Nilgiri ka Aushadhi upyog: नीलगिरी का औषधीय उपयोग, जाने

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Nilgiri ka Aushadhi upyog

Nilgiri ka Aushadhi upyog:- आज हम फिर से एक नई खबर के साथ आपके पास आ गए है। जैसा की आप जानते ही है की नीलगिरी का पेड़ काफी लंबा और पतला होता है। इसकी पत्तियों से प्राप्त होने वाले तेल का उपयोग औषधि और अन्य रूप से किया जाता है। नीलगिरि के पेड़ में औषधीय गुण पाए जाते है। नीलगिरी की पत्तियां लंबी और नुकीली होती हैं जिनकी सतह पर गांठों में तेल संचित रहता है। नीलगिरी को ही Eucalyptus कहते हैं।

Nilgiri ka Aushadhi upyog

Perfume Industry में नीलगिरी का तेल खूब प्रयोग होता है। शरीर की मालिश के लिए नीलगिरी का तेल उपयोग में लाया जाए तो गंभीर सूजन और बदन में होने वाले दर्द से छुटकारा मिलता है। नीलगिरी का तेल जुकाम, पुरानी खांसी से पीड़ित मरीज के लिए लाभदायक होता है। (Nilgiri ka Aushadhi upyog) इसे छिड़ककर सूंघने से फायदा मिलता है। नीलगिरी तेल को बड़े पैमाने के तौर पर औषधीय के रूप में उपयोग किया जाता है।

साइनस, कोल्ड और फ्लू के लिए (Eucalyptus is beneficial for sinus, cold and flu)

Sinus, Cold and Flu की समस्या में नीलगिरी का तेल काफी लाभदायक साबित हो सकता है। एक Report की मानें तो नीलगिरी के तेल में Antiviral Potential होती है। इसके साथ ही इसके तेल में Digestant (सर्दी-खांसी की दवा) प्रभाव होता है। (Nilgiri ka Aushadhi upyog) इससे नाक के श्वसन मार्ग और फेफड़े में जमे बलगम को साफ करके Sinus से निपटा जा सकता है। इसके लिए नीलगिरी के तेल की Aromatherapy या भाप ले सकते हैं।

गले में खराश (Treat sore throat with eucalyptus)

गले में खराश होने पर नीलगिरी तेल फायदेमंद हो सकता है। एक Research के अनुसार, इसमें Anti-inflammatory And Antiseptic प्रभाव होते हैं। नीलगिरी के तेल में पाए जाने वाले ये प्रभाव खांसी और गले में होने वाली खराश को दूर कर सकते हैं। (Nilgiri ka Aushadhi upyog) इसके लिए पानी में तेल की कुछ बूंदें डालकर भाप लें।

Nilgiri ka Aushadhi upyog

दर्द और सूजन (Eucalyptus oil is beneficial for pain and inflammation)

दर्द और सूजन की समस्या में भी नीलगिरी तेल लाभ पहुंचा सकता है। इसमें Anti-inflammatory And Analgesic (दर्द-निवारक) प्रभाव होते हैं। इसके साथ ही तेल में पाए जाने वाले ये गुण दर्द को कम करने के साथ ही सूजन में भी सुधार लाते हैं। (Nilgiri ka Aushadhi upyog) इसलिए नीलगिरि का इस्तमाल करें।

फेफड़ों के रोगों के लिए लाभकारी है नीलगिरी (Eucalyptus is beneficial for lung diseases)

फेफड़ों से जुड़ी समस्याओं को दूर करने के लिए नीलगिरी के तेल का लाभ उठा सकते हैं। इसमें Anti-inflammatory and Anti-Infective प्रभाव होते हैं। ये फेफड़े की सूजन और Infection को कम कर सकते हैं। (Nilgiri ka Aushadhi upyog) इसके अतिरिक्त, यह तेल फेफड़ों में रोग व संक्रमण उत्पन्न करने वाले जीवाणुओं को पनपने से रोक सकते हैं।

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साइनस, कोल्ड और फ्लू के लिए कैसे उपयोगी है ?

Sinus, Cold and Flu की समस्या में नीलगिरी का तेल काफी लाभदायक साबित हो सकता है। एक Report की मानें तो नीलगिरी के तेल में Antiviral Potential होती है। इसके साथ ही इसके तेल में Digestant (सर्दी-खांसी की दवा) प्रभाव होता है।

गले में खराश को दूर करने के लिए नीलगिरि के उपयोगी है?

गले में खराश होने पर नीलगिरी तेल फायदेमंद हो सकता है। एक Research के अनुसार, इसमें Anti-inflammatory And Antiseptic प्रभाव होते हैं। नीलगिरी के तेल में पाए जाने वाले ये प्रभाव खांसी और गले में होने वाली खराश को दूर कर सकते हैं।

फेफड़ों के रोगों के लिए लाभकारी है नीलगिरी कैसे?

फेफड़ों से जुड़ी समस्याओं को दूर करने के लिए नीलगिरी के तेल का लाभ उठा सकते हैं। इसमें Anti-inflammatory and Anti-Infective प्रभाव होते हैं। ये फेफड़े की सूजन और Infection को कम कर सकते हैं।