाने से शरिर को बहुत पौष्टिक मिलता है। मूंगफली, चना तथा मूंग को रात में भिगोकर सुबह नियमित सेवन करें। इससे शरीर की कमजोरी ( benefits of peanuts butter ) दूर होती है और शक्ति मिलती है। अधिक व्यायाम व शारीरिक मेहनत करने वाले लोगों के लिए यह उपाय बहुत लाभकारी है

2) मधुमेह के लिए ( Benefits of Peanut for Diabetes )

मूँगफली खाने से डायबिटीज होने की आशंका घटती है. प्रतिदिन एक संतुलित मात्रा में मूंगफली खाने से मधुमेह होने की सम्भावना 21% कम होती है। मूंगफली में पाए जाने वाला मैंगनीज तत्व ब्लड शुगर कण्ट्रोल करता है, शरीर को कैल्शियम के अवशोषण में मदद करता है और पाचन शक्ति तेज करता है। रिसर्च में ( benefits of peanuts butter ) पाया गया है कि मूंगफली के सेवन से स्वस्थ लोग और Type 2 Diabetes के रोगियों में ब्लड शुगर बढ़ने नहीं पाता. British Journal of Nutrition के अनुसार सुबह मूंगफली या पीनट बटर का सेवन दिन भर शुगर लेवल कण्ट्रोल करने में मदद करता है।

3) हृदय रोगों के लिए ( Benefits of Peanut for heart diseases )

मूंगफली में ऐसे गुण पाए जाते हैं जो दिल की जुड़ी कई प्रकार की बीमारियों से भी सुरक्षा प्रदान करते हैं। वैज्ञानिक अध्ययनों की मानें तो मूंगफली में कार्डियोप्रोटेक्टिव गुण पाया जाता है। इस कारण जो लोग नियमित रूप से कार्डियोप्रोटेक्टिव वाले स्रोत खाद्य पदार्थ का सेवन करते हैं वह अपनी डायट में मूंगफली को भी शामिल कर सकते हैं। कार्डियोप्रोटेक्टिव एक ऐसा गुण है जो दिल से जुड़ी बीमारियों ( benefits of peanuts butter ) के खतरे को कई गुना तक कम कर देता है और आपका दिल स्वस्थ तरीके से अपने कार्य को संपन्न करता है।

4) पाचन शक्ति के लिए ( Benefits of Peanut for Digestion Power )

फाइबर एक ऐसा पोषक तत्व है जो पाचन क्रिया को सुचारू ( benefits of peanuts butter ) रूप से चलाए रखने के लिए अति आवश्यक पोषक तत्व है। इसलिए फाइबर स्रोत वाले खाद्य पदार्थों को नियमित रूप से भोजन में शामिल किया जाना चाहिए। इसके लिए आप मूंगफली को भी अपनी प्लेट में जगह दे सकते हैं। इसमें फाइबर पोषक तत्व की भरपूर मात्रा पाई जाती है। इसका सेवन करने के कारण आपका पाचन तंत्र ठीक तरह से कार्य करेगा और आप पेट से जुड़ी कई प्रकार की समस्याओं जैसे कब्ज और पेट में दर्द से भी बचे रहेंगे।

5) वजन कम करने के लिए ( Benefits of Peanut for lose weight )

मूंगफली में काफी मात्रा में फेट होता है, लेकिन फिर भी यह वजन घटाने में आपकी मदद करता है. अगर आप वजन कम करने के लिए इसका इस्तेमाल करना चाहते हैं तो इसे नियंत्रित मात्रा में खाएं. कंट्रोल मात्रा में मूंगफली का सेवन करने से आप काफी देर तक भूख का अनुभव नहीं करते. ऐसे में आप अतिरिक्त वसा या कैलोरी खाने से बच जाते हैं. 

शेंगदाणा खाने के फायदे में वजन कम होना भी शामिल है। जैसा कि हम पहले बता चुके हैं कि मूंगफली एक प्रकार का ( benefits of peanuts butter ) नट है जिसमें हेल्दी फैट्स (मोनोअनसैचुरेटेड फैट) पाए जाते हैं, इसलिए इसे हेल्दी डायट का हिस्सा बना सकते हैं । जो लोग वजन कम करने की कोशिश कर रहे हैं वो भी सीमित मात्रा में इसे डायट में शामिल कर सकते हैं। स्कूली बच्चों पर की गयी एक रिसर्च इस बात की पुष्टि करती है कि दो साल तक मूंगफली का सेवन करने के बाद ओवरवेट बच्चों के वजन में कमी पाई गयी।

6) कोलेस्ट्राल कम करने के लिए ( Benefits of Peanut for cholesterol )

लो फैट डाइट की तुलना में मूंगफली और इसके उत्पाद (मक्खन और तेल) दिल की सेहत के लिए फायदेमंद हो सकते हैं। शोध के अनुसार, इसमें उच्च मोनोअनसैचुरेटेड फैट होते हैं, जो कुल बॉडी कोलेस्ट्रॉल को 11 प्रतिशत और खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL) को 14 प्रतिशत तक कम करते हैं। रिसर्च में यह भी ( benefits of peanuts butter ) पाया गया है कि मूंगफली अच्छे कोलेस्ट्राल (HDL) को बनाए रखने का काम करती है। मूंगफली के ये गुण कोलेस्ट्राल का संतुलन बनाए रखने में मददगार होते हैं। इसलिए, कोलेस्ट्राल कम करने में मूंगफली खाने के फायदे लिए जा सकते हैं लेकिन इसका सीमित मात्रा में सेवन करना चाहिए।

7) कैंसर से बचाव के लिए ( Benefits of Peanut for Cancer )

मूंगफली में पाए जाने वाले अनसैचुरेटड फैट्स, कुछ विटामिन, खनिज और बायोएक्टिव तत्व कैंसर विरोधी प्रभाव दिखा सकते हैं। विशेष रूप से, मूंगफली में मौजूद फाइटोस्टेरॉल कैंसर के जोखिम को कम कर सकता है। साइंटिफिक रिसर्च ये कहती हैं कि मूंगफली के माध्यम से फाइटोस्टेरॉल का सेवन, ( benefits of peanuts butter ) प्रोस्टेट ट्यूमर के मामलों में 40 प्रतिशत और शरीर के अन्य भागों में फैलने वाले कैंसर की घटनाओं में लगभग 50 प्रतिशत कमी ला सकता है। फाइटोस्टेरॉल की तरह, रेस्वेराट्रोल भी कैंसर से बचाव में सहायक हो सकता है, क्योंकि यह बढ़ते कैंसर के लिए रक्त की आपूर्ति रोक सकता है। मूंगफली में मौजूद ये दोनों तत्व कैंसर कोशिका को पनपने से रोक सकते हैं।

8) डायबिटीज के लिए ( Benefits of Peanut for diabetes )

मधुमेह से ग्रसित लोग मूंगफली को डायट में शामिल कर सकते हैं। इसका सेवन करने से डायबिटीज पेशेंट्स को बहुत फायदा पहुंचता है। अमेरिकन डायबिटीज एसोसिएशन ने मूंगफली को डायबिटीज सुपर-फूड का दर्जा दिया है, क्योंकि इसमें मैग्नीशियम, फाइबर और हार्ट हेल्दी ऑयल्स मौजूद होते हैं। ये ब्लड ग्लूकोज को अधिक प्रभावित नहीं करते हैं । वहीं, अगर मधुमेह में मूंगफली खाना नहीं चाहते, तो मूंगफली का घर पर पीनट बटर ( benefits of peanuts butter) बनाकर भी डायट में शामिल कर सकते हैं। मूंगफली के सेवन से टाइप 2 डायबिटीज का खतरा काफी हद तक कम हो सकता है। इसलिए, बेहिचक शुगर में मूंगफली खा सकते हैं।

मूंगफली के न्यूट्रिशन ( Nutrition Composition Of Peanut )

100 gm कच्ची मूंगफली : 567 कैलोरी(Calories)

पानी : 7%

प्रोटीन : 25.8 gm

कार्ब्स : 16.1 gm

चीनी : 4.7 gm

फाइबर : 8.5 gm

फैट : 49.2 gm

सैचुरेटेड : 6.28 gm

मोनो अनसैचुरेटेड : 24.43 gm

पॉली अनसैचुरेटेड : 15.56 gm

ओमेगा 3 : 0 gm

ओमेगा 6 : 15.56 gm

ट्रांस फैट : 0

पीनट बटर बनाने का तरीका – Benefits of Peanut butter in hindi :

250 ग्राम पीनट बटर खाने से 300 ग्राम पनीर, 2 लीटर दूध या 15 अंडे के बराबर ऊर्जा मिलती है। पीनट बटर मूँगफली के फायदे पाने का स्वादिष्ट तरीका है। पीनट बटर खाने के कई फायदे हैं। पीनट बटर आँखों को स्वस्थ रखता है, कैंसर से बचाता है, कोलेस्ट्रॉल कम करता है, हृदय के लिए अच्छा है और पाचन सही रखता है। पीनट बटर बाजार में मिलता है, लेकिन ( benefits of peanuts butter ) इसे बड़ी आसानी से घर पर भी बनाया जा सकता है।

घर पर पीनट बटर कैसे बनायें –

पीनट बटर ब्रेड, टोस्ट, रोटी आदि पर लगाकर खाया जाता है. घर पर पीनट बटर बनाने के लिए कच्ची मूंगफली के दाने लें। अगर खुले दाने खरीदे हैं तो ठंडे पानी से धोकर सुखा लें, जिससे गंदगी निकल जाये। फिर इन दानों को किसी पैन या कड़ाही में 1-2 चम्मच देसी घी या मूंगफली के तेल में भून लें. मूंगफली चलाते रहें जिससे दाने समान भुन जाएँ और जले नहीं। जब मूंगफली कुछ भूरा-सुनहरा हो जाये तो गैस से उतार लें। जब मूंगफली के दाने थोड़ा गर्म रहे, तभी इसे मिक्सी में पीस लें. 1-2 मिनट पीसने के बाद मिक्सी जार खोल कर देख लें, कि आपकी इच्छानुसार ( benefits of peanuts butter ) बारीक है या नहीं। अगर नहीं तो 2-3 मिनट और पीसें. आपका Peanut butter तैयार है। अगर आप पीनट बटर (Peanut Butter) में कुछ स्वाद चाहते हैं तो पीसते समय या बाद में नमक-चीनी या शहद स्वादानुसार मिला सकते हैं. घर पर बना पीनट बटर बाजार के पीनट बटर से अधिक स्वादिष्ट और सेहतमंद होता है। इसे एयर टाइट कंटेनर में बंद करके फ्रिज में रखें।

भुनी हुई मूंगफली

भुनी हुई मूंगफली लोकप्रिय भारतीय स्नैक है और इसे तैयार करना भी आसान है। मूंगफली को बिना तेल-घी के कड़ाही या फ्राई पैन में भून सकते हैं। इसके अलावा, तेल-घी के साथ भी इसे भून सकते हैं और भूनते वक्त स्वादानुसार नमक भी मिला सकते हैं। भूनने के बाद खाते वक्त भी नमक मिलाया जा सकता है। भुनी हुई मूंगफली को स्नैक्स के तौर पर, मिक्सचर के साथ, खीरे-प्याज के साथ या अन्य कई ( benefits of peanuts butter ) तरीकों से सेवन कर सकते हैं।`इस दौरान मूंगफली खाने के फायदे और नुकसान को जरूर याद रखें और संतुलित मात्रा में खाएं।`

मूंगफली को लम्बे समय तक सुरक्षित रखने का तरीका :

1) आप मूंगफली के दानों को एयर टाइट जार में कुछ वक्त तक स्टोर करके रख सकते हैं।

2) साबुत मूंगफली (Unshelled) को अगर ठंडी जगह पर रखा जाए, तो यह कई महीनों तक ठीक रह सकती है।

3) ध्यान रहे कि मूंगफली में कीड़े भी लग सकते हैं, इसलिए अगर मूंगफली को फ्रिज में रखना है, तो उसे जीप लॉक बैग में डालकर रखें।

4) घर में बने पीनट बटर को एयर टाइट डिब्बे में बंद करके फ्रिज में रखें। कोशिश करें कि इतना ही पीनट बटर बनाएं, जो एक-दो दिन में खत्म हो जाए।

5) छिलके वाली या साबुत मूंगफली (Unshelled) को कई महीनों तक ठंडी और अंधेरी जगह में रखा जा सकता है, जबकि मूंगफली के दानों (shelled) को सालों तक एयरटाइट कंटेनर में रखा जा सकता है।

Side Effects of Peanut in Hindi

मूंगफली से एलर्जी की समस्या हो सकती है। पहले कभी मूंगफली से एलर्जी हुई है, तो इसे खाने से बचें। चाहें, तो पहले मूंगफली ( benefits of peanuts butter ) के एक या दो दाने खाकर देख लें कि यह आपको सूट कर रही है या नहीं। कुछ लोगों को मूंगफली खाने से सांस लेने में परेशानी हो सकती है। ऐसी स्थिति में बिना देर करते हुए डॉक्टर से संपर्क करें।

अगर त्वचा संवेदनशील है, तो त्वचा में खुजली व रैशेज की समस्या हो सकती है। इसके अलावा, त्वचा या गले में सूजन की समस्या भी एलर्जी के ही लक्षण हैं।

जरूरत से ज्यादा मूंगफली खाने से गैस, सीने में जलन यानी एसिडिटी की समस्या हो सकती है।

कुछ लोगों में इसके सेवन से अस्थमा या दमा का अटैक हो सकता है। इसलिए, जिन्हें अस्थमा की समस्या है, वो डॉक्टरी सलाह पर इसका सेवन करें।

मूंगफली की तासीर गर्म होती है, इसलिए ध्यान रहे कि ठंड के मौसम में इसका सेवन करें। अगर गर्मी में इसे खा रहे हैं, तो ज्यादा मात्रा में इसका सेवन न करें। अधिक मात्रा में इसका सेवन करने से पेट खराब हो सकता है।

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