Top 10 Benefits Of Celery Juice drink in Hindi ( सेलेरी के फायदे और नुकसान )

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Celery in Hindi

प्रकृति ने हमे वनस्पति के रूप में बहुत बड़ा उपहार दिया है । जिनका प्रयोग हम दवाइयों के रूप में करते है । उनमें से एकअजमोदा का पौधा है । इसका प्रयोग हर प्रकार की सब्जी बनाने में भी किया जाता है , स्वाद के साथ साथ यह गुणवता को भी बढ़ावा देता है, इसका पेड़ सारे भारत में पाया जाता है । इसपौधे की खेती सर्दियों के मौसम में बंगाल में की जाती है । यहपेड़ हिमालय के उतरी और पश्चमी प्रदेश में, पंजाब की पहाड़ियोंपर और फारस में अधिक संख्या में पाये जाते है। अजमोद (सेलेरी) एपियासी (Apiaceae) जाति का एक पौधा है।

Celery in Hindi

इसका वैज्ञानिक नाम एपियम ग्रोवोलेंस है। इसे एक सब्जी के रूप में खाया जाता है जो पूरे विश्व में पाया जाता है और यह कुछ संस्कृतियों में व्यंजनों में एक अभिन्न अंग के रूप में उपयोग किया जाता है। इसकी सबसे पहले खेती भूमध्यसागरीय और उत्तर अफ्रीकी क्षेत्रों में की गई थी। इस पौधे को अब विश्व स्तर पर उगाया जाता है और यह अमेरिका और आयरलैंड से लेकर जापान और ऑस्ट्रेलिया में हर व्यंजन का एक हिस्सा है। आधुनिक रसोईघरों में जिन नई सब्जियों ने आज अपना स्थान बनाया है, उसमें अजमोदा सबसे महत्त्वपूर्ण सब्जी है। अजमोदा को कई स्थानों पर सेलेरी या बोकचॉय के नाम से भी जाना जाता है।

लंबे समय से तिब्बती और चीनी इलाकों में इसका प्रयोग सब्जी की भांति किया जाता रहा है। सब्जियों के अलावा अजमोदा का प्रयोग सूप और सलाद में अधिक किया जाता है, लेकिन आपको यह नहीं पता होगा कि इस अजमोदा का उपयोग करके आप अनेक बीमारियों से भी बच सकते हैं। अजमोद सब्जी के रूप में खाए जाने वाला ऐसा पौधा है जो अनेक पोषक तत्वों से भरपूर है। इसके पौधे अजवायन की तरह, लेकिन उससे थोड़े बड़े लगभग 3 फीट ऊँचे होते हैं। इसके पत्ते बड़े कटावदार और कंगूरेदार होते हैं। यूँ तो यह सारे भारत में पैदा होता है पर पंजाब और उत्तरप्रदेश में विशेष तौर पर इसकी पैदावार होती है।

Celery in Hindi   

इसके अंदर सोडियम, मैग्नीशियम, लोहा, जस्ता, पोटेशियम, तांबा आदि खनिज पाए जाते हैं। इसके अलावा यह विभिन्न विटामिन जैसे- विटामिन सी, विटामिन ए, विटामिन ई, विटामिन बी, विटामिन के, विटामिन b12, विटामिन बी6 आदि से भी भरपूर है। यह फैटी एसिड का अच्छा स्रोत है। साथ ही इसमें फाइबर और थियामिन भी शामिल हैं। इतने सारे पोषक तत्वों से भरपूर अजमोद सेहत को अनेक समस्याओं से दूर रख सकता है। आज का हमारा यह लेख उन्हीं समस्याओं पर है। आज हम आपको अपने इस लेख के माध्यम से बताएंगे कि अजमोद के सेवन से आपकी सेहत को क्या-क्या फायदे हो सकते हैं। साथ ही इसके नुकसान के बारे में भी जानेंगे।

अजमोदा क्या है ? ( What is Ajmoda in Hindi ? )

अजमोदा (Ajmoda Plant) ढेर सारे पत्तों और सफेद फूलों वाली द्विवार्षिक पौधा है। इसके चमकीले हरे पत्ते बिखरे तथा सिकुडे हुए होते हैं। अजमोदा के दो प्रमुख प्रकार हैं। एक जो पत्तों के लिए बढ़ाई जाती हैं और दूसरी जो शलजम जैसी जडों के लिए बढ़ाई जाती है। इसके फूलने वाला डंठल दूसरे साल में 100 से.मी. तक लंबे हो जाते हैं।

सेलेरी (अजमोद) एक प्रकार का छोटा पौधा है, जिसे खाद्य के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। इसका वैज्ञानिक नाम एपियम ग्रेवोलेंस है। इसे अधिकतर सलाद बनाने के लिए इस्तेमाल में लाया जाता है। वहीं, इसे भोजन को सजाने के लिए भी प्रयोग करने का चलन है। कई लोग ऐसे भी हैं, जो सूप या जूस बनाकर इसका सेवन करना पसंद करते हैं। बता दें कि देखने में यह काफी कुछ धनिया से मिलता-जुलता है, लेकिन यह धनिया नहीं है।

Celery in Hindi

अनेक भाषाओं में अजमोदा के नाम ( Ajmoda Names in Different Languages )

Ajmoda/Celery Seeds in –

  • Hindi – अजमोद, अजमोदा, बड़ी अजमोद, अजमूदा, अजमोत
  • English (ajmoda in english) – Celery
  • Sanskrit – अजमोदा, अयमोदा, अजमोजा, खराश्वा, कारवी, मायूर, ब्रह्मकुशा, लोचमस्तका
  • Urdu – अजमोद (Ajmod)
  • Marathi (celery seeds in marathi)– अजमोदा (Ajmoda)
  • Bengali – रान्धुनी (Randhuni), अजमूद (Ajmud), चनु (Chanu), चंदनी (Chandani)
  • Nepali – अजमोडा (Ajmoda), जंगली ज्वानु (Jangali jwanu)
  • Punjabi – भूतजटा (Bhootjata)
  • Gujarati – बोडी अजमोदा (Bodi ajmoda), अजमोद (Ajmod)
  • Kannada (celery root in kannada)– अजमोदा वोमा (Ajmoda Boma), सेलेरिना (Selerina) Tamil (ajmoda in tamil) – अजमोदा (Ajmoda), सेलेरीकेराई (Celery kerai)
  • Telugu (celery seeds in telugu) – अजुमोदा (Ajumoda), वोमा (Voma)

अजमोद के फायदे – Benefits of Celery in Hindi

1) कोलेस्ट्राॅल के लिए ( Benefits of Celery for cholesterol )

Celery in Hindi

रोज़ अजमोद खाने से आर्टरी क्लॉगिंग कोलेस्ट्रॉल कम हो सकता है। इस जड़ी बूटी में मौजूद पैथालाईड (phthalide) भी पित्त के रस के स्राव को उत्तेजित करता है, जो कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने के लिए काम करता है। अगर आप अजमोद का सेवन करते हैं तो यह शरीर से एलडीएल यानी खराब कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करता है। इसके अंदर phthalide पाया जाता है जो पित के रस के स्राव को उत्तेजित कर कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करता है। ऐसे में हम कह सकते हैं कि यह दिल के स्वास्थ्य के लिए भी बेहद उपयोगी है। क्योंकि अजमोद के अंदर फाइबर पाया जाता है यह कोलेस्ट्रॉल को खून से बाहर निकालता है और कार्डियोवैस्कुलर स्वास्थ्य को तंदुरुस्त बनाता है। कम कोलेस्ट्रॉल का मतलब है,धमनी की दीवारों पर कम प्लाक और हृदय स्वास्थ्य में सामान्य सुधार। अजमोद में पाए जाने वाला फाइबर कोलेस्ट्रॉल को खून से बाहर निकालने और शरीर से आँतों के नियमित कार्यों के साथ इसे खत्म करने, कार्डियोवस्कुलर स्वास्थ्य को बढ़ावा देने के लिए काम करता है।

2) गले के संक्रमण के लिए ( Benefits of Celery for throat Enfection )

गले का बैठना यानी बोलने में गले में दर्द होना, बहुत प्रयास करने पर भी गले से आवाज का नहीं निकलना आदि की समस्या को स्वरभेद कहा जाता है। एसिडिटी तथा गैस के कारण गला बैठने पर यवक्षार तथा अजमोदा के काढ़े को घी में पकाकर सेवन करें। इससे गले का संक्रमण ठीक होता है। 2-3 ग्राम अजमोदा को पानी में उबाल लें। इसमें सेंधा नमक डालकर मुंह में देर तक रख कर गरारा यानी कुल्ला (गंडूष) करें। इससे स्वरभेद आदि कण्ठ-विकारों में लाभ होता है।

3) पेट की गैस दूर करने के लिए ( Benefits of Celery for Acidity )

Celery in Hindi

अजमोदा के प्रयोग से पेट में बनी गैस निकल जाती है और इसके कारण होने वाले दर्द आदि समस्याओं में आराम मिलता है। सोंठ, काली मिर्च, पिप्पली तथा अजमोदा आदि द्रव्यों को मिला कर बनाए गए हिंग्वाष्टक चूर्ण का (2-4 ग्राम) सेवन करने से गैस से पेट फूलने की समस्या में लाभ होता है। 2-4 ग्राम अजमोदा (Celery Seeds) के चूर्ण को 10 ग्राम गुड़ के साथ मिला लें। इसे गुनगुने पानी के साथ सेवन करने से अफारा यानी गैस से पेट का फूलना ठीक होता है।

4) र्दयुक्त पेचिश ठीक करने के लिए ( Benefits of Celery for dysentery )

5 ग्राम मधु, 5 ग्राम मिश्री, 1 ग्राम अजमोदा, 2 ग्राम कट्वंग और आधा ग्राम मुलेठी को पीस कर के बारीक चूर्ण यानी पाउडर बना लें। 100 मिली दूध में 10 ग्राम घी के साथ इस चूर्ण को मिलाकर पीने से पेचिश के कारण होने वाला दर्द दूर होता है।

पाठा, अजमोदा, कुटज की छाल, नीलकमल, सोंठ तथा पिप्पली सभी को मिला कर कूट-पीस कर चूर्ण बना लें। इस चूर्ण (2-4 ग्राम) को गुनगुने जल के साथ सेवन करने से पेचिश ठीक होता है।

अजमोद, सोंठ, मोचरस एवं धाय के फूलों को समान मात्रा में मिलाकर पीस लें। 1-2 ग्राम चूर्ण को छाछ के साथ दिन में 3-4 बार सेवन करने से पतले दस्त (अतिसार) बंद हो जाते हैं।

5) उल्टी बंद करने के लिए ( Benefits of Celery for Vomiting off )

कई बार कुछेक कसैली तथा कड़वी दवाओं के सेवन से रोगी को उल्टी हो जाती है, जिससे उन औषधियों का लाभ नहीं हो पाता। ऐसी औषधियों के साथ अजमोदा के 2-5 ग्राम चूर्ण का सेवन करने से उल्टी की आशंका नहीं रहती है। 2-5 ग्राम अजमोद एवं 2-3 लौंग की कली को पीस कर 1 चम्मच मधु के साथ चाटने से उलटी बंद होती है।

6) पेट का दर्द मिटाए के लिए ( Benefits of Celery for Stomach Ache )

तीन ग्राम अजमोदा के चूर्ण में एक ग्राम काला नमक मिलाकर गुनगुने पानी के साथ लें। पेटदर्द में आराम होगा। अजमोदा के एक ग्राम चूर्ण को सुबह-शाम गुनगुने जल के साथ सेवन करने से पेट का दर्द ठीक होता है। अजमोदा तेल की 2-3 बूंदों को 1 ग्राम सोंठ के चूर्ण में मिला कर गुनगुने जल के साथ सेवन करने से पेट का दर्द ठीक होता है।

7) पथरी के इलाज के लिए ( Benefits of Celery for Stone treatment )

किडनी या मूत्रमार्ग पथरी हो तो ऑपरेशन कराने की आवश्यकता नहीं है। अजमोदा में पथरी को गलाने का गुण होता है। 2-3 ग्राम अजमोदा के चूर्ण में आधा ग्राम यवक्षार मिला लें। इस चूर्ण को 10 मिली मूली के पत्तों के रस के साथ कुछ दिनों तक नित्य सुबह-शाम पीने से पथरी गल कर निकल जाती है। पेशाब भी खुलकर होता है।

8) दर्द तथा सूजन मिटाएने के लिए ( Benefits of Celery for Pain and Swelling )

अजमोदा तथा सोंठ को मिलाकर महीन चूर्ण यानी पाउडर बना लें। इस चूर्ण को 1-2 ग्राम की मात्रा में लेकर पुराना गुड़ मिश्रित कर गुनगुने जल के साथ दिन में तीन बार सेवन करने से जोड़ों की सूजन, गठिया के कारण जोड़ों के दर्द, पीठ व जांघ का दर्द तथा अन्य वात रोग नष्ट होते हैं।

अजमोदा, छोटी पीपल, गिलोय, रास्ना, सोंठ, अश्वगंधा, शतावरी एवं सौंफ इन आठ पदार्थों को बराबर मात्रा में लेकर चूर्ण बना लें। इस चूर्ण को डेढ़ ग्राम की मात्रा में 10 ग्राम घी के साथ दिन में दो बार सेवन करने से शरीर में होने वाली सूजन और वात विकारों में लाभ होता है।

अजमोदा को तेल में उबालकर मालिश करने से पीठ तथा बगलों में होने वाले दर्द में आराम मिलता है। अजमोदा के पत्तों को गर्म करके रोगी के बिस्तर पर बिछा देना चाहिए, ऊपर से रोगी को हल्का कपड़ा ओढ़ा देना चाहिए। इससे भी दर्द में आराम मिलता है।

9) यौन क्षमता के लिए ( Benefits of Celery for Sexual Ability )

माना जाता है कि सेलेरी का उपयोग यौन क्षमता को बढ़ाने में भी लाभदायक साबित होता है। वहीं, इस संबंध में किए गए शोध में भी इस बात का जिक्र किया गया है कि इसमें प्रचुर मात्रा में पुरुष हार्मोन एंड्रोस्टेरोन पाया जाता है, जो पुरुषों में उत्तेजना को बढ़ाने के साथ-साथ उनके पसीने द्वारा एक हार्मोन फेरोमोन को निकालता है। विशेषज्ञों के मुताबिक, फेरोमोन महिलाओं में कामोत्तेजना को बढ़ाने का काम करता है। इस कारण ऐसा कहा जा सकता है कि यह महिला और पुरुष दोनों में यौन क्षमता बढ़ाने के लिए एक बेहतर विकल्प साबित होता है।

10) आंखों के लिए ( Benefits of Celery for Eyes )

सेलेरी का उपयोग आंखों के लिए भी काफी फायदेमंद साबित होता है। इस बात की पुष्टि उम्र के कारण होने वाली आंखों की रोशनी में कमी से संबंधित एक शोध से होती है। शोध में जिक्र मिलता है कि इस समस्या को दूर करने में ल्यूटिन और जेक्सैंथिन नाम के खास तत्व अहम माने जाते हैं। वहीं, प्राकृतिक रूप से दोनों तत्व हरी सब्जियों में भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं, जिनमें सेलेरी का नाम भी शामिल है। इस आधार पर यह कहना गलत नहीं होगा कि आंखों के स्वास्थ्य को बरकरार रखने में भी सेलेरी सकारात्मक प्रभाव दिखा सकता है।

अजमोद का उपयोग – How to Use Celery in Hindi

अजमोद का उपयोग मुख्य रूप से सलाद, जूस और सूप बनाकर किया जा सकता है।

सामग्री :

  • एक कटोरी कटा हुआ सेलेरी
  • दो प्याज (गोलाकार कटे हुए टुकड़े)
  • एक मूली (कटी हुई)
  • एक गाजर (कटी हुई)
  • नमक (स्वादानुसार)
  • नींबू (स्वादानुसार)

बनाने की विधि :

  • कटे हुए सेलेरी, प्याज, मूली व गाजर को एक प्लेट में निकाल लें।
  • इस पर स्वादानुसार नामक डालें।
  • बाद में उसमें स्वादानुसार नींबू का रस डालें।
  • फिर इसे अच्छे से मिला लें।

सेलेरी का जूस बनाने की विधि :

सामग्री :

  • सेलेरी करीब 50 ग्राम
  • आधा कटा हुआ नींबू
  • नमक स्वादानुसार
  • आधा गिलास पानी

बनाने की विधि :

  • ग्राइंडर में सेलेरी और पानी को डालें।
  • उसके बाद उसे अच्छे से ग्राइंड कर लें फिर निकले हुए जूस को सूती कपड़े या छन्नी की मदद से छान लें।
  • अब इसे गिलास में निकाल कर स्वादानुसार नमक और नींबू का रस मिलाएं।

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