5 Impressive Health Benefits of Moong dal in Hindi ( मूंग दाल के फायदे )

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Protein in Mung bean

आजकल लोगों में कई तरह की बिमारियां आ गई हैं ऐसे में आपको ( protein in mung bean ) अपनी सेहत का ख्याल रखना चाहिए. अनियमित खानपान और दिनचर्या की वजह से लोगों को कई सारी समस्याओं का सामना करना पड़ता है. दरअसल गलत खान पान की वजह से आपके शरीर में कई सारी चीजों की कमी रह जाती है जिसकी वजह से आपको कई सारी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है . अगर आपके शरीर में विटामिन्स और प्रोटीन की कमी है तो इसकी कमी को पूरा करने के लिए आप मूंग दाल का सेवन कर सकते हैं। मूंग दाल में भरपूर मात्रा में प्रोटीन, विटामिन के साथ-साथ मिनरल्स भी भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं।

जानिए इसके गुणों के बारें में मूंग की दाल को स्वास्थ्य के लिए सबसे ज्यादा फायदेमंद माना जाता है. मूंग दाल प्रोटीन का अच्छा सोर्स मानी जाती है. मूंग की दाल के सेवन से ब्लड प्रेशर को कंट्रोल किया जा सकता है. इसके अलावा मूंग दाल की सबसे बड़ी खासियत ये है कि ये आसानी से पच जाती है. दालों को स्वास्थ्य के लिए बहुत फायदेमंद माना जाता है. हर दाल के ( protein in mung bean ) अपने पौष्ट‍िक गुण होते हैं. दाल प्रोटीन का अच्छा सोर्स मानी जाती है. पोष्टिक गुणों की वजह से ही दाल का अधि‍क से अधि‍क सेवन करने की सलाह दी जाती है. हालांकि तमाम दालों के बीच मूंग की दाल को स्वास्थ्य के लिए सबसे ज्यादा फायदेमंद माना जाता है. मूंग की दाल के सेवन से ब्लड प्रेशर को कंट्रोल रखा जा सकता है. मूंग दाल में कॉपर, फोलेट, राइबोफ्लेविन, विटामिन, विटामिन सी, फाइबर, पोटेशियम, फॉस्फोरस, मैग्नीशियम, आयरन, विटामिन बी -6, नियासिन, थायमिन पाया जाता है. फाइबर आंतों से गंदगी को बाहर निकालने में मदद करता है और इम्यूनिटी को मजबूत बनाने का भी काम करता है.

आप मूंग दाल को कई तरह से खाने में इस्तेमाल कर सकते हैं. क्योंकि मूंग दाल से कई चीजें बनती हैं. कुछ लोग इससे पापड़ बनाते हैं, तो कुछ लोग इसका लड्डू खाना पसंद करते हैं. पर मूंग दाल का हलवा भारतीय व्यजंनों का एक प्रमुख हिस्सा है. मूंग दाल की सबसे बड़ी खासियत ये है कि ये आसानी से पच जाती है. तो चलिए आज हम आपको मूंग ( protein in mung bean ) दाल से होने वाले फायदों के बारे में बताते हैं. दालों में सबसे पौष्टिक दाल, मूंग की होती है, इसमें विटामिन ए, बी, सी और ई की भरपूर मात्रा होती है। साथ ही पोटेशियम, आयरन, कैल्शियम की मात्रा भी मूंग में बहुत होती है। इसके सेवन से शरीर में कैलोरी भी बहुत नहीं बढ़ती है। अगर अंकुरित मूंग दाल खाएं तो शरीर में कुल 30 कैलोरी और 1 ग्राम फैट ही पहुंचता है।

-अंकुरित मूंग दाल में मैग्‍नीशियम, कॉपर, फोलेट, राइबोफ्लेविन, विटामिन, विटामिन सी, फाइबर, पोटेशियम, फास्फोरस, मैग्नीशियम, आयरन, विटामिन बी -6, नियासिन, थायमिन और प्रोटीन होता है। -मूंग की दाल के स्‍प्राउट में ग्‍लूकोज लेवल बहुत कम होता है इस वजह से मधुमेह रोगी इसे खा सकते हैं। -मूंग की दाल के स्‍प्राउट में ओलियोसाच्‍चाराइडस होता है जो पॉलीफिनॉल्‍स से आता है। ये दोनों की घटक, गंभीर रोगों से लड़ने की क्षमता को प्रबल करते हैं। कैंसर के रोगी भी इसका सेवन आराम से कर सकते हैं। -मूंग की दाल में ऐसे गुण होते हैं, जो शरीर की प्रतिरोधक क्षमता ( protein in mung bean ) को बढ़ा देते हैं और उसे बीमारियों से लड़ने की ताकत देते हैं। इसमें एंटी-माइक्रोबियल और एंटी-इंफलामेट्री गुण होते हैं, जो शरीर की इम्‍यूनिटी बढ़ाते हैं। -मूंग की दाल के स्‍प्राउट में शरीर के टॉक्सिक को निकालने के गुण होते हैं। इसके सेवन से शरीर में विषाक्‍त तत्‍वों में कमी आती है। स्वाद और सेहत के हिसाब से दालें महत्वपूर्ण हैं।

इन्हीं दालों में से एक है मूंग की दाल। मूंग दाल दो प्रकार की होती हैं, पहली हरी (छिलका सहित) और दूसरी पीली मूंग दाल। इसके अलावा, साबुत मूंग दाल का उपयोग भी किया जाता है। जहां एक ओर मूल रूप से इसका सेवन एशिया, यूरोप और अमेरिका में किया जाता है, वहीं भारत में मूंग दाल मुख्य भोजन का हिस्सा होने के साथ-साथ हमें स्वस्थ रखने में भी अहम भूमिका निभाती है। दादी के नुस्खे  के इस आर्टिकल में हम मूंग ( protein in mung bean ) दाल के फायदे के बारे में बताएंगे। साथ ही जानेंगे कि मूंग दाल का उपयोग किस प्रकार से कर सकते हैं और इससे क्या-क्या नुकसान हो सकते हैं। आर्टिकल में दी गई जानकारी कई प्रकार के शोधों पर आधारित है, जिनमें से कुछ शोध जानवरों पर किए गए हैं, तो कुछ इंसानों पर। इसलिए, मूंग दाल का उपयोग औषधि के रूप में करने से पहले अपने डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

मूंग दाल क्या है ?

इसे दाल बनाने कि प्रक्रिया मिल मे होती है। हरी मूंग दाल भारतीय पाकशैली कि ( protein in mung bean ) पारंपरिक सामग्री है जिसका प्रयोग अक्सर करी मे किया जाता है। अन्य दाल कि तरह, हरी मूंग दाल मे वसा कि मात्रा कम होती है और इसमे प्रोटीन और रेशांक कि मात्रा अधिक होती है, साथ ही इसके प्रयोग का फायदा यह है कि यह पकने मे कम समय लगता है।

Protein in Mung Bean

 

 

Green moong dal – हरी मूंग दाल ( Name of moong dal in diffrent languages )

1) कुल : Fabaceae (फैबेसी)

2) अंग्रेज़ी नाम : Green gram (ग्रीन ग्राम)

3) संस्कृत-मुद्ग, सूपश्रेष्ठ, रसोत्तम, सुफल;

4) हिन्दी-मूंग, मुंग, वन उड़द;

5) उर्दू-वन उर्द (Van urd), मूंग (Mung);

6) कन्नड़-झेसरु (Jhesru), हेस्रु (Hesaru);

7) गुजराती-मूग (Mug), कच्छी (Kachi);

8) तमिल-पच्चैयमेरु (Pacchayemeru), पासीप्यारू (Pasipyaru); 

9) तैलुगु-पच्वापेसलु (Pachapesalu), पेसालु (Pesalu);

10) बंगाली-मुग (Mug);

11) मराठी-मूंग (Mung), हिरवे मूग (Hirave mug);

12) मलयालम-चेरुपायारू (Cherupayaru)।

13) अंग्रेजी-गोल्डेन ग्राम (Golden gram), मुंगो बीन (Mungo bean);

14) अरबी-मजमाश (Majmash), माष मज (Mash maj)

15) फारसी-वुनुमाष (Vunumash), वनोमाष (Vanomash)।

सेहत के लिए मूंग दाल

मूंग दाल को स्प्राउट्स के तौर पर लेने से उसकी पौष्टिकता बढ़ जाती है। यह फाइबर से तो भरपूर होते ही हैं, साथ ही यह कंप्लीट प्रोटीन हैं। वहीं, डॉक्टर भी इसके सेवन की सलाह देते हैं। इसके पीछे मुख्य कारण है, इस दाल में पाए जाने वाले पोषक तत्व। शोध के अनुसार, मूंगदाल में प्रचुर मात्रा में पोषक तत्व होते हैं। इसमें सेहत के लिए जरूरी ( protein in mung bean ) फ्लेवोनोइड्स, फेनोलिक एसिड, कार्बनिक एसिड, अमीनो एसिड, कार्बोहाइड्रेट और लिपिड जैसे पोषक तत्वों की अच्छी मात्रा पाई जाती है। इसके अलावा, मूंग दाल में एंटीऑक्सीडेंट, एंटीमाइक्रोबियल, एंटीइंफ्लेमेटरी, एंटीडायबिटिक, एंटीहाइपरटेंसिव और एंटीट्यूमर गुण पाए जाते हैं, जो कई बीमारियों को दूर करने में मददगार होते हैं।

मूंग दाल के फायदे – Benefits Of Mung Beans in Hindi

1) वजन घटाने के लिए ( Benefits Of Mung Beans for Reduce weight )

वजन कम करने में मदद करती है मूंग। जी हां, मूंग के हरे दाने (Green Gram benefits) वजन कम करने में मदद करते हैं। दरअसल, वजन कम करने की सोच रहे हैं तो आप अपनी डाइट में मूंग दाल को शामिल करें, मूंग दाल में कैलोरी की मात्रा बहुत कम पाई जाती है. जिससे वजन को ( protein in mung bean ) कंट्रोल रखा जा सकता है. मूंग की दाल और हरी मूंग के सेवन से ऐसे हार्मोन्स एक्टिव होते हैं। जो, पेट भरने का अहसास कराते हैं। इससे, शरीर की मेटाबॉलिक रेट बढ़ती है। इस तरीके से वेट लॉस के लिए मददगार साबित होता है। अंकुरित मूंग खाने से शरीर में शुगर का लेवल बढ़ता नहीं है, साथ ही इसमें पाया जाने वाले सॉल्यूबल फायइबर आपको वजन को कम करने में बहुत फायदेमंद होता है. इसलिए आप इसे जरुर खाना शुरु करें .

2) पाचन में सुधार करने के लिए ( Benefits Of Mung Beans for improve digestion )

मूंग की दाल को पाचन के लिए सबसे अच्छा माना जाता है. क्योंकि ये आसानी से पच जाती है. पाचन क्रिया को बेहतर रखने के लिए आप मूंग दाल को अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं. मूंग दाल से पेट की गर्मी को भी दूर किया जा सकता है. मूंग दाल अन्य दालों की तुलना में हल्की और आसानी से पचने योग्य होती है। यह शरीर में फैटी एसिड ब्यूटेरेट के उत्पादन को बढ़ाती है, जो पाचन में मदद करता है और शरीर में गैस को बनने से रोकता है। इसके अलावा मूंग में फाइबर और प्रोटीन की मात्रा पाई जाती है, जो पाचन तंत्र को ठीक रखने के लिए जरूरी हैं। इसके अलावा, इसमें पाए ( protein in mung bean ) जाने वाले अन्य घटक जैसे कि ट्रिप्सिन इन्हिबिटर्स हीमगलगुटिनिन टैनिन और फाइटिक एसिड भी पाचन तंत्र काे ठीक करने के साथ ही शरीर में मौजूद टॉक्सिक पदार्थों को बाहर निकालने में फायदेमंद हो सकते हैं। वहीं, फाइटिक एसिड एक एंटीन्यूट्रियंट की तरह भी काम करता है, यानी यह शरीर में मिनरल्स के अवशोषण को रोक सकता है। साथ ही स्प्राउटिंग, सोकिंग और कूकिंग के प्रभाव को भी कम करता है। वहीं, नींबू का रस फाइटिक एसिड के प्रभाव को कम करने में मदद करता है, इसलिए स्प्राउट या दाल बनाते समय नींबू का रस मिला लेना चाहिए। यह टेस्ट और स्वास्थ्य दोनों को बढ़ाने में मदद करता है।

3) कोलेस्ट्रॉल को कम करने के लिए ( Benefits Of Mung Beans for cholesterol )

शरीर में कोलेस्ट्रॉल बढ़ने पर मूंग दाल का सेवन लाभकारी माना जाता है, मूंग दाल के सेवन से अतिरिक्त कोलेस्ट्रॉल को शरीर से हटाने में मदद मिलती है. मूंग की दाल में हाइपोकोलेस्ट्रोलेमिया यानी कोलेस्ट्रॉल को कम करने का प्रभाव पाया जाता है। इस प्रभाव के कारण मूंग की दाल रक्त में माैजूद कुल कोलेस्ट्रॉल और एलडीएल (खराब) कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करती हैं। इस आधार पर यह कोलेस्ट्रॉल को बढ़ने से रोकने के ( protein in mung bean ) साथ ही इसके स्तर काे कम करने में फायदेमंद होते हैं।

4) गर्भावस्था के लिए ( Benefits Of Mung Beans for pregnancy )

गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को भरपूर मात्रा में फोलेट युक्त खाद्य पदार्थ खाने की सलाह दी जाती है। वहीं, भ्रूण के विकास के लिए भी फोलेट जरूरी है। गर्भावस्था के समय फोलेट की कमी होने से मां और शिशु दोनों को समस्या हो सकती है। वहीं, शोध में पाया गया है कि 100 ग्राम मूंगदाल में 625 माइक्रोग्राम फाेलेट ( protein in mung bean ) की मात्रा पाई जाती है, जो गर्भावस्था के दौरान जन्म दोष को दूर करने के साथ ही पोषण में फायदेमंद होती है । वहीं, अगर मूंग दाल से बने कच्चे स्प्राउड्स का सेवन किया जाता है, तो इससे पेट खराब होने की आशंका हो सकती है। इस कारण गर्भावस्था में कच्चे स्प्राउट्स की जगह स्प्राउट उबालकर खाना बेहतर होता है।

5) मूंग दाल एंटीमाइक्रोबियल गुण से भरपूर ( Benefits Of Mung Beans for antimicrobial properties )

मूंग में पाए जाने वाले पॉलीफेनोल्स में एंटीमाइक्रोबियल, एंटी बैक्टीरियल और एंटीफंगल गुण पाए जाते हैं। मूंग बीज में पाए जाने वाले ये गुण कई प्रकार के फंगस ( protein in mung bean ) को दूर करने के साथ-साथ विभिन्न प्रकार के संक्रमण को भी दूर करने में मदद करते हैं। मूंग में मौजूद उपरोक्त गुणों के कारण विभिन्न तरह के फंगस को दूर किया जा सकता है।

मूंग दाल का उपयोग :

1) मूंग दाल का उपयोग आमतौर पर स्प्राउट बनाने के लिए किया जाता है।

2) मूंग दाल से जायकेदार दाल बनाई जा सकती है।

3) मूंग दाल का उपयोग फेस मास्क बनाने के लिए कर सकते हैं।

4) बालों के लिए भी मूंग दाल के फायदे देखे गए हैं। इसका उपयोग हेयर मास्क के रूप में भी किया जा सकता है।

5) दक्षिण भारत में इसका उपयोग सांभर और चटनी बनाने के लिए किया जाता है।

6) मूंग दाल का उपयोग करके स्वादिष्ट हलवा व अन्य मिठाई बनाई जा सकती हैं।

मात्रा: प्रतिदिन 100 ग्राम तक मूंग दाल का सेवन किया जा सकता है। इसके अलावा, एक कटोरी मूंग दाल स्प्राउट का सेवन कर सकते हैं। बेहतर होगा कि आप एक बार डॉक्टर या आहार विशेषज्ञ से जरूर पूछ लें कि आपके स्वास्थ्य के अनुसार दिनभर में कितनी मूंग की दाल खाई जा सकती है।

Moong Dal Recipe in Hindi

मूंग दाल बहुत ही स्वादिष्ट और लोकप्रिय दाल है। इसे खाना और बनाना बहुत ही आसान है। यह एक ऐसी दाल है जो सबसे हल्की होती है यह दाल बहुत ही आसानी से पच जाती है। शायद यही वजह है की लोग इसे ज्यादा पसंद करते है। यह दाल हरयाणा और पंजाब मे बहुत ही प्रसिद्ध है। इसे बटर नान, रोटी, कुलचा, जीरा राइस आदि के साथ खाया जाता है। मूंग ( protein in mung bean ) दाल को बनाने की सभी सामग्री भी आसानी से घर पर ही मिल जाती है। वैसे तो यह दाल ढाबो पर ज्यादा स्वादिष्ट मिलती है पर अब आप इसे घर पर भी बहुत स्वादिष्ट बना सकते है। दाल बहुत ही पोष्टिक व्यंजन है जैसा की हम सब जानते है की दाल खाने से बहुत फायदे होते है।

दाल मे प्रोटीन होता है जो हमारे शरीर को बहुत आयरन प्रदान करता है। अगर दाल को अच्छे घी मे बनाई जाए तो इसका स्वाद और खुशबु दोनों ही बहुत लाजवाब हो जाते है। दाल को और स्वादिष्ट बनाने के लिए इसमें अच्छे मसाले डाले ताकि सब इसे शौक से खाए और विशेष तौर पर बच्चे। जैसे की दाल खाने मे बच्चो के बहुत नखरे होते है। अगर आप दाल ( protein in mung bean ) को अच्छे मसलो मे स्वादिष्ट बनाए तो बड़े तो बड़े बच्चे भी इसे शौक से खाएंगे। नीचे दी गई विधि के अनुसार बहुत ही कम समय मे आप स्वादिष्ट और पोष्टिक दाल बना सकते है।

मूंग दाल के लाभ–

1) मूंग दाल का सेवन करने से हमारे शरीर में इन्सुलिन की मात्रा बढ़ जाती है जिससे डायबिटीज जैसी बीमारी से लड़ने में और इसे रोकने में मदद मिलती है। मूंग दाल की मदद से आप अपनी शरीर का कोलेस्ट्रॉल भी कंट्रोल कर सकते है।

2) अगर आप ब्लड प्रेशर की समस्या से परेशान है तो आपको मूंग दाल का सेवन जरूर करना चाहिए क्योंकि ब्लड प्रेशर की असली वजह होता है सोडियम और मूंग दाल में सोडियम की मात्रा बिल्कुल भी नहीं होती है।

3) कुछ लोगो को पेट में गर्मी की शिकायत होती है इसके अलावा भी पेट से सम्बंधित पेट की बहुत समस्या होती है मूंग दाल आपको इन सबसे राहत दिलाती है और आपके पेट को ठंडा रखती है।

4) मूंग दाल विटामिन, कैल्शियम, आयरन, और फाइबर से भरपूर होती है जिसकी हमारे शरीर को सबसे ज्यादा जरुरत होती है। आपके शरीर में जितने भी तत्वों को कमी होगी वो इस पौष्टिक दाल का सेवन करने से जरूर पूरी हो जाएगी।

मूंग दाल बनाने की टिप्स-

1) अगर आपके पास दाल को कुछ देर भिगो कर रखने का समय नहीं है तो आपको परेशान होने की जरुरत नहीं है। आप इसी विधि के अनुसार ( protein in mung bean ) अपनी दाल बनाये बस आपको इतना करना है की कुकर में कुछ सीटी ज्यादा लगानी होगी जिससे आपकी दाल अच्छे से पक जाए और कच्ची ना रहे।

2) आप चाहे तो अपनी दाल में अलग से जीरे और हींग का तड़का लगा सकते है। कुछ लोग जीरे या हींग के साथ मिर्च के घी का भी तड़का लगाना पसंद करते है उससे भी आपको अच्छा स्वाद मिलेगा।

3) जब खाने के समय आप दाल परोसे तो उसमें ऊपर से देसी घी डालना ना भूले। इससे आपका लजीज स्वाद तो मिलेगा ही साथ ही यह आपकी सेहत के लिए भी लाभदायक होगा।

4) अगर आपके घर के सदस्य काम तीखा पसंद करते है तो लाल मिर्च का इस्तेमाल ना करके केवल हरी मिर्च काट कर छोंक के समय डाल सकते है इससे आपकी मूंग दाल ज्यादा तीखी नहीं बनेगी और स्वाद भी ख़राब नहीं होगा।

Side Effects of Moong dal in Hindi

मूंग दाल का उपयोग लो शुगर की समस्या वालों के लिए नुकसानदायक हो सकता है। इसमें मौजूद एंटीडायबिटिक गुण रक्त में मौजूद शुगर के स्तर को कम कर सकता है। इससे यह हानिकारक प्रभाव दिखा सकता है ।

जिन लोगों की त्वचा संवेदनशील होती है या फिर जिन्हें एलर्जी की समस्या होती उनके लिए मूंग दाल से बना फेस मास्क हानिकारक हो सकता है।

इसमें एंटीहाइपरटेंसिव गुण होता है। इसलिए, अगर किसी का रक्तचाप पहले से कम है, तो इस अवस्था में मूंग दाल के सेवन से समस्या और बढ़ सकती है ।

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