गूलर से होने वाले अदुभुत फायदे: Gular Benefits In Hindi, जाने

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Gular Benefits In Hindi

Gular Benefits In Hindi:- जैसा की आप जानते तो नहीं होंगे पर हम आपको बता देते है की गूलर नामक, औषधीय वृक्ष की Medical Field में बहुत महत्वपूर्ण जगह है। गूलर के पेड़ को भारत में कई जगह उंमर के नाम से भी कहा जाता है। आयुर्वेद विशेषज्ञ का मानना है की रक्तस्राव रोकने, मूत्र रोग, मधुमेह तथा शरीर की जलन में गूलर की छाल एवं कच्चे फल इस्तेमाल किये जाते है।

Gular Benefits In Hindi

Table of Contents

गूलर आपको कई सारी बीमारियों से बचाने का काम करता है (Gular Benefits In Hindi) आज हम आपको हमारे इस लेख के माध्यम से गूलर से होने वाले फायदों के बारे में बताएंगे विस्तार से जानने के लिए दिए गए लेख को अंत तक पढ़े।

Red Blood Cells बनाने में मदद (Gular Fruit Benefits)

गूलर भारत के अतिरिक्त Australia, Malaysia and China के कुछ हिस्सों में उगता है। गूलर में Vitamin B2 पाया जाता है। जो Red Blood Cells के Production में सहायता करता है। इसके अतिरिक्त यह ऐसी Antibodies को बनाने में सहायता करता है जो शरीर के विभिन्न हिस्सों में Oxygen पहुंचाने में हमारी सहायता करता है।

आयरन की कमी दूर (गूलर खाने के फायदे)

गूलर में भरपूर मात्रा में Iron होता है और यह शरीर से Iron की कमी को दूर करने में सहायता करता है।

नींद की कमी दूर

नींद न आने की परेशानी से छुटकारा पाने में भी गूलर सहायक है। इसकी वजह है इसमें मौजूद Iron यह न सिर्फ अच्छी नींद लाने में सहायता करता है बल्कि Stress भी दूर रखता है।

पित्त में लाभदायक (गूलर के फायदे)

पित्त की बीमारी में गूलर की पत्तियों को शहद के साथ पीसकर खाने से पित्त की बिमारी से छुटकारा मिलता है।गूलर ह्रदय संबधी रोगो से छुटकारा पाने में लाभदायक साबित होता है।

Gular Ka Phool In English

गूलर को क्षेत्रीय भाषाओं में भिन्न-भिन्न नामों से जाना जाता है, इसलिए हो सकता है कि गूलर नाम से यह फल याद न आ रहा हो। गूलर का वैज्ञानिक नाम Ficus Racemosa है और अंग्रेजी भाषा में इसे Cluster Fig के नाम से जाना जाता है।

Gular Benefits In Hindi

Bleeding होने पर

शरीर के किसी भी अंग से खून आने पर या Period के समय अधिक Bleeding होने पर भी गूलर की सहायता ली जा सकती है। इसके लिए गूलर के दो-तीन पके हुए फलों को चीनी या खांड़ के साथ खाना चाहिए।

लूज़ मोशन यानी दस्त होने पर

लूज़ मोशन मतलब दस्त की दिक्कत होने पर गूलर के दूध की चार-पांच बूंदों को बताशे में डाल कर दिन में तीन बार खाने से बहुत राहत मिलेगी।

नकसीर फूटने पर

नकसीर फूटने मतलब नाक से खून आने पर गूलर की छाल से राहत मिलता है। इसके लिए 20-30 ग्राम गूलर की छाल को पानी में पीसकर तालु पर लगाएं। इससे नाक से खून आना रुक जाता है।

घाव ठीक करे

घाव को जल्द से जल्द ठीक करने के लिए गूलर के दूध का उपयोग कर सकते हैं। इसके लिए आप रुई में गूलर का दूध लेकर घाव पर लगाएं।

निमोनिया के इलाज में फायदेमंद गूलर (Gular Tree In Hindi)

निमोनिया होने का एक कारण कफ दोष का अनियमित रूप से काम करना होता है। गूलर में कफ शामक गुण पाए जाने के कारण यह निमोनिया जैसी स्थिति में भी फायदेमंद माना जाता है।

पाचन में लाभकारी गूलर

यदि आपको पाचन तंत्र में कोई परेशानी है आपका भोजन समय पर पच नहीं रहा तो आप गूलर का सेवन कर सकते है इससे आपको समय पर भूख भी लगेगी और यह आपको पाचन संबधी परेशानियों में आपका साथ भी देगा।

कैंसर के इलाज में लाभकारी गूलर

एक रिसर्च के मुताबित गूलर के फल से निकलने वाले निर्यास में Anti Carcinogenic गुण पाए जाते हैं जो कि कैंसर के लक्षणों को रोकने में हमारी सहायता करते है।

अल्सर से राहत दिलाने में लाभकारी गूलर

गूलर में पाए जाने वाले शीत गुण के कारण यह अल्सर जैसी समस्याओ में भी फायदा पहुंचाता है। शीत होने के कारण यह अल्सर के स्थान पर ठंडक प्रदान कर घाव को जल्दी ठीक होने में सहायता करती है।

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दांत के रोग के इलाज में

आप गूलर की छाल का प्रयोग काढ़ा बनाकर गरारे करने में कर सकते है और दांतो को भी साफ़ कर सकते है (Gular Benefits In Hindi) ऐसा करने से दांत और मसूड़ों जैसी सभी बीमारियों से दूर रहेंगे और मजबूत भी बनेंगे ऐसा आप प्रतिदिन करें।

मधुमेह सही करने के लिए (Gular Ka Tree)

आप यदि मधुमेह के रोगी है तो आप गुलर के फलो का चूर्ण को एक कप पानी के साथ सुबह-शाम भोजन करने के पश्चात लें लेवे इससे आपके टॉयलेट में चीनी का आना बंद हो जाएगा। और आपका शुगर कंट्रोल रहेगा। (Gular Benefits In Hindi) आप कच्चे फलो की सब्जी का भी सेवन करें और जब आपकी शुगर नियंत्रण में आ जाए तब आप गुलर का सेवन बंद कर दें।

Gular Benefits In Hindi

शिशु का दुबलापन दूर करने में मददगार

बच्चों को आयु के मुताबित कुछ बूंदों से लेकर 8-10 बूंदों तक गुलर का दूध माँ या गाय-भैस के दूध के साथ मिलाये और प्रतिदिन कुछ महीनो तक पिलाये फिर शिशु स्वस्थ हो जाएगा। (Gular Benefits In Hindi) ऐसा आप तब तक करें जब तक बच्चा हस्ठ -पुष्ट न हो जाए।

गर्भस्त्राव को ठीक करने के लिए

गुलर के फलों का चूर्ण 1-1 चम्मच का सुबह-शाम दूध के साथ सेवन करें (Gular Benefits In Hindi) और सोते समय गुलर की जड़ की छाल का चूर्ण 1 चम्मच मिश्री के साथ प्रतिदिन लेवे ऐसा करने से गर्भस्त्राव नहीं होता है। (Gular Benefits In Hindi) गर्भस्त्राव रोकने का यह भी एक आयुर्वेदिक उपाय है।

बवासीर ठीक करने के लिए

यदि आपको बवासीर जैसे रोग की शिकायत है तो आपको गुलर के दूध की 10-20 बून्द पानी में मिलकर पीए। गूलर के दूध को मस्सों पर लेप करें। (Gular Benefits In Hindi) इस उपचार के चलते आप घी का अधिक मात्रा में सेवन करें। (Gular Benefits In Hindi) पीड़ित जगह पर गुलर के दूध में रुई भिगोकर लगाकर रखे और रुई को प्रतिदिन चेंज करें।

अस्वीकरण

सलाह सहित यह सामग्री सिर्फ सामान्य जानकारी प्रदान करती है। यह किसी भी प्रकार से Qualified Medical राय का Option नहीं है। जायदा जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने Doctor से Consultation करें। dadikenuske इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है।

मधुमेह सही करने के लिए गुलर कैसे उपयोगी है?

आप यदि मधुमेह के रोगी है तो आप गुलर के फलो का चूर्ण को एक कप पानी के साथ सुबह-शाम भोजन करने के पश्चात लें लेवे इससे आपके टॉयलेट में चीनी का आना बंद हो जाएगा। और आपका शुगर कंट्रोल रहेगा। (Gular Benefits In Hindi) आप कच्चे फलो की सब्जी का भी सेवन करें और जब आपकी शुगर नियंत्रण में आ जाए तब आप गुलर का सेवन बंद कर दें।

बवासीर ठीक करने के लिए क्या करें?

यदि आपको बवासीर जैसे रोग की शिकायत है तो आपको गुलर के दूध की 10-20 बून्द पानी में मिलकर पीए। गूलर के दूध को मस्सों पर लेप करें। (Gular Benefits In Hindi) इस उपचार के चलते आप घी का अधिक मात्रा में सेवन करें। (Gular Benefits In Hindi) पीड़ित जगह पर गुलर के दूध में रुई भिगोकर लगाकर रखे और रुई को प्रतिदिन चेंज करें।

गर्भस्त्राव रोकने के लिए क्या करें?

गुलर के फलों का चूर्ण 1-1 चम्मच का सुबह-शाम दूध के साथ सेवन करें और सोते समय गुलर की जड़ की छाल का चूर्ण 1 चम्मच मिश्री के साथ प्रतिदिन लेवे ऐसा करने से गर्भस्त्राव नहीं होता है। (Gular Benefits In Hindi) गर्भस्त्राव रोकने का यह भी एक आयुर्वेदिक उपाय है।

आयरन की कमी दूर कैसे करें?

गूलर में भरपूर मात्रा में Iron होता है और यह शरीर से Iron की कमी को दूर करने में सहायता करता है।

घाव ठीक कैसे करे?

घाव को जल्द से जल्द ठीक करने के लिए गूलर के दूध का उपयोग कर सकते हैं। इसके लिए आप रुई में गूलर का दूध लेकर घाव पर लगाएं।

नींद की कमी को कैसे दूर करे?

नींद न आने की परेशानी से छुटकारा पाने में भी गूलर सहायक है। इसकी वजह है इसमें मौजूद Iron यह न सिर्फ अच्छी नींद लाने में सहायता करता है बल्कि Stress भी दूर रखता है।

Bleeding होने पर क्या करे?

शरीर के किसी भी अंग से खून आने पर या Period के समय अधिक Bleeding होने पर भी गूलर की सहायता ली जा सकती है। इसके लिए गूलर के दो-तीन पके हुए फलों को चीनी या खांड़ के साथ खाना चाहिए।