Jamun Benefits in Hindi: जामुन के फायदे मुँहासो, त्वचा, आँखों, पीलिया, डायबिटीज लाभ देता है।

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Jamun Benefits in Hindi

Jamun Benefits in Hindi: जामुन काले और छोटे होते हैं। इसमें कई औषधीय गुण पाए जाते हैं। आम आने के बाद गर्मियों के मौसम में जून के माहिए में जामुन आते है। मधुमेह को नियंत्रित करने के लिए जामुन सबसे अधिक गुणकारी होते है। जामुन भोजन पाचन, दांतों के लिए, आंखों के लिए, पेट के लिए, चेहरे के लिए, किडनी स्टोन अदि समस्याओ के लिए भी काफी गुणकारी होता है।

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Table of Contents

जामुन में कई पोषक तत्व पाए जाते है जैसे आयरन, कैल्शियम, प्रोटीन, फाइबर, कार्बोहाइड्रेड आदि। जामुन बच्चों के सेहत के लिए भी काफी गुणकारी होता है। आज हम आपको हमारे इस लेख के माध्यम से जामुन से जुडी सभी आवश्यक जानकारी जैसे जामुन क्या है ?, जामुन के पोषक तत्व, जामुन के फायदे, तथा जामुन के नुकसान आदि पर चर्चा परिचर्चा करेंगे।

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Jamun in Hindi

जामुन का वैज्ञानिक नाम Syzygium cumini (Linn.) Skeels है।जामुन Myrtaceae (मिर्टेसी) कुल का है। जामुन के बीज, पत्ते तथा छाल का इस्तेमाल औषधि के रूप में किया जाता है। जामुन में पांच प्रकार की प्रजातियां पायी जाती हैं। इनका नाम है , जामुन (Syzygium cumini (Linn.) Skeels.), सफेद जामुन (Syzygium jambos (Linn.) Alston), काठ जामुन (Syzygium operculatum (Roxb.) Gamble), भूमि जम्बु (Syzygium zeylanicum (Linn.) DC.), क्षुद्र-जम्बु (Eugenia heyeana Wall.

जामुन का वृक्ष बड़ा और विशाल होता है। जामुन के पत्ते 7.5-12.5 सेमी लम्बे एवं 1.8-2.5 सेमी व्यास के होते हैं। जामुन के फूल छोटे, सफेद रंग के होते हैं और फल 1.2 सेमी अथवा अधिक लम्बे तथा मांसल होते हैं।

मुख्य रूप से जामुन के बीजों का प्रयोग मधुमेह के इलाज के लिए किया जाता है। जामुन के पेड़ की छाल का इस्तेमाल शारीरिक शक्ति बढ़ाने और सेक्सुअल स्टैमिना में भी बढ़ोतरी के लिए किया जाता है। जामुन का सेवन करने से पेट के कीड़ों को खत्म किया जा सकता है और ये गठिया रोग के लिए काफी उपयोगी साबित होते है। इसके तने की छाल रक्त संबंधी बीमारी, दस्त और पेट में कीड़ों जैसी गंभीर समस्याओ से छुटकारा पाया जा सकता है।

Nutrients Of Jamun

जामुन में कई प्रकार के विटामिन्स, खनिज एवं एन्टीऑक्सडेंट तत्व पाए जाते हैं।जामुन में कार्बोहाइड्रेट, पोटैशियम, कैल्शियम, आयरन, प्रोटीन, मैग्नीशियम, फॉस्‍फोरस, फाइबर, विटामिन ए, विटामिन बी, विटामिन सी, विटामिन ई, लोहा, विटामिन बी, ग्लूकोज, एंटीऑक्सीडेंट, मैग्नीशियम, राइबोफ्लेविन, सोडियम, निकोटिन एसिड, गैलिक एसिड, फोलिक एसिड आदि लाभकारी तत्व प्रचुर मात्रा में उपस्थित होते है।

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Jamun Benefits in Hindi

मुँहासो के लिए (Jamun Benefits for Pimples)

मुंहासों को कम करने लिए जामुन के रस का इस्तेमाल किया जाता है।जामुन या फिर जामुन की पत्तियों के रस को त्वचा पर लगाने से त्वचा पर तेल को कम करता है।और इससे मुंहासो की समस्या से छुटकारा पाया जा सकता है। जामुन में कई औषधीय गुण पाए जाते है जो त्वचा के विकारो को ठीक करने लिए काफी फायदेमंद होता ह।

त्वचा और आँखों के लिए (Jamun Benefits for Eyes and Skin)

त्वचा के रोगों का इलाज करने के लिए आप जामुन का इस्तेमाल आंतरिक और बाहय दोनों प्रकार से कर सकते है। जामुन के पेड़ की छाल हमारे शरीर में रक्तशोधक के रूप में कार्य करती है। यह हमारे शरीर में खून को साफ़ कर त्वचा के रोगो से छुटकारा दिलाता है।

जामुन का बाहय रूप से इस्तेमाल करने से त्वचा रोगके लिए काफी फायदेमंद होता है। जामुन के रस को त्वचा पर लगाने से पिम्पल्स जैसे समस्याओ से निजात पाया जा सकता है। मधुमेह की समस्या की वजह से आँखों के नुकसान से बचने के लिए आप जामुन का सेवन कर सकते है।

आँखों के लिए (Benefit of Jamun to Treat Eyes Diseases in Hindi)

आजकल लोगो आंखों से संबंधित कई तरह के विकारो का सामना करना पड़ता हैं, जैसे- आंखों का दुखना, आँखों में से पानी आना आदि । इन सभी समस्याओ से छुटकारा पाने के जामुन का प्रयोग कर सकते हैं। सबसे पहले आपको जामुन के 15-20 कोमल पत्तों को 400 मिली पानी में उबालना होगा और इसे तब तक उबले जब तक एक चौथाई न हो जाए। अब आप इस काढ़े से अपनी आंखों को धो ले ।ऐसा करने से आपकी आँखों को आराम मिलेगा।

मोतियाबिंद रोग के लिए (Jamun Benefits in Cataract Disease in Hindi)

मोतियाबिंद की समस्या से छुटकारा पाने के लिए आप जामुन का इस्तेमाल कर सकते है। सबसे पहले आपको जामुन की गुठली के चूर्ण में शहद को अच्छी तरह से मिलाकर तीन-तीन ग्राम की गोलियां बनानी होगी।अब प्रतिदिन सुबह और शाम को 1-2 गोली कासेवन करे। इसके अलावा आपको इन गोलियों को शहद में घिसकर काजल की तरह अणि आँखों में लगाने से राहत मिलती है।

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कान के रोग के लिए (Jamun Benefits in Ear Disease in Hindi)

हमारे कान में से कभी कभी घाव होने या फिर अन्य करने की वजह से रसी आने लग जाती है। इस समस्या से छुटकारा पपने के लिए जामुन (jamun fruit) की गुठली को शहद में पीसकर 1-2 बूंद कान में डाल ले। ऐसा करने से आप कान बहने की समस्या से छुटकारा पा सकते है।

दांत दर्द के लिए (Jamun Benefits to Treat Toothache in Hindi)

दांत संबंधी समस्यायो से छुटकारा पाने के लिए जामुन काफी फायदेमंद होता है। जामुन के पत्तों की राख को दांत और मसूड़ों पर रगड़ने से दांत और मसूड़े मजबूत होते हैं। पके हुए जामुन के रस को मुंह में भरकर, अच्छी तरह हिलाकर कुल्ला करने से पाइरिया की समस्या से छुटकारा पाया जा सकता है।

मुंह के छाले के लिए (Jamun benefits to Heals Mouth Ulcer in Hindi)

खान-पान में बदलाव होने के कारण अक्सर हमारे मुँह में छाले होने लगते हैं। जामुन के पत्तों के रस से कुल्ला करने से मुंह के छालों से छुटकारा पाया जा सकता है। जामुन के 10-15 मिली जामुन के रस का नियमित सेवन करने से गले की समस्याओ को ठीक किया जा सकता हैं।

1-2 ग्राम जामुन के पेड़ की छाल के चूर्ण का सेवन करने से गले में दर्द जैसी समस्याओ से छुटकारा पाया जा सकता है। जामुन के चूर्ण का शहद के साथ सेवन करने से भी गले से संबंधित सभी समस्याओ से निजात पाया जा सकता है।

दस्त के लिए (Jamun Benefits to Fight Diarrhoea in Hindi)

दस्त की समस्या से छुटकारा पाने के लिए आप 5-10 मिली जामुन के पत्ते के रस का 100 मिली बकरी के दूध के साथ मिलाकर सेवन करने । आपको इससे कुछ राहत मिलेगी।

पेचिश के लिए (Benefit of Jamun in Dysentery in Hindi)

अधिक मसालेदार भोजन का सेवन करने या फिर अन्य करने से पेचिश की समस्या हो सकती है। पेचिश की समस्या होने पर दस्त के साथ खून भी आने लगता है। 10 मिली जामुन की छाल का रस का सेवन 10 मिली बकरी का दूध के साथ करे। ऐसा करने से पेचिश की समस्या को थी किया जा सकता है।

इसके अलावा, 2-5 ग्राम जामुन के पेड़ की छाल के चूर्ण में 2 चम्मच मधु मिला कर 250 मिली दूध के साथ सेवन करने से पेचिश की समस्या के लिए कई फायदेमंद होता है। जामुन के पेड़ की 10 ग्राम छाल को 500 मिली पानी तब तक उबले जब तक यह एक चौथाई बच जाए। जामुन के इस काढ़ा को दिन में 3 बार 20-30 मिली की मात्रा में सेवन करना चाहिए।

उल्टी के लिए (Jamun Benefits to Get Relief from Vomit in Hindi)

उल्टी की समस्या से राहत पाने के लिए आम तथा जामुन के कोमल पत्तों को समान मात्रा, या फिर 20 ग्राम की मात्रा में लेकर 400 मिली पानी में तब तक पकाएं जब तक यह काढ़ा एक चौथाई बच जाए। काढ़ा पकने के पश्चात इसे ठंडा करके पी ले । ऐसा करने से आप उलटी की समस्या छुटकारा पा सकते है।

बवासीर या पाइल्स के दर्द के लिए ( Jamun Benefits to Get Relief from Piles in Hindi)

पाइल्स या बवासीर की समस्या से छुटकारा पाने के लिए जामुन के कोमल कोपलों के 20 मिली रस में, थोड़ी-सी शक्कर मिलाकर दिन में तीन बार सेवन करने से बवासीर से बहने वाला खून बन्द हो जाता है। इसके अलावा, आप 10 ग्राम जामुन के पत्तों को 250 मिली गाय के दूध में मिला कर सात दिन तक सुबह, दोपहर तथा शाम सेवन करने से बवासीर में बहने वाले खून बन्द किया जा सकता है।

लीवर के लिए (Jamun Benefits in Liver Disease in Hindi)

लीवर में सूजन की समस्या से छुटकारे पाने के लिए आप 10 मिली जामुन (Jamun fruit) की गुठली के रस का पिए। रोज 10 मिली जामुन का सिरका लेने से तिल्ली और लिवर संबंधित सभी समस्याओ से छुटकारा पाया जा सकता है।

पीलिया के लिए (Jamun Benefits for Jaundice in Hindi)

पीलिया की समस्या होने पर आप जामुन के 10-15 मिली रस में 2 चम्मच मधु मिलाकर सेवन करे। जामुन का सेवन करने से पीलिया, खून की कमी तथा रक्त-विकार आदि समस्याओ से छुटकारा पाया जा सकता है।

पथरी के लिए (Jamun Benefits in Kidney Stone Treatment in Hindi)

जामुन का सेवन करने से पथरी या किडनी स्टोन गल कर निकल जाती है। 10 मि .ली जामुन के रस में 250 मिग्रा सेंधा नमक मिलाकर कुछ दिनों तक दिन में 2-3 बार नियमित सेवन करने से मूत्राशय की पथरी टूटकर बाहर निकल जाती है।इसके अतिरिक्त जामुन के 10-15 ग्राम कोमल पत्तों को पीसकर पेस्ट बनाकर 2-3 नग काली मिर्च का चूर्ण मिला लीजिए।और सुबह-शाम खाने से पथरी पेशाब के रास्ते बाहर निकल जाती है। पथरी की समस्या से छुटकारा पाने के लिए जामुन काफी फायदेमंद होता है

मधुमेह या डायबिटीज के लिए (Jamun Benefits in Controlling Diabetes in Hindi)

मधुमेह की समस्या से छुटकारा पाने के लिए जामुन काफी फायदेमंद होती है। 100 ग्राम जामुन की जड़ को साफ करके 250 मिली पानी में पीस लें। अब 20 ग्राम मिश्री डालकर सुबह और शाम भोजन से पहले सेवन करे। इसके अलावा, आप जामुन की गुठली का चूर्ण 1 भाग, शुण्ठी चूर्ण 1 भाग और गुड़मार बूटी 2 भाग को मिला कर पीसकर कपड़े से छानकर इस मिश्रण को घृतकुमारी या ऐलोवेरा के रस में डुबाने के बाद बेर जैसी गोलियाँ बनाकर रख ले।

प्रतिदिन में तीन बार 1-1 गोली मधु के सेवन करने से मधुमेह की समस्या से छुटकारा पाया जा है।आप 300-500 मिग्रा जामुन के बीज को सूखाकर चूर्ण बनाकर दिन में तीन बार सेवन करने से मधुमेह की समस्या के लिए काफी फायदेमंद होता है।

सिफलिस रोग के लिए (Jamun Benefits in Syphilis in Hindi)

सिफलिस से प्रभावित अंग पर जामुन के पत्तों से पकाया हुआ तेल लगाने से आप इस समस्या से छुटकारा पाया जा सकता है।

दाद दूर करने के लिए (Jamun Benefits in Ringworm in Hindi)

दाद, खुजली आदि त्वचा सम्बन्धित समस्याओ छुटकारा पाने लिए जामुन काफी फायदेमंद होता है। जामुन की छाल रक्तशोधक होती है। यह खून को शुद्ध करके के त्वचा रोगो को ठीक करती है। दाद वाली जगह पर जामुन के रस को लगाने से राहत मिलती है क्योंकि यह नमी को दूर करने में सहायक होती है।

गठिया के लिए (Jamun benefits to Get Relief from Arthritis in Hindi)

जामुन की जड़ को उबालकर, पीसकर जोड़ों पर रगड़ने से जोड़ों के दर्द से छुटकारा पाया जा है।

घाव या अल्सर के लिए ( Jamun Heals Ulcer in Hindi)

घाव या अल्सर होने पर आप जामुन इस्तेमाल कर सकते हैं। जामुन के पेड़ की छाल को बारीक़ पीसकर घाव पर छिड़कने से घाव ठीक हो जाता है। 5-6 जामुन के पत्तों को पीसकर घावों पर लगाने से पीप बाहर निकल जाती है। इसके 8-10 पत्तों को पीसकर लेप लगाने से आग से जलने के निशान को हटाया जा सकता है।

रक्तपित्त (नाक-कान आदि अंगों से खून बहने की समस्या) के लिए (Jamun Benefits in Bleeding in Hindi)

हमारे नाक-कान या शरीर के अन्य अंगों से खून बहने के रोग को रक्तपित्त कहते हैं। इस समस्या से आप जामुन का सेवन करना काफी फायदेमंद साबित हो सकते है । भोजन करने से पहले जामुन के पत्ते के 5-10 मिली रस का दिन में तीन बार सेवन करने से आप रक्तपित्त की समस्या से छुटकारा जा सकता है।

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Side Effects of Jamun in Hindi

  •  अधिक मात्रा में जामुन का सेवन करने से पेट में, सीने में दर्द और जलन हो सकती है।
  •  जामुन का अनुचित उपयोग करने से आपको एसिडिटी की समस्या हो सकती है।
  • जामुन में कार्बोहाइड्रेट प्रचुर मात्रा में उपलब्ध होताहै जो वजन बढ़ाने में सहायक होता है।
  •  चाय अथवा दूध का सेवन करने से पहले या करने के तुरंत बाद जामुन का सेवन करना स्वास्थ के लिए हानिकारक होता है। ऐसा करने से आपके पेट में दर्द हो सकता है।
  •  डॉक्टर से परामर्श करने के पश्चात् ही गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को जामुन का सेवन करना चाहिए।
  •  कफ से पीड़ित लोगों को जामुन का सेवन नहीं करना चाहिए क्योंकि जामुन वात, कफ को बढ़ावा देने में सहायक होता है।

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जामुन क्या है?

जामुन काले और छोटे होते हैं। इसमें कई औषधीय गुण पाए जाते हैं। आम आने के बाद गर्मियों के मौसम में जून के माहिए में जामुन आते है। मधुमेह को नियंत्रित करने के लिए जामुन सबसे अधिक गुणकारी होते है। जामुन भोजन पाचन, दांतों के लिए, आंखों के लिए, पेट के लिए, चेहरे के लिए, किडनी स्टोन अदि समस्याओ के लिए भी काफी गुणकारी होता है।

पेचिश के लिया कैसे उपयोगी है?

अधिक मसालेदार भोजन का सेवन करने या फिर अन्य करने से पेचिश की समस्या हो सकती है। पेचिश की समस्या होने पर दस्त के साथ खून भी आने लगता है। 10 मिली जामुन की छाल का रस का सेवन 10 मिली बकरी का दूध के साथ करे। ऐसा करने से पेचिश की समस्या को थी किया जा सकता है।

पथरी के लिए कैसे उपयोगी है?

जामुन का सेवन करने से पथरी या किडनी स्टोन गल कर निकल जाती है। 10 मि .ली जामुन के रस में 250 मिग्रा सेंधा नमक मिलाकर कुछ दिनों तक दिन में 2-3 बार नियमित सेवन करने से मूत्राशय की पथरी टूटकर बाहर निकल जाती है।इसके अतिरिक्त जामुन के 10-15 ग्राम कोमल पत्तों को पीसकर पेस्ट बनाकर 2-3 नग काली मिर्च का चूर्ण मिला लीजिए।और सुबह-शाम खाने से पथरी पेशाब के रास्ते बाहर निकल जाती है। पथरी की समस्या से छुटकारा पाने के लिए जामुन काफी फायदेमंद होता है

जामुन के Side Effects बताईये?

 अधिक मात्रा में जामुन का सेवन करने से पेट में, सीने में दर्द और जलन हो सकती है।
 जामुन का अनुचित उपयोग करने से आपको एसिडिटी की समस्या हो सकती है।
जामुन में कार्बोहाइड्रेट प्रचुर मात्रा में उपलब्ध होताहै जो वजन बढ़ाने में सहायक होता है।
 चाय अथवा दूध का सेवन करने से पहले या करने के तुरंत बाद जामुन का सेवन करना स्वास्थ के लिए हानिकारक होता है। ऐसा करने से आपके पेट में दर्द हो सकता है।
 डॉक्टर से परामर्श करने के पश्चात् ही गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को जामुन का सेवन करना चाहिए।
 कफ से पीड़ित लोगों को जामुन का सेवन नहीं करना चाहिए क्योंकि जामुन वात, कफ को बढ़ावा देने में सहायक होता है।