Here are 10 Amazing Health Benefits of Chickpeas in Hindi ( चने के फायदे )

0
215
protein in chickpeas

protein in chickpeas | benefits of chickpeas | health benefits of chickpeas | benefits of chickpeas for hair | benefits of chickpeas flour | benefits of chickpeas for skin | benefits of chickpeas for weight loss | what are the health | the nutritional value and health benefits of chickpeas and hummus | health benefits of chickpeas garbanzo beans | nutritional benefits of chickpeas | chickpeas benefits for skin | black chickpeas protein | chickpeas protein

Protein in chickpeas

रोज थोड़ा चने खाने से बच्चे और बड़े सभी का स्वास्थ्य बेहतर होता है। इसमें मौजूद तत्व में कई समस्याओं से बचाता है। अगर हम रोज 50 ग्राम चना खाते है तो आपका शरीर कई बीमारियों से बच जाएगा। वह चना किसी भी तरह हो यानी की चाहे अंकुरित हो या फिर भूना हुआ। सभी को खाने से अधिक फायदे है। भीगे चने में अधिक मात्रा में कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, नमी, चिकनाई, ( protein in chickpeas ) रेशे, कैल्शियम, आयरन और विटामिन्स पाए जाते हैं। जो आपको स्वास्थ्य रखने में लाभदायक होते है। इससे कई समस्याओं से निजात मिल जाता है। इसके सेवन करने से शरीर में स्फूर्ति के साथ दिमाग तेज होता है।

जानिए इसे पुरुषों के खाने से क्या फायदे मिलेंगे . चना एक ऐसा खाद्दान्न है जो देश के हर प्रांत के लोग किसी न किसी रुप में इसका सेवन करते हैं। आयुर्वेद में भी चना के पौष्टिकता के आधार पर ही इसको बीमारियों के लिए औषधि के रुप में प्रयोग किया जाता है। चना खाने से न सिर्फ ऊर्जा मिलती है बल्कि वजन, कोलेस्ट्रॉल, डायबिटीज नियंत्रण में होने के साथ-साथ सिर दर्द, खांसी, हिचकी, ( protein in chickpeas ) उल्टी जैसे बीमारियों के लिए भी फायदेमंद साबित होता है। क्या आप जानते हैं सुबह खाली पेट भीगे चने खाने की सलाह विशेषकर खिलाड़ियों और कसरत करने वालों को क्यों दी जाती है?

क्यों अंकुरित आहार में चने को विशेष महत्व दिया गया है? ऐसा इसलिए कहा जाता है, क्योंकि छोटा-सा दिखने वाला चना प्रोटीन और फाइबर से भरपूर होता है। आपने भुने हुए चने तो खाए ही होंगे. अगर आप भुने हुए चनों को केवल स्वाद के लिए कभी-कभी खाते हैं तो इन्हें रोजाना खाना शुरू कर दीजिए. भुने हुए चने खाने से शरीर को जबरदस्त स्वास्थ्य लाभ होता है. हो सकता है आपको भी ( protein in chickpeas ) चने खाने से होने वाले फायदों के बारे में जानकारी न हो. ध्यान रखें कि बाजार में भुने हुए चने दो तरह के होते हैं छिलके वाले और बिना छिलके वाले. आपको बिना छिलके वाले चने ही खाने हैं, चने के छिलके भी सेहत के लिए अच्छे होते हैं.

भुने हुए चने को यदि सही तरीके से चबा चबाकर खाया जाएं तो यह मर्दाना ताकत में बढ़ोतरी होती है. भुने हुए चने को गरीबों का बादाम भी कहा जाता है. इसमें कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, नमी, कैल्शियम, आयरन और विटामिन भरपूर मात्रा में पाया जाता है. भुने हुए चने खाने के फायदों के बारे में पढ़कर शायद आपके मन में भी यह सवाल उठ रहा हो कि एक स्वस्थ व्यक्ति को प्रतिदिन कितने ( protein in chickpeas ) चने खाने चाहिए. साथ ही इसे कैल्शियम और फास्फोरस का भी अच्छा स्रोत माना गया है। यह पाचन तंत्र को मजबूत करने के साथ-साथ इम्यूनिटी को बढ़ाने और मेटाबॉलिज्म को बूस्ट करने का काम करता है।

साथ ही मांसपेशियों की क्षमता को भी बेहतर करता है। इस लेख में हमारे साथ जानिए शरीर की विभिन्न परेशानियों के लिए चना खाने के फायदे और इसे खाने के विभिन्न तरीके। पूरी जानकारी के लिए लेख को अंत तक जरूर पढ़ें। अंकुरित चना हो या काबुली चना हो या चने का आटा हो सभी रुपों में चना उपचारात्मक तौर पर ही इस्तेमाल किया जाता है। काला चना हो या भूरा या हरा ( protein in chickpeas ) चना हर किस्म के चने का अपना अलग ही स्वास्थ्यवर्द्धक गुण होता है। चलिये चने के बारे में आगे विस्तार से जानते हैं।

चना क्या है

चने का प्रयोग मुख्यतया साग के रुप में किया जाता है। चने की दो प्रजातियां होती हैं। 1. चना तथा 2. काबुली चना। यह 30-50 सेमी ऊँचा, सीधा अथवा फैला हुआ, अनेक शाखायुक्त, चिपचिपा, शाकीय पौधा होता है। इसके पत्ते संयुक्त, 2.5-5 सेमी लम्बे, 10-12 पत्रकयुक्त, गोल तथा कंगूरेदार, ग्रन्थिल रोमों वाला होता हैं। इसके फूल सफेद, लाल, गुलाबी सफेद ( protein in chickpeas ) अथवा नीले रंग के और छोटे होते हैं। इसकी फली फूली हुई, गोलाकार, अण्डाकार, लगभग 1-1.5 सेमी लम्बी तथा शीर्ष पर नुकीली होती है। प्रत्येक फली में 1-2, गोल, चिकने, नोकदार, 5-10 मिमी व्यास या डाइमीटर, सिकुड़नदार, भूरे, हरे, सफेद रंग के बीज होते हैं।

पकने पर यह काले या भूरे रंग के हो जाते हैं। सितम्बर से मार्च तक तथा फलकाल अप्रैल से जून तक होता है। चना कई औषधीय गुणों से परिपूर्ण एक खाद्य पदार्थ है, जिसका वैज्ञानिक नाम साइसर एरीटिनम है। यह एक महत्वपूर्ण दलहन (Pulse) है, जिसे दुनिया भर में उगाया जाता है। भारत में इसका उत्पादन सबसे ज्यादा किया जाता है। यह कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, ( protein in chickpeas ) फाइबर व विटामिन-बी सहित कई अन्य पोषक तत्वों का अच्छा स्रोत है । चने की एक खास बात यह है कि इसका सेवन कई तरह से किया जाता है, जिसकी चर्चा हम नीचे करेंगे। आगे जानिए चने के प्रकारों के बारे में।

protein in chickpeas

चने के प्रकार

1) देसी चना – देसी चना आकार में छोटा होता है और रंग गहरा भूरा होता है।

2) काबुली चना – वहीं, काबुली चना देसी चने की तुलना में आकार में बड़ा होता है। इसका रंग हल्का बादामी होता है।

अन्य भाषाओं में चना के नाम ( Name of Chana in Different Languages )

Chana in-

1) Sanskrit-चणक, हरिमन्थ, सकलप्रिय, वाजिभक्ष्य;

2) Hindi-चना, रहिला, बूट;

3) Urdu-बूट (Boot), चना (Chana);

4) Kannada-कडले (Kadale), केम्पू कडले (Kempu Kadale);

5) Gujrati-चण्या (Chanya), चणा (Chana);

6) Tamil-कडेलै (Kadalai);

7) Telegu-सनुगलू (Sanugalu), हरिमन्थ (Harimanth);

8) Bengali-छोला (Chola), बूट (Boot), बूटकलाई (Butkalai);

9) Nepali-चना (Chana); Panjabi-छोले (Chole), चना (Chana);

10) Marathi-हरभरा (Harbhara), चणें (Chane);

11) Malayalam–कतला (Katala)।

12) English-बेंगाल ग्राम (Bengal gram), चिक पी (Chick pea);

13) Arbi-जुमेज (Jumez), हिम्मास (Himmas);

14) Persian-नखुद (Nakhud)।

चना खाने के फायदे ( Chana Uses and Benefits in Hindi )

1) पाचन तंत्र के लिए ( Benefits of Chickpeas for Digestive System )

पाचन स्वास्थ्य के लिए भी चने के फायदे बहुत हैं। इसमें फाइबर की मात्रा अधिक होती है। इसलिए चना पेट संबंधी समस्याओं जैसे गैस, कब्ज, डायरिया व सख्त मल आदि को ठीक कर स्वस्थ पाचन को बढ़ावा देता है । एक रिपोर्ट के अनुसार फाइबर कब्ज जैसी स्थितियों के अलावा कोलन कैंसर के जोखिम को भी कम करता है । पाचन के लिए ( protein in chickpeas ) अंकुरित चने के फायदे कई हैं। रोजाना सुबह खाली पेट अंकुरित चने खाए जा सकते हैं।

2) प्रोटीन का अच्छा स्रोत ( Chickpeas for Protein )

चना अन्य पोषक तत्वों के साथ-साथ प्रोटीन का भी अच्छा स्रोत है । एक कप चने में लगभग 14.53 ग्राम प्रोटीन मौजूद होता है। शरीर की कार्य प्रणाली को बेहतर बनाने के लिए प्रोटीन की आवश्यकता होती है। मस्तिष्क की कोशिकाएं, त्वचा, बाल व मांसपेशियां सभी प्रोटीन आधारित होती हैं। शरीर की कोशिकाओं की मरम्मत और नई कोशिकाओं के विकास के लिए ( protein in chickpeas ) भी प्रोटीन की आवश्यकता होती है। प्रोटीन बच्चों, युवाओं और गर्भवती महिलाओं के शारीरिक विकास के लिए जरूरी है । चने का नियमित सेवन कर शरीर में प्रोटीन की पूर्ति कर सकते हैं।

3) मधुमेह के लिए ( Benefits of Chickpeas for Diabetes )

भुने हुए चने खाने से मधुमेह रोग में भी लाभ मिलता है. भुने हुए चना ग्लूकोज की मात्रा को सोख लेते है जिससे डायबिटीज ( protein in chickpeas ) रोग नियंत्रित हो जाता है. डायबिटीज रोगियों के प्रतिदिन भुना हुआ चना खाने से ब्लड शुगर का लेवल कम होता है. इसके अलावा भुने हुए चने को रात में सोते समय चबाकर गर्म दूध पीने से सांस नली के अनेक रोग दूर हो जाते हैं.

4) डायबिटिज के लिए ( Benefits of Chickpeas for Diabetes )

ये तो आप जानते हैं कि शरीर में ब्लड शुगर की अनियंत्रित मात्रा होने से डायबिटीज का खतरा बढ़ जाता है. ऐसे में अगर आप ( protein in chickpeas ) भीगे हुए चने का सेवन करते हैं तो आपके डायबिटीज के खतरे से बच सकते हैं. ब्लड शुगर कंट्रोल करने के लिए डाइट पर खास ध्यान देने की जरूरत होती है.

5) एनर्जी बनाए रखने के लिए ( Benefits of Chickpeas for Energy )

चने खाने से आपके शरीर को भरपूर ऊर्जा मिलती है जो आपके स्वास्थ्य के लिए काफी फायदेमंद साबित होती है. रोजना सुबह ( protein in chickpeas ) खाली पेट भीगे चने खाने से हेल्दी रहा जा सकता है. सुबह खाली पेट भीगे चने खाने की सलाह डॉक्टर भी देते हैं!

6) एनीमिया के लिए ( Benefits of Chickpeas for Anemia )

चना के औषधीय गुण एनीमिया जैसी घातक बीमारी से भी बचाते हैं। यह एक जानलेवा बीमारी है, जो सबसे ज्यादा महिलाओं में देखी जाती है। यह समस्या शरीर में लाल रक्त कोशिकाओं के विकास में बाधा के कारण होती है। इसके होने का सबसे बड़ा कारण आयरन की कमी है। वहीं, चना आयरन से समृद्ध होता है , इसलिए एनीमिया से निजात दिलाने में यह मदद कर सकता है। वहीं, ( protein in chickpeas ) एनीमिया से बचने के लिए चने के साथ गुड़ का सेवन भी किया जा सकता है। ये दोनों ही शरीर में आयरन की पूर्ति करने का काम करते हैं। गुड़-चने का सेवन बच्चों के लिए भी लाभदायक होता है। यह ताकत तो देता ही है, साथ ही इम्यून सिस्टम को भी मजबूत कर सकता है। इसे एक सुपर-फूड कॉम्बो कहा जा सकता है।

7) गर्भावस्था के लिए ( Benefits of Chickpeas for Pregnancy )

गर्भवती महिला के लिए भी काबुली चना के फायदे देखे गए हैं। इसका सबसे बड़ा कारण है, इसमें फोलेट का मौजूद होना। यह एक आवश्यक विटामिन-बी है, जो मां और भ्रूण दोनों के स्वास्थ्य के लिए जरूरी है। गर्भावस्था के पहले और गर्भावस्था के दौरान पर्याप्त फोलिक एसिड बच्चे के मस्तिष्क या रीढ़ से जुड़े जन्म दोषों को रोकने में मदद करता है । इसके अलावा, चना ( protein in chickpeas ) आयरन, प्रोटीन, जिंक व कैल्शियम जैसे पोषक तत्वों से समृद्ध होता है। इसलिए, यह गर्भावस्था के दौरान भ्रूण को पोषित करने का काम करता है ।

8) आंखों के लिए ( Benefits of Chickpeas for Eyes )

आंखों के लिए भी चने के फायदे बहुत हैं। चना β-कैरोटीन नामक तत्व से समृद्ध होता है, जो ( protein in chickpeas ) आंखों के लिए लाभदायक होता है। ‘एज-रिलेटेड आई डिसीज स्टडी’ में पाया गया है कि β-कैरोटीन एएमडी (नेत्र रोग, जिसमें आंखों की रोशनी चली जाती है) के जोखिम को कम करता है। इसके अलावा, चने में विटामिन-सी भी पाया जाता है, जो आंखों के स्वास्थ्य के लिए जरूरी है ।

9) अर्थराइटिस के लिए ( Benefits of Chickpeas for Arthritis )

आजकल अर्थराइटिस की समस्या उम्र देखकर नहीं होती है। दिन भर एसी में रहने के कारण या बैठकर ज्यादा ( protein in chickpeas ) काम करने के कारण किसी भी उम्र में इस बीमारी का शिकार होने लगे हैं। चने के पत्तों को उबालकर पीसकर जोड़ों में लगाने से जोड़ों का दर्द कम होता है।

10) उल्टी से छुटकारा दिलाने के लिए ( Benefits of Chickpeas for Vomiting )

अगर मसालेदार खाना खाने या किसी बीमारी के साइड इफेक्ट के वजह से उल्टी हो रही है तो चने का सेवन इस तरह से ( protein in chickpeas ) करने पर फायदा मिलता है। चने को छह गुने जल में भिगोकर दूसरे दिन सुबह उसका पानी छानकर 10-20 मिली मात्रा में पीने से पैत्तिक-छर्दि (उल्टी) से राहत मिलती है।

How to Use Chickpeas in Hindi

1) नाश्ते में चने को भूनकर खा सकते हैं।

2) चनों का इस्तेमाल अपने सूप में कर सकते हैं।

3) चने की सब्जी बना सकते हैं, जिस प्रकार अन्य सब्जियां बनाते हैं।

4) चनों को उबाल कर खा सकते हैं।

सामग्री :

1) एक बाउल काबुली चने

2) दो बड़े चम्मच जैतून का तेल

3) नमक और लाल मिर्च स्वादानुसार

कैसे बनाएं :

1) चनों को उबाल कर सूखा लें।

2) अब एक बाउल में चनों को स्वादानुसार नमक, लाल मिर्च और जैतून के तेल के साथ अच्छी तरह मिलाएं।

3) अब बेकिंग शीट पर चनों को फैलाएं और लगभग आधे घंटे तक बेक करें।

4) चने जले न इसलिए बीच-बीच में चेक करते रहें।

चने को लंबे समय तक सुरक्षित कैसे रखें

1) चयन : हमेशा सूखे चनों का ही चयन करें। कम सोडियम वाले डिब्बाबंद चनों को भी चुन ( protein in chickpeas ) सकते हैं। सूखे चने खरीदते समय यह सुनिश्चित करें कि चने सूखे हों, साफ हों और सबका रंग सामान हो।

2) स्टोर : सूखे चनों को हमेशा एक बंद कंटेनर में कमरे के तापमान पर स्टोर करें। चनों को नमी और पालतू जानवरों से बचाकर रखें।

Side Effects of Chickpeas in Hindi

पेट की समस्याएं – चने फाइबर से समृद्ध होते हैं, इसलिए इन्हें ज्यादा खाने से गैस, पेट में सूजन व ऐंठन हो सकती है ।

एलर्जी – एलर्जिक रायनाइटिस (बंद नाक) या एनाफिलेक्सिस। एनाफिलेक्सिस एक जानलेवा ( protein in chickpeas )  एलर्जिक प्रतिक्रिया है, जिसकी वजह से नाक व होंठों में सूजन, उल्टी और पेट में दर्द आदि समस्याएं हो सकती हैं ।

For more details regarding the Chickpeas in Hindi: Click Here