Best olive oil for cooking ( Top Brands Available in 2021 ) ( जैतून के तेल के 5 फायदे )

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हमारे देश में खाना पकाने के ल‍िए पारम्‍पारिक तौर पर सोयाबीन या सरसों का तेल इस्‍तेमाल किया जाता है, लेकिन धीरे-धीरे कई लोग फिटनेस के नाम पर ऑल‍िव ऑयल का इस्‍तेमाल करने लगे हैं। इटैल‍ियन, चायनीज और थाई जैसे विदेशी कुजीन में खासतौर पर इसका इस्‍तेमाल किया जाता है। इस तेल में हेल्दी फैटी एसिड के साथ ताकतवर एंटीऑक्सीडैंट्स भी होते हैं। हालांकि, लोग मानते हैं इसमें मौजूद अनसैचुरैटेड फैट्स की वजह से ये खाना पकाने के लिए अनुपयुक्त है। कुछ दावा करते हैं कि खाना पकाने में इसका इस्तेमाल बेहतर है, हालांकि न सिर्फ पकाने फ्राइंग जैसे हाई-हीट इस्तेमाल के लिए भी इसे ले सकते हैं।

जैतून आज किसी परिचय का मोहताज नहीं है। आज हर डॉक्टर अच्छे स्वास्थ्य के लिए जैतून के तेल के सेवन की सलाह देते हैं। हृदय रोग हो या फिर ब्लड प्रेशर की समस्या, हर किसी को जैतून का तेल खाने की सलाह दी जाती है। सामान्यतः आप केवल जैतून तेल के बारे में ही जानते हैं, जैतून वनस्पति के बारे में नहीं। आपको पता होना चाहिए कि जैतून का केवल तेल ही लाभकारी नहीं है बल्कि जैतून के फल, पत्ते, जड़ आदि से भी अनेक बीमारियों को ठीक किया जा सकता है। आइये, जानते हैं कि जैतून के गुणों, लाभों और विभिन्न बीमारियों में उसके प्रयोग के बारे में। ऑलिव ऑयल को सेहत के लिए बहुत फायदेमंद माना जाता है।

दुनियाभर में हेल्थ कॉन्शियस लोग ऑलिव ऑयल (जैतून के तेल) का प्रयोग कर रहे हैं। रिसर्च बताती हैं कि इस तेल के रेगुलर प्रयोग से हृदय रोगों, हाई ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल और डायबिटीज जैसी बीमारियों का खतरा कम हो जाता है। यही कारण है कि डायटीशियन और न्यूट्रीशनिस्ट कुकिंग के लिए ऑलिव ऑयल के प्रयोग की सलाह देते हैं। ऑलिव ऑयल का पूरा फायदा पाने के लिए जरूरी है कि आप इसे खरीदते समय कुछ बातों का ध्यान रखें। आइए आज हम आपको बताते हैं ऑलिव ऑयल के प्रयोग के फायदे और इसे खरीदते समय बरती जाने वाली सावधानियां।

जैतून का तेल क्या है?

जैतून को दबाकर और कुचलकर जैतून का तेल बनता है। यह तत्व है कि जो जैतून तेल से भरपूर होते है, उस पेड़ का वानस्पतिक नाम है-ओलीआ युरोपीआ- जहाँ “ओलीअम” शब्द का मतलब होता है तेल। जैतून का वृक्ष (jaitun)ढेर सारी शाखाओं वाला लगभग 15 मी ऊँचा सदाहरित वृक्ष होता है। इसकी शाखाएँ पतली तथा छाल भूरे-सफेद रंग की और लगभग चिकनी होती है। इसके पत्ते अमरुद के पत्ते के समान 5 से 6.3 से.मी. लम्बे, अलग-अलग चौड़ाई और नुकीले होते हैं। पत्ते दोनों ओर से चिकने और ऊपर से पीलापन लिए हरे रंग के तथा नीचे से चमकदार सफेद रंग के होते हैं।

इसके फूल सुगन्धित, छोटे, हरापन लिए सफेद अथवा पीलापन लिए हरे रंग के तथा चिकने होते हैं। इसके फल गोल अण्डाकार, 1.3 से 2.5 से.मी. लम्बे, प्रारंभिक अवस्था में हरे रंग के फिर लाल तथा पकने पर बैंगनी या नीलापन लिए काले रंग के होते हैं। कच्चे फलों का प्रयोग अचार एवं सब्जी आदि बनाने के लिए किया जाता है। इसमे अधिक मात्रा मे मोनोअनसैच्यूरेटड फॅट (अधिक्तर ओलेईक एसिड) और पौलीफीनोल होने कि वजह से जैतून का तेल स्वास्थ्य के लिये लाभदायक होता है। यह तेल इसके बनने के तरीके अनुसार विभिन्न प्रकार मे मिलता है। इन सारे विकल्प मे से, एकस्ट्रा वर्जिन जैतून का तेल का सबसे सौम्य स्वाद और सबसे अधिक ऑक्सीकरण

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अनेक भाषाओं में जैतून के नाम (Names of Olive in Different Languages)

Olive in –

  • English – ओलिव (Olive), ओलिएस्टर (Oleaster), वाइल्ड ओलिव (Wild olive)
  • Hindi – जैतून, काऊ, कान
  • Urdu – जैतून (Zaitun)
  • Kannada – जूलिपे (Julipe)
  • Tamil – ओलिवू (Olivu), साइदून (Saidun)
  • Telugu – जैतून (Jaitun)
  • Nepali – कांडेलोटो (Kandeloto)
  • Arabic – जायतून (Zaytoon), जैतून (Zaytun)
  • Persian – जेइतून (Zeitun)

जैतून के फायदे (Jaitun Benefits and Uses)

आमतौर पर जैतून के तेल का प्रयोग ही सबसे अधिक प्रचलित है। जैतून का तेल खाया भी जाता है और बालों तथा शरीर में लगाया भी जाता है,कहने का मतलब यह है कि जैतून के तेल के फायदे अनगिनत हैं। जैतून का तेल लगाए जाने पर बालों के लिए, शरीर की हड्डियों के लिए, नाखूनों के लिए काफी लाभदायक है। इससे बाल झड़ना कम होता है, नाखून चमकदार हो जाते हैं और हड्डियां मजबूत होती हैं, यानि जैतून का तेल बालों के लिए बहुत फायदेमंद हैं। इसलिए नवजात शिशुओं को जैतून तेल से मालिश करने के लिए इस तेल का काफी प्रयोग किया जाता है। फिगारो तेल के नाम से शिशुओं के लिए जैतून का तेल काफी बिकता है।

आलिव ऑयल के प्रकार

1) वर्जिन आलिव ऑयल

A) वर्जिन आलिव ऑयल पापुलर होता है

B) इसमें कम एसिड कंटेंट होता है

C) यह बहुत महंगा नहीं है

2) एक्स्ट्रा शुद्ध आलिव ऑयल

A) जैतून को ठंडा करके बनाया रखता है

B) यह हमारे शरीर के लिए सबसे अच्छा है

C) ये महंगा है

3) प्योर आलिव ऑयल

A) रिफाइंड और वर्जिन आलिव ऑयल का काम्बिनेशन

B) हाई एसिड कांटेंट

C) खाना पकाने के लिए ठीक नहीं है

1) मधुमेह के लिए जैतून का तेल

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अभी के खान-पान और गलत दिनचर्या की वजह से मधुमेह किसी को भी हो सकता है। अगर एक बार किसी को मधुमेह हो जाए, तो फिर उसे हमेशा संभलकर रहना होता है और अपने खाना-पान का खास ध्यान रखना होता है। ऐसे में जैतून के तेल का सेवन मधुमेह के मरीजों के लिए लाभकारी साबित हो सकता है। एक शोध के अनुसार जैतून का तेल टाइप-2 डायबिटीज के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है। अगर आप मधुमेह से परेशान हैं, तो आप अपनी डाइट में ऑलिव ऑयल को शामिल कर सकते हैं।

2) कोलेस्ट्रॉल के लिए जैतून का तेल

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आजकल कोलेस्ट्रॉल भी आम, लेकिन गंभीर समस्या बन चुकी है। कोलेस्ट्रॉल से बचने के लिए आप ऑलिव ऑयल का सेवन कर सकते हैं। इसमें बहुत कम मात्रा में सैचुरेटेड फैट होता है और यह गुण इसे शरीर में रक्त कोलेस्ट्रॉल के स्तर को नियंत्रित करने की क्षमता देते हैं। जैतून के तेल में मोनोअनसैचुरेटेड फैट उच्च मात्रा में होता है, जो शरीर में अच्छे कोलेस्ट्रॉल को बनने में मदद करता है। एक्स्ट्रा वर्जिन ऑलिव ऑयल में भी पाए जाने वाले पॉलीफेनॉल के कारण शरीर में हानिकारक कोलेस्ट्रॉल कम होता है और अच्छे कोलेस्ट्रॉल की वृद्धि होती है।

3) हड्डियों के लिए जैतून का तेल

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बढ़ती उम्र के साथ-साथ हड्डियां कमजोर होने लगती हैं, लेकिन आजकल युवा भी इस समस्या का सामना कर रहे हैं। घंटों कुर्सी पर बैठे रहना और गाड़ी में सफर करना हड्डियों में दर्द के कारण बन रहे हैं। अगर वक्त रहते इन पर ध्यान न दिया गया, तो यह गंभीर रूप भी ले सकते हैं। ऐसे में इससे बचने के लिए आप अपने आहार में जैतून के तेल को शामिल करें। ऑलिव ऑयल से हड्डियों की बीमारी ऑस्टियोपोरोसिस (Osteoporosis) से बचा जा सकता है यह हड्डियों के लिए एक सुरक्षा चक्र की तरह काम करता है और इसके नियमित सेवन से हड्डियां मजबूत होती है। आप इसमें पका हुआ आहार खा सकते हैं, लेकिन अधिक फायदे के लिए आप एक्स्ट्रा वर्जिन जैतून के तेल को सलाद पर टॉपिंग के रूप में इस्तेमाल करें और उसका सेवन करें।

4) गंजेपन की समस्या के लिए

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आज के समय में बालों का झड़ना एक आम समस्या है। बाल अधिक तेजी से झड़ते हैं तो गंजापन की समस्या आ जाती है। ऐसे में जैतून का प्रयोग गंजोपन की परेशानी को ठीक करता है। जैतून के कच्चे फलों को जलाकर उसकी राख में शहद मिला लें। इसे सिर में लगाने से सिर के गंजेपन तथा सिर में होने वाली फुन्सियों की समस्या में लाभ होता है।

5) त्वचा को स्वस्थ रखता है जैतून का तेल

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जब बात आती है त्वचा और खूबसूरती की, तो आजकल ज्यादातर लोग प्राकृतिक चीजों पर ज्यादा निर्भर करते हैं और जैतून का तेल उन्हीं प्राकृतिक पदार्थों में से एक है। ऑलिव ऑयल में विटामिन-ई और कई एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं, जो त्वचा को स्वस्थ बनाकर उसमें निखार लाते हैं। आप चाहें तो ऑलिव ऑयल को अपने आहार में शामिल करें या उसे अपनी त्वचा पर लगाएं, यह दोनों ही तरह से फायदेमंद है।

क्यों मंहगा होता है ऑलिव ऑयल? (Why is Olive Oil Exprensive)

ऑलिव एक पेड़ होता है, जिसके फलों से ऑलिव ऑयल बनाया जाता है। ऑलिव ऑयल दूसरे कुकिंग ऑयल्स की अपेक्षा काफी मंहगा होता है। इसका कारण यह है कि ऑलिव के फल से बहुत कम मात्रा में तेल निकलता है। लगभग 3.75 लीटर ऑलिव ऑयल बनाने के लिए 40-45 किलो ऑलिव के फलों को क्रश किया जाता है। इसके अलावा ये एक सीजनल फल है, जो एक खास मौसम में ही उगते हैं, इसलिए इनका प्रोडक्शन बहुत ज्यादा नहीं हो पाता है। एक्स्ट्रा वर्जिन ऑलिव ऑयल को कोल्ड प्रेस करने में भी काफी खर्च आता है, इसलिए ये तेल मंहगा होता है। मगर खास बात ये है कि दूसरे कुकिंग ऑयल्स की अपेक्षा आपको ऑलिव ऑयल बहुत कम मात्रा में इस्तेमाल करना होता है, इसलिए सेहत के लिए फायदों को देखते हुए आपको इसे इस्तेमाल करना चाहिए।

ऑलिव ऑयल खरीदते समय ध्यान रखें ये बातें

इसके इस्तेमाल में और इसे खरीदते समय आपको कुछ सावधानियां बरतनी बहुत जरूरी हैं। इसका कारण यह है कि ये तेल ऑक्सीजन, लाइट और गर्मी के संपर्क में आने से इसकी गुणवत्ता में कमी आ सकती है। इसलिए इसे खरीदते समय इन बातों का ध्यान रखें।

ऑलिव ऑयल खरीदते समय ध्यान दें कि इसकी बोतल कभी भी पारदर्शी (Transparent) नहीं होनी चाहिए। हमेशा ऐसा ऑलिव ऑयल खरीदें, जो गहरे रंग की कांच की बोतल या स्टील के डब्बे में भरा गया हो। अगर आप सेहत के लिए फायदेमंद ऑलिव ऑयल खोज रहे हैं, तो हमेशा एक्ट्रा वर्जिन ऑलिव ऑयल खरीदें। ये सबसे हाई क्वालिटी का ऑलिव ऑयल होता है। बाजार में कई सस्ते ऑलिव ऑयल भी उपलब्ध होते हैं, जिन्हें कैनोला ऑयल को मिलाकर बनाया जाता है। ये उतने फायदेमंद नहीं होते हैं, जितने एक्सट्रा वर्जिन ऑलिव ऑयल होता है।

ऑलिव ऑयल से कुकिंग में रखें इन बातों का ध्यान

ऑलिव ऑयल का प्रयोग बहुत अधिक तापमान पर बनने वाली डिशेज के लिए नहीं करना चाहिए। 180-190 डिग्री सेल्सियस से ज्यादा गर्म करने पर ऑलिव ऑयल के कई पौष्टिक तत्व नष्ट हो जाते हैं। ऑलिव ऑयल का प्रयोग सलाद, डिप और ऐसी चीजों में करें, जहां आप बिना गर्म किए इसे इस्तेमाल कर सकें। इससे आपको ज्यादा फायदे मिलेंगे। धीमी आंच पर कोई भी डिश बनाने के लिए आप इस तेल का इस्तेमाल कर सकते हैं। ऑलिव ऑयल को कभी भी ऐसी जगह न रखें जहां तापमान बहुत ज्यादा हो जैसे गैस स्टोव के आसपास, स्टोव के ऊपर किसी अल्मारी में या धूप में क्योंकि गर्मी के कारण ऑलिव ऑयल के एंटीऑक्सीडेंट्स में कमी आ जाती है। ऑलिव ऑयल को हमेशा ठंडी और सूखी जगह पर रखें।

खाना पकाने के लिए कई तरह के तेलों का इस्तेमाल किया जाता है. सभी तेलों में अलग-अलग गुण पाए जाते हैं. यहां जानिए, कौन सा तेल (Cooking Oil) सेहत के लिए अच्छा है और कौन सा खराब. तेल के बिना खाना पकाने (Cooking Oil) के बारे में सोचा भी नहीं जा सकता है. खाना पकाने में तेल (Oil) का खूब इस्तेमाल किया जाता है. स्वाद के साथ ही तेल का सीधा असर हमारी सेहत (Health) पर भी पड़ता है. तेल की किस्म, मात्रा और उसके इस्तेमाल का तरीका जानना बेहद जरूरी होता है. कुकिंग ऑयल (Cooking Oils) से जुड़ी इन चीजों का ध्यान न रखने से स्वास्थ्य (Health) पर बुरा असर पड़ता है.

किस तेल में पकाएं खाना?

खाना पकाने के लिए कई तरह के तेलों (Cooking Oils) का इस्तेमाल किया जाता है. इनमें मुख्य तौर पर सरसों का तेल (Mustard Oil), ऑलिव ऑयल (Olive Oil), कोकोनेट ऑयल (Coconut Oil), कैनोला ऑयल (Canola Oil) और एवोकाडो ऑयल (Avocado Oil) शामिल हैं. सभी तेलों में अलग-अलग गुण (Cooking Oil Properties) पाए जाते हैं.

जैतून के तेल का उपयोग – How to Use Olive Oil in Hindi

1) आप जैतून के तेल को खाना बनाने में उपयोग कर सकते हैं।

2) अपनी त्वचा, बाल या शरीर पर जैतून तेल से मालिश कर सकते हैं।

3) आप जैतून तेल को सलाद के ऊपर टॉपिंग की तरह छिड़कर उसका सेवन कर सकते हैं।

4) आप ब्रेड पर भी जैतून तेल लगाकर सेवन कर सकते हैं।

5) आप जैतून के तेल को हेयर पैक और फेस पैक के रूप में भी उपयोग कर सकते हैं।

जैतून तेल के नुकसान – Side Effects of Olive Oil in Hindi

अगर आपकी त्वचा तैलीय है, तो जैतून तेल के उपयोग से कील-मुहांसों की समस्या हो सकती है। जिनकी त्वचा अत्यधिक शुष्क यानी ड्राई है, उनके लिए भी जैतून तेल नुकसानदायक हो सकता है। इसके ज्यादा उपयोग से ब्लड शुगर लेवल पर प्रभाव पड़ सकता है। इसलिए, अगर किसी को डायबिटीज है, तो ऑलिव ऑयल के सेवन के साथ-साथ नियमित रूप से ब्लड शुगर की जांच भी कराते रहें। इसके अलावा, अगर डायबिटीज की दवाई ले रहे हैं, तो इसके सेवन से पहले एक बार डॉक्टर से बात कर लें। इससे एलर्जी की समस्या हो सकती है। अधिक उपयोग से ब्लड प्रेशर प्रभावित हो सकता है। गर्भवती महिला या स्तनपान कराने वाली महिला जैतून तेल के सेवन से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इसके ज्यादा सेवन से पेट संबंधी परेशानी हो सकती है।

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ऑलिव ऑयल कौन सा तेल होता है?

जैतून का तेल सबसे लोकप्रिय खाना पकाने के तेल में से एक है, खासतौर पर हेल्थ फ्रिक लोग इस तेल का इस्तेमाल करना पसंद करते हैं. ऑलिव ऑयल सूजन घटाने, हार्ट को हेल्दी रखने, ब्लड शुगर कंट्रोल करने, वजन घटाने और दिमाग के लिए काफी फायदेमंद माना जाता है.

बेस्ट कुकिंग ऑयल कौन सा है?

ऑलिव ऑयल (एक्स्ट्रा वर्जिन)- कुकिंग एक्सपर्ट्स ऑलिव ऑयल में खाना पकाना सबसे ज्यादा सेहतमंद मानते हैं, खासकर एक्स्ट्रा वर्जिन ऑलिव ऑयल में खाना पकाना अच्छा है क्योंकि ये पूरी तरह से शुद्ध होता है. एक्स्ट्रा वर्जिन ऑलिव ऑयल को प्रोसेस्ड और रिफाइंड नहीं किया जाता है जिसकी वजह से इसकी क्वालिटी बहुत अच्छी होती है.

कोलेस्ट्रॉल में कौन सा तेल खाना चाहिए?

पॉलीअनसैचुरेटेड फैट और ओमेगा-3,6 फैट वाले तेल खाना बेहतर होता है. इससे खून में कोलेस्ट्रॉल का स्तर कम होता है. साथ ही शरीर को जरूरी फैटी एसिड और विटामिन मिल जाते हैं. एक सर्वे में पाया गया है कि ऑलिव ऑयल का अधिक इस्तेमाल दिल की बीमारियों की आशंका को पांच फीसदी तक कम कर देता है.

ऑलिव ऑयल का यूज कैसे करें?

1 चम्मच जैतून का तेल, 1 चम्मच कैस्टर ऑयल और टी-ट्री ऑयल की कुछ बूंदों को मिलाएं. सभी सामग्रियों चीजों को अच्छी तरह मिक्‍स करने के बाद चेहरे पर लगाकर 2-3 मिनट तक के लिए धीरे-धीरे मसाज करें. इसे 5 मिनट के लिए ऐसे ही लगाकर छोड़ दें और फिर गर्म पानी से धो लें.

जैतून का तेल कितने रुपए लीटर है?

Oleev Active Pet Bottle, 1L: अमेजन आपको ये ऑलिव ऑयल की एक लीटर की बोतल 189 रुपये में बेच रहा है जबकि इसकी MRP-199 रुपये है। ये आपके दिल को सेहतमंद रखता है कॉलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करता है। आंखों के लिए ये तेल बेहद फायदेमंद है।

हार्ट के लिए कौन सा तेल यूज़ करना चाहिए?

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मोनोअनसैचुरेटेड फैटी एसिड (MUFA)
पॉलीअनसेचुरेटेड फैटी एसिड ( PUFA )
स्मोक पॉइंट
1 ऑलिव ऑयल (Olive oil)
2 कैनोला ऑयल (canola oil)
3 एवोकाडो ऑयल (Avocado oil)
4 सूरजमुखी का तेल ( Sunflower oil )
5 अखरोट का तेल ( Walnut oil )

वेजिटेबल ऑयल कौन सा होता है?

वेजिटेबल ऑयल पौधों से प्राप्त होने वाले तेल जैसे सनफ्लावर ऑयल, पीनट ऑयल, सरसो का तेल या सोयाबीन ऑयल आदि से बना है। वहीं ऑलिव ऑयल जैतून का तेल है। इन दोनों ही तेलों को इस्तेमाल करने वाले लोगों का मानना है कि ये दोनों ही तेल स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद है और इन्हें खाना बनाने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।

सबसे अच्छा हेयर ऑयल कौन सा है?

ऑलिव ऑयल बालों के लिए सबसे अच्छा तेल माना जाता है। यह बालों को जड़ से पोषण प्रदान करता है और उनके विकास में मदद करता है। ऑलिव ऑयल में विटामिन ई, एंटी ऑक्सीडेंट, ओलिक एसिड पाया जाता है जो बालों को मजबूत बनाता है।

खाने का तेल क्या रेट है?

अब यह 190 की बजाय 174 रुपए प्रति किलो मिल रहा है. अगर बात वनस्तपि तेल की करें तो इसमें भी 8 प्रतिशत की गिरावट दर्ज हुई है. यह अब 154 की जगह 141 रुपए किलो मिल रहा है. खाने के तेल की कीमतें अंतरराष्ट्रीय बाजार के दाम और देश में हुए तिलहन के उत्पादन पर निर्भर करती हैं.

सरसों के तेल में कितना कोलेस्ट्रॉल होता है?

सरसों के तेल में ओमेगा-3 फैटी एसिड (एन-3) और 15% ओमेगा-6 (एन-6) सहित दो जरूरी फैटी एसिड होते हैं. ये हार्ट के लिए बहुत लाभकारी माने जाते हैं, क्योंकि ये कोलेस्ट्रॉल के स्तर को संतुलित करते हैं. सरसों का तेल शरीर में ट्राइग्लीसराइड्स (ब्लड में पाए जाने वाले फैट) को कम कर हार्ट को हेल्दी रखता है.

कोलेस्ट्रॉल में क्या क्या खाना चाहिए?

अपने भोजन में साबुत अनाज, मछली, नट्स, फल और सब्जियां और चिकन आदि को शामिल करें. फाइबर से भरपूर चीजें खाएं और बहुत ज्यादा चीनी वाले खाद्य पदार्थ और पेय पदार्थों का सेवन न करें. अगर आप दिनभर किसी तरह की शारीरिक गतिविधि न करें तो इससे आपके खून में एचडीएल या गुड कोलेस्ट्रॉल की मात्रा कम होने लगती है.

जैतून के तेल का इस्तेमाल कैसे करें?

नीचे हम आपको जैतून के तेल को उपयोग करने के आसान तरीके बता रहे हैं। आप जैतून के तेल को खाना बनाने में उपयोग कर सकते हैं। अपनी त्वचा, बाल या शरीर पर जैतून तेल से मालिश कर सकते हैं। आप जैतून तेल को सलाद के ऊपर टॉपिंग की तरह छिड़कर उसका सेवन कर सकते हैं।

जैतून के तेल का उपयोग कैसे करें?

जैतून के तेल की मालिश से त्वचा को पोषण मिलता है। जैतून के तेल को चेहरे पर लगाने से रंग निखरता है तथा सुंदरता बढ़ती है। इसकी मालिश से होठों का फटना बंद होता है और होठ मुलायम हो जाते हैं। बालों की तरह जैतून का तेल चेहरे के लिए भी बहुत फायदेमंद हैं।

जैतून के तेल से मालिश करने से क्या होता है?

जैतून के तेल की शरीर पर मालिश, शरीर को स्फूर्तिदायक एवं स्वस्थ बनाती है. इसका प्रयोग त्वचा की झुर्रियों एवं काले धब्बों को खत्म कर त्वचा को खूबसूरत बनाता है. रात को सोने से पहले पैर की एड़ियों एवं जोड़ों पर जैतून का तेल मलने से एड़ियों व जोड़ों का दर्द दूर होता है. इससे एड़ियाँ कोमल व मुलायम होतीं हैं.

जैतून के तेल को हिंदी में क्या कहते हैं?

जैतून को दबाकर और कुचलकर जैतून का तेल बनता है। यह तत्व है कि जो जैतून तेल से भरपूर होते है, उस पेड़ का वानस्पतिक नाम है-ओलीआ युरोपीआ- जहाँ “ओलीअम” शब्द का मतलब होता है तेल

सबसे शुद्ध तेल कौन सा होता है?

मार्टा कहती हैं कि ऑलिव आयल का इस्तेमाल करने से हमारे खाने से जुड़े अन्य नुक़सानदेह फैटी एसिड से भी छुटकारा मिलता है. जैतून को फोड़ कर उनके गूदे से ऑलिव ऑयल को निकाला जाता है. इसे सबसे सेहतमंद तेल कहा जाता है.