Top 10 Benefits of Green Tea: All about green Tea in Hindi ( ग्रीन टी के फायदे )

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green tea benefits in hindi:- अगर आप बढ़ते वजन से परेशान हो रहे हैं और इसको कम करना चाहते हैं। हम आपको वजन घटाने के अलावा ग्रीन-टी पीने के अन्य फायदों के बारे में बता रहे हैं। साथ ही साथ यह भी बता रहे हैं कि ग्रीन-टी का सेवन किस समय करने से यह ज्यादा फायदा पहुंचाती है।

Green Tea Benefits In Hindi

Table of Contents

दुनिया ( green tea how to make ) भर में वजन कम करने औऱ मेटाबॉलिज्म को बढ़ाने के लिए ग्रीन टी (Green Tea) सबसे बेहतर ड्रिंक माना जा रहा है। इसके फायदों ( green tea how to make ) को देखते हुए ग्रीन टी को लोग जमकर पी रहे हैं। लेकिन ग्रीन टी पीने का सही समय और तरीका क्या है अधिकतर लोगों को नहीं पता और इसी वजह से ग्रीन टी फायदा करने की बजाय शरीर को काफी नुकसान भी पहुंचा सकती है।

ग्रीन टी में ऐसे एंटीऑक्सीडेंट्स मौजूद होते हैं, जो मेटाबॉलिज्म को बूस्ट करते हैं। फैट कम करने में सहायक होते हैं। इसे पीने से भूख भी कम लगती है, जिससे आपका वजन काबू में रहता है। जानें, ग्रीन टी पीने से सेहत को होने वाले अन्य फायदे क्या-क्या हैं- ग्रीन टी के सेवन का प्रचलन ( green tea how to make ) काफी बढ़ गया है।

खासकर, जो लोग वजन कम करना चाहते हैं, वो ग्रीन टी का सेवन खूब करते हैं। ग्रीन टी कैमेलिया साइनेन्सिस ( green tea how to make ) नामक पौधे की पत्तियों से बनाई जाती है। ग्रीन टी सेहत के लिए काफी हेल्दी मानी जाती है। जो लोग प्रतिदिन इसका सेवन करते हैं, उनमें हृदय रोग, वजन बढ़ने और कोलेस्ट्रॉल लेवल हाई होने की समस्या काफी कम रहती है।

हालांकि, जो लोग ग्रीन टी पीते हैं, उन्हें यह नहीं पता होता कि कितनी मात्रा में और कितनी बार पीने से शरीर को सही लाभ मिल सकता है, इसलिए वो इसके कई फायदों का लाभ नहीं उठा पाते हैं। ग्रीन टी में ऐसे एंटीऑक्सीडेंट्स मौजूद होते हैं, जो मेटाबॉलिज्म को बूस्ट करते हैं। फैट कम करने में सहायक होते हैं।

इसे पीने से भूख भी कम( green tea how to make ) लगती है, जिससे आपका वजन काबू में रहता है। सदियों से चाय सबका प्रिय पेय रहा है। सामान्य तौर पर दिन की शुरूआत बिना चाय के शुरू नहीं होती है। चाय के फायदों के कारण आयुर्वेद में इसका प्रयोग औषधि के रूप में भी किया जाता है, लेकिन चाय का एक और पहलू भी है, ज्यादा चाय पीने से नुकसान भी होता है।

लेकिन इसका हद से ज्यादा सेवन करना सेहत के लिये नुकसान का कारण बन सकता है। चाय को पीने से पहले क्या आपने पहले कभी सोचा है कि आपकी ये आदत आपके लिए फायदेमंद है या नुकसानदायक । चलिये इसके बारे में आगे विस्तार से जानते हैं कि चाय कैसे स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद है और नुकसानदेह।सदियों से चाय सबका प्रिय पेय रहा है। ( green tea how to make) सामान्य तौर पर दिन की शुरूआत बिना चाय के शुरू नहीं होती है।

चाय के फायदों के कारण आयुर्वेद में इसका प्रयोग औषधि के ( green tea how to make ) रूप में भी किया जाता है, लेकिन चाय का एक और पहलू भी है, ज्यादा चाय पीने से नुकसान भी होता है। लेकिन इसका हद से ज्यादा सेवन करना सेहत के लिये नुकसान का कारण बन सकता है। चाय को पीने से पहले क्या आपने पहले कभी सोचा है कि आपकी ये आदत आपके लिए फायदेमंद है या नुकसानदायक । चलिये इसके बारे में आगे विस्तार से जानते हैं कि चाय कैसे स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद है और नुकसानदेह। ( green tea how to make )

पूरा लाभ पाने के लिए कितनी मात्रा में पिएं ग्रीन टी

ग्रीन टी आपको तरोताजा कर देती है। इसका स्वाद भी अन्य चाय के मुकाबले काफी अलग होता है। यदि आपको सही तरीके से ग्रीन टी बनानी है, तो एक कप में 2-4 ग्राम ग्रीन टी की पत्तियां डालें। पानी को अच्छी तरह से खौला लें। इस पानी को कप में डाल दें और दो-तीन मिनट के लिए छोड़ दें।

थोड़ा ठंडा होने पर पिएं। विशेषज्ञों के अनुसार, एक दिन में दो से तीन ( green tea how to make )कप ग्रीन टी पीना अधिक लाभ पहुंचाती है। इसमें कैफीन की मात्रा कॉफी के मुकाबले काफी कम होती है। जानें, ग्रीन टी पीने से सेहत को होने वाले अन्य फायदे क्या-क्या हैं

ग्रीन टी क्या है

चाय प्राकृतिक रूप में 9-15 मी ऊँचा, अल्परोमिल, सदाहरित क्षुप (Shurb) होता है। खेती की सरलता एवं उत्तम चाय के उत्पादन के कारण क्षुपों को ऊपर से समय-समय पर काट दिया जाता है जिससे यह पौधा लगभग 60-150 सेमी आकार का रहता है। इसके आगे के भाग के दो पत्ते व एक कलिका का उपयोग चाय की पत्ती के लिए किया जाता है।

Green Tea How To Make ) इसके पत्ते सरल, एकांतर 5-15 सेमी लम्बे एवं 3.87-6.2 सेमी व्यास या डाइमीटर के, नोंकदार, ऊपर से चिकने, निम्न-भाग में किंचित् रोमश तथा अति सूक्ष्म छिद्रों (इन छिद्रों में विशिष्ट गन्धयुक्त एक प्रकार का तैलीय द्रव होता है) से युक्त होते हैं। इसके फूल सफेद रंग के, सुगन्धित, एकल अथवा 2-4 साथ में तथा फूल 3.2 सेमी व्यास के, बाह्यदल-5-6, गोलाकार होते हैं। इसके फल त्रिकोणीय होते हैं, जिसमें 1.8 सेमी व्यास के, लगभग गोल, चिकने, भूरे रंग के, कठोर बीज कवच जैसे, चमकीले दो बीज रहते हैं।

चाय दिसम्बर से मार्च महीने के दौरान सबसे ज्यादा फलता फूलता है। चाय वस्तुत: पेय पदार्थ होता है जिसमें टैनिन और कैफीन होता है जो शरीर को स्फुर्ति प्रदान करने में सहायता करता है। इसलिए अक्सर थक जाने पर चाय पीने से फिर से स्फुर्ति का एहसास होता है। लेकिन हद से ज्यादा चाय पीने से अगर वह व्यसन या लत बन जाय तो शरीर( Green Tea How To Make ) के लिए नुकसानदायक हो सकती है।

चाय मूलतः कड़वा, गर्म तासीर का और ऊर्जादायक होती है। चाय कफपित्तनाशक होने के ( Green Tea How To Make ) साथ-साथ थोड़ा वात के प्रकोप को बढ़ा भी सकती है। शायद आपको पता नहीं कि चाय आपको उत्तेजित तो करती ही है लेकिन अधिक मूत्र होने वाली बीमारी को आमंत्रित भी कर सकती है। चाय की पत्ती , भूख बढ़ाने वाली, पाचक और शक्तिवर्द्धक होती है। चाय हृदय के दर्द, आंखों का दर्द, रक्तार्श या पाइल्स का दर्द और सूजन कम करने में मददगार होता है।

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अन्य भाषाओं में चाय के नाम ( Name of Tea in Different Languages in Hindi )

Tea in :

1) Sanskrit-श्यामपर्णी, चाहम्, चविका;

2) Hindi-चाय;

3) Urdu-चाय (Chai);

4) Oriya-चाइ (Chai), चा (Cha);

5) Kannada-चा (Cha), चाय (Chay), चाहा (Chaha);

6) Gujrati-चहा (Chaha), चाय (Chay);

7) Tamil-करूप्पुट्टेयिलेई (Karupputteyilai), तायीलि (Thayili);

8) Telugu––थेयाकू (Theyaku);

9) Bengal-चाइ (Chai), चाय (Chai);

10) Nepali-चा (Chha), चिया (Chiya);

11) Panjabi-चाई (Chai), चाय (Chay);

12) Marathi-घेयाले (Gheyale), चहा (Chaha);

13) Malayalam-चाया (Chaya)।

14) English-आसाम टी (Assam tea), चाइना टी ( green tea how to make ) (China tea), इंडियन टी (Indian tea), टी प्लांट (Tea plant);

15) Arbi-चाह (Chha);

16) Persian-चाइका थाई (Chaika thai)।

ग्रीन टी के प्रकार

1) जैस्मीन ग्रीन-टी

2) मोरक्को मिंट ग्रीन-टी

3) गेन माचा ग्रीन-टी

4) ड्रैगन वेल ग्रीन-टी

5) हौजीचा ग्रीन-टी

6) कुकीचा ग्रीन-टी

7) सेन्चा ग्रीन-टी

8) ग्योकुरो ग्रीन-टी

9) बिलोचन ग्रीन-टी

10) माचा ग्रीन-टी

ग्रीन टी के फायदे – Benefits of Green Tea in Hindi

1) कैंसर के लिए ( Benefits of Green Tea for Cancer )

शनल कैंसर ( Green Tea How To Make ) इंस्टिट्यूट के मुताबिक, पॉलीफेनोल (कैटेचिन) चाय के एंटी-कैंसर गुणों के लिए जिम्मेदार है। इनमें से सबसे भरोसेमंद ईजीसीजी है। यह, मुक्त कणों से लड़ सकता है और कोशिकाओं को डीएनए क्षति से बचा सकता है। ग्रीन-टी में मौजूद पॉलीफेनोल इम्यून सिस्टम की प्रक्रिया को भी ठीक कर सकता है ।

वहीं, जानवरों पर किये गए एक (Green Tea How To Make ) और अध्ययन के अनुसार, ग्रीन-टी कुछ खास प्रकार के कैंसर (फेफड़े, त्वचा, स्तन, लिवर, पेट और आंत) के जोखिम से बचाव में मदद कर सकती है। साथ ही ग्रीन-टी कैंसर कोशिकाओं के प्रसार को रोकने में भी सहायक हो सकती है । साथ ही हम इस बात को नजरअंदाज नहीं कर सकते हैं कि कैंसर एक गंभीर बीमारी है। इसके इलाज के लिए सिर्फ घरेलू उपचार पर निर्भर रहना सही नहीं है।

2) हड्डियों के लिए ( Benefits of Green Tea for Bons )

ग्रीन टी का सेवन हड्डियों के लिए भी फायदेमंद होता है। इसके पीछे ग्रीन टी में मौजूद बायोएक्टिव कंपाउंड हो सकते हैं। दरअसल, इसका सेवन बोन मिनरल डेंसिटी में सुधार कर फ्रैक्चर के खतरे को कम कर सकता है। वहीं, दूसरी तरफ यह ऑस्टियोक्लास्टिक हड्डी टूटने की प्रक्रिया) गतिविधियों को कम कर ओस्टियोब्लास्टिक गतिविधियों- हड्डियों के बनने की ( green tea how to make ) प्रक्रिया) में सुधार कर सकता है ।

वहीं चूहों पर किये गए शोध में यह पता चला कि ग्रीन टी पॉलीफेनोल सूजन और ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस के कारण हड्डियों की हानि के खतरे को कम कर सकता है। फिलहाल, ज्यादातर परिणाम जानवरों पर किए गए अध्ययनों पर आधारित हैं, मानव पर इसके बेहतर प्रभाव जानने के लिए अभी और शोध की आवश्यकता है ।

3) ग्लोइंग स्किन के लिए (Benefits of Green Tea for Glowing skin )

स्किन के मामले में ग्रीन-टी स्किन को जरूरी हाइड्रेशन देती है। इसी के साथ फाइन-लाइन्स, डार्क सर्कल्स और एक्ने से छुटकारा दिलाने में भी मदद करती है। क्लियर और ग्लोइंग स्किन के लिए ग्रीन-टी का सेवन अच्छा है। स्टडीज के अनुसार, इस मामले में ग्रीन-टी बाहर और अंदर दोनों तरह से काम आ सकती है। इसका और बेहतर ( green tea how to make ) तरीके से उपयोग करने के लिए ग्रीन-टी की पत्तियों से चेहरे पर स्टीम लें। इसे हफ्ते में एक बार जरूर करें।

4) पाचन क्रिया को सुधारे ( Benefits of Green Tea for digestion process )

इसमें काफी मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट होता है, जो पाचन क्रिया को मजबूत करता है। कैटेचिन्स पाचन एंजाइम की क्रिया को धीमा करता है, जिससे आंत सभी कैलोरी को अवशोषित नहीं करती। इस तरीके से वजन भी नहीं बढ़ता है। ग्रीन टी में विटामिन-बी, सी और ई काफी होता है। ये पाचन शक्ति को मजबूत बनाते हैं। पेट से संबंधित कई तरह के कैंसर के होने के( green tea how to make ) खतरे को भी कम करती है ग्रीन टी। यदि आप इसे पिएंगे, तो आपको ग्रीन टी के ये सभी फायदे जरूर मिलेंगे।

5) डायबिटीज में फायदेमंद ( Benefits of Green Tea for Diabetes )

ग्रीन टी वजन कम करने के साथ साथ डायबिटीज के ( green tea how to make ) मरीजों के लिए काफी सहायक है। इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट और एन्टी फ्लेमेटरी डायबिटीज के मरीजों में दिल से संबंधित बीमारियों के खतरे को दूर करता है। एक अध्ययन के अनुसार, यदि आप डायटीशियन की सलाह के मुताबिक रोज ग्रीन टी पीते हैं तो फिर आपको टाइप 2 डायबिटीज होने का खतरा बहुत कम हो जाता है।

6) खाली पेट न पिएं ग्रीन टी ( Benefits of Green Tea to drink empty stomach )

खाली पेट ग्रीन टी पीने से बचना चाहिए। अगर आप खाली पेट ग्रीन टी पीते हैं तो आप गैस बनने की समस्या से ग्रसित हो सकते हैं। डॉक्टर कहते हैं कि एक कप ग्रीन टी में 24-25 एमजी कैफीन की मात्रा होती है।

यदि कोई व्यक्ति दिन में तीन कप ग्रीन टी भी पीता तो तो उसके शरीर में इतना कैफीन चला जाएगा जिससे उसे बैचेनी, चक्कर, डायबिटीज में दिक्कत, दस्त, ( green tea how to make ) अनिद्रा, सीने में जलन जैसी परेशानियां उत्पन्न हो सकती है। अगर आपको अल सुबह ग्रीन टी पीनी ही है तो आप इसके साथ एक बिस्कुट खा सकते हैं।

7) शहद के साथ ग्रीन टी को मिलाकर पिएं ( Benefits of Green Tea )

ग्रीन टी को शहद के साथ मिलाकर पीने से शरीर को बहुत फायदा होता है। इससे शरीर के टॉक्टिक तत्व बाहर निकल जाते हैं और पाचन अच्छा होता है। दरअसल ग्रीन टी में मौजूद कैफीन और शहद में पाए जाने वाले विटामिन न्यूरोंस को रिवाइव करते हैं। ये दोनों मिलकर बॉडी में जमा फैट को जलाकर खत्म करते हैं। एक तरफ शहद शरीर में जमा कैलोरीज को कम करने ( green tea how to make ) का काम करता है, तो दूसरी ओर ग्रीन टी पाचन दर को बढ़ाकर शरीर में ऊर्जा पैदा करती है।

8) दूध और चीनी के साथ ग्रीन टी न पिएं ( Do note take green tea with milk and sugar )

कुछ लोग ग्रीन टी को दूध औऱ चीनी के साथ मिलाकर आम चाय की तरह पीते हैं। यह फायदेमंद नहीं है, उलटा इसके नुकसान है। दूध और चीनी के साथ मिलाकर ग्रीन टी कभी नहीं पीनी चाहिए क्योंकि इससे पाचन तंत्र के रस बिगड़ जाते हैं। दरअसल ग्रीन टी भी मेटाबॉलिज्म बूस्ट करती है औऱ दूध चीनी लैक्टिक डोज होते हैं। ये तीनों अगर मिलाकर पीए जाएंगे तो दस्त लग जाएंगे औऱ ( green tea how to make ) पाचन खराब हो जाएगा।

9) वजन कम करने के लिए ( Benefits of Green Tea for Lose weight )

ग्रीन टी के सेवन से वजन कम होता है औऱ फिटनेस बरकरार रहती है। दरअसल ग्रीन टी की पत्तियों में ऐसे कई बायोएक्टिव तत्व पाए जाते हैं जो शरीर में वसा को जलाने वाले हारमोंस को बढ़ावा देते हैं। ग्रीन टी के सेवन से मेटाबॉलिज्म बढ़ता है और कोलेस्ट्रोल पर नियंत्रण रहता है।

पैलीफेनोल की मदद से शरीर का भोजन कैलोरी में बदलता है। इससे ऊर्जा मिलती है और वजन नियंत्रण में रहता है। ग्रीन-टी वजन कम करने में फायदेमंद होती है। इसमें मौजूद एंटी-ऑक्सीडेंट, मेटाबॉलिज्म को बढ़ाकर वजन कम करने में मदद कर सकता है।

की वेबसाइट पर प्रकाशित एक शोध के अनुसार, ग्रीन-टी पीने के साथ मध्यम तीव्रता के ( green tea how to make ) व्यायाम फैट ऑक्सीडेशन (फैट बर्निंग) को बढ़ावा देने का काम कर सकते हैं, जिससे मोटापे को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है ।

इसके अलावा, एक अन्य अध्ययन में ग्रीन टी में मौजूद कैटेचिन और कैफीन के मिश्रण का सेवन वजन कम करने और वजन को संतुलित रखने में कुछ हद तक सकारात्मक प्रभाव दिखा सकता है)। इस बारे में और ज्यादा जानकारी के लिए पाठक हमारा वजन घटाने के लिए ग्रीन टी का लेख भी पढ़ सकते हैं।

10) दिमाग के लिए फायदेमंद ( Benefits of Green Tea for Lose strong brain )

ग्रीन टी शरीर के साथ साथ दिमाग के लिए भी बेहद फायदेमंद है। ( green tea how to make ) इसमें मौजूद अमीनो एसिड होता है जो मानसिक तनाव को कम करने वाले हारमोन के स्रावण में मदद करता है। इस हारमोन को सेरेटोनिन कहते हैं। ग्री टी में मौजूद एंटी ऑक्सिडेंट दिमाग में मौजूद सेरेटोनिन का प्रवाह तेज करती है जिससे मानसिक तनाव कम होता है। ( green tea how to make )

ग्रीन टी बनाने की विधि

अगर आप भी फिटनेस बनाए रखने के लिए ग्रीन टी पीते हैं तो आपको ग्रीन टी बनाने का सही तरीका पता होना ( green tea how to make ) चाहिए। आइए आपको बताते हैं घर पर ग्रीन टी बनाने की विधि ताकि आप सही तरीके से ग्रीन टी बनाकर अपनी और अपनों की फिटनेस को बरकरार रख सकें।

ग्रीन टी (Green Tea) बनाने की विधि बहुत ही आसान है। इसके लिए काफी कम सामग्री की जरूरत पड़ती है।

सामग्री:

1) केतली या चायदान

2) एक कप पानी

3) ग्रीन टी बैग/पाउडर

4) शहद

सबसे पहले एक कप पानी को केतली या चायदान में उबलने के लिए रख दीजिए। जब यह अच्छी तरह उबल जाए तो इस पानी को वापस कप में डालिए औऱ ग्रीन टी का बैग इसमें डाल दीजिए। अब इंतजार कीजिए जब तक ग्रीन टी का सत्व पानी में घुल न जाए। करीब तीन से चार मिनट बाद ग्रीन टी के बैग को कप से बाहर निकालिए।

यदि आपको शहद मिलाना है तो आधा चम्मच शहद मिला लीजिए। यदि आप टी बैग की जगह ग्रीन टी का पाउडर इस्तेमाल कर रहे हैं तो टी बैग की जगह कप में एक चम्मच पाउडर डालकर तब तक मिलाएं जब तक अच्छी तरह मिल न जाए। फिर आप चाहें तो इसमें शहद मिला सकते हैं, अन्यथा ऐसे भी पी सकते हैं।

Side Effect of Green tea in Hindi

  •  ग्रीन टी के सेवन से पेट दर्द, मतली और लिवर संबंधी समस्या हो सकती है।
  •  ग्रीन टी में कैफीन मौजूद होता है, ऐसे में इसके अधिक सेवन से अनिद्रा, सिरदर्द, कंपकंपी और चिंता जैसी परेशानियां हो सकती हैं।
  • ग्रीन टी में टैनिक एसिड (Tannic Acid) नामक तत्व होता है, जो दांतों में दाग का कारण बन सकता है।
  • गर्भावस्था के दौरान ग्रीन टी के सेवन से पहले डॉक्टरी सलाह जरूर लें। इसमें कैफीन होता है और गर्भावस्था के दौरान 300 मिलीग्राम से ज्यादा कैफीन का सेवन गर्भावस्था की अवधि को बढ़ा सकता है।

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ग्रीन टी क्या है?

चाय प्राकृतिक रूप में 9-15 मी ऊँचा, अल्परोमिल, सदाहरित क्षुप (Shurb) होता है। खेती की सरलता एवं उत्तम चाय के उत्पादन के कारण क्षुपों को ऊपर से समय-समय पर काट दिया जाता है जिससे यह पौधा लगभग 60-150 सेमी आकार का रहता है। इसके आगे के भाग के दो पत्ते व एक कलिका का उपयोग चाय की पत्ती के लिए किया जाता है।( Green Tea How To Make ) इसके पत्ते सरल, एकांतर 5-15 सेमी लम्बे एवं 3.87-6.2 सेमी व्यास या डाइमीटर के, नोंकदार, ऊपर से चिकने, निम्न-भाग में किंचित् रोमश तथा अति सूक्ष्म छिद्रों (इन छिद्रों में विशिष्ट गन्धयुक्त एक प्रकार का तैलीय द्रव होता है) से युक्त होते हैं। इसके फूल सफेद रंग के, सुगन्धित, एकल अथवा 2-4 साथ में तथा फूल 3.2 सेमी व्यास के, बाह्यदल-5-6, गोलाकार होते हैं। इसके फल त्रिकोणीय होते हैं, जिसमें 1.8 सेमी व्यास के, लगभग गोल, चिकने, भूरे रंग के, कठोर बीज कवच जैसे, चमकीले दो बीज रहते हैं।

दूध और चीनी के साथ ग्रीन टी न पिएं क्यों?

कुछ लोग ग्रीन टी को दूध औऱ चीनी के साथ मिलाकर आम चाय की तरह पीते हैं। यह फायदेमंद नहीं है, उलटा इसके नुकसान है। दूध और चीनी के साथ मिलाकर ग्रीन टी कभी नहीं पीनी चाहिए क्योंकि इससे पाचन तंत्र के रस बिगड़ जाते हैं। दरअसल ग्रीन टी भी मेटाबॉलिज्म बूस्ट करती है औऱ दूध चीनी लैक्टिक डोज होते हैं। ये तीनों अगर मिलाकर पीए जाएंगे तो दस्त लग जाएंगे औऱ (Green Tea How To Make) पाचन खराब हो जाएगा।

शहद के साथ ग्रीन टी को क्यों मिलाकर पिए?

ग्रीन टी को शहद के साथ मिलाकर पीने से शरीर को बहुत फायदा होता है। इससे शरीर के टॉक्टिक तत्व बाहर निकल जाते हैं और पाचन अच्छा होता है। दरअसल ग्रीन टी में मौजूद कैफीन और शहद में पाए जाने वाले विटामिन न्यूरोंस को रिवाइव करते हैं। ये दोनों मिलकर बॉडी में जमा फैट को जलाकर खत्म करते हैं। एक तरफ शहद शरीर में जमा कैलोरीज को कम करने ( Green Tea How To Make ) का काम करता है, तो दूसरी ओर ग्रीन टी पाचन दर को बढ़ाकर शरीर में ऊर्जा पैदा करती है।