10 Health Benefits Of Tamarind in Hindi ( इमली के फायदे )

0
229
Benefits Of Tamarind

benefits of tamarind | health benefits of tamarind | benefits of tamarind seeds | benefits of tamarind juice | the health benefits of tamarind | benefits of tamarind for skin | benefits of tamarind fruit | benefits of tamarind fruits | health benefits of tamarind seeds | health benefits of tamarind juice | इमली को लंबे समय तक सुरक्षित कैसे रखें | इमली का अचार | इमली की चटनी | बालों के स्वास्थ्य के लिए | बालों के स्वास्थ्य के लिए | रूखी त्वचा के लिए | सूजन से बचाव के लिए |

आयुर्वेद में इमली के फायदे एक-दो नहीं बल्कि बहुत सारे बताए गए हैं, और सबसे अच्छी बात यह है कि इस लेख में इमली के फायदे बहुत ही आसान तरीके से आपकी भाषा में समझाए गए हैं। अगर आपको इमली के गुण की पूरी जानकारी नहीं है तो आइए जानते हैं। भारत में इमली का उपयोग काफी लंबे समय से किया जा रहा है। इसका खट्टा और मीठा स्वाद किसी भी व्यंजन को जायकेदार बनाता है। इसका उपयोग लोग चटनी के रूप में, पानी-पूरी का पानी बनाने में और खाने में खटास लाने के लिए करते हैं। क्या आपको मालूम है कि इमली का इस्तेमाल कई गंभीर बीमारियों से बचाव करता है। यही वजह है कि इमली का इस्तेमाल पारंपरिक चिकित्सा में सदियों से चला आ रहा है।

दादी के नुस्खे के इस लेख में हम इमली के ऐसे ही आयुर्वेदिक गुणों की विस्तार से चर्चा करेंगे। साथ ही इस लेख में यह भी जानेंगे कि इसका इस्तेमाल कैसे किया जाता है । इमली के स्वाद से सभी परिचित होंगे। खाने में इमली भले ही खट्टी लगती हो, लेकिन सबको बहुत अच्छी लगती है। आमतौर पर लोग इमली की चटनी बनाते हैं और बहुत पसंद से खाते हैं, लेकिन क्या आपको पता है कि इमली के सेवन से शरीर को अनेक फायदे होते हैं? क्या आप जानते हैं कि इमली के प्रयोग से कई रोगों की रोकथाम की जा सकती है? इस लेख में आप इमली सेहत के लिए कितना लाभदायक है इसके बारे में विस्तार से पढ़ सकते हैं।

इमली क्या है

इमली एक आहार है, लेकिन इसका इस्तेमाल एक औषधि के रूप में किया जाता है। कच्ची इमली एसिडिटी, वात-पित्त रोग और खून से संबंधित विकार में फायदेमंद होती है तो पकी इमली पाचनतंत्र, कफवात विकार में लाभ पहुंचाती है। इमली के फूल से भी अनेक रोगों का उपचार किया जाता है। इमली के वृक्ष बड़े-बड़े और छायादार होते हैं। इसके साथ ही अनेक हैं। इमली बड़े पेड़ पर लगने वाली एक फली है और इसका वैज्ञानिक नाम टैमेरिन्डस इंडिका है। इसे अंग्रेजी में टैमरिंड के नाम से जाना जाता है। वहीं, संस्कृत में इसे अमलिका और फारसी में तमर-ए-हिन्द नाम से जाना जाता है। कच्ची इमली हरे रंग की होती है और पकने के बाद यह लाल रंग में परिवर्तित हो जाती है। इसका स्वाद केवल खट्टा या खट्टा-मीठा दोनों हो सकता है। बता दें, कच्ची इमली स्वाद में अत्यधिक खट्टी होती है। वहीं, पक जाने के बाद इसमें थोड़ी मिठास घुल जाती है। इमली भारत, श्रीलंका, पाकिस्तान, नाइजीरिया और अफ्रीका जैसे देशों में ज्यादा पाई जाती है

Benefits Of Tamarind in Hindi

अन्य भाषाओं में इमली के नाम :

  1. Name of Tamarind in Hindi (chintapandu in hindi) – इमली, अमली, अम्बली
  2. Name of Tamarind in Urdu – इमली (Imli)
  3. Name of Tamarind in Sanskrit – तिन्तिडी, चिञ्चा, चिञ्चिका, अम्लिका, अम्ली, अम्ला, चुक्रा, दन्तशठा
  4. Name of Tamarind in English – इण्डियन डेट (Indian date), टैमैरिंड ट्री (Tamarind Tree )
  5. Name of Tamarind in Asamiya – तेतैली (Teteli)
  6. Name of Tamarind in Oriya – तेतुंली (Tentuli)
  7. Name of Tamarind in Kannada – हुनसे (Hunse), अम्लिके (Amlike)
  8. Name of Tamarind in Gujarati – आंबली (Ambali);
  9. Name of Tamarind in Tamil – आम्लकम (Amalkam), पुलि (Puli);
  10. Name of Tamarind in Telugu – चिंता (Chinta), अम्लिका (Aamlika);
  11. Name of Tamarind in Bengali – तेंतुल (Tentul), नुली (Nuli);
  12. Name of Tamarind in Punjabi – इमली (Imli);
  13. Name of Tamarind in Marathi – चिञ्च (Chinch), अम्बाली (Ambali);
  14. Name of Tamarind in Malayam – वालनपुली (Valanpuli), वालमपुल्ली (Valampulli), आम्लम (Amlam)
  15. Name of Tamarind in Arabic – तमारे हिन्दी (Tamare-hindi), हुमार (Humar), साबारा (Sabara)
  16. Name of Tamarind in Persian – तमार-ए-हिन्दी(Tamar-e-hindi)

आइए जानते हैं इमली के औषधीय गुणों के बारे में।

इमली एक पारंपरिक आयुर्वेदिक दवा है, जिसका इस्तेमाल पेट दर्द, पेचिश, कब्ज, हेल्मिन्थस (कृमि) संक्रमण जैसी पेट से जुड़ी समस्याओं से बचाव में किया जाता है। वहीं, दूसरी ओर यह घाव भरने, मलेरिया, बुखार, सूजन और नेत्र रोगों में उपयोगी होती है। इमली के औषधीय गुणों की वजह इसमें मौजूद फाइटोकेमिकल्स की मौजूदगी होती है। वहीं, इमली का पेड़ एंटीबैक्टीरियल, एंटीऑक्सीडेंट, एंटीमलेरियल और एंटी अस्थेमेटिक जैसे प्रभाव प्रदर्शित करता है। इतना ही नहीं, इमली में लीवर सरंक्षण, ह्रदय संरक्षण और पेट साफ करने वाले गुण भी पाए जाते हैं। इमली के इतने सारे लाभ हैं कि इसे कुदरत का चमत्कार कहा जाता है, लेकिन अधिक मात्रा में इमली के नुकसान भी होते हैं जिनको लेख में आगे बताया गया है। 

Benefits Of Tamarind

इमली की तासीर :

इमली की तासीर ठंडी होती है . यह आपके शरीर में ठंडक पहुंचाती है | नियमित मात्रा में इमली का सेवन शरीर के लिए काफी अच्छा माना जाता है पर इसका अधिक सेवन भी शरीर के लिए सही नहीं होता |

आइए जानते हैं इमली के फायदे :

1) वजन घटाने के लिए ( Benefits Of Tamarind for Reduce weight )

वजन घटाने में इमली के उपयोग की बात करें, तो इसके बीज का इस्तेमाल लाभकारी होता है। शोधकर्ताओं द्वारा किए गए अध्ययन में पाया गया है, कि इमली के बीज में ट्रिप्सिन इन्हिबिटर गुण (प्रोटीन को बढ़ाना और नियंत्रित करना) पाया जाता है। शोध में यह भी पाया गया कि इमली के बीज में पाया जाने वाला यह खास गुण मेटाबॉलिक सिंड्रोम (हाई ब्लड शुगर, हाई-कोलेस्ट्रॉल, उच्च रक्तचाप, हाई ट्राइग्लिसराइड्स और मोटापा संबंधी समस्याएं) को दूर करने की क्षमता रखता है। साथ ही यह भूख को कम करता है, जिससे वजन कम करने में मदद मिलती ह। इमली के बीज के अलावा, इमली के गूदे का अर्क मोटापा कम करने में मददगार माना जाता है।एक अध्ययन के अनुसार, इमली के गूदे के जलीय अर्क में एंटी-ओबेसिटी (मोटापा रोधी) गुण पाया जाता है। इन आधारों पर कहा जाता है कि इमली के फायदे वजन घटाने में काम आते हैं।

2) हृदय रोग के लिए ( Benefits Of Tamarind for heart disease )

ह्रदय के लिए भी इमली खाने के फायदे उठाए जाते हैं। कोरोनरी हार्ट डिजीज यानी ह्रदय संबंधी बीमारियों के लिए फ्री रेडिकल्स को भी जिम्मेदार माना जाता है। वहीं, इमली में शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट गुण पाए जाते हैं, जो फ्री रेडिकल्स के हानिकारक प्रभाव से ह्रदय की सुरक्षा करते हैं। एक शोध के अनुसार, इमली के अर्क का सेवन आर्टरी वाल्स में फैट और प्लाक जमने की क्रिया (एथेरोस्क्लेरोसिस) में बाधा डालता है, जिससे एथेरोस्क्लेरोसिस से जुड़े हृदय रोग का जोखिम कम होता है। वहीं, इसी शोध में सीधे तौर पर इमली के हाइपोकोलेस्टेरोलेमिक प्रभाव का जिक्र मिलता है यानी यह कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मदद करती है। कोलेस्ट्रॉल को हृदय रोगों का एक जोखिम कारक माना जाता है । इसलिए, इमली के फायदे ह्रदय रोगों से बचाव करते हैं।

3) प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए ( Benefits Of Tamarind for buffering capacity )

इमली में कुछ मात्रा में विटामिन-सी (एस्कार्बिक एसिड) पाया जाता है, जो प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में एक प्रभावी और उपयोगी पोषक तत्व माना जाता है। इसलिए, इमली के फायदे प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में उठाए जाते हैं। साथ ही इमली के बीज में पॉलीसैकेराइड तत्व पाए जाते हैं, जो शरीर में प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाते हैं। वैज्ञानिकों ने गहन अध्ययन के जरिए यह पता लगाया है कि पॉलीसैकेराइड में इम्यूनोमॉड्यूलेटरी गतिविधियां पाई जाती हैं, जो शरीर को रोगों से लड़ने की क्षमता देती हैं। यह अध्ययन इस ओर इशारा करता है कि प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए इमली के बीज विश्वसनीय होते। हैं .

4) पीलिया और लीवर के लिए ( Benefits Of Tamarind for Jaundice and liver )

इमली में हेप्टोप्रोटेक्टिव यानी लीवर को सुरक्षा देने वाला प्रभाव पाया जाता है, इसलिए इमली को लिवर के लिए एक कारगर खाद्य पदार्थ माना जाता है। वहीं, एक शोध में जिक्र मिलता है कि इमली की पत्तियों में हेप्टोप्रोटेक्टिव गुण मौजूद होते हैं, जो हानिकारक तत्वों से लिवर की सुरक्षा करते हैं। शोध में इसकी पत्तियों से बने काढ़े को पीलिया और हेपेटाइटिस के लिए उपयोगी माना गया है। इमली के औषधीय गुण के चलते, यह एक आयुर्वेदिक नुस्खा होता है, लेकिन इसका सेवन डॉक्टर की सलाह पर ही करना चाहिए। ‘

5) सूजन से बचाव के लिए ( Benefits Of Tamarind for swelling )

पुरानी सूजन कई रोगों का कारण बन सकती है, जिससे बचने के लिए इमली का उपयोग पारंपरिक चिकित्सा के रूप में किया जाता है। इमली के गूदे, पत्तियों, बीजों, तने की छाल और जड़ों के अर्क में सूजन कम करने वाले और दर्द निवारक गुण पाए जाते हैं। वैज्ञानिक अध्ययन के अनुसार, इमली में मौजूद अल्कालोइड्स, फ्लेवोनोइड्स, टैनिन, फिनोल, सैपोनिन और स्टेरॉयड जैसे यौगिक एंटी इन्फ्लामेट्री प्रभाव का कारण हो सकते हैं। इन्हीं गुणों के चलते इमली का प्रयोग गठिया के लक्षण और शरीर में होने वाले दर्द को कम करने में मदद करता है।

6) पेट दर्द और कब्ज के लिए ( Benefits Of Tamarind for stomach pain )

इमली का सेवन लैक्सेटिव प्रभाव दिखाता है, जिससे कब्ज से राहत मिलती है। साथ ही यह पेट दर्द से राहत देने में भी कारगर होती है। विशेष तौर पर थाई इमली के गूदे का अर्क कब्ज की समस्या से राहत देता है। इमली की यह प्रजाति दुनिया भर में अपने लैक्सेटिव गुणों के लिए मशहूर है। इसका सेवन करने से मल त्याग में आसानी होती है। इस गुण के चलते इमली खाने के फायदे कब्ज और पेट दर्द में राहत दिलाते हैं।

7) रूखी त्वचा के लिए ( Benefits Of Tamarind for Dry skin )

इमली खाने के फायदे में त्वचा से डेड स्किन निकालना और उसे निखारना भी शामिल है। विशेषज्ञों के मुताबिक इमली के गूदे के अर्क में अल्फा हाइड्रॉक्सिल एसिड पाया जाता हैं, जो डेड स्किन सेल्स को त्वचा से बाहर निकालता है, जिससे त्वचा एक्सफोलिएट होकर निखरी हुई नजर आती है। इसके अलावा, इमली के गूदे के अर्क में टार्टरिक एसिड, लैक्टिक एसिड, साइट्रिक एसिड, मैलिक एसिड, पेक्टिन और इनवर्टेड शुगर होता है, जो मॉइस्चराइजिंग प्रभाव दिखाकर त्वचा का स्वास्थ्य बरकरार रखते हैं। इसके साथ ही यह त्वचा पर निखार भी लाता है। यही कारण है जिसकी वजह से इमली का प्रयोग कॉस्मेटिक उत्पादों में किया जाता है। हालांकि, संवेदनशील त्वचा पर यह एलर्जी का कारण भी बनती है। किसी भी प्रकार के नुकसान से बचने के लिए इमली का इस्तेमाल त्वचा पर करने से पहले पैच टेस्ट करें अथवा त्वचा रोग विशेषज्ञ की सलाह लें |

8) इमली एंटीबैक्टीरियल भी है ( Tamarind is Antibacterial )

इमली के औषधीय गुण, आंतों में गड़बड़ी, भोजन जनित रोग और यौन संक्रमण का कारण बनने वाले बैक्टीरिया के खिलाफ काम करते हैं। इमली की छाल और गूदे से प्राप्त अर्क, बेसिलस सबटिलिस, ई. कोली और स्यूडोमोनस एरुगिनोसा जैसे रोग कारक जीवाणुओं के विकास में बाधा डालता है। इस प्रकार, इन जीवाणुओं की अधिकता के कारण होने वाली बीमारियों से बचाव में इमली का उपयोग मददगार होता है। इसके साथ ही इमली में एंटीसेप्टिक प्रॉपर्टीज भी होती हैं जो इंफेक्शन को हील करने में मदद करती हैं।

9) बालों के स्वास्थ्य के लिए ( Benefits Of Tamarind for Hair )

इमली के गुण बालों के स्वास्थ्य के लिए काम आ सकते है। विशेषज्ञों के मुताबिक, इमली में विटामिन-सी, राइबोफ्लेविन और जिंक काफी मात्रा में पाए जाते हैं। वहीं, एक शोध के आधार पर इस बात की पुष्टि की गई है कि इन तीनों तत्वों की कमी के कारण बालों से संबंधित समस्याएं जैसे – बालों की जड़ों का कमजोर होना औ बालों का झड़ना आदि का सामना करना पड़ सकता ह। इस कारण ऐसा कहा जा सकता है कि इमली का उपयोग बालों से जुड़ी कई समस्याओं को हल करने में मददगार साबित हो सकता है .

10) दांतो के लिए ( Benefits Of Tamarind for Teeth )

दांतों में कीड़े और दांतों के पीलेपन को ठीक करने के लिए भी इमली का प्रयोग किया जाता है इमली का उपयोग दांतों और मसूड़ों के लिए एक अच्छा उपाय है और यह कैविटी के लिए भी इस्तेमाल किया जाता है इमली के बीज और धूम्रपान करने वालों लोगों के लिए भी फायदेमंद होता है जिनके दांतों पर निकोटिन का दाग रह जाता है शरीर में आयरन की मात्रा अधिक होने से दातों का रंग पीला हो जाता है ऐसे में इमली के बीज का पाउडर से दांतो को रगड़ने से दांत साफ हो जाते हैं और चमकीले दिखाई देने लगते हैं.

इमली का उपयोग

1) इमली को खाने में खटास लाने के लिए इसे भिगोकर, फिर इसका गूदा निकाल कर उपयोग में लाया जा सकता है।

2) कई प्रकार की चटनी बनाने में इमली के उपयोग किए जा सकते हैं।

3) इसका मुरब्बा या अचार बनाकर खाना भी इमली खाने के तरीके में शामिल है।

4 )इमली का उपयोग कर कैंडी भी बनाई जा सकती है।

5) इमली के पानी का उपयोग फेसपैक बनाने में किया जा सकता है। इसके लिए इमली को 2 घंटे भिगो कर रखें और फिर 6) उस पानी को छान लें। इसे अपने मनपसंद फेसपैक में मिला सकते हैं। 

इमली की चटनी :

सामग्री :

1) 2 से 3 भीगी हुई इमलियों का गूदा

2) 1-2 हरी मिर्च

3 ) एक चौथाई कप से भी कम पानी (जरूरत के हिसाब से)

4) नमक स्वादानुसार

बनाने की विधि :

1) भीगी हुई इमलियों का गूदा और हरी मिर्च को ग्राइंडर में डालें।

2) इसमें थोड़ा पानी डालें और स्वादानुसार नमक मिलाएं।

3) अब इसे अच्छे से पीस लें।

4) इस प्रकार आप इमली की चटनी बना सकते हैं।

इमली का अचार

सामग्री :

1) 100 ग्राम बीज निकली हुई इमली

2) 100 ग्राम हरी कटी हुई मिर्च

3) 100 ग्राम अदरक

4) 100 ग्राम लहसुन

5) आधा कप चीनी

6) 15 ग्राम भुना जीरा

7) 1 चम्मच पिसी हल्दी

8) 2 छोटे चम्मच नमक

9) 1 कप सिरका

10) 75 मिली सरसों का तेल

बनाने की विधि : 

1) इमली का अचार बनाने के लिए सबसे पहले इमली को धोकर भिगो दें।

2) इसे करीब दो से तीन घंटे ऐसे ही रहने दें।

3) समय पूरा होने पर जब इमली का गूदा मुलायम पड़ जाए, तो उससे बीज को अलग कर लें।

4) निकले हुए गूदे में ऊपर दी हुई सभी सामग्री डालकर अच्छे से मिक्स करें।

5) ध्यान रहे कि मिक्सचर या पेस्ट जितना ज्यादा चिकना होगा उतना बेहतर है।

6) इसे एयर टाइट डिब्बे में स्टोर करें और भोजन के साथ इस अचार का आनंद उठाएं।

इमली को लंबे समय तक सुरक्षित कैसे रखें :

1) सामान्य तापमान पर इमली को सुरक्षित रखने के लिए इसे किसी अंधेरी जगह पर रखें, जहां वह सीधे धूप के संपर्क में न आ सके।

2) इमली के उपयोग के लिए इसके गूदे को अलग कर, एक एयरटाइट डिब्बे में बंद करें और उसे फ्रिज में रख दें। इस तरह 3) इसे लंबे समय के लिए सुरक्षित रखा जा सकता है।

4) इमली के गूदे को अलग कर धूप में सुखा लें। इसके बाद इसे किसी एयरटाइट डिब्बे में बंद करके रख दें। इस तरह इसका 5) लंबे समय तक उपयोग किया जा सकता है।

6) वहीं, इसके चयन की बात करें, तो यह ध्यान रखना होगा कि इमली पर किसी प्रकार का कोई दाग या धब्बा न लगा हो।

7) अगर आप इमली का गूदा खरीद रहे हैं यानी पल्प, तो वो साफ-सुथरा और अच्छी तरह पैक होना चाहिए। इमली के गूदे पर गंदगी, रेत और कीड़े आसानी से चिपक जाते हैं।

Side Effects of Of Tamarind in Hindi

  • इमली का उपयोग करते समय एक बात का ध्यान रखें कि इसमें टैनिन और अन्य यौगिक होते हैं, जो पाचन को मुश्किल बना सकते हैं।
  • नियमित रूप से इमली का उपयोग करने पर दांतों को नुकसान पहुंच सकता है, क्योंकि इमली में एसिडिक तत्व होते हैं।
  • गर्भवती या स्तनपान कराने वाली महिलाओं को इमली के अधिक सेवन से बचना चाहिए, नहीं तो इसके दुष्परिणाम देखने को मिल सकते हैं।
  • एस्पिरिन (दर्द निवारक दवा) आइबूप्रोफेन (नॉन स्टेरॉयडल एंटी इंफ्लेमेटरी ड्रग) का सेवन कर रहे हैं, तो इमली का उपयोग बिल्कुल न करें।

For more details regarding the Tamarind in Hindi: click here