Top 10 Amazing Benefits of Flax Seeds in Hindi ( Alsi ke Fayde in Hindi )

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Flax Seeds in Hindi Meaning

आपने अलसी (flax seeds) का रोज घर में प्रयोग करते होंगे। कई घरेलू व्यंजनों में अलसी का इस्तेमाल किया जाता है। वैसे तो असली के बीज बहुत ही छोटे-छोटे होते हैं, लेकिन इसमें इतने सारे गुण होते हैं, जिसका आप अंदाजा नहीं लगा सकते। शरीर में प्रोटीन की पूर्ति के लिए हर उम्र का व्‍यक्‍ति अपने आहार में अलसी को शामिल कर सकता है और यही वजह है कि अलसी एक महत्‍वपूर्ण जड़ी बूटी के रूप में लोकप्रिय है। आजकल मार्केट में भी अलसी के सप्‍लीमेंट आने शुरु हो गए हैं।

अलसी को बीज दिल के लिए भी फायदेमंद होते हैं, वैसे तो इसका सेवन सभी लोग कर सकते हैं, लेकिन अगर आप किसी भी तरह की शारीरिक समस्या से जूझ रहे हैं तो अलसी का सेवन करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें. अपने आहार में अलसी को शामिल कर आप पर्याप्‍त पोषण पा सकते हैं। बाइबिल में भी अलसी और फाइबर का उल्‍लेख किया गया है। अनेक बीमारियों में अलसी रामबाण औषधि का काम करती है। कई वर्षों से स्‍वस्‍थ एवं निरोगी काया पाने के लिए अलसी का उपयोग किया जाता रहा है और आज भी अनेक रोगों के इलाज में अलसी के सेवन की सलाह दी जाती है।( Flax seeds in hindi meaning )

Flax seeds in hindi meaning

अलसी में स्‍वास्‍थ्‍य को लाभ पहुंचाने वाले अनेक गुण मौजूद होते हैं। अब तो अलसी को सुपरफूड कहा जाने लगा है। अलसी बीज, तेल, पाउडर, गोली, कैप्‍सूल और आटे के रूप में उपलब्‍ध है और कब्‍ज, डायबिटीज, हाई कोलेस्‍ट्रोल, हृदय रोग, कैंसर एवं कई अनेक स्‍वास्‍थ्‍य समस्‍याओं से बचने के लिए डायट्री सप्‍लीमेंट के रूप में अलसी का इस्‍तेमाल किया जाने लगा है। आइए जानते हैं अलसी के पोषक तत्‍वों और स्‍वास्‍थ्‍य लाभों के बारे में।अलसी में स्‍वास्‍थ्‍य को लाभ पहुंचाने वाले अनेक गुण मौजूद होते हैं। अब तो अलसी को सुपरफूड कहा जाने लगा है।

अलसी बीज, तेल, पाउडर, गोली, कैप्‍सूल और आटे के रूप में उपलब्‍ध है और कब्‍ज, डायबिटीज, हाई कोलेस्‍ट्रोल, हृदय रोग, कैंसर एवं कई अनेक स्‍वास्‍थ्‍य समस्‍याओं से बचने के लिए डायट्री सप्‍लीमेंट के रूप में अलसी का इस्‍तेमाल किया जाने लगा है। आइए जानते हैं अलसी के पोषक तत्‍वों और स्‍वास्‍थ्‍य लाभों के बारे में। वजन घटाने में अलसी बीज में मौजूद डायटरी फाइबर आपकी मदद कर सकता है। फ्लेक्स सीड पर किए गए एक अध्ययन में पाया गया है कि रोजाना 30 ग्राम फाइबर शरीर से अतिरिक्त चर्बी को हटा सकता है। शोध में यह भी पाया गया है कि हाई फाइबर युक्त डाइट न सिर्फ वजन, बल्कि टाइप 2 डायबिटीज और हृदय रोग के जोखिम को भी कम कर ती है। एक अन्य रिपोर्ट के अनुसार डायटरी फाइबर का सेवन करने से मोटापा दूर किया जा सकता है।

Flax seeds in hindi meaning

रिपोर्ट बताती है कि फाइबर और बॉडी फैट के बीच विपरित संबंध है, यानी अधिक फाइबर युक्त भोजन का सेवन आपके वजन को नियंत्रित करने में मदद करेगा . क्या आपको यह जानकारी है कि जिस अलसी के बीज को आप सभी केवल खाद्य पदार्थ के रूप में इस्तेमाल में लाते हैं, उससे रोगों का इलाज भी किया जा सकता है? जी हां, अलसी के फायदे और भी हैं। आप अलसी का उपयोग कर, अनेक रोगों की रोकथाम कर सकते हैं, अपने परिवार को स्वस्थ बना सकते हैं। यहां आपको अलसी के फायदे, अलसी का उपयोग, अलसी के गुण की पूरी जानकारी मिलेगी। ( Flax seeds in hindi meaning )

अलसी क्या है? ( What is Alsi in Hindi? )

वर्तमान समय में स्‍वस्‍थ रहने में अलसी बहुत मददगार साबित हुई है। अलसी का शरीर एवं स्‍वास्‍थ्‍य पर सकारात्‍मक प्रभाव पड़ता है जिससे स्‍वस्‍थ और निरोगी रहने में मदद मिलती है। शरीर में प्रोटीन की पूर्ति के लिए हर उम्र का व्‍यक्‍ति अपने आहार में अलसी को शामिल कर सकता है और यही वजह है कि अलसी एक महत्‍वपूर्ण जड़ी बूटी के रूप में लोकप्रिय है। अलसी का दूसरा नाम तीसी है।

यह एक जड़ी-बूटी है, जिसका इस्तेमाल औषधि के रूप में भी किया जाता है। स्थानों की प्रकृति के अनुसार, तीसी के बीजों के रंग-रूप, और आकार में भी अंतर पाया जाता है। देश भर में तीसी के बीज सफेद, पीले, लाल, या थोड़े काले रंग के होते हैं। गर्म प्रदेशों की तीसी सबसे अच्छी मानी जाती है। आमतौर पर लोग तीसी के बीज, तेल को उपयोग में लाते हैं। तीसी के प्रयोग से सांस, गला, कंठ, कफ, पाचनतंत्र विकार सहित घाव, कुष्ठ आदि रोगों में लाभ लिया जा सकता है।

Flax seeds in hindi meaning

अलसी (flax seeds) में क्या-क्या पाया जाता है?

एक चम्‍मच पिसी हुई अलसी 7 ग्राम होती है.

  • इसमें 1.28 ग्राम प्रोटीन
  • 2.95 ग्राम फैट
  • 2.02 ग्राम कार्बोहाइड्रेट
  • 1.91 ग्राम फाइबर
  • 17.8 मि.ग्रा कैल्शियम
  • 27.4 मि.ग्रा मैग्‍नीशियम
  • 44.9 मि.ग्रा फास्‍फोरस
  • 56.9 मि.ग्रा पोटैशियम
  • 6.09 माइक्रोग्राम फोलेट
  • 45.6 माइक्रोग्राम ल्‍यूटिन
  • जीएक्‍सेंथिन होता है.

अन्य भाषाओं में अलसी के नाम ( Name of Flax Seeds in Different Languages )

Flax seeds in –

  • Flax seeds in Hindi – तीसी, अलसी
  • Flax seeds in Urdu – अलसी (Alasi)
  • Alsi in English – लिनसीड (Linseed), फ्लैक्स प्लान्ट (Flax plant), कॉमन फ्लैक्स (Common flax)
  • Flax seeds in Sanskrit – अतसी, नीलपुष्पी, नीलपुष्पिका, उमा, क्षुमा, मसरीना, पार्वती, क्षौमी
  • Flax seeds in Oriya – पेसू (Pesu) Flax seeds in Hindi or Linseed Uttarakhand – अलसी
  • Flax seeds in Kannada – अगसीबीज (Agasebeej) सेमीअगासे (Semeagase), अलसी (Alashi)
  • Flax seeds in Konkani – सोन्नबीअम (Sonnbiam) Alsi in Gujarati – अलसी (Alshi)
  • Flax seeds in Tamil – अलिविराई (Alivirai), अलसीविराई (Alshivirai)
  • Flax seeds in Telugu – अविसि (Avisi), उल्लुसुलू (Ullusulu), मदनजिन्जालु (Madanginjalu);
  • Flax seeds in Bengali – तिसी (Tisi), मसीना (Masina), असिना (Asina)
  • Alsi in Punjabi – अलीश (Alish), अलसी (Alasi), अलसी (Atashi)
  • Flax seeds in Marathi – जवस (Javas), अलशी (Alashi)
  • Flax seeds in Malayalam – अगासी (Agashi), चार्म (Charm), चेरुकाना (Cherucana), अकासी
  • Flax seeds in Nepali – अलसी (Alasi)
  • Flax seeds in Arabic – केट्टन (Kettan), बाजरुलकटन (Bazrulkattan)
  • Flax seeds in Persian – तुख्म-ए-कटन (Tukhm-e-kattan)

अलसी के फायदे – Benefits of Flax Seeds in Hindi

1) खांसी और दमा के लिए ( Benefits of Flax Seeds for cough and asthma )

अलसी के बीज खाने के फायदे खांसी और दमा रोग में भी मिलते हैं। अलसी के बीजों से काढ़ा बना लें। इसे सुबह और शाम पीने से खांसी, और अस्थमा में लाभ होता है। ठंड के दिनों में मधु, तथा गर्मी में मिश्री मिलाकर सेवन करना चाहिए।

इसी तरह 3 ग्राम अलसी के चूर्ण को, 250 मिली उबले हुए पानी में डालें। इसे 1 घण्टे तक छोड़ दें। इसमें थोड़ी चीनी मिलाकर सेवन करें। इससे सूखी खांसी तथा अस्थमा में लाभ होता है।

इसके अलावा, 5 ग्राम अलसी के बीजों को 50 मिली पानी में भिगोकर रखें। 12 घंटे बाद छानकर पानी को पी लें। सुबह भिगोआ हुआ पानी शाम को, और शाम को भिगोया हुआ पानी सुबह को पिएं। इस पानी के सेवन से खांसी, और दमा में फायदा होता है। इस दौरान ऐसा कुछ नहीं खाना, या पीना चाहिए, जो बीमारी को बढ़ाने वाला हो। ( Flax seeds in hindi meaning )

आप खांसी, या दमा के इलाज के लिए 5 ग्राम अलसी के बीजों को कूटकर छान लें। इसे जल में उबाल लें। इसमें 20 ग्राम मिश्री मिला लें। यदि ठंड का मौसम हो तो मिश्री के स्थान पर शहद मिलाएं। इसे सुबह और शाम सेवन करें। इससे खांसी, और अस्थमा में लाभ होता है।

Flax seeds in hindi meaning

2) घाव सुखाने के लिए ( Benefits of Flax Seeds for wound drying )

अलसी के चूर्ण को दूध, और पानी में मिला लें। इसमें थोड़ी हल्दी का चूर्ण डालकर खूब पका लें। यह गाढ़ा हो जाएगा। इस गर्म गाढ़े औषधि को आप जहां तक सहन कर सकें, गर्म-गर्म ही गांठ पर लेप करें। ऊपर से पान का पत्ता रख कर बांध दें। इस प्रकार कुल 7 बार बांधने से घाव पककर फूट जाता है। घाव की जलन, टीस, पीड़ा आदि दूर होती है। बड़े-बड़े फोड़े भी इस उपाय से पककर फूट जाते हैं। यह लाभ कई दिनों तक लगातार बांधने से होता है।

इसी तरह अलसी को पानी में पीसकर, उसमें थोड़ा जौ का सत्तू, तथा खट्टी दही मिला लें। इसे फोड़े पर लेप करने से भी फोड़ा पक जाता है।

3) मूत्र विकार के लिए ( Benefits of Flax Seeds for urinary disorder )

पेशाब संबंधित रोगों को ठीक करने के लिए भी अलसी का इस्तेमाल करना बहुत अच्छा फायदा देता है। इसके लिए 50 ग्राम अलसी, 3 ग्राम मुलेठी को कूट लें। इसे 250 मिली पानी के साथ मिट्टी के बर्तन में हल्की आंच पर पकाएं। जब 50 मिली पानी रह जाए तो, इसे छानकर 2 ग्राम कलमी शोरा मिला लें। इसे 2 घंटे के अंतर से 20-20 मिली की मात्रा में पिएं। इससे मूत्र रोग जैसे, पेशाब करने में दिक्कत, पेशाब की जलन, पेशाब में खून आना, पेशाब में मवाद आने संबंधी दिक्कतें दूर हो जाती हैं।

4) कोलेस्ट्रॉल कम करने के लिए ( Benefits of Flax Seeds for cholesterol )

Flax seeds in hindi meaning

अलसी के बीज से बेड कोलेस्ट्रॉल में मददगार होते है. अध्ययन के अनुसार रोजाना अलसी के बीज खाने से आपका कोलेस्ट्रॉल का लेवल 6 से 11 प्रतिशत तक कम हो सकता है. ऐसा संभव भी है, क्योंकि इसमें हाइ फाइबर और लिगनेन कंटेंट होता है. बढ़े हुए कोलेस्ट्रॉल की स्थिति को नियंत्रित करने में भी अलसी के बीज के फायदे लाभदायक सिद्ध होते हैं। यह बात एनसीबीआई के एक शोध से प्रमाणित होती है। शोध में माना गया कि पेरिफेरल आर्टरी डिजीज (नसों का पतला होना) और कोलेस्ट्रॉल कम करने वाली दवाओं का उपयोग करने वाले लोगों में अलसी सकारात्मक प्रभाव प्रदर्शित करती है। इस तरह यह हृदय से संबंधित जोखिमों को दूर रखने में भी सहायक साबित होती है। इस आधार पर यह कहना गलत नहीं होगा कि अलसी खाने के लाभ के तौर पर बढ़े हुए कोलेस्ट्रोल को नियंत्रित करने में भी मदद मिलती है।

5) वजन कम करने के लिए ( Benefits of Flax Seeds for lose weight )

सभी लोग वजन कम करने के लिए अलग-अलग डाइट, तरीके ढूंढते हैं। अगर आप भी वजन कम करने की डाइट में कुछ सेहतमंद शामिल करना चाहतें हैं तो अलसी के बीज एक अच्छा ऑप्शन हो सकता है। जैसा कि आपको पहले भी बताया है कि फ्लेक्स सीड डाइटरी फाइबर से भरपूर होते हैं। डाइटरी फाइबर का सेवन करने से मेटाबोल्जिम बढ़ जाता है और डाइजेशन रेट कम हो जाता है जिससे वजन कम होने में मदद मिलती है। बढ़े हुए वजन को कम करने में अलसी का उपयोग लाभदायक साबित हो सकता है। दरअसल, एनसीबीआई द्वारा प्रकाशित एक शोध के मुताबिक अलसी डायट्री फाइबर का एक अच्छा स्रोत है। फाइबर की मौजूदगी के कारण यह शरीर में बढ़े हुए प्लाज्मा और कोलेस्ट्रोल को कम करने में मदद कर सकती है। साथ ही शरीर पर जमी अतिरिक्त चर्बी को कम करने में भी सहायक हो सकती है, जिससे वजन को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है। ( Flax seeds in hindi meaning )

6) सर्दी-खांसी के लिए ( Benefits of Flax Seeds for cold cough )

Flax seeds in hindi meaning

शोध में माना गया कि अलसी सर्दी-खांसी में आराम दिलाने का काम कर सकती है। वहीं, शोध में इस बात का भी जिक्र मिलता है कि अत्यधिक खांसी या ब्रोंकाइटिस (फेफड़ों में सूजन की एक स्थिति) की समस्या में अलसी की चाय फायदेमंद साबित होती है। इसके लिए अलसी के बीजों को पानी में करीब 30 मिनट तक भीगने दें। समय पूरा होने पर बीजों को अलग कर पानी को गर्म करें और उसे सिप करके पिएं। बता दें अलसी खाने के फायदे से जुड़े यह तथ्य प्राचीन समय में उपयोग किए जाने वाले घरेलू उपचार पर आधारित हैं। इसलिए यह सर्दी-खांसी में कितना प्रभावी होगा इस बारे में अभी अधिक शोध किए जाने की आवश्यकता है।

7) कैंसर के लिए ( Benefits of Flax Seeds for cancer )

अलसी के बीज में लिगनन का स्तर अधिक होता है जो हार्मोन चयापचय और ट्यूमर कोशिकाओं के प्रसार के लिए जिम्मेदार एंजाइमों को अवरुद्ध करके स्तन कैंसर से रक्षा प्रदान करता है। इसके अलावा, अलसी के बीज का पाउडर और अलसी का तेल अल्फा-लिनोलेनिक एसिड, ओमेगा -3 फैटी एसिड से लबालब हैं जो कैंसर में फायदेमंद है। पिसे हुए अलसी के बीज का सेवन दही में डालकर कर सकते हैं। अलसी के तेल का इस्तेमाल आप खाद्य समाग्री को पकाने के लिए कर सकते हैं।

अलसी के लड्डू बनाने का तरीका :

अलसी में मौजूद पोषक तत्व शरीर को स्वस्थ रखने में मदद कर सकते हैं। तो आइए, अब हम आपको अलसी के लड्डू बनाने का एक आसान तरीका बताने जा रहे हैं।

सामग्री :

  • 100 ग्राम गेंहू का आटा
  • 200 ग्राम अलसी
  • 250 ग्राम देशी घी
  • आधा कटोरी गोंद
  • 50 ग्राम पोस्ता दाना
  • एक कप कटा हुआ मेवा
  • 300 ग्राम गुड़

बनाने का तरी

Flax seeds in hindi meaning

सबसे पहले एक कढ़ाही लेकर उसे गैस पर गर्म होने के लिए चढ़ा दें। अब इसमें अलसी डालकर भून लें। अच्छी तरह अलसी भून जाने के बाद इसे किसी बर्तन में अलग निकाल कर रख दें। अब कढ़ाही में आटा डालकर अच्छी तरह भूनें।

जब आटा हल्का लाल हो जाए और भीनी-भीनी खुशबू देने लगे, तो इसे भी किसी बर्तन में अलग करके रख लें। अब कढ़ाही में देशी घी डाल कर गर्म करें। जब घी गर्म हो जाए, तो उसमें गोंद डाल के अच्छे से भून लें और उसे भी किसी बर्तन में निकाल कर अलग रख लें और गैस बंद कर दें। अब अलसी को मिक्सर में डालकर बारीक पीस लें।

अब तैयार अलसी के पाउडर में घी डालें और दोनों को अच्छे से मिला लें। अब इसमें आटा, पोस्ता दाना और कटा हुआ मेवा भी मिला लें। साथ ही गुड़ को भी अच्छे से कूट कर इसमें मिला लें। सभी चीजें अच्छी तरह मिक्स होने के बाद हाथों की सहायता से सामान्य आकार के लड्डू बना लें। सभी लड्डू तैयार होने के बाद इन्हें ऐसे ही किसी बर्तन में रख करीब एक घंटे के लिए खुला छोड़ दें और इन्हें ठंडा हो जाने दें। समय पूरा होने पर अब तैयार हुए लड्डू किसी एयर टाइट डिब्बे में बंद करके रख दें।

अलसी को लम्बे समय तक सुरक्षित कैसे रखें :

अलसी के बीजों को किसी एयर टाइट जार में डालकर, अच्छे से बंद करके फ्रिज में स्टोर करके रख सकते हैं। अलसी के बीजों का पाउडर बनाकर उसे भी एयर टाइट कंटेनर में बंद करके फ्रिज में रख सकते हैं। इसके अलावा, अलसी खरीदने जाएं, तो उसकी पैकिंग की तिथि और कब तक इस्तेमाल कर सकते हैं, वो तिथि भी देख लें।

Flax Seeds in Hindi Meaning ?

आपने अलसी (flax seeds) का रोज घर में प्रयोग करते होंगे। कई घरेलू व्यंजनों में अलसी का इस्तेमाल किया जाता है। वैसे तो असली के बीज बहुत ही छोटे-छोटे होते हैं, लेकिन इसमें इतने सारे गुण होते हैं, जिसका आप अंदाजा नहीं लगा सकते। शरीर में प्रोटीन की पूर्ति के लिए हर उम्र का व्‍यक्‍ति अपने आहार में अलसी को शामिल कर सकता है और यही वजह है कि अलसी एक महत्‍वपूर्ण जड़ी बूटी के रूप में लोकप्रिय है।

अलसी क्या है ?

अलसी का शरीर एवं स्‍वास्‍थ्‍य पर सकारात्‍मक प्रभाव पड़ता है जिससे स्‍वस्‍थ और निरोगी रहने में मदद मिलती है। शरीर में प्रोटीन की पूर्ति के लिए हर उम्र का व्‍यक्‍ति अपने आहार में अलसी को शामिल कर सकता है और यही वजह है कि अलसी एक महत्‍वपूर्ण जड़ी बूटी के रूप में लोकप्रिय है। अलसी का दूसरा नाम तीसी है।

अलसी (flax seeds) में क्या-क्या पाया जाता है

इसमें 1.28 ग्राम प्रोटीन
2.95 ग्राम फैट
2.02 ग्राम कार्बोहाइड्रेट
1.91 ग्राम फाइबर
17.8 मि.ग्रा कैल्शियम
27.4 मि.ग्रा मैग्‍नीशियम
44.9 मि.ग्रा फास्‍फोरस
56.9 मि.ग्रा पोटैशियम

खांसी और दमा के लिए ?

अलसी के बीज खाने के फायदे खांसी और दमा रोग में भी मिलते हैं। अलसी के बीजों से काढ़ा बना लें। इसे सुबह और शाम पीने से खांसी, और अस्थमा में लाभ होता है। ठंड के दिनों में मधु, तथा गर्मी में मिश्री मिलाकर सेवन करना चाहिए।

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