Fish oil Benefits in Hindi ( मछली के तेल के फायदे और फिश ऑयल कैसे यूज़ करें? )

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Fish oil Benefits in Hindi

इसमें मौजूद पोषक तत्व जानलेवा बीमारियों से बचाने के साथ-साथ त्वचा के स्वास्थ्य को भी बरकरार रखने का काम करते हैं, लेकिन फिश ऑयल की गंध की वजह से कई लोग इसे उपयोग में नहीं लाते। वहीं, आप दादी के नुस्खे के इस लेख को पढ़ने के बाद इसकी गंध को कम करके मछली के तेल का उपयोग कर सकेंगे। इस लेख में हम आपको मछली के तेल के फायदे के साथ ही कई अन्य जरूरी जानकारी देंगे। मछली के तेल से संबंधित सभी तथ्यात्मक बातें जानने के लिए आप इस लेख को अंत तक जरूर पढ़ें।

फिश खाने वालों की स्किन में एक अलग ही चमक और रौनक नज़र आती है और सिर्फ चेहरा ही क्यों, उनके बालों की क्वालिटी भी काफी अच्छी होती है। लेकिन अगर आप मछली नहीं खाती तो इसका मतलब यह नहीं कि आप ऐसी स्किन नहीं पा सकती। मार्केट में आसानी से आपको फिश ऑयल के कैप्सूल्स मिल जाएंगे जिनके रोज़ाना सेवन से आप कुछ ही दिनों में बालों और स्किन की क्वालिटी सुधार सकती हैं। तो जानते हैं फिश ऑयल को खाने के और क्या-क्या फायदे हैं। शरीर को स्वस्थ रखने के लिए ओमेगा 3 फैटी एसिड बहुत जरूरी है. इसलिए हमें ऐसे चीजों का सेवन करना चाहिए जिसमें यह एसिड भरपूर मात्रा में पाया जाता हो.

ओमेगा 3 फैटी एसिड ट्यूना, हलिबेट, शैवाल, क्रिल्ल जैसी मछलियों में पाया जाता है. शररी में इस एसिड की कमी को पूरा करने के लिए फिश ऑयल (Fish Oil) का उपयोग किया जाता है. मछली के तेल के सेवन से अनगिनत फायदे हो सकते हैं. लेकिन कई लोगों को इस बारे में पता नहीं होता है. फिश ऑयल के के फायदे वजन घटाना से लेकर त्वचा (Skin), बाल (Hair), और हडड्यिों को मजबूत रखने तक कई हैं. इसमें मौजूद डीएचए और ईपीए नामक तत्व परफेक्ट बॉडी शेप बनाए रखने में भी मदद करता है. यह ऑयल फिश कैप्सूल्स के रूप में भी आता है.

फिश ऑयल के फायदे जानकर आप हैरान हो जाएंगे. कई लोग फिश ऑयल कैप्सूल्स बेनिफिट्स के बारे में जानना चाहते हैं, साथ ही फिश ऑयल के नुकसान क्या हैं इसको लेकर लोगों में शंका रहती है. फि‍श ऑयल कैप्‍सूलओमेगा 3 फैटी एसिड का सबसे बढि़या स्रोत है। यह कई स्‍वास्‍थ्‍य संबंधी समस्‍याओं से हमारी रक्षा करता है। हार्ट और बोन संबंधी परेशानियों में डॉक्‍टर फि‍श ऑयल कैप्‍सूल लेने की सलाह देते हैं। पर क्‍या आप जानती हैं कि यह सेहत के साथ-साथ आपके सौंदर्य के लिए बहुत मददगार है। आइए जानते हैं फि‍श ऑयल कैप्‍सूल के सौंदर्य लाभ।

मछली का तेल क्‍या है? – What is Fish Oil in Hindi

फिश ऑयल मछली के ऊतकों यानी टिश्यू से बनाए जाने वाला तेल होता है। मछली के तेल में ओमेगा-3 फैटी एसिड, इकोसैपेंटेनोइक एसिड (EPA) और डोकोसाहेक्सैनोइक एसिड (DHA) होते हैं। ओमेगा-3 से समृद्ध होने की वजह से फिश ऑयल को ओमेगा-3 ऑयल भी कहा जाता है। बाजार में आप मछली के तेल की बोतल या बतौर कैप्सूल खरीद सकते हैं। मछली के तेल (fish oil) को मछली के टिश्यूज से निकाला जाता है। आमतौर पर मछली का तेल तैलीय मछलियों से आता है।

लेकिन कॉड लिवर तेल जरूरी नहीं है कि तैलीय मछली से ही निकला जाए। कोड लिवर ऑयल को मछली की कई प्रजातियों में से भी निकाला जाता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की सलाह के मुताबिक, ओमेगा 3 फैटी एसिड से स्वास्थ्य लाभ उठाने के लिए लोगों को सप्ताह में कम से कम एक या दो बार मछली का सेवन करना चाहिए। यदि ऐसा किया जाता है, तो लोगों की कई खतरनाक बीमारियों से सुरक्षा हो सकती है। मछली के तेल में मुख्य ओमेगा-3 होता है, जिसके दो स्वरूप होते हैं।

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कैसे करें मछली के तेल का उपयोग

आपको मछली के तेल के 5 कैप्सूल चाहिए। इनसे तेल निकाल लें। एक कॉटन पैड का उपयोग कर अपने चेहरे पर मछली के तेल को लगाएं। इसे कम से कम 10 मिनट तक छोड़ दें और फिर अपने चेहरे को गर्म पानी से धो लें। दो बड़े चम्मच जैतून का तेल और 2 चम्मच मछली का तेल लें।

इन्हें अच्छी तरह मिलाएं। अब अपनी उंगलियों का उपयोग करके अपने बालों में इस तेल के मिश्रण को लगाएं। धीरे-धीरे इसे मालिश करें। एक शॉवर कैप लें और इसे सिर ढ़क लें। इसे कम से कम 2-3 घंटों तक रहने दें ताकि स्कैल्प तेल को सोख ले। अब शैम्पू करके अपने बालों को ठीक से धो लें।

मछली के तेल में पाए जाने वाले गुण :

मैकेरल (mackerel), टूना, सैल्मन (salmon), स्टुरजोन (sturgeon), मुलेट (Mullet), ब्लूफिश (bluefish), एंकोवी (anchovy), रहू, ट्रोट (trout) और मेनहेडेन (menhaden) जैसे मछलियों में भरपूर रूप से फिश ऑयल (ओमेगा-3) फैटी एसिड होते हैं। आमतौर पर फिश ऑयल मैकेरल, हररिंग (herring), टूना, हेलिबुट (halibut), कोड लिवर (cod liver), व्हेल ब्लुबर (cod liver) या सील ब्लुबर (seal blubber) से बनाए जाते हैं। मछली के तेल में न्यूनतम मात्रा में विटामिन E होता है, जिससे यह खराब नही होता है। इसमें कैल्शियम, आयरन या विटामिन A, B1, B2, B3, C, या D को भी मिलाया जाता है।

फिश ऑयल का इस्तेमाल किस लिए होता है?

मछली के तेल का इस्तेमाल कई परिस्थितियों में होता है। ब्लड सिस्टम और दिल से जुड़ी हुई समस्याओं में फिश ऑयल का ज्यादातर इस्तेमाल किया जाता है। कुछ लोग ब्लड प्रेशर या ट्राइग्लिसराइड (कोलेस्ट्रोल से संबंधित फैट) को कम करने के लिए इसका इस्तेमाल करते हैं।

मछली के तेल का इस्तेमाल दिल की बीमारियों या स्ट्रोक को रोकने में किया जा चुका है। वैज्ञानिक सुबूत भी इस बात की पुष्टि करते हैं कि मछली के तेल ट्राइग्लिसराइड को कम करते हैं और दिल की बीमारियों और स्ट्रोक से भी बचाते हैं। ऐसा सिर्फ डॉक्टर की सुझाई गई खुराक में इसके सेवन करने पर संभव है। इसके उलट अधिक मात्रा में मछली के तेल का सेवन करने से स्ट्रोक का खतरा बढ़ता है।

महिलाएं कई बार मछली के तेल का इस्तेमाल मासिक धर्म में होने वाले दर्द, स्तनों के दर्द और गर्भावस्था से जुड़ी जटिल समस्या जैसे गर्भपात, प्रेग्नेंसी के आखिरी पड़ाव पर हाई ब्लड प्रेशर, और प्रीटर्म डिलिवरी में करती हैं।

मछली के तेल का इस्तेमाल डायबिटीज, दमा, विकासात्मक समन्वय विकार, मूवमेंट की दिक्कत, सीखने की समस्या, मोटापा, गुर्दे की बीमारी, कमजोर हड्डियां, सोरायसिस से संबंध कुछ दर्द और सूजन की बीमारियां, वजन घटने को रोकने के लिए, जो कैंसर की कुछ दवाइयों से होता है।

यह कैसे काम करता है?

बॉडी अपने आप से ओमेगा-3 फैटी एसिड्स का उत्पादन नही करती है। ना ही बॉडी ओमेगा-6 से ओमेगा-3 बनाती है, जोकि पश्चिमी देशों के खाना पान में सामान्य है। ईपीए और डीएचए ने इस पर कई शोध किए हैं। अक्सर मछली के तेल सप्लिमेंट्स में दो तरह के ओमेगा-3 मिलाए जाते हैं। ओमेगा-3 फैटी एसिड्स दर्द और सूजन को कम करता है। यह खून के थक्के बनने से रोकता है। इसी के चलते दिल से जुड़ी हुई कई समस्याओं में मछली के तेल मददगार होते हैं।

फिश ऑयल कितना सुरक्षित है?

ज्यादातर लोगों के लिए फिश ऑयल सुरक्षित है। प्रेग्नेंट और ब्रेस्टफीडिंग कराने वाली महिलाएं यदि प्रतिदिन तीन ग्राम से कम फिश ऑयल का सेवन करती हैं तो यह उनके लिए सुरक्षित है। बच्चों को फिश ऑयल नहीं देना चाहिए या अतिसंवेदनशील या ब्रेस्ट/ प्रोस्टेट कैंसर से पीढ़ित लोगों को इसका सेवन करने से बचना चाहिए।

मछली के तेल के फायदे – Benefits of Fish Oil in Hindi

1) प्रदूषण से शरीर को बचाए

शहरों में रहने वाले लोगों को प्रदूषण की वजह से श्वास और फेफड़े संबंधी बीमारियां ज्यादा होती हैं। ऐसे में प्रदूषण से फिश ऑयल आपके शरीर को बचा सकता है। दरअसल, मछली के तेल में मौजूद विटामिन-डी आपके शरीर को प्रदूषण से बचाता है, जिस वजह से आप कई गंभीर बीमारियों से बच सकते हैं।

2) एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण

मछली के तेल में आवश्यक फैटी एसिड यानी ओमेगा-3 प्रचुर मात्रा में होते हैं। इसके साथ ही मछली का तेल एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों से भरपूर होता है, जो हमारे शरीर में इंफ्लेमेशन की वजह से होने वाली कई बीमारियों से बचाने में मदद करता है। इंफ्लेमेशन की वजह से होने वाली बीमारियों में अर्थराइटिस, सोरायसिस (त्वचा रोग) आदि शामिल हैं।

3) वजन कम करने के लिए

दक्षिण ऑस्ट्रेलिया विश्वविद्यालय के प्रोफेसर पीटर होवे द्वारा किए गए शोध से पता चला है कि मछली का तेल वजन कम करने के मदद करता है। जिन लोगों ने अपने आहार में मछली के तेल का सेवन किया था, उन्होंने अपने वजन को कम करने में मदद पाई थी, उन लोगों की तुलना में जो नियमित रूप से इसका इस्तेमाल नहीं करते थे। मछली के तेल में ओमेगा -3 फैटी एसिड होता है, जो वजन घटाने को बढ़ावा देने में मदद करता है और इसलिए फिजिकल वर्कआउट और मछली के तेल के सेवन का संयोजन शरीर की वसा को कम करने में बहुत तेजी से मदद करता है।

4) हृदय स्वास्थ्य के लिए

अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन (AHA) के अनुसार ओमेगा -3 कार्डियोवस्कुलर बीमारियों को कम करने में प्रभावी है। मछली का तेल ओमेगा -3 का एक बड़ा स्रोत है और इसलिए यह हृदय रोगों के जोखिम को कम करता है। यह खराब कोलेस्ट्रॉल (एलडीएल) के स्तर को भी कम करता है और अच्छे कोलेस्ट्रॉल (एचडीएल) के स्तर को बढ़ाता है।

मछली का तेल ट्राइग्लिसराइड्स को बनने से रोकता है और अतिरिक्त ट्राइग्लिसराइड्स के स्तर को कम करता है। प्रारंभिक शोध से पता चला है कि कोरोनरी रोगियों में एथेरोस्क्लेरोसिस को रोकने के लिए मछली का तेल इस्तेमाल किया जा सकता है। मछली का तेल स्ट्रोक को रोकने में मदद करता है और मछली के तेल का नियमित उपयोग करने से कार्डियक मौत से बचने में मदद मिल सकती है।

5) ड्राई स्किन

यह तेल ड्राई स्किन की समस्या को ठीक करके, त्वचा को चमकदार और जीवंत रखने में मदद करता है। यह एक्जिमा, छालरोग, खुजली, लालिमा, त्वचा के घावों और चकत्ते जैसे विभिन्न त्वचा समस्याओं के उपचार में बहुत ही उपयोगी होता है। छालरोग में, मछली के तेल में मौजूद फैटी एसिड सूजन वाले एजेंट के विकास को रोकने में मदद करते हैं। इसलिए, सोरायसिस से राहत पाने के लिए मछली के तेल को बाहरी रूप से भी उपयोग किया जा सकता है।

मछली के तेल के कैप्सूल का नियमित सेवन त्वचा में नमी बनाये रखने में मदद करता है। यह भी कुछ लोगों द्वारा दावा किया जाता है कि यह तेल सनबर्न को रोकने में मदद करता है। मछली का तेल मुँहासे के लिए एक प्रभावी उपचार के रूप में उपयोग किया जा सकता है। इसके अलावा यह अग्नाशयी कैंसर से पीड़ित रोगियों में वजन को कम करने में उपयोगी होता है। कैंसर से संबंधित हाइपरलिपिडिमिया से पीड़ित रोगियों के लिए इसके सप्लीमेंट भी उपयोगी हो सकते हैं।

फिश ऑयल के नुकसान ( Disadvantages of Fish Oil )

इस ऑयल के इस्तेमाल करने से अगर आपके स्किन परकिसी तरह के लाल निशान या रैशेज दिखाई देते हैं, तो तुरंत इसका सेवन बंद कर दें। डॉक्टर की सलाद के बिना फिश ऑयल का सेवन बिल्कुल भी ना करें।

फिश ऑयल से तैयार कैप्सूल का सेवन करने से कमर दर्द की शिकायत हो सकती है। अगर आपको ऐसा होता है, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। कई बार कैप्सूल के सेवन से जीभ का स्वाद खराब हो जाता है।

इसका कारण फिश ऑयल हो सकता है। फिश ऑयल का सेवन करने से किसी किसी को डायरिया, बदहजमी और उल्टी जैसी परेशानी हो सकती है। कभी भी अपनी मर्जी से फिश ऑयल का सेवन ना करें।

गैस की समस्या से परेशान लोगों को फिश ऑयल कैप्सूल का सेवन नहीं करना चाहिए। इससे आपकी समस्या ज्यादा बढ़ सकती है। फिश ऑयल से बने कैप्सूल को पचाने में परेशानी होती है। कुछ लोगों को फिश ऑयल का सेवन करने से बुखार, छिंके, जुकाम या गले में खराश जैसी परेशानी हो सकती है।

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फिश ऑयल कैप्सूल खाने से क्या फायदा होता है?

फिश ऑयल में मौजूद EPA, एंटीऑक्सीडेंट का खजाना होता है जो स्किन को फ्री रेडिकल्स से बचाता है. इससे स्किन पर ब्लड का सर्कुलेशन सही रहता है जो एजिंग के प्रोसेस का स्लो कर देता है. – मछली के तेल में ओमेगा-3 पाया जाता है. यह तेल उदासी, चिंता, व्याकुलता, मानसिक थकान, तनाव, आदि मानसिक रोगों को दूर करता है.

मछली के तेल में कौन से विटामिन होते हैं?

दरअसल, मछली के तेल या कॉड लिवर ऑयल में विटामिन ए और विटामिन डी भरपूर मात्रा में पाया जाता है। इसके साथ ही फैटी एसिड न सिर्फ स्किन बल्कि बालों को भी स्वस्थ रखता है। मैकरल, सालमन और सार्डीन जैसी मछलियों में ओमेगा-3 फैटी एसिड प्रचुर मात्रा में पाया जाता है।

फिश ऑयल कैप्सूल कब खाना चाहिए?

वर्कआउट करने के दौरान अगर आप जल्दी थक जाते हैं या फिर आप किसी भी एक्सरसाइज को ठीक तरीके से नहीं कर पाते हैं तो फिश ऑइल के सेवन से काफी सुधार होगा। इससे आपकी मांसपेशियों को मजबूती मिलेगी और आप का दिमाग भी एकाग्र होकर आप की एक्सरसाइज करने के लिए प्रेरित करेगा।

मछली का तेल कौन सा होता है?

मछली के ऊतकों से निर्मित तेल मछली का तेल (Fish oil) कहलाता है। मछली के तेल में ओमेगा-३ वसा अम्ल (EPA तथा DHA) होते हैं जो शरीर के शोथ (inflammation) को कम करते हैं। इनके अन्य स्वास्थ्य लाभ भी हैं। किन्तु यह बात अभी तक सिद्ध नहीं की जा सकी है कि मछली के तेल के सेवन से हृदयाघात नहीं होता

फिश ऑयल कैसे यूज़ करें?

मछली के तेल के फायदे: मछली का तेल मछली से पैदा किया जाता है और इसमें ओमेगा 3 फैटी एसिड होता है। यह त्वचा के साथ-साथ बालों के लिए भी बहुत अच्छा होता है। …
त्वचा के लिए मछली का तेल: आपको मछली के तेल के 5 कैप्सूल चाहिए। इनसे तेल निकाल लें। …
बालों के लिए मछली का तेल: दो बड़े चम्मच जैतून का तेल और 2 चम्मच मछली का तेल लें।

सी कॉड कैप्सूल कैसे खाएं?

द्वारा निर्मित: यूनिवर्सल मेडिकेयर प्राइवेट लिमिटेड
शुद्ध कॉड लिवर ऑयल ओमेगा -3 का एक समृद्ध प्राकृतिक स्रोत है जिसमें पोषक तत्व ईपीए और डीएचए शामिल हैं जो अच्छे स्वास्थ्य के लिए आवश्यक हैं
उपयोग के लिए दिशा: 1 से 2 कैप्सूल दिन में तीन बार या फिस्किन्स द्वारा अनुशंसित के रूप में

मछली के तेल में सर्वाधिक कौन सा विटामिन पाया जाता है?

लगभग 30 प्रतिशत मछली का तेल ओमेगा-3 से बना होता है, जबकि शेष 70 प्रतिशत दूसरे फैट यानी वसा से। इसके अलावा, मछली के तेल में विटामिन ए और डी भी प्रचुर मात्रा में होता है। आपके लिए यह जानना भी बेहद जरूरी है, कि मछली से मिलने वाला ओमेगा-3, फैटी एसिड, पौधों से मिलने वाले ओमेगा-3 से कहीं अधिक बेहतर होता है।

मछली के यकृत में कौन सा विटामिन पाया जाता है?

यह प्रायः मछली में मौजूद ओमेगा-3 फैटीएसिड या विटामिन-D के कारण होता है। जिगर से निकाले तेल से दुर्गन्ध दूर की जाती है और उसे खराब होने से बचाने के लिए उसमें विटामिन E और ऐन्टी औक्सीडेंट मिलाए जाते हैं। का शरीर इन्सोलिन प्रतिक्रिया नहीं कर पाता था।

तेल में कौन सा विटामिन होता है?

मगर, हेल्थ एक्सपर्ट कहते हैं कि भले ही इसमें एंटी ऑक्सिडेंट और विटामिन ई की मात्रा ज़्यादा हो. पर, ये बहुत कम तापमान पर गर्म हो जाता है. इससे इस तेल के कई पोषक तत्व गर्म करने पर नष्ट हो जाते हैं. तो, इसे कच्चा लेने पर ही सेहत को फ़ायदा होगा.

ओमेगा 3 कैप्सूल कब खाना चाहिए?

एक स्वस्थ व्यक्ति को वजन के हिसाब से ओमेगा3 फैटी एसिड का सेवन करना चाहिए। डाइटीशियन या डॉक्टर से सलाह लें, क्योंकि अधिक फैट लेने से यह मोटापे का कारण बनता है। फ्लैक्स जैसे बीज पीस कर पाउडर बनाएं और इसका एक-डेढ़ चम्मच सुबह खाली पेट पानी के साथ खाएं, लाभ होगा।

ओमेगा 3 की कमी से क्या होता है?

एक रिसर्च में पता चला है कि जिन लोगों में ओमेगा3 अच्छी मात्रा में होता है उन्हें नींद भी अच्छी आती है. 4- फोकस में कमी– ओमेगा3 फैटी एसिड की कमी होने पर आप किसी काम में फोकस नहीं कर पाते हैं. कई बार ध्यान भटक जाता है. ऐसे में अगर आपके अंदर एकाग्रता की कमी हो रही है तो ओमेगा3 की कमी से ऐसा हो सकता है.14-Jul-2021

ओमेगा 3 कैसे लेना चाहिए?

Omega3 हमारे शरीर में नहीं बनता, इसे बाहरी सोर्सेज से ही लेना होता है। यह फिश में और कुछ नैचुरल चीजों में पाया जाता है। इसे आसानी से लेने का एक तरीका Omega3 Fish Oil कैपसूल्स भी है।

दुनिया की सबसे महंगी मछली कौन सी है?

ड्रैगन फिश को एशियन अरोवाना (Asian Arowana) के नाम से भी जाना जाता है. इस मछली को दुनिया सबसे महंगी मछली का तमगा हासिल है.

ओमेगा 3 कैप्सूल क्या है?

ओमेगा 3 फैटी एसिड हड्डियों में कैल्शियम की मात्रा बढ़ाने में मदद कर हड्डी की शक्ति में सुधार लाता है। इससे ऑस्टियोपोरोसिस का जोखिम कम होता है। यह गठिया से भी मदद करता है। ओमेगा –3 की खुराक लेने वाले मरीजों के अनुसार यह जोड़ों के दर्द में कमी लाता है और मांसपेशियों में मजबूती देता है।

सी कॉड कैप्सूल खाने से क्या होता है?

इसमें मौजूद ओमेगा 3 फैटी एसिड स्वास्थ्य के लिए बहुत ही आवश्यक होता है, इसका नियमित सेवन आपको कैंसर, हृदय रोग, अर्थराइटिस जैसी बीमारियों से भी बचाए रखेगा। हालांकि, यह सबसे ज़्यादा मात्रा में सैलमन और समुद्री मछली में पाया जाता है।

कॉड लिवर ऑयल में कौन सा विटामिन होता है?

Seven Seas में कॉड लिवर ऑयल, ओमेगा 3 फैटी एसिड (DHA & EPA) का एक समृद्ध और प्राकृतिक स्रोत और विटामिन A और D है सेवने सीज सुरक्षित, कुदरती और आपके बच्चों के पोषण आवश्यकताओं को पूरा करने का आसान तरीका है: DHA दिमाग के विकास में मददगार होता है.

ओमेगा 3 खाने के क्या फायदे हैं?

हृदय स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद: इसमें ओमेगा –3 समृद्ध खाद्य पदार्थ होते हैं क्योंकि यह ट्राइग्लिसराइड्स को कम करता है, रक्तचाप को कम करता है. ‘अच्छा’ एचडीएल कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाता है, धमनी की दीवारों पर रक्त के थक्कों के नुकसान और पट्टिका के गठन को रोकता है. ओमेगा फैटी एसिड से भरपूर फूड्स का सेवन करने के कई कारण है.