Top 5 Amazing Health Benefits and Uses of Jamun Fruit in Hindi ( ब्लैकबेरी के फायदे )

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jamun fruit in english

Jamun Fruit In English:- जामुन कम समय के लिए आने वाला लेकिन बेहद लाभदायक फल है। इसका सेवन करने से Body की Immunity System मजबूत होता है। इसके अलावा कई गंभीर बीमारियों से भी बचाता है। जानिए इसको खाने से होने वाले बेहतरीन फायदों के बारें में। जामुन देखने में काले और छोटे होते हैं तो क्या हुआ, आयुर्वेद के ( Jamun fruit in english ) अनुसार, जामुन के बहुत सारे औषधीय गुण होते हैं। इन औषधीय गुणों के कारण जामुन के फायदे अनेक हैं। गर्मी के मौसम में आम के आने के समय जामुन भी आ जाता है। आयुर्वेद में जामुन को सबसे ज्यादा मधुमेह को नियंत्रण करने के लिए जाना जाता है।

Jamun Fruit In English

इसके साथ ही जामुन, खाना को हजम करने के साथ-साथ दांतों के लिए, आंखों के लिए, पेट के लिए, चेहरे के लिए, किडनी स्टोन के लिए भी फायदेमंद होता है। जामुन में आयरन, कैल्शियम, प्रोटीन, फाइबर, कार्बोहाइड्रेड भी होता है, इसलिए ये बच्चों के सेहत के लिए भी बहुत अच्छा होता है। चलिये जामुन के गुणों और फायदों (Jamun fruit in english ) के बारे में विस्तार से जानते हैं।

जामुन एक ऐसा फल है जिसे गर्मियों में खूब खाया और पसंद किया जाता है। काला रंग का यह जामुन कई बीमारियों के ईलाज में काम आता है। इसमें फाइबर होता है जो पेट को लंबे समय तक भरा रखने में मदद करता है। क्‍या आप जानते हैं कि जामुन से कहीं ज्‍यादा इसकी गुठलियां हमारे स्‍वास्‍थ्‍य के लिए फायदेमंद हैं।

हम अक्सर जामुन खाकर इसकी गुठली फेंक देते हैं। आज हम आपको इस गुठली की जिस खूबी के बारे में बता रहे हैं, उसे जानकर आप इसकी गुठलियों की कीमत जान जाएंगे। जी हां, जामुन की गुठलियों का पाउडर बनाइए और इसे नियमित खाइए। इससे आपकी कई बीमारियां दूर होंगी। सेहत की बात हो और फलों का जिक्र न (Jamun fruit in english ) हो, ऐसा तो हो ही नहीं सकता। मौसमी फलों का स्वाद ही कुछ अलग होता है। वहीं, कुछ फल ऐसे होते हैं, जिनका हर किसी को बेसब्री से इंतजार रहता है।

ऐसा ही एक मौसमी फल है ब्लैकबेरी, जिसे आम बोल-चाल की भाषा में जामुन कहा जाता है। इसका रंग काला होता है और यह रस से भरा होता है। जामुन रोजेशिया परिवार से संबंधित पौधा है। इसकी अधिकतर खेती उत्तरी अमेरिका और प्रशांत महासागर वाले क्षेत्र में होती है। इसमें कई पौष्टिक तत्व मौजूद होते हैं। जामुन फल के (Jamun fruit in english ) अलावा इसके पत्ते और छाल को भी कई रोगों के इलाज में इस्तेमाल किया जाता है। दादी के नुस्खे के इस लेख में हम ब्लैकबेरी के औषधीय गुण और ब्लैकबेरी के स्वास्थ्य लाभ के बारे में विस्तार से बताएंगे।

जामुन क्या है

औषधीय रूप में जामुन के बीज, पत्ते तथा छाल का ही प्रयोग किया जाता है। जामुन की मुख्य प्रजाति के अतिरिक्त पाई जाने वाली अन्य प्रजातियां कम गुण वाली होती है। इसका वृक्ष छोटा होता है। इसके पत्ते 7.5-12.5 सेमी लम्बे एवं 1.8-2.5 सेमी व्यास के होते हैं। इसके फूल छोटे,( Jamun fruit in english) सफेद रंग के होते हैं। इसके फल 1.2 सेमी अथवा अधिक लम्बे तथा मांसल होते हैं। मधुमेह की चिकित्सा में विशेषतया जामुन के बीजों का प्रयोग किया जाता है।

काठ-जम्बु के तने की छाल से शारीरिक शक्ति बढ़ने के साथ-साथ सेक्सुअल स्टैमिना में भी बढ़ोतरी होती है। भूमि-जम्बु पेट के कीड़ों को खत्म करता है और गठिया में फायदेमंद भी होता है। इसके फल सुगन्धित तथा मीठे होते हैं। सफेद जम्बु के तने की छाल रक्त संबंधी बीमारी, दस्त और कीड़ों को खत्म करने में मदद पहुंचाती है। क्षुद्र-जम्बु, कफ-पित्त दोष को सुधारने, हृदय रोग और ( Jamun Fruit in English ) शारीरिक शक्ति को बढ़ाने के लिए प्रयोग में लाया जाता है। इसके फल के सेवन से शरीर की जलन शांत होती है। जामुन की पांच प्रजातियां पायी जाती हैं, जो ये हैंः-

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1) जामुन (Syzygium cumini (Linn.) Skeels.)

2) सफेद जामुन (Syzygium jambos (Linn.)

3) काठ जामुन (Syzygium operculatum (Roxb.)

4) भूमि जम्बु (Syzygium zeylanicum (Linn.) DC.

जामुन मे उपलब्ध पोषक तत्व ( Jamun fruit nutritional value ):

पोषक तत्व का नाम >>>>>>>>>> मात्रा

ऊर्जा >>>>>>>>> 251 किलो जुल

कार्बोहाइड्रेट >>>>>>>>> 14 ग्राम

फाइबर >>>>>>>>> 0.6

फैट्स >>>>>>>>> 0.23ग्राम

विटामिन, कैल्शियम, आयरन, पोटेशियम >>>>>>>>> 0.995 ग्राम

अनेक भाषाओं में जामुन के नाम ( Name of Jamun in Different Languages )

Jamun in

1) Name of Jamun in Sanskrit– फलेन्द्रा, राजजम्बू, महाफला, सुरभिपत्रा, महाजम्बू, जम्बू;

2) Name of Jamun in Hindi– बड़ी जामुन, फड़ेना, फलेन्द्र, राजजामुन;

3) Name of Jamun in Assamese– जमू (Jamu);

4) Name of Jamun in Urdu– जामन (Jaman);

5) Name of Jamun in Oriya– जामो (Jamo), भूतोजामो (Bhotojamo);

6) Name of Jamun in Konkani– जम्बोल (Jambol);

7) Name of Jamun in Kannada– जम्बुनेराले (Jambunaerale), नराला (Narala);

8) Name of Jamun in Gujarati– जाम्बु (Jambu), झम्बूडी (Jhambudi);

9) Name of Jamun in Telugu– नीरेडु (Neredu), जम्बूवू (Jambuvu);

10) Name of Jamun in Tamil– नवल (Naval),सम्बल (Sambal);

11) Name of Jamun in Bengali– जाम (Jam), कालाजाम (Kalajam);

12) Name of Jamun in Nepali– कालो जामुन (Kalo jaamun);

13) Name of Jamun in Punjabi– जामूल (Jamul);

14) Name of Jamun in Marathi– जाम्बूल (Jambul), जामन (Jaman), राजाजाम्बूल (Rajajambula);

15) Name of Jamun in Malayalam– नवल (Naval), पेरीनरल (Perinnaral)

16) Name of Jamun in English (jamun in English)– ब्लैक प्लम (Black plum), जम्बोलन प्लम (Jambolan plum), Jambul Tree (जम्बुल ट्री)।

जामुन के फायदे ( Benefits of Jamun ( Blackberry ) in Hindi )

1) मधुमेह के लिए (jamun fruit for diabetes )

Jamun fruit in english

आप जानकर हैरान होंगे कि ब्लैकबेरी के पत्ते का उपयोग करके मधुमेह की समस्या से निजात पाया जा सकता है। ब्लैकबेरी के पत्ते का इस्तेमाल करने से रक्त में शुगर की मात्रा को कम किया जा सकता है। इसलिए, ऐसा माना जाता है कि ब्लैकबेरी का उपयोग करके मधुमेह की समस्या को कम किया जा सकता है । यहां हम स्पष्ट कर दें कि इस संबंध में अभी कोई ( Jamun fruit in english ) सटीक वैज्ञानिक शोध उपलब्ध नहीं है। इसलिए, मधुमेह की अवस्था में इसका इस्तेमाल करने से पहले एक बार अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर कर लें।

2) बुखार के लिए ( Benefits of Jamun for fever )

जामुन के पत्ते का उपयोग कर बुखार को कम करते हैं। इस बात की पुष्टि एक वैज्ञानिक अध्ययन में भी हुई है। इस अध्ययन में बताया गया है कि जामुन के पत्ते को बुखार के उपचार में इस्तेमाल किया जाता है । जामुन के पत्ते का कौन सा गुण बुखार को कम करने में सहायक होता है, इस विषय में अभी ( Jamun fruit in english ) और शोध की आवश्यकता है।

हलांकी, जामुन के पत्तों में एंटी वायरल गुण मौजूद होते हैं। ऐसे में इस गुण के आधार पर यह मान सकते हैं कि हल्के-फुल्के बुखार के लिए जामुन के पत्तों का उपयोग किया जा सकता है। वहीं, अगर बुखार बार-बार हो तो बेहतर है इस विषय में डॉक्टर की राय भी ली जाए।

3) त्वचा और आँखों के लिए ( Benefits of Jamun for Skin and Eyes )

Jamun fruit in english

जामुन का त्वचा के रोगों को दूर करने के लिए आंतरिक और बाहय दोनों प्रकार से उपयोग कर सकते है। जामुन की छाल एक अच्छी रक्तशोधक होती है, जो कि खून को साफ़ कर त्वचा के रोगो ( Jamun fruit in english ) को दूर करती है साथ हि बाहय रूप से प्रयोग के करने पर जामुन कषाय होने से त्वचा रोग में लाभदायक होता है इसकी कारण जामुन का रस स्किन पर लगाने से पिम्पल्स जैसे विकारो से आराम मिलता है। जामुन का प्रयोग मधुमेह के कारण आँखों पर होने वाले नुकसान से बचने में भी कर सकते है।

4) पेचिश में जामुन के फायदे ( Benefits of Jamun for Dysentery )

अक्सर मसालेदार खाना खाने या किसी अन्य कारण से पेचिश की समस्या हो जाती है। पेचिश में दस्त के साथ खून आने लगता है। 10 मिली जामुन की छाल का रस निकाल लें। इसमें समान भाग में बकरी का दूध मिलाकर पिएं। इससे फायदा पहुंचता है। 2-5 ग्राम जामुन के पेड़ की छाल के चूर्ण में 2 चम्मच मधु ( Jamun fruit in english ) मिला लें।

इसे 250 मिली दूध के साथ पिएं। इससे पेचिश में फायदा होता है। 10 ग्राम जामुन के पेड़ की छाल को 500 मिली पानी में पकाएं। जब यह एक चौथाई बच जाए तो पिएं। इससे पेचिश में लाभ मिलता है। इस काढ़ा को 20-30 मिली की मात्रा में दिन में 3 बार पीना चाहिए।

5) पथरी या किडनी स्टोन के लिए ( Benefits of Jamun for Stone or kidney )

Jamun fruit in english

पथरी या किडनी स्टोन होने पर जामुन का सेवन करें। पके हुए जामुन के फल को खाने से पथरी गल कर निकल जाती है। जामुन के 10 मिली रस में 250 मिग्रा सेंधा नमक मिला लें। कुछ दिनों तक दिन में 2-3 बार रोज पीने से मूत्राशय में रहने वाली पथरी टूटकर बाहर निकल जाती है। जामुन के 10-15 ग्राम कोमल ( Jamun fruit in english ) पत्तों को पीसकर पेस्ट बना लें। इसमें 2-3 नग काली मिर्च का चूर्ण बुरककर मिला लें। इसका सुबह-शाम सेवन करने से पथरी पेशाब के रास्ते बाहर निकल जाती है। पथरी के लिए यह एक उत्तम उपचार है।

6) मधुमेह या डायबिटीज के लिए ( Benefits of Jamun for Diabetes or diabetes )

Jamun fruit in english

मधुमेह में जामुन का सेवन करने से बहुत लाभ मिलता है। जामुन की 100 ग्राम जड़ को साफ कर, 250 मिली पानी में पीस लें। इसमें 20 ग्राम मिश्री डालकर सुबह और शाम भोजन से पहले पिएं। इससे मधुमेह में लाभ होता है।

जामुन की गुठली का चूर्ण 1 भाग, शुण्ठी चूर्ण 1 भाग और गुड़मार बूटी 2 भाग ( Jamun fruit in english ) को मिला लें। इसे पीसकर कपड़े से छान लें। इस मिश्रण को घृतकुमारी या ऐलोवेरा के रस में डुबाने के बाद बेर जैसी गोलियाँ बना लें। दिन में तीन बार 1-1 गोली मधु के साथ लेने से मधुमेह में लाभ होता है।

300-500 मिग्रा जामुन के बीज को सूखाकर उसका चूर्ण बनाकर तीन बार लेने से मधुमेहमें लाभ होता है।

250 ग्राम जामुन के पके हुए फलों को 500 मिली उबलते हुए जल में डालें। कुछ समय के लिए उबलने दें। ठंडा होने पर फलों को मसलकर कपड़े से छान लें। इसे रोज तीन बार पीने से मधुमेह और धातु रोग में लाभ होता है।

बड़े आकार के जामुन के फलों को धूप में सुखा कर चूर्ण कर लें। 10 से 20 ग्राम की मात्रा में ( Jamun fruit in english ) इस चूर्ण का दिन में तीन बार सेवन करने से मधुमेह में लाभ होता है।

जामुन की छाल की राख मधुमेह की उत्तम औषधि है। 625 मिलीग्राम से 2 ग्राम तक की मात्रा में राख का सेवन करें। दिन में 3 बार सेवन करने से पेशाब में शक्कर आना बन्द हो जाता है।

जामुन का इस्तेमाल कैसे करें

बीमारी के लिए जामुन के सेवन और इस्तेमाल का तरीका पहले ही बताया गया है। अगर आप किसी ख़ास बीमारी के इलाज के लिए जामुन का उपयोग कर रहे हैं तो आयुर्वेदिक चिकित्सक की सलाह ज़रूर लें।

1) 10-20 मिली-जामुन का रस

2) 3-5 ग्राम-चूर्ण

3) 50-100 मिली-काढ़ा

कैसे खाएं :

1) ब्लैकबेरी को नट्स के साथ मिलाकर नाश्ते में खाया जा सकता है। ( Jamun fruit in english )

2) दूध के साथ ब्लैकबेरी को मिलाकर स्मूदी तैयार की जा सकती है।

3) पकी हुई ताजा ब्लैकबेरी को धोकर ऐसे ही खाया जा सकता है।

4) ब्लैकबेरी को केक बनाते वक्त उसमें इस्तेमाल किया जा सकता है।

5) ब्लैक बेरी का जूस निकाल कर भी पिया जा सकता है।

जामुन के पत्ते का उपयोग

बहुत ही कम लोगों को यह पता है कि जामुन के पत्तों का उपयोग कई तरह से किया जा सकता है। ऐसे में जामुन के पत्ते के उपयोग से जुड़ी जानकारी नीचे दी जा रही है:

कैसे उपयोग करें

1) जामुन के कुछ ताजे पत्ते को चबा सकते हैं।

2) जामुन के पत्तों को चाय में इस्तेमाल कर सेवन किया जा सकता है।

3) जामुन के बीज की तरह ही इसके सूखे पत्तों से बनाए गए चूर्ण का सेवन किया जा सकता है।

4) जामुन के चूर्ण को दूध या शहद में मिलाकर ले सकते हैं।

5) जामुन के पत्तों के रस से कुल्ला किया जा सकता है।

6) इससे मुंह को स्वस्थ रखा जा सकता है।

7) जामुन के पत्तों की चटनी बनाकर सेवन कर सकते हैं।

कब उपयोग करें

1) जौमुन के पत्तों से बनी चाय को सुबह या शाम किसी एक समय पी सकते हैं।

2) जामुन के पत्तों से बने चूर्ण को दिन में एक बार सेवन कर सकते हैं। बेहतर है इसका चूर्ण लेने से पहले एक बार विशेषज्ञ की राय भी ली जाए।

कितना उपयोग करें

जामुन के पत्तों का उपयोग सीमित मात्रा में करना बेहतर होगा। इसे कितनी मात्रा में लेना है, इसपर ( Jamun fruit in english ) कोई वैज्ञानिक शोध उपलब्ध नहीं है। हर व्यक्ति के उम्र और स्वास्थ्य के अनुसार इसकी मात्रा तय की जा सकती है। ऐसे में इसे लेने की सही मात्रा जानने के लिए विशेषज्ञ से संपर्क करें। साथ ही जामुन के पत्तों के सेवन से पहले डॉक्टर से भी सलाह लें।

जामुन की गुठली का उपयोग

जामुन की गुठली को हम इस प्रकार उपयोग कर सकते हैं-

1) जामुन की गुठली के ऊपरी छिलके को साफ करने के बाद, आप इसके हरे भाग को कच्चा भी खा सकते हैं।

2) इस हरे भाग को तेल में तलकर नमक के साथ भी खाया जा सकता है।

3) जामुन की गुठली को पीसकर इसे चटनी की तरह खा सकते हैं।

4) जामुन के बीज के ऊपरी छिलके को साफ करके इसको जूस के रूप में भी इस्तेमाल किया जा सकता है।

5) जामुन के बीज को धूप में सुखाने के बाद इसे पीसकर इसका पाउडर बना लें। अब इस पाउडर को पानी में

6) मिलाकर पीने के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं।

कब खाएं:

1) जामुन के बीज का सेवन आप दिन में एक बार किसी भी वक्त कर सकते हैं।

कितना खाएं: 

2) कोशिश करें कि एक बार में जामुन के 6-8 बीज ही इस्तेमाल करें।

Side Effects of Jamun in Hindi

कई बार ब्लैकबेरी को ठीक तरह से धोए बिना खाने पर एलर्जी हो सकती है।

ब्लैकबेरी में फाइबर की मात्रा पाई जाती है। इसे अधिक मात्रा में खाने से उलटी, मतली और दस्त जैसी समस्या हो सकती है ।

कई बार ब्लैकबेरी का सेवन करने पर फूड पॉइजन का भी सामना करना पड़ सकता है।

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जामुन क्या है?

औषधीय रूप में जामुन के बीज, पत्ते तथा छाल का ही प्रयोग किया जाता है। जामुन की मुख्य प्रजाति के अतिरिक्त पाई जाने वाली अन्य प्रजातियां कम गुण वाली होती है। इसका वृक्ष छोटा होता है। इसके पत्ते 7.5-12.5 सेमी लम्बे एवं 1.8-2.5 सेमी व्यास के होते हैं। इसके फूल छोटे,( Jamun fruit in english) सफेद रंग के होते हैं। इसके फल 1.2 सेमी अथवा अधिक लम्बे तथा मांसल होते हैं। मधुमेह की चिकित्सा में विशेषतया जामुन के बीजों का प्रयोग किया जाता है।

जामुन के Side Effects बताईये?

कई बार ब्लैकबेरी को ठीक तरह से धोए बिना खाने पर एलर्जी हो सकती है।
ब्लैकबेरी में फाइबर की मात्रा पाई जाती है। इसे अधिक मात्रा में खाने से उलटी, मतली और दस्त जैसी समस्या हो सकती है ।
कई बार ब्लैकबेरी का सेवन करने पर फूड पॉइजन का भी सामना करना पड़ सकता है।

मधुमेह या डायबिटीज के लिए जामुन कैसे फायदेमंद होगा?

मधुमेह में जामुन का सेवन करने से बहुत लाभ मिलता है। जामुन की 100 ग्राम जड़ को साफ कर, 250 मिली पानी में पीस लें। इसमें 20 ग्राम मिश्री डालकर सुबह और शाम भोजन से पहले पिएं। इससे मधुमेह में लाभ होता है।जामुन की गुठली का चूर्ण 1 भाग, शुण्ठी चूर्ण 1 भाग और गुड़मार बूटी 2 भाग ( Jamun fruit in english ) को मिला लें। इसे पीसकर कपड़े से छान लें। इस मिश्रण को घृतकुमारी या ऐलोवेरा के रस में डुबाने के बाद बेर जैसी गोलियाँ बना लें। दिन में तीन बार 1-1 गोली मधु के साथ लेने से मधुमेह में लाभ होता है।