Flax Seeds in Hindi: अलसी के फायदे

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Flax Seeds in Hindi:- अलसी का उपयोग कई घरेलू व्यंजनों में किया जाता है। असली के बीज दिखने में बहुत ही छोटे होते हैं, परन्तु यह पौष्टिक तत्वों से भरपूर होते है। अलसी के बीजो का सेवन कई रोगो के उपचार के लिए किया जाता है। असली के बीजो का उपयोग सांस, गला, कंठ, कफ, पाचनतंत्र विकार सहित घाव, कुष्ठ आदि रोगों के इलाज के लिए किया जाता है। आज हम आपको हमारे इस लेख के माध्यम से अलसी के बीजो से जुडी सभी आवश्यक जानकारी जैसे अलसी के बीज क्या है?, अलसी के बीज के फायदे तथा नुकसान आदि पर चर्चा परिचर्चा करेंगे।

Flax Seeds in Hindi

Table of Contents

यह समशीतोष्ण क्षेत्रों (जहां सर्दी और गर्मी समान मात्रा में हो) में उगाया जाने वाला पौधा है । अलसी एक रेशेदार पौधा होता है। अलसी के रेशों को डोरी, रस्सी, टांट और मोटे कपड़े बनाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। और अलसी के बीजों का इस्तेमाल तेल निकालने के लिए किया जाता है। अलसी के बीजो का तेल बहुत गाढ़ा होता है। अलसी के बीजो के तेल का इस्तेमाल मुख्य रूप से वार्निश, रंग, साबुन और पेंट बनाने के लिये किया जाता है।

Flax Seeds in Hindi

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Flaxseed  Meaning in Hindi 

अलसी की खेती भारत, अर्जेंटीना और अमेरिका में की जाती है। अलसी या तीसी को अंग्रेजी के Flaxseed या Linseed नाम से पुकारा जाता है। तीसी/ अलसी का वानस्पतिक नाम लाइनम यूसीटैटीसिमम (Linum usitatissimum L., Syn-Linum humile Mill., है। अलसी लाइनेसी (Linaceae) कुल की है। अलसी के बीज दो रंग के होते है, भूरे तथा पीले या सुनहरे। अलसी के बीजों में कई पोषक तत्‍व उपलब्ध होते है जैसे ओमेगा -3 फैटी एसिड, फाइबर, फेनोलिक यौगिक, प्रोटीन, खनिज पदार्थ आदि।

Nutrients of Flax Seeds in Hindi

अलसी में कई औषधीय गुण उपस्थित होते है जैसे एंटीफंगल (फंगल इन्फेक्शन को खत्म करने वाला), एंटीऑक्सीडेंट (मुक्त कणों के असर को कम करने वाला), एंटीहाइपरटेन्सिव ( बल्ड प्रेशर को नियंत्रित करने वाला), कोलेस्ट्रॉल लोवेरिंग इफेक्ट (कोलेस्ट्रोल को नियंत्रित करने वाला), एंटीडायबिटिक (ब्लड शुगर को कंट्रोल करने वाला),एंटीथ्रोम्बिक (खून के थक्के जमने की गति को धीमा करने वाला), एंटीट्यूमर ( ट्यूमर की रोकथाम करने वाला) आदि।

Benefits of Flax Seeds in Hindi

वजन कम करने के लिए (Flax Seeds in Hindi to lose weight)

अलसी डायट्री फाइबर प्रचुर मात्रा में उपस्थित होते है।अलसी में उपस्थित फाइबर हमारे शरीर में बढ़े हुए प्लाज्मा और कोलेस्ट्रोल को नियंत्रित करने में सहायता करता है। और इसके अतिरिक्त यह हमारे शरीर में जमी अतिरिक्त चर्बी को कम करता है। यह वजन घटाने में सहायक होता है।

रक्तचाप के लिए (Flax Seeds in Hindi For blood pressure)

अलसी में ओमेगा-3 फैटी एसिड, लिग्नैंस और डायट्री फाइबर उपलब्ध होते है। अलसी में संयुक्त रूप से एंटीहाइपरटेंसिव उपस्थित होता हैं, जो रक्तचाप को नियंत्रित करने का कार्य करते है ।अलसी का सेवन रक्तचाप की समस्या निजात पाया जा सकता है।

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डायबिटीज के लिए (Flax Seeds in Hindi For diabetes)

अलसी में फाइबर और म्यूसिलेज (गोंद जैसा लसलसा पदार्थ) प्रचुर ममत्र में पाए जाते है।इसलिए अलसी के बीज हमारे शरीर में इन्सुलिन की मात्रा को कम करने में सहायक होते है। अलसी के बीजो में एंटीडायबिटिक गुण भी उपलब्ध होता है जो हमारे ररक्त में सर्करा की मात्रा को नियंत्रित करता है। अलसी में सेकोआइसोलैरिकइरेसिनोल डाईग्लूकोसाइड (Secoisolariciresinol Diglucoside) नामक पोषक तत्व उपस्थित होता है। यह हमारे शरीर में टाइप-1 तथा टाइप-2 डायबिटीज होने के खतरे को कम करने में सहायक होता है।अलसी के सेवन करने से आप मधुमेह की बीमारी से छुटकारा पा सकते है।

सर्दी-खांसी के लिए (Flax Seeds in Hindi For a cold and cough)

अलसी का सेवन करने से आप सर्दी जुकाम – खांसी की समस्या से निजात पा सकते है। अलसी की चाय का सेवन करने से अत्यधिक खांसी या ब्रोंकाइटिस (फेफड़ों में सूजन की एक स्थिति) की समस्या को ठीक किया जा सकता है । इसके अतिरिक्त आप अलसी के बीजों को 30 मिनटके लिए पानी में भिगो कर रख दें। आधे घंटे बाद बीजों को अलग करके पानी को गर्म करके सिप ले करके पी ले।अलसी का सेवन करने से बुखार और सामान्य सर्दी से राहत मिलती है।

कोलेस्ट्रॉल के लिए(Flax Seeds in Hindi for cholesterol)

अलसी डायट्री फाइबर प्रचुर मात्रा में उपस्थित होते है।अलसी में उपस्थित फाइबर हमारे शरीर कोलेस्ट्रोल को नियंत्रित करने में सहायता करता है।अलसी में कोलेस्ट्रॉल लोवेरिंग इफेक्ट औषद्यीय गौण भी उपस्थित होता है जो कोलेस्ट्रोल को नियंत्रित करने का कार्य करता है।

लिवर के लिए (Flax Seeds in Hindi For liver)

अलसी का सेवन करने से नॉन अल्कोहलिक फैटी लिवर डिजीज की समस्या को दूर किया जा सकता है। अलसी रक्तचाप को नियंत्रित कर लिवर को स्वस्थ रखने का कार्य करता है। अलसी में अल्फा-लिनोलेनिक एसिड और लिनोलेनिक एसिड पाया जाता हैं जो हमारे लिवर स्वस्थ बनाए रखने में सहायक होते है।अलसी के बीज का सेवन करने से लिवर संबंधित समस्याओ को ठीक किया जा सकता है।

कैंसर के लिए (Flax Seeds in Hindi For cancer)

अलसी में सेकोआइसोलैरिकइरेसिनोल (Secoisolariciresinol) पाया जाता है। अलसी में उपस्थित सेकोआइसोलैरिकइरेसिनोल एंटीकैंसर औषधीय गुण दर्शाता है।अलसी में उपस्थित एंटीकैंसर गुण से हार्मोन की कमी से होने वाले कैंसर (जैसे:- स्तन कैंसर, गर्भाशय के कैंसर और स्पर्म ग्रंथि के कैंसर) की समस्या का निवारण करने में सहायक होते है।इसके अतिरिक्त अलसी हमारे शरीर के अन्य विभिन्न भागों में होने वाले कैंसर के ट्यूमर की वृद्धि को नियंत्रित कर कैंसर कको बढ़ाने से रोकने में सहायक होती है। कैंसर रोग के उपचार हेतु अलसी का सेवन करने से पहले आप अपने डॉक्टर से सलाह जरूर ले।

हृदय के लिए(Flax Seeds in Hindi for heart)

अलसी में लिगनेन कॉम्प्लेक्स (flax lignan complex) और सेकोआइसोलैरिकइरेसिनोल डाईग्लूकोसाइड (Secoisolariciresinol Diglucoside) उपस्थित होते है जो हमारे ह्रदय के स्वास्थ्य को ठीक रखने में सहायक होते है। अलसी में उपलब्ध सेकोआइसोलैरिकइरेसिनोल डाईग्लूकोसाइड में हाइपोटेंसिव औषद्यीय गुण पाया जाता है जो रक्तचाप को नियंत्रित करने का कार्य करता है। और लिगनेन कॉम्प्लेक्स और सेकोआइसोलैरिकइरेसिनोल डाईग्लूकोसाइड हृदय की नसों में पैदा होने वाले अवरोध (Atherosclerosis) के खतरे को कम करने का कार्य करते हैं।अलसी के सेवन से आप ह्रदय सम्बंधित समस्याओ से निजात पा सकते है।

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गर्भावस्था के दौरान (Flax Seeds in Hindi during pregnancy)

अलसी के बीज बल्ड शुगर को कम करके शिशु के विकास और उसके सामान्य वजन को बनाए रखने में सहायक होते है। अलसी के तेल ओमेगा-3 फैटी एसिड मौजूद होता है। इसके अलावा अलसी में अन्य पोषक तत्व भी पाए जाते हैं, जिनका सेवन करना गर्भावस्था के समय जरुरी होता है। परन्तु गर्भावस्था के समय अलसी का सेवन करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर ले।

गैस्ट्राइटिस (पेट में सूजन) के लिए (Flax Seeds in Hindi For gastritis (abdominal swelling))

अलसी में ओमेगा-3 पाया जाता है, जो ग्रेस्ट्राइटिस की समस्या को दूर करता है और उससे बचाव करता है । अलसी के सेवन करने से पेट की सूजन जैस बीमारी को भी ठीक किया जा सकता है।

अस्थमा के लिए (Flax Seeds in Hindi For asthma)

अलसी में ओमेगा-3 फैटी एसिड से भरपूर होता है, जो अस्थमा की समस्या का निवारण करने में सहायक होता है । अलसी के बीजो को 30 मिनट के लिए पानी में भिगोकर रख दे आधे घंटे बाद बीजो को निकाल कर पानी गर्म कर ले और चाय की तरह पानी का सेवन करे । अलसी के बीजों से काढ़ा बनाकर सुबह और शाम सेवन करने से खांसी, और अस्थमा जैसी दुर्लभ बीमारियों से निजात पाया जा सकता है।

अलसी के काढ़े में ठंड के दिनों में मधु, और गर्मी में मिश्री मिलाकर पीना चाहिए। अलसी के 3 ग्राम चूर्ण को 250 मिली उबले हुए पानी में डालकर 1 घण्टे लिए रख दीजिये।अब थोड़ी चीनी मिलाकर इसे पीने से सूखी खांसी तथा अस्थमा की समस्या को ठीक किया जा सकता है।

दांत के लिए (Flax Seeds in Hindi For teeth Problems)

अलसी में दर्दनिवारक और सूजन को कम करने का औषधीय गुण पाया जाता है। मसूड़ों में सूजन तथा दाँत में दर्द होने पर अलसी का तेल औका सेवन करने से दर्द में राहत मिलती है।

आर्थराइटिस के लिए (Flax Seeds in Hindi For arthritis)

अलसी में एंटीइन्फ्लामेट्री गुण पाया जाता है, जो सुजन को कम करने का कार्य करता है। यह आर्थराइटिस की वजह होने वाले जोड़ों के दर्द क ठीक करने में सहायक होता है। अलसी के तेल से मालिश करने से जोड़ो के दर्द से छुटकारा पाया जा सकता है।

कब्ज के लिए (Flax Seeds in Hindi For constipation)

अलसी में फाइबर प्रचुर मात्रा में पाया जाता है , कब्ज की समस्या की समस्या का निवारण करने में सहायक होता है । अलसी का सेवन करने से आप कब्ज तथा अन्य पाचन संबंधित समस्याओ से छुटकारा पा सकते है।

पाचन के लिए (Flax Seeds in Hindi For digestion)

अलसी गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल मोटिलिटी (gastrointestinal (GI)-motility) में भी सहायक है। गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल मोटिलिटी वह प्रक्रिया है, जिसके अंतर्गत हमारे शरीर में सभी खाद्य पदार्थ संपूर्ण पाचन प्रक्रिया से होकर गुजरते है।अलसी के बीज हमारे शरीर में पाचन प्रणाली को स्वस्थ बनाये रखने में सहायक होते है।

त्वचा के लिए ( Flax Seeds in Hindi For Skin )

अलसी में त्वचा को नर्म, मुलायम और चमकदार बनाए रखने के लिए कई पोषक तत्व पाए जाते है।

Harmful Effects of Flax Seeds in Hindi

  • कच्ची अलसी का सेवन करना आपके स्वस्थ्य के लिए हानिकारिक होता है क्योंकि कच्ची अलसी में जहरीले पदार्थ पाए जाते हैं।
  • अलसी का सेवन अधिक मात्रा में करने से पेट से जुड़ी समस्या बढ़ जाती हैं जैसे कि गैस, पेट में दर्द आदि।
  • अलसी के तेल का उपयग आप खाना पकने के लिए नहीं किया जाता है। इसका सेवन केवल पहले से पके हुए खाने में किया जा सकता है वो भी बिलकुल कम मात्रा में।

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अलसी क्या है?

अलसी का उपयोग कई घरेलू व्यंजनों में किया जाता है। असली के बीज दिखने में बहुत ही छोटे होते हैं, परन्तु यह पौष्टिक तत्वों से भरपूर होते है। अलसी के बीजो का सेवन कई रोगो के उपचार के लिए किया जाता है। असली के बीजो का उपयोग सांस, गला, कंठ, कफ, पाचनतंत्र विकार सहित घाव, कुष्ठ आदि रोगों के इलाज के लिए किया जाता है। आज हम आपको हमारे इस लेख के माध्यम से अलसी के बीजो से जुडी सभी आवश्यक जानकारी जैसे अलसी के बीज क्या है?, अलसी के बीज के फायदे तथा नुकसान आदि पर चर्चा परिचर्चा करेंगे।

वजन कम करने के लिए अलसी कैसे उपयोगी कैसे है?

अलसी डायट्री फाइबर प्रचुर मात्रा में उपस्थित होते है।अलसी में उपस्थित फाइबर हमारे शरीर में बढ़े हुए प्लाज्मा और कोलेस्ट्रोल को नियंत्रित करने में सहायता करता है। और इसके अतिरिक्त यह हमारे शरीर में जमी अतिरिक्त चर्बी को कम करता है। यह वजन घटाने में सहायक होता है।

अस्थमा के लिए अलसी कैसे उपयोगी है?

अलसी में ओमेगा-3 फैटी एसिड से भरपूर होता है, जो अस्थमा की समस्या का निवारण करने में सहायक होता है । अलसी के बीजो को 30 मिनट के लिए पानी में भिगोकर रख दे आधे घंटे बाद बीजो को निकाल कर पानी गर्म कर ले और चाय की तरह पानी का सेवन करे । अलसी के बीजों से काढ़ा बनाकर सुबह और शाम सेवन करने से खांसी, और अस्थमा जैसी दुर्लभ बीमारियों से निजात पाया जा सकता है।

अलसी के Harmful Effects बताईये?

कच्ची अलसी का सेवन करना आपके स्वस्थ्य के लिए हानिकारिक होता है क्योंकि कच्ची अलसी में जहरीले पदार्थ पाए जाते हैं।
अलसी का सेवन अधिक मात्रा में करने से पेट से जुड़ी समस्या बढ़ जाती हैं जैसे कि गैस, पेट में दर्द आदि।
अलसी के तेल का उपयग आप खाना पकने के लिए नहीं किया जाता है। इसका सेवन केवल पहले से पके हुए खाने में किया जा सकता है वो भी बिलकुल कम मात्रा में।