Benefits of karela: Karela ke fayde aur nuksaan, गुणकारी फायदे

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Benefits of karela

Karela:- करेला स्वास्थ्य के लिए काफी फायदेमंद होता है। आज सभी नहीं करेले का जूस करेले की सब्जी आदि का सेवन किया होगा ।करेला स्वाद में कड़वा होता है, लेकिन यह हमारे स्वास्थ्य के लिए उतना ही अधिक गुणकारी होता है। करेला का सेवन करने से कई प्रकार की समस्याएं जैसे डायबिटीज, बवासीर, सांस लेने संबंधित समस्याएं, त्वचा स्वास्थ्य आदि के लिए काफी फायदेमंद होता है।

Karela

आज हम आपके साथ हमारे इस लेख के माध्यम से करेले से जुड़ी सभी आवश्यक जानकारी जैसे करेले के फायदे, करेले के नुकसान, करेले के पोषक तत्व, करेला क्या होता है? आदि पर चर्चा परिचर्चा करेंगे।

Karela in Hindi

करेले का वैज्ञानिक नाम मोमॉर्डिका चरेंशिया है ।यह कुकुरबिटेसी कुल से सम्बन्ध रखता है।करेला उसने कटिबंधीय और कुपोषण कटिबंधीय क्षेत्रों में उगाया जाता है करेले की पौधे की बेलिया लता के रूप में होता है। यह एशिया और केरबियाई क्षेत्रों में उगाया जाता है। करेले द्वीलिंगाश्र्यी, शाखा युक्त वनस्पति का पौधा होता है। इसके गुणों पर खाते होती है। करेले का कोमल भाग अधिक रेशेदार होता है। करेला का उत्पादन पूरे भारतवर्ष के अलावा चीन एशिया दक्षिण पूर्वी एशिया दक्षिण एशिया में खाद्य सामग्री के रूप में इस्तेमाल किया जाता है।

Karela

करेले के सेवन करने से पाचन संबंधित खांसी, गठिया, त्वचा रोग, कुष्ठ रोग, बद्धकोष्टता, मधुमेह आदि विकारों से छुटकारा पा सकती है। करेले में कई पोषक तत्व पाए जाते हैं जो हमारे स्वास्थ्य के लिए काफी फायदेमंद होते हैं। करेले की फल के एक जाने के पश्चात यह अंदर से लाल रंग का हो जाता है।

Nutrients of karela in Hindi

करेले में कई पोषक तत्व पाए जाते हैं जैसे विटामिन ए, विटामिन बी, विटामिन सी, मैग्नीशियम, मैंगनीज, फोलेट, फास्फोरस, आयरन, कैल्शियम, कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, आदि। इसके अतिरिक्त, करेले में एंटी इन्फ्लेमेटरी, एंटी फंगल, एंटी बैक्टीरियल, एंटीबायोटिक, एंटी एलर्जिक, एंटीवायरल, एंटीपैरासाइटिक औषधीय गुण मौजूद होते हैं, जो हमारे स्वास्थ्य के लिए काफी फायदेमंद होती है।

Benefits of karela

Benefits of karela

त्वचा के लिए (Karela In Hindi For Skin Problems)

नियमित रूप से करेले के सेवन करने से आपकी त्वचा चमकदार और दोषमुक्त हो जाती है। करेले में कई औषधीय गुण पाए जाते हैं, जो त्वचा पर मुहांसों को रोकने में सहायक होते हैं। इसके अलावा करेले में एंटी फंगल और एंटीवायरल औषधीय गुण भी पाए जाते हैं, जो संक्रमण को रोकने में सहायक होते हैं ।यह एकिजमा और सिरोसिस के इलाज में भी काफी फायदेमंद साबित हो सकते हैं ।इसके अतिरिक्त करेले में विटामिन सी प्रचुर मात्रा में पाया जाता है जो एंटीऑक्सीडेंट के रूप में कार्य करता है । यह बढ़ती उम्र के लक्षणों को कम करने में सहायक होता है। और त्वचा को सूर्य की हानिकारक किरणों से बचाने में भी सहायक होता है।

डायबिटीज के लिए (Karela In Hindi For Diabetes)

करेले में कई पोषक तत्व पाए जाते हैं,जो रक्त शर्करा के स्तर को नियंत्रित करने में सहायक होते हैं और मधुमेह को नियंत्रित करते हैं। करेले में चरन्ति, विसिने, पॉलिपेप्टाइड पी नामक तीन सक्रिय योगिक मौजूद होते हैं, जो डायबिटीज को नियंत्रित करने में सहायक होते हैं ।यह पैंक्रियास में इंसुलिन के उत्पादन को बढ़ाकर इंसुलिन प्रतिरोध से भी बचाव करवाते हैं।

करेले के सेवन करने से डायबिटीज टाइप वन और टाइप टू दोनों को नियंत्रित किया जा सकता है।नियमित रूप से सुबह खाली पेट करेले के जूस का सेवन करने से आप मधुमेह की समस्या से छुटकारा पा सकते हैं। इसके अतिरिक्त आप करेले से बनी खाद्य सामग्री का भी सेवन कर सकते हैं।

रक्त को शुद्ध करने के लिए (Karela In Hindi For Blood Detoxification)

करेले में कई पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो रक्त को डिटॉक्सिफाई करने में सहायक होते हैं। इसके अतिरिक्त करेले में आयरन भी प्रचुर मात्रा में पाया जाता है, जो रक्त में हीमोग्लोबिन की मात्रा को नियंत्रित रखता है।

अशुद्ध रक्त के कारण सिर दर्द, एलर्जी, थकान, कमजोरी है जैसे समस्याएं सामने आ सकती है। इसके अतिरिक्त मुंहासे, सरोसिस, एकीजमा की समस्याओं से छुटकारा पाने के लिए आप करेले का नियमित रूप से सेवन कर सकते हैं। करेले में कई पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो हमारे रक्त को शुद्ध करके इन सभी समस्याओं से छुटकारा दिलाते हैं।

लिवर के लिए (Karela In Hindi For Liver Problems)

करेले में हिपेटिक औषधीय गुण पाए जाते हैं, जो लीवर स्वास्थ्य के लिए काफी फायदेमंद साबित होते हैं। करेले का सेवन करने से लीवर की कार्यप्रणाली में सुधार आते हैं और यह रक्त को शुद्ध करने में भी सहायक होते हैं। इसके अतिरिक्त करेले के जूस का सेवन करने से यह हमारे लिवर में से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने में भी सहायक होता है।

करेले के जूस का सेवन करने से मोटापा, ह्रदय रोग, क्रॉनिक थकान, सिरदर्द, पाचन संबंधी समस्याओं, पीलिया और अन्य कारण होने वाले हानिकारक प्रभाव को भी कम किया जा सकता है। प्रतिदिन कम से कम एक कप करेले का जूस का सेवन करने से आप लिवर संबंधित समस्याओं से छुटकारा पा सकते हैं।

कोलेस्ट्रॉल को कम करने के लिए (Karela In Hindi To Control Cholesterol )

करेले में एंटीऑक्सीडेंट्स और फाइटोन्यूट्रिएंट्स प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं, जो हमारे शरीर में हानिकारक कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करने में सहायक होते हैं जैसे दल के दौरे, हृदय रोग एवं स्ट्रोक जैसी समस्याओं से छुटकारा पाया जा सकता है ।स्वास्थ्य के लिए नियमित रूप से करेले के सेवन करने से कोलेस्ट्रॉल को कम किया जा सकता है ।और अन्य हृदय सम्बन्धित जोखिमों को भी कम किया जा सकता है।

Karela

रोग प्रतिरोधक क्षमता के लिए (Karela In Hindi For Immune System)

करेले में कई प्रकार के पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो हमारे शरीर में प्रतिरक्षा प्रणाली को सशक्त बनाने में सहायक होते हैं। और हमारे शरीर को बीमारियों से लड़ने के लिए क्षमता प्रदान करते हैं । करेले में विटामिन सी एंटीऑक्सीडेंट प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं, जो फ्री रेडिकल्स के कारण होने वाले नुकसान से भी बचाने में सहायक होते हैं। नियमित रूप से करेले का सेवन करने से आप अपने शरीर को गंभीर रोगों से बचा सकते हैं। रोजाना इसके अलावा आप रोजाना दो कप चाय का सेवन कर सकते हैं। या फिर करेले के जूस का सेवन कर सकते हैं।

कैंसर के लिए (Karela In Hindi For Cancer)

करेले में एंटी ऑक्सीडेंट प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं, जो हमारे शरीर में फ्री रेडिकल्स के कारण होने वाली क्षति से सुरक्षित रखने में सहायक होते हैं ।इसके अतिरिक्त करेली का सेवन करने से ग्रीवा, प्रोस्टेट, ब्रेस्ट कैंसर की समस्या से बचा जा सकता है। इसके अतिरिक्त करेले में कई पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो ट्यूमर के विकास को रोकने में भी सहायक होते हैं ।दैनिक रूप से अली का सेवन करने से या फिर जूस का सेवन करने से संबंधित समस्याओं से छुटकारा पा सकते हैं ।

Note:- कैंसर एक गंभीर बीमारी है। ऐसी समस्या होने पर डॉक्टर से अपना इलाज जरूर करवाएं।

आंतों के कीड़ों को खत्म करने के लिए (Karela In Hindi For Intestinal Worms)

करेले में एंथलमिटिक योगिक पाया जाता है, जो हमारी आंतो के कीड़ों को ख़तम करने में सहायक होता है। नियमित रूप से करेले के जूस का सेवन करने से परी जीबी कीड़ों और विषाक्त पदार्थों को खत्म किया जा सकता है।

हैंगओवर से छुटकारा पाने के लिए (Karela In Hindi For Hangover)

शराब पीने के पश्चात अगली सुबह आपको हैंगओवर हो जाता है ।इस समस्या से छुटकारा पाने के लिए आप करेले के जूस का सेवन कर सकते हैं ।करेले में एंटी इंटॉक्सिकेशन औषधीय गुण पाया जाता है, जो हमारे शरीर से विषाक्त पदार्थों को निकालने में सहायता करता है। इसके कारण को होने वाली क्षति से भी बचाने में सहायक होता है । नियमित रूप एक गिलास छाछ में तीन चम्मच करेले के जूस को मिलाकर सेवन करने से हैंगओवर की समस्या से छुटकारा पा सकते हैं।

बवासीर के लिए (Karela In Hindi For Piles)

‌करेले में एंटी इन्फ्लेमेटरी,और एंटी ऑक्सीडेंट प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं, जो बवासीर की समस्या से छुटकारा दिलाने में सहायक होते हैं ।इसके अतिरिक्त को पाचन प्रणाली को स्वस्थ रखने में सहायक होते हैं। कब्ज और बवासीर की समस्या से छुटकारा पाने के लिए आप कर सकते हैं। इसके लिए आप तीन चम्मच करेले के जूस में एक गिलास छाछ साथ मिलाकर रोजाना सुबह खाली पेट सेवन करने से बवासीर की समस्या से छुटकारा पा सकते हैं।

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Harmful Effects Of Karela In Hindi

  •  करेले की सब्जी या फिर करेले के जूस में मिलान बनाने के लिए आप हमेशा करेले को अच्छी तरह से ठंडे पानी से धोए 
  •  आप करेले की कड़वाहट को कम करने के लिए लगभग 10 मिनट के लिए करेले के टुकड़ों को नमक के पानी में भिगोने के लिए छोड़ दें ।
  •  करेले के जूस में स्वाद के सुधार के लिए आप जूस में शहद गाजर या सेब का रस पी मिला सकते हैं ।
  •  गर्भवती महिलाओं को करेली का सेवन करने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लेनी चाहिए ।
  •  दो या तीन से अधिक करेले का सेवन करने से हल्के पेट दर्द की समस्या या फिर दस्त की समस्या सामने आ सकती है।

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Karela

त्वचा के लिए कैसे उपयोगी है करेले ?

नियमित रूप से करेले के सेवन करने से आपकी त्वचा चमकदार और दोषमुक्त हो जाती है। करेले में कई औषधीय गुण पाए जाते हैं, जो त्वचा पर मुहांसों को रोकने में सहायक होते हैं। इसके अलावा करेले में एंटी फंगल और एंटीवायरल औषधीय गुण भी पाए जाते हैं, जो संक्रमण को रोकने में सहायक होते हैं ।यह एकिजमा और सिरोसिस के इलाज में भी काफी फायदेमंद साबित हो सकते हैं ।इसके अतिरिक्त करेले में विटामिन सी प्रचुर मात्रा में पाया जाता है जो एंटीऑक्सीडेंट के रूप में कार्य करता है । यह बढ़ती उम्र के लक्षणों को कम करने में सहायक होता है। और त्वचा को सूर्य की हानिकारक किरणों से बचाने में भी सहायक होता है।

डायबिटीज के लिए करेले कैसे उपयोगी है?

करेले में कई पोषक तत्व पाए जाते हैं,जो रक्त शर्करा के स्तर को नियंत्रित करने में सहायक होते हैं और मधुमेह को नियंत्रित करते हैं। करेले में चरन्ति, विसिने, पॉलिपेप्टाइड पी नामक तीन सक्रिय योगिक मौजूद होते हैं, जो डायबिटीज को नियंत्रित करने में सहायक होते हैं ।यह पैंक्रियास में इंसुलिन के उत्पादन को बढ़ाकर इंसुलिन प्रतिरोध से भी बचाव करवाते हैं।

बवासीर के लिए करेले कैसे उपयोगी है?

‌करेले में एंटी इन्फ्लेमेटरी,और एंटी ऑक्सीडेंट प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं, जो बवासीर की समस्या से छुटकारा दिलाने में सहायक होते हैं ।इसके अतिरिक्त को पाचन प्रणाली को स्वस्थ रखने में सहायक होते हैं। कब्ज और बवासीर की समस्या से छुटकारा पाने के लिए आप कर सकते हैं। इसके लिए आप तीन चम्मच करेले के जूस में एक गिलास छाछ साथ मिलाकर रोजाना सुबह खाली पेट सेवन करने से बवासीर की समस्या से छुटकारा पा सकते हैं।

करेले के Harmful Effects बताईये?

करेले की सब्जी या फिर करेले के जूस में मिलान बनाने के लिए आप हमेशा करेले को अच्छी तरह से ठंडे पानी से धोए 
 आप करेले की कड़वाहट को कम करने के लिए लगभग 10 मिनट के लिए करेले के टुकड़ों को नमक के पानी में भिगोने के लिए छोड़ दें ।
 करेले के जूस में स्वाद के सुधार के लिए आप जूस में शहद गाजर या सेब का रस पी मिला सकते हैं ।
 गर्भवती महिलाओं को करेली का सेवन करने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लेनी चाहिए ।
 दो या तीन से अधिक करेले का सेवन करने से हल्के पेट दर्द की समस्या या फिर दस्त की समस्या सामने आ सकती है।