Top 10 Benefits Of Saffron (Kesar) For Skin And Eyes in Hindi ( केसर के फायदे )

0
188
benefits of saffron

मूत्र रोग के लिए ( Benefits of Saffron for Urinary disease )मूत्र रोग के लिए ( Benefits of Saffron for Urinary disease ) | केसर के फायदे | पुरुष के लिए केसर के फायदे | पतंजलि केसर के फायदे | दूध और केसर के फायदे | बेबी केसर के फायदे | केसर के फायदे उपयोग | kesar mangoes | kesar | saffron colour | price of saffron | price for saffron | benefits of saffron | saffron stays | benefits of saffron |

केसर का सेवन करने से होने वाले कई फायदों के बारे में आपने सुना होगा। लेकिन आज हम आपको इसके कुछ ऐसे फायदे बताने जा रहे हैं जो आपकी दैनिक क्रिया को काफी बेहतर बना देंगे। इसके साथ-साथ आपको केसर ( benefits of saffron ) से होने वाले स्वास्थ्य संबंधी फायदों के बारे में भी बताया जाएगा। केसर क्रोकस सैटाइवस नामक फूल से निकालने के बाद मिलता है। हमारे घरों में अक्सर केसर का इस्तेमाल होता है लेकिन कभी भी हम लोगों ने इस पर खास ध्यान नहीं दिया।

हालांकि यह थोड़ा महंगा जरूर है लेकिन इसके स्वास्थ्य फायदे आपको बीमार होने से बचाएंगे और कई रोगों से सुरक्षा भी प्रदान करेंगे। केसर और दूध का सेवन आप रोजाना रात ( benefits of saffron ) को सोने से पहले भी कर सकते हैं जो आपको इसका सक्रिय लाभ दिखाएगा। आइए अब इससे होने वाले कुछ खास हेल्थ बेनिफिट्स के बारे में जानते हैं। केसर दिखने में छोटे-छोटे लाल धागे जैसा होता है। इसे हर जगह अलग-अलग नाम से जाना जाता है, जैसे हिंदी में केसर, तमिल में कुनकुमापू और अरबी भाषा और बंगाली भाषा में ज़ाफरान।

केसर दुनिया के महंगे मसालों में से एक है, इसी वजह से इसे ‘रेड गोल्‍ड’ (लाल सोना) के नाम से भी जाना जाता है। केसर का ( benefits of saffron ) रंग और खुशबू इसे सबसे अलग बनाती है। केसर का सबसे बड़ा उत्पादक देश ईरान है, जो विश्व में केसर के कुल उत्पादन का 90 फीसदी उत्‍पादित करता है। भारत की बात करें तो जम्‍मू-कश्‍मीर सबसे बड़ा उत्पादक राज्य है। दुनिया में केसर के उत्पादन में भारत का तीसरा स्थान है। केसर की गिनती दुनिया के सबसे महंगे मसालों में की जाती है। इसका आकर्षक रंग और खुशबू इसे सबसे अलग बनाने का काम करते हैं।

benefits of saffron

इसका इस्तेमाल दूध या ( benefits of saffron ) दूध से बने पकवानों में ज्यादा किया जाता है। आपको जानकर हैरान होगी कि केसर अपने औषधीय गुणों के लिए भी जाना जाता है। यही वजह है कि दादी के नुस्‍खे के इस लेख में हम आपको शरीर के लिए केसर के फायदे बताने जा रहे हैं। आयुर्वेद में केसर का बहुत ही अधिक महत्व बताया गया है। आयुर्वेद के अनुसार, केसर का सेवन करना छोटे बच्चों से लेकर वयस्कों के लिए बहुत ही फायदेमंद होता है। आपके शरीर को केसर के इस्तेमाल से ना सिर्फ कई तरह के फायदे पहुंचते हैं, बल्कि यह कई बीमारियों को होने से रोकता भी है।

रोग हो जाने पर उसे ठीक करने में भी मदद पहुंचाता है। आपने भी कई बार केसर का नाम सुना-पढ़ा, होगा, लेकिन ( benefits of saffron ) शायद आपको केसर के अंदर मौजूद फायदों की पूरी जानकारी नहीं होगी। ऐसे में आप केसर का पूरा फायदा नहीं ले पाते होंगे। इसलिए आपको बताते हैं कि केसर का इस्तेमाल करना कितना ( benefits of saffron ) लाभदायक हो सकता है। वहीं, पाठक इस बात का ध्यान रखें कि केसर किसी भी बीमारी का इलाज नहीं है। इसका सेवन समस्या से बचाव व उसके लक्षणों को कम करने के लिए किया जा सकता है। बीमारी के पूर्ण इलाज के लिए डॉक्टरी उपचार जरूरी है। केसर के फायदे और नुकसान के बारे में जानने के लिए लेख को अंत तक जरूर पढ़ें।

केसर क्या है

केसर का पौधा छोटे आकार का होता है। केसर का उपयोग विभिन्न औषधियों, और खाद्य पदार्थों में किया जाता है। केसर का पौधा कई सालों तक जीवित रहता है। इसकी जड़ के ( benefits of saffron ) नीचे प्याज के समान गांठदार शल्ककन्द होता है। केसर एक लोकप्रिय मसाला है, जिसे क्रोकस सैटाइवस नाम के फूल से निकाला जाता है। इसका वैज्ञानिक नाम क्रोकस सैटाइवस है और इसका इस्तेमाल एक मसाले और कलर एजेंट के रूप में किया जाता है। यह दिखने में छोटे-छोटे धागों जैसा होता है।

इसे विभिन्न भाषाओं में अलग-अलग नामों से जाना जाता है, जैसे हिंदी में केसर, बंगाली में जाफरान, तमिल में कुमकुमापू, तेलुगु में कुमकुमा पुब्बा और अरबी भाषा में जाफरान आदि। केसर क्या है, जानने के बाद आगे जानिए ( benefits of saffron ) इसके स्वास्थ्य फायदों के बारे में। इसके पत्ते घास के समान लम्बे, एवं पतले होते हैं। केसर के फूल नीले, बैंगनी, लाल-नारंगी रंग के होते हैं। फूल के स्त्रीकेशर के सूखे हुए आगे वाले भाग को केशर कहते हैं। आयुर्वेद में केसर के तीन प्रकार बताए गए हैं। सभी के गुण भिन्न-भिन्न होते हैं जो ये हैं .

benefits of saffron

1) काश्मीरज केसर

कश्मीरी केसर लाल रंग का होता है। यह केसर सूक्ष्म तन्तुओं से युक्त होता है। यह कमल जैसे गन्ध वाला होता है। केसर की तीनों श्रेणियों में यह उत्तम श्रेणी का माना जाता है।

2) बाल्हीकज केसर

यह बलख-बुखारा देश का केसर है। यह सूक्ष्म तन्तुयुक्त, और पाले रंग का होता है। इसका गन्ध मधु जैसा होता है। यह केसर कश्मीरी केसर के कम गुण वाला माना गया है।

3) पारसीकज-पारस केसर

यह ईरान देश का केसर है। यह स्थूल तन्तुयुक्त, हल्का पीले रंग का, और मधु जैसे गन्ध वाला होता है। इस केसर को भी कश्मीरी केसर से कम गुणी वाला बताया गया है।

benefits of saffron

अन्य भाषाओं में केसर के नाम ( Name of Kesar in Different Languages )

Kesar (saffron) in-

1) Hindi (saffron in hindi) – केशर, केसर, जफरान

2) Urdu- जापैंरान (Jafran)

3) English (kesar in english)- क्रोकस (Crocus), सैप्रैंन क्रोकस (Saffron crocus), सैपैंरन (Saffron)

4) Sanskrit- कुंकुम, केशर, घुसृण, रक्त, काश्मीरज, बाह्लीक

5) Kannada- कुंकुमकेसरी (Kunkumakesari) Kashmir- कोंग (Kong)

6) Gujarati- केशर (Keshar)

7) Tamil (saffron meaning in tamil)- कुंगुमपु(Kungumapu)

8) Telugu- कुन्कुमापुवु (Kunkumapuvu)

9) Bengali- जापैंरान (Jafran)

10) Punjabi- केशल (Keshal)

11) Marathi- केसर (Kesar) Malayalam- केसरम (Kesaram)

12) Nepali- केशर(Keshar)

13) Arabic- जापैंरान (Jafran), जहापैंरान (Zahafaran), कुर्कुम (Kurkum)

14) Persian- करकीमास (Karkimasa), लरकीमासा (Larkimasa), जापैंरान (Jafraan)

केसर का पौधा कैसा होता है |

केसर का पौधा सबसे महंगे पौधों में से एक है जिसका वानस्पतिक नाम क्रोकस सैटाइवस है। बता दें कि कश्मीरी केसर का पौधा एक से डेढ़ फीट तक लंबा होता है जबकि अमेरिकन ( benefits of saffron ) पौधा तीन से चार फीट तक लंम्बा होता है। केसर पौधे के पत्ते लम्बे होते हैं। इसके फूल बेहद खूबसूरत नीले व बैंगनी रंग के होते हैं जबकि अमेरिकन केसर के फूल लाल-नारंगी रंग के होते हैं। केसर के फूलों के अग्र भाग में केसर लगता है। फूल के बीच में से निकला हुआ केसर पतला व केसरिया धागा की तरह दिखाई देता है।

केसर की तासीर

दोस्तों यदि अभी तक आपको केसर की तासीर के बारे में जानकारी नहीं हैं तो आपको बता दें कि केसर की तासीर गर्म होती है इसलिए केसर का इस्तेमाल सीमित मात्रा में करना ही लाभकारी होता है।

केसर के फायदे – Benefits of Saffron in Hindi

आपने केसर को दूध या दूध से बने पकवानों में देखा होगा, मगर केसर में औषधीय गुण के भी बहुत होते हैं, जिसके कारण इसका इस्तेमाल औषधीय प्रयोग के लिए भी किया जाता है। आइये जानते हैं केसर के कुछ फायदे :

1) हड्डियों के लिए ( Benefits of Saffron for Strong Bons )

कैल्शियम, मैग्निशयम, प्रोटीन, विटामिन डी आदि तत्वों की कमी के कारण हड्डियां कमजोर हो जाती हैं। अतः शरीर की हड्डियों व मांसपेशियों को मजबूत बनाने के लिए कैल्शियम, ( benefits of saffron ) मैग्निशयम, प्रोटीन, विटामिन डी की सख्त आवश्यक होती है। हड्डियों के कमजोर होने से शरीर भी कमजोर हो जाता है एवं परिणामस्वरूप शरीर बिमारियों की चपेट में आ जाता है। हड्डियों को स्वस्थ और मजबूत बनाने में केसर लाभकारी औषधि है क्योंकि केसर में कैल्शियम, प्रोटीन, मैग्नीशियम एवं विटामिन डी भरपूर मात्रा में पाया जाता है जो हड्डियों को (benefits of saffron ) तो बलशाली बनाते ही हैं साथ ही शरीर का नर्वस सिस्टम को भी स्वस्थ रखते हैं। हड्डियों को बलशाली बनाने के लिए आप प्रतिदिन एक गिलास केसर दूध का सेवन कर सकते हैं।

2) मूत्र रोग के लिए ( Benefits of Saffron for Urinary disease )

पेशाब के रुक-रुक कर आने, और पेशाब संबंधित अन्य रोग में केसर के प्रयोग से लाभ होता है। इसके लिए 10-15 मिली केशर के काढ़ा में थोड़ी मात्रा में नमक मिला लें। इसे पानी के साथ सेवन ( benefits of saffron ) करने से पेशाब संबंधित विकार में लाभ होता है। मूत्र से संबंधित बीमारियों को ठीक करने के लिए केशर को रात भर पानी में भिगो दें। सुबह उसका चूर्ण बना लें, और इस चूर्ण को शहद के साथ पानी में मिलाकर पीने से मूत्र विकार में फायदा होता है।

3) हृदय रोग के लिए ( Benefits of Saffron for heart disease )

benefits of saffron

ह्रदय रोग बहुत ही गंभीर रोग माना जाता है। दुनिया भर में हजारों लोग ह्रदय संबंधी विकार से ग्रस्त हैं, और इनसे उनके जीवन को जोखिम पहुंचने की संभावना भी रहती ( benefits of saffron ) है। केसर इन लोगों के लिए भी फायदेमंद हो सकता है। हृदय को स्वस्थ बनाने वाली दूसरी औषधियों के साथ केशर को मिलाकर दें। इससे हृदय रोग में लाभ होता है। स्वस्थ हृदय के लिए केसर का उपयोग फायदेमंद होता है। शोध में पाया गया कि केसर में एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं, जो धमनियों और रक्त वाहिकाओं को स्वस्थ बनाए रखने में सहायक होता है। इसके अलावा, इसका एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण हृदय के स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होता है। शोध में आगे जानकारी दी गई कि केसर की चाय में ( benefits of saffron ) मोजूद एंटीऑक्सीडेंट गुण हृदय संबंधित रोगों के जोखिम को कम करते हैं। केसर थियामिन और राइबोफ्लेविन जैसे पोषक तत्वों में भी समृद्ध होता है, जो स्वस्थ हृदय को के साथ ही हृदय संबंधी विभिन्न समस्याओं को रोकने में मदद करते हैं।

4) बढ़िया नींद के लिए ( Benefits of Saffron for good sleep )

अनिद्रा आजकल एक ऐसी समस्या बन गई है जो लोगों को स्ट्रेस के कारण भी होती है। ऑफिस और घर में ठीक तरह से तालमेल न होने के कारण भी लोगों को नींद ना आने ( benefits of saffron ) की समस्या हो जाती है। वहीं, जब आप दूध के साथ केसर का सेवन सोने से आधे घंटे पहले करते हैं तो यह डिप्रेशन और स्ट्रेस के लेवल को कम करता है और आपको अच्छी नींद दिलाता है। केसर के उपयोग से अनिद्रा से राहत मिलती है और बेहतर नींद आती है। बेहतर नींद आने से मानसिक स्थिति बेहतर होती है। अनिद्रा आगे चलकर डिप्रेशन का रूप ले लेता है, केसर क्लिनिकल डिप्रेशन से लड़ने में भी सहायक होता है। केसर के गुण में अनिद्रा की समस्या से छुटकारा भी शामिल है। दरअसल, इससे जुड़े एक वैज्ञानिक अध्ययन में जिक्र मिलता है कि केसर का उपयोग अवसाद की स्थिति में सकारात्मक प्रभाव छोड़ सकता है, जिससे एक अच्छी नींद लेने में मदद मिल सकती है।

5) गर्भावस्था के लिए ( Benefits of Saffron for Pregnancy )

गर्भावस्था के दौरान भी केसर का सेवन फायदेमंद होता है। दरअसल, चीनी पारंपरिक चिकित्सा के अनुसार, केसर का उपयोग प्रसव के दौरान कठिनाई और प्रसवोत्तर ( benefits of saffron ) रक्तस्राव के दौरान किया जाता है। इस बात का जिक्र इससे जुड़े एक शोध में मिलता है। वहीं, यह भी माना जाता है कि केसर पहली तिमाही में भ्रूण को नुकसान पहुंचा सकता है। इसके अलावा, शोध में यह भी जिक्र मिलता है कि पहली तिमाही के बाद लगभग 0.5-2 ग्राम प्रतिदिन ली जाने वाली खुराक प्रसव में मददगार होती है। शोध में आगे यह भी जिक्र मिलता है कि केसर का सेवन ( benefits of saffron ) करने से गर्भवती महिलाओं में नॉर्मल डिलीवरी की संभावना बढ़ती है।

6) आंखों के लिए ( Benefits of Saffron for Eyes )

वर्तमान समय में अधिकतर लोग आँखों की कम रोशनी के कारण परेशान हैं इसलिए आँखों की रोशनी को बढ़ाने वाले चश्मे का इस्तेमाल करते हैं। प्राचीन समय में आँखों की ( benefits of saffron ) रोशनी की समस्या बुजुर्ग लोगों को ही होती थी लेकिन वर्तमान समय में इस समस्या से प्रत्येक वर्ग प्रभावित है। हालाँकि आँखों की रोशनी कम होने के कई कारण होते हैं इसलिए यदि आप भी इस समस्या से पीड़ित हैं तो आप केसर का उपयोग कर सकते हैं। दरअसल केसर में विटामिन ए और एंटीऑक्सीडेंट तत्व पाए जाते हैं जो आँखों के लिए किसी वरदान से कम नहीं होते हैं। आयुर्वेद के ( benefits of saffron ) अनुसार केसर दूध का नित्य सेवन करने से आँखों की रोशनी बढ़ती है।

7) त्वचा के लिए ( Benefits of Saffron for Skin )

आप लोगों ने अक्सर सुना होगा कि केसर के सेवन से त्वचा में निखार आता है। कुछ वैज्ञानिक रिसर्च के बाद इस बात की पुष्टि भी हो चुकी है कि यह विटामिन सी ( benefits of saffron ) जैसे एंटी ऑक्सीडेंट की क्रिया को त्वचा में बढ़ाता है। अगर आपकी त्वचा पर दाग-धब्बे मौजूद हैं और आप दूध के साथ नियमित रूप से केसर का सेवन करते हैं तो यह त्वचा को चमकदार बनाने के साथ-साथ उस पर मौजूद दाग-धब्बों को भी दूर करने का काम कर सकता है। धूल मिट्टी, गर्मी, प्रदुषण, तेज धूप के कारण अधिकतर रोगों का रंग साँवला हो जाता है एवं कई लोग सांवले हुए रंग से परेशान भी हो जाते हैं। अतः रंग को निखारने के लिए वह तमाम तरह के प्रोडक्ट्स व दवाइयों का ( benefits of saffron ) सेवन करते हैं लेकिन इतना सब करने के पश्चात भी रंग को निखारने में असफल ही रहते हैं। यदि आप भी एक समस्या से परेशान हैं तो आप केसर का इस्तेमाल इस प्रकार से कर सकते हैं।

सामग्री

1) एक छोटी चम्मच केसर पाउडर अथवा केसर का पानी

2) एक छोटी चम्मच सफ़ेद चन्दन पाउडर

3) एक छोटी चमच्च लाल चन्दन पाउडर

4) एक 1/4 छोटी चम्मच दारू हल्दी पाउडर

5) एक छोटी चम्मच बेसन

6) एक छोटी चमच्च मलाई

7) क छोटी चम्मच गुलाबजल

विधि – ऊपर बताई गई सभी सामग्री को कांच के बाउल में लेकर गाढ़ा पेस्ट तैयार कर लें। अब आप इस पेस्ट के लेप को सम्पूर्ण शरीर लगा लें। लगभग 15 से 20 मिनिट तक शरीर पर पेस्ट ( benefits of saffron ) लगा रहने दें। जब पेस्ट अच्छी तरह से सूख जाए तो पानी की कुछ बुँदे हाथों में लेकर मसाज करते हुए पेस्ट को निकलकर साफ़ पानी से स्नान कर लें। प्रतिदिन इस उपाय का इस्तेमाल करने से त्वचा में निखार आता है।

8) झुर्रियों के लिए ( Benefits of Saffron for Wrinkles )

benefits of saffron

उम्र बढ़ने के साथ ही त्वचा की प्राकृतिक चिकनाई क्रमशः कम होने लगती है जिसकी वजह से त्वचा में शुष्कता आ जाती है एवं परिणापस्वरूप शुष्कता धीरे-धीरे झुर्रियों का रूप ( benefits of saffron ) धारण कर लेती है। इसके आलावा कई लोगों को मानसिक असंतुलन के कारण, अत्यधिक चिंता व क्रोध के कारण, तनाव व अत्यधिक अनिद्रा की समस्या के कारण, आहार में पोषक तत्वों की कमी के कारण भी झुर्रियां हो जाती हैं। झुर्रियों से छुटकारा पाने के लिए व त्वचा को कोमल व जवां बनाने के लिए आप केसर का उपयोग इस प्रकार से कर सकते हैं।

सामग्री

1) चार से पांच केसर के रेशे

2) एक छोटी चम्मच शहद

3) एक 1/4 चम्मच बादाम का पेस्ट

4) एक छोटी चमच्च दही

विधि – कांच के कटोरे में दही, बादाम पेस्ट, केसर के रेशे व शहद डालकर 15 मिनिट तक रख दें। पंद्रह मिनिट पश्चात् पेस्ट को छोटी चम्मच की सहयता से मिक्स करके त्वचा पर हलके हाथों से मालिश करें। प्रतिदिन इस उपाय को करने से झुरिया कम होती हैं व त्वचा पर ग्लो आता है।

9) बालों की ग्रोथ के लिए ( Benefits of Saffron for Hair Growth )

benefits of saffron

हम सभी यह भलीभांति जानते हैं कि प्राचीनकाल से लेकर अब तक बहुत से बदलाव हुए हैं लेकिन केशों यानी के बालों के सौंदर्य का महत्व पहले भी था और आज भी है। आज आधुनिक समय ( benefits of saffron ) में बालों की मुख्य रूप से तीन समस्याएँ प्रचलित हैं। जैसे कि बालों का झड़ना, बालों का असमय सफ़ेद होना, बालों का लम्बा व घना ना होना यह बालों की तीन प्रमुख्य समस्याएँ हैं एवं इन समस्यों से प्रत्येक वर्ग परेशान और चिंतित है।

बालों के लिए पोषण की बेहद आवश्यकता होती है जब तक बालों को पोषण नहीं मिलता है तब तक बालों की ग्रोथ नहीं बढ़ती है। बता दें कि केसर में विटामिन ए, विटामिन डी, विटामिन सी, प्रोटीन जैसे कई गुणकारी तत्व पाए जाते हैं जो बालों के लिए बेहद ( benefits of saffron ) फायदेमंद होते हैं। यदि आप अपने बालों की ग्रोथ को बढ़ाना चाहते है तो आप केसर का उपयोग कर सकते हैं। चलिए आपको इसे उपयोग करने का तरीका भी बताते हैं –

सामग्री

1) एक छोटी चम्मच केसर पाउडर

2) 50 ग्राम मुल्तानी मिट्टी

3) 50 ग्राम दही

4) 50 ग्राम एलोवेरा जेल

विधि – ऊपर बताई गई सामग्री को अच्छी तरह से मिक्स करके पेस्ट बना लें। अब तैयार पेस्ट को बालों में लगाएं। लगभग पंद्रह – बीस मिनिट तक पेस्ट को बालों में लगा रहने दें तत्पश्चात बालों को साफ़ पानी से धो लें। सप्ताह में दो बार इस विधि का इस्तेमाल करने से बालों की ग्रोथ बढ़ने लगती है व बाल मुलायम चमकदार बनते हैं। 

10) लिवर स्वास्थ के लिए ( Benefits of Saffron for healthy Liver )

benefits of saffron

एक अध्ययन के अनुसार लिवर मेटास्टेसिस से पीड़ित रोगियों पर केसर अपना सकारात्मक प्रभाव दिखाता है। लीवर मेटास्टेसिस एक कैंसर ग्रस्त ट्यूमर है। यह शरीर में किसी भी स्थान से शुरू ( benefits of saffron ) होकर लीवर में फैल जाता है। इसे सेकेंडरी लिवर कैंसर भी कहा जाता है। इसके अलावा, एक अन्य शोध में पाया गया कि केसर विभिन्न क्रियाओं के द्वारा हेपाटोटॉक्सिटी (लिवर विषाक्तता) के जोखिम को कम करता है। इनमें एंटीऑक्सीडेंट एंजाइम को नियंत्रित करना और लिवर डैमेज में सुधार करना जैसी क्रियाएं शामिल हैं।

केसर का उपयोग

1) ह्रदय रोगियों के लिए केसर फायदेमंद औषधि है।

2) अस्थमा रोग के लिए केसर का सेवन फायदेमंद होता है।

3) कैंसर रोग से शरीर का बचाब करने में है प्रभावी।

4) केसर में फाइबर पाया जाता है जो पाचन तंत्र को मजबूत बनाने में फायदेमंद होता है।

5) केसर में एन्टीऑक्सडेंट तत्व पाए जाते हैं जो मूत्र संक्रमण के खतरे को कम करने में फायदेमंद होते है।

6) रात में सोने से पहले केसर दूध पीने के फायदे हो सकते हैं।

7) एक गिलास दूध में केसर के कुछ धागों या केसर पाउडर को मिलाकर पी सकते हैं।

8) दूध से बने पकवान जैसे खीर, मीठाई आदी में केसर का इस्तेमाल किया जा सकता है।

9) केसर पाउडर का इस्तेमाल चिकन जैसी नॉन वेज डिश बनाने के लिए भी कर सकते हैं।

10) केसर का इस्तेमाल चावल के व्यंजन (पुलाव या बिरयानी) बनाने में कर सकते हैं।

कितनी मात्रा :

1) एक गिलास दूध में चुटकी भर केसर पाउडर या तीन-चार केसर के धागों का इस्तेमाल किया जा सकता है।

2) अल्जाइमर की स्थिति में एक दिन में दो बार 15 एमजी केसर की खुराक ली जा सकती है । हालांकि, इस दौरान इसका उपयोग करने से पहले डॉक्टरी परामर्श जरूर लें।

केसर को लंबे समय तक सुरक्षित कैसे रखें

1) केसर को एयरटाइट कंटेनर में स्टोर किया जाना चाहिए। अच्छा होगा कि केसर से भरा जार ठंडी, अंधेरी और सूखी जगह पर रखा जाए। केसर के लिए आदर्श स्टोर तापमान 68° F से कम और आर्द्रता 40% से कम होनी चाहिए।

2) अन्य जड़ी-बूटियों और मसालों की तरह, केसर ( benefits of saffron ) भी प्रकाश के प्रति संवेदनशील होता है, इसलिए पारदर्शी कंटेनर में रखते समय इसे पहले फॉइल में लपेट लें। केसर के धागे आपस में चिपके न, इसलिए जार में रखने से पहले रेशों को अलग-अलग कर लें। इस तरह आराम से एक-एक धागे को बाहर निकाला जा सकता है।

Side Effects of Kesar in Hindi

केसर कैल्शियम से समृद्ध होता है और केल्शियम की अत्यधिक मात्रा कब्ज का कारण बन सकती है ।

केसर में पोटेशियम भरपूर मात्रा में पाया जाता है, जिसकी अत्यधिक मात्रा हाइपरकलेमिया (शरीर में पोटेशियम अधिक हो जाना) का कारण बन सकता है। जिससे सीने में दर्द, सांस की तकलीफ, जी मिचलाना और उल्टी हो सकती है ।

गर्भावस्था के पहली तिमाही के दौरान यह गर्भाशय को उत्तेजित कर सकता है, जो गर्भपात का कारण बन सकता है ।

For more details regarding the Kesar in Hindi: click here