Top 8 Benefits Of Eating All Lentils Or Masoor Dal in Hindi ( मसूर दाल के फायदे )

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Recipe of Masoor Dal

मसूर की दाल (Red Lentil) हमारे खाद्य आहार का प्रमुख हिस्‍सा है, आप भले ही मसूर के फायदे और नुकसान के बारे में न जानते हों, लेकिन इसका सेवन जरूर करते होगें। क्‍या आप यह जानते हैं कि मसूर के फायदे हमारे लिए किसी इलाज करने वाली दवा से कम नहीं होते हैं। भारतीय घरों में एक प्रमुख प्रकार की समानता पाई जाती है। अब आप सोच रहे ( recipe of masoor dal ) होंगे कि हम कौनसी समानता की बात कर रहे हैं तो दोस्तों आप भी भलीभांति जानते हैं कि ऐसा कोई भी भारतीय घर नहीं है जहाँ पर दालें मौजूद न हों। अतः भारत एक ऐसा देश है जहां पर परम्परागत रूप से दालें बनाई जाती हैं क्यूंकि दालों के बिना भोजन तो अधूरा रहता ही है साथ ही भोजन की पौष्टिकता में भी कमी आती है।

अब यूं तो दाल बहुत पौष्टिक होती हैं लेकिन आज भी कुछ ऐसे लोग हैं जिनको दाल खाना पसंद नहीं होता है। तो दोस्तों आज हम आपके लिए एक ऐसी दाल लेकर आयें हैं जो खाने में भी बेहद स्वादिष्ट लगती है व इसके फायदे भी अनेक हैं। जी हाँ हम बात कर रहे हैं मसूर दाल (lentil) की जिसके एक नहीं बल्कि अनेक लाभ हैं। अगर आप ( recipe of masoor dal ) मसूर दाल के फायदों से परिचित नहीं है तो आज हम आपको इसके विभिन्न लाभ बताएँगे साथ ही इसकी कुछ और भी विस्तृत जानकारी आपके साथ साझा करेंगे। मसूर दाल को भारत जैसे देशों में विभिन्‍न प्रकार के व्‍यंजनों को बनाने के लिए उपयोग किया जाता है। मसूर दाल का सेवन करने से मधुमेह (diabetes), कैंसर, वजन कम करना आदि अनेक समस्‍याओं का समाधान किया जा सकता है।

आज हमारा यह लेख मसूर के फायदे और नुकसान पर केंद्रित है। जो आपको मसूर दाल का उपभोग करने के उन विशेष कारणों से अवगत कराएगा जिन्‍हें आप अब तक नहीं जानते थे। लगभग दस उत्तर भारतीय लोगों में से आठ लोगों का पसंदीदा भोजन होता है दाल-चावल, सब्जी और पापड़। यहीं नहीं, बिना दाल के कोई खाना भी पसंद नहीं करता है। प्रोटीन से भरपूर किचन ( recipe of masoor dal ) में ऐसी कई दालें मौजूद रहती है, जो सेहत के लिए बेहद ही फायदेमंद होती है। मूंग की दाल, चना दाल या फिर अरहर की दाल हो। ये सभी किसी भी उम्र के लोगों के सेहत के लिए बेहद ही फायदेमंद होती है। इसी दाल के क्रम में शामिल है मसूर की दाल।

देखने में मसूर की दाल अन्य दाल से छोटी दिखाई देती हैं, लेकिन इसके फायदे जानने के बाद हर कोई भोजन में शामिल करना चाहेगा। कहा जाता है कि मसूर दाल में कार्बोहाइड्रेट, विटामिन्स, फॉस्फोरस जैसे कई पोषक तत्व एक ही दाल में पाए जाते हैं। इस लेख में हम आपको मसूर दाल की कुछ बेहतरीन फायदे के ( recipe of masoor dal ) बारे में बताने जा रहे हैं, जिसे जानने के बाद आप भी अपनी डाइट में रोज शामिल करना पसंद करेंगी। यह बात तो लगभग सभी जानते हैं कि दाल में पौष्टिक तत्व अधिक मात्रा में पाए जाते हैं। मसूर भी ऐसी ही दाल है, जिसमें कैलोरी कम और प्रोटीन की मात्रा अधिक होती है। कैलोरी और प्रोटीन के इस अनोखे मेल को आपके स्वास्थ्य और वजन के लिए लाभदायक माना जाता है। यह दाल कई रूपों में उपलब्ध हैं, जैसे काली, लाल, पीली, हरी व भूरे रंग की मसूर आदि। इससे आप यह तो समझ ही गए होंगे कि आखिर मसूर की दाल क्या है।

दादी के नुस्खे  के इस लेख में हम मसूर दाल के फायदे भी बताएंगे। इसके अलावा, जिन्हें मसूर दाल बनाने की विधि नहीं पता, उन्हें मसूर दाल की रेसिपी भी बताएंगे। दाल में आपने अरहर, मुंग का नाम तो सुना होगा लेकिन मसूर दाल इन दालों से अलग होता है। मसूर की दाल को छिलके व बिना छिलके के साथ खाया जाता है। इसमें छिलके में घुलनशील फाइबर मौजूद होता है। लेकिन अरहर की दाल बिना ( recipe of masoor dal ) छिलके में अधिक पसंद किया जाता है उसी तरह मसूर की दाल को लोग अधिकतर बिना छिलके के उपयोग में लाते है। मसूर की दाल अन्य दाल की तुलना में जल्दी पकता है और खाने में स्वादिष्ट होता है। हालांकि मसूर की दाल फलिया परिवार से जुडी है और इनके कई किस्म होते है जिनमे लाल मसूर, काली मसूर, पीली व भूरे मसूर आदि होती है। शायद कई लोग यह नहीं जानते है मसूर की दाल केवल आहार नहीं है बल्कि हमारे स्वास्थ्य की कई तरह समस्या को रोकने में मददगार होता है। इसमें अनगिनत पोषक तत्व और खनिज की अच्छी मात्रा शामिल है। चलिए आज के लेख में आपको मसूर के पोषक तत्व, मसूर दाल की फायदे व मसूर दाल के नुकसान के बारे में बताने वाले हैं। आइए जाने मसूर की दाल खाने के फायदे क्‍या हैं।

मसूर क्या है

मसूर प्रोटीन युक्त दलहन है जिसको अंग्रेजी में Lentils के नाम से जाता है। इसका वैज्ञानिक नाम Lens culinaris और Lens Esculenta है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि मसूर की दाल फलियां परिवार से सम्बंधित है। मसूर दाल का आकार मध्यम होता है एवं बीच में से इसको दो भागों में बांटा जा सकता है। मसूर दाल के ऊपर ( recipe of masoor dal ) हरे रंग का पतला छिलका चढ़ा रहता है। चूँकि मसूर दाल के कई प्रकार होते हैं इसलिए मसूर की दाल को आप गहरे संतरी रंग, संतरी पीले रंग, काले रंग, लाल रंग, भूरे रंग एवं हरे रंग में देख सकते हैं।

मसूर को लगभग सभी लोग जानते होंगे। मसूर का प्रयोग दाल के रूप में पूरे भारत में ( recipe of masoor dal ) किया जाता है। मसूर का पौधा लगभग 15-75 सेमी ऊंचा होता है। मसूर के लेप का इस्तेमाल रंग को सुंदर करने के लिए, त्वचा रोग को ठीक करने के लिए और कफ-विकार, रक्त-विकार तथा पित्त-विकारों के इलाज के लिए किया जाता है। इसके साथ ही मसूर मूत्र रोग, दर्द, पेट की गैस और बुखार में भी उपयोग में लाया जाता है।

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मसूर दाल के प्रकार | Types of Lentils in Hindi

1) मलका मसूर दाल | Whole Red Lentils

मलका दाल को Whole red lentil भी कहा जाता है। मलका दाल दो भागों में बटी हुई होती है एवं यह पकने में अन्य दालों की अपेक्षा अधिक समय लेती है।

2) काली मसूर दाल | Black Lentils

काली मसूर दाल का छिलका काला होता है लेकिन छिलका उतराने के पश्चात् यह संतरी रंग की नजर आती है। अन्य मसूर की दालों की तुलना में इसका आकार बड़ा होता है।

3) लाल मसूर दाल | Red Lentils

लाल मसूर दाल को अंग्रेजी में Red Lentil के नाम से जाना जाता है क्योंकि इस प्रकार की दाल का रंग लाल होता है एवं इसका आकार गोल होता है।

अन्य भाषाओं में मसूर के नाम ( Name of Masoor in Different Languages )

मसूर की दाल के सेवन से इसके कई औषधीय गुण हासिल किए जा सकते हैं। यह दाल एंटीऑक्सीडेंट ( recipe of masoor dal ) सामग्री से भरपूर होती है। यही वजह है कि मसूर की दाल मधुमेह, मोटापा, कैंसर और हृदय रोग आदि के जोखिम को कम करने में मदद करती है। पोषक तत्वों की उच्च मात्रा, पॉलीफेनोल्स और अन्य बायोएक्टिव तत्वों से युक्त यह दाल भोजन और औषधि दोनों की भूमिका पर खरी उतर सकती है। \

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1) Hindi (masoor dal in hindi) – मसूर, मसूरक, मसूरी

2) Englsih (masoor dal in english) – लेन्टील (Lentil), स्पलिट पी (Slit pea)

3) Sanskrit – पित्तभेषज, मङ्गल्यक, मसूर, रागदालि, मङ्गल्य, पृथुबीजक, सूर, कल्याणबीज, गुरुबीज, मसूरक,

4) Urdu – मसूर (Masur)

5) Kannada (masoor dal in kannada) – मसूर (Masur), चनान्गी (Chanangi)

6) Gujarati – मसूर (Masur), मसूरा (Masura)

7) Tamil (masoor dal in tamil) – मसूर (Masur), मिसुर (Misur)

8) Telugu – मसूरालु (Masuralu), मिसूर पप्पु (Misur pappu)

9) Bengali – बुरो-मुस्सूर (Buro-mussur), मसुरि (Masuri)

10) Nepali – मुसुर (Musur)

11) Punjabi – मसूर (Masur), मसारा (Masara)

12) Marathi – मसूरा (Masura), मसूर (Masur)

13) Malayalam – चनमपयार (Chanampayar), वट्टूपपरूम (Vattupprum)

14) Arabic – अदस् (Adas);

15) Persian – बनो सुर्ख नेव सुर्ख (Bano surkh neiv surkh), विसुक (Visuk)

मसूर की दाल के फायदे – Benefits of Lentils in Hindi

1) पाचन के लिए ( Benefits of Lentils for digestion )

कभी-कभी हम कुछ ऐसा खा लेते हैं, जिससे हमारी पाचन क्रिया पर असर पड़ता है। ऐसे में मसूर की दाल आपके पाचन क्रिया के लिए सहायक हो सकती है, क्योंकि इसमें पाए जाने वाले फाइबर आपके खाने को शीघ्रता से पचाने में सहायता कर सकते हैं। साथ ही आपको पाचन संबंधी समस्याओं से छूटकारा मिल सकता है। पाचन से सबंधित समस्याओं के कारण ही अक्सर पेट में ( recipe of masoor dal ) अनेक प्रकार के विकार उत्पन्न हो जाते हैं। बता दें कि पाचन क्रिया को ठीक करने वाले कई पौष्टिक तत्व मसूर की दाल में पाए जाते हैं जो न सिर्फ पाचन तंत्र को ठीक करते हैं अपितु पेट से सम्बंधित विकारों को भी नष्ट करते हैं। पेट से सम्बंधित विकारों को दूर करने के लिए आप मसूर दाल का सूप बनाकर इस्तेमाल कर सकते हैं।

2) वजन घटाने के लिए ( Benefits of Lentils for weight loss )

भूख आपके वजन बढ़ने का मुख्य कारण हो सकता है, क्योंकि ज्यादा भूख लगने से हम अधिक मात्रा में भोजन का सेवन करते हैं। इससे वजन बढ़ जाता है। मसूर की दाल के फायदे में से एक बढ़ते वजन को नियंत्रित करना है, क्योंकि इसमें फाइबर और प्रोटीन अधिक मात्रा में पाए जाता है। यह आपकी भूख को तुरंत शांत कर देता है और वजन ( recipe of masoor dal ) बढ़ने की समस्या को रोक सकता है। मसूर दाल के उपयोग के साथ निरंतर व्यायाम का ध्यान रखना भी जरूरी है। मसूर की दाल के फायदे में से एक बढ़ते वजन को नियंत्रित करना है, क्योंकि इसमें फाइबर और प्रोटीन की अधिक मात्रा पाई जाती है। ये भूख को तुरंत शांत कर सकते हैं और वजन बढ़ने की समस्या को रोक सकते हैं। ध्यान रहे कि वजन कम रखने के लिए मसूर दाल के उपयोग के साथ निरंतर व्यायाम करना भी जरूरी है।

3) दांतो के लिए ( Benefits of Lentils for strong teeth )

दोस्तों आज के समय में कम उम्र में ही दांत कमजोर होने लगे हैं इसके आलावा दांतों का ठीक से ख्याल नहीं रखने की वजह से दांत कई रोगों से ग्रस्त हो जाते हैं। यदि आपके दांतो पर पीलापन, दांतों से खून आता है अथवा आप दांतो से संबधित किसी भी रोग से पीड़ित हैं तो आप मसूर दाल का उपयोग कर सकते हैं। दांतों के रोगों से छुटकारा पाने के लिए आप दाल को जलाकर उसका मंजन बनाकर इस्तेमाल ( recipe of masoor dal ) कर सकते हैं। हड्डियों के कमजोर होने से जोड़ों में दर्द का खतरा बढ़ सकता है। मसूर की दाल इस समस्या से राहत पहुंचाने में सहायता कर सकती है, क्योंकि मसूर की दाल में कैल्शियम, मैग्नीशियम और फास्फोरस होता है, जो हड्डियों और दांतों को मजबूत बनाने में सहायता कर सकते हैं। इस प्रकार मसूर दाल के उपयोग से जोड़ों के दर्द की समस्या से राहत मिल सकती है और दांत मजबूती प्राप्त कर सकते हैं।

4) त्वचा के लिए ( Benefits of Lentils for Skin )

उम्र बढ़ने के साथ ही हमारी त्वचा बेजान हो जाती है एवं त्वचा की धीरे-धीरे चमक भी गायब हो जाती है। इसके आलावा चेहरे पर कई कारणों की वजह से दाग धब्बे पड़ जाते हैं जो चेहरे की सुंदरता पर ग्रहण लगा देते हैं। यदि आप भी त्वचा पर होने वाले दाग धब्बों से परेशान हैं तो आपको एक बार मसूर दाल का उपयोग अवश्य ही करना ( recipe of masoor dal ) चाहिए। इसके लिए मसूर दाल को भिगोकर गला लें अब गली हुई मसूर दाल का महीन पेस्ट तैयार कर लें। इस पेस्ट में गुलाब जल या कच्चा दूध मिलाकर प्रतिदिन चेहरे को पानी से साफ़ करने के बाद तैयार पेस्ट को चेहरे पर 10 से 15 मिनिट के लिए लगाकर छोड़ दें। हर कोई चाहता है कि उसकी त्वचा स्वस्थ हो। इसके लिए लोग कई तरह की क्रीम और ट्रीटमेंट का सहारा लेते हैं। वहीं, साधारण-सी मसूर की दाल इस काम में मदद कर सकती है। मसूर की दाल से बने फेस मास्क त्वचा को कई लाभ दे सकते हैं। इसके इस्तेमाल से त्वचा की अशुद्धियां दूर हो सकती हैं। लाल मसूर के फेस पैक से त्वचा युवा, कोमल और चमकती हुई दिख सकती है। लाल मसूर की दाल से तैयार फेस मास्क त्वचा को एक्सफोलिएट कर सकता है और पोर्स को टाइट करने का काम भी कर सकता है। हालांकि, इन तथ्यों की पुष्टि के लिए और शोध किए जाने की आवश्यकता है।

5) बालों के लिए ( Benefits of Lentils for strong Hair )

मसूर की दाल खाने के फायदे में से एक फायदा बालों के लिए भी है। बालों के झड़ने की समस्या लगभग कई लोगों को होती है और इससे बचने के लिए लोग कई बार ( recipe of masoor dal ) काफी पैसे भी खर्च करते हैं, लेकिन खास फायदा नहीं होता है। वहीं, विटामिन और पोषक तत्वों की कमी के कारण भी बाल टूटने लगते हैं। मसूर की दाल में विटामिन-बी और सी पाया जाता है, जो आपके बालों को जड़ों से मजबूत बनाकर उन्हें झड़ने से रोकता है । इस प्रकार मसूर दाल के उपयोग से आपको बालों के झड़ने की समस्या से राहत मिल सकती है ।

6) चेहरे की रौनक बढ़ाने के लिए ( Benefits of Lentils for facial glow )

आप यह सोच रहे होंगे कि मसूर की दाल से चेहरे को गोरा कैसे करे। इसके लिए आप मसूर को भूनकर, छिलका हटा लें। इसे दूध के साथ पीस लें। इसमें मधु और घी मिलाकर मुंह में लेप के रूप में लगाएं। इससे चेहरे के दाग-धब्बे खत्म हो जाते हैं, और चेहरे की कांति बढ़ती है। रक्तचंदन, मंजिष्ठा, कूठ, लोध्र, प्रियंगु, वटांकुर तथा मसूर को पीस लें। इसे चेहरे पर लेप ( recipe of masoor dal ) के रूप में लगाएं। इससे चेहरे पर रौनक तो आती ही है, साथ ही चेहरे के दाग-धब्बे ठीक हो जाते हैं।

7) मसूर दाल स्किन के लिए ( Benefits of Lentils for glowing skin )

वास्‍थ्‍य के लिए मसूर के फायदे तो आप जान ही चुके हैं लेकिन यह भी जान लें कि यह आपकी सुंदरता को बढ़ाने में महत्‍वपूर्ण योगदान देती है। मसूर दाल में बहुत से पोषक तत्‍व (Nutrients) मौजूद हैं जो आपकी त्‍वचा संबंधी विकारों को दूर करने में मदद करते हैं। आप मसूर दाल के आटे का पेस्‍ट बनाकर अपनी त्‍वचा में चेहरा मास्‍क के रूप में उपयोग कर सकते हैं। मसूर दाल आपके चेहरे की त्‍वचा के विकारों को दूर करने के ( recipe of masoor dal ) साथ-साथ मुंहासों, फुंसीयों को मिटाने में मदद करती है। चेहरे पर इसका उपयोग करके आप अपनी त्‍वचा को चिकना और मुलायम बना सकते हैं। आपके चेहरे पर मुंहासे आने का प्रमुख कारण आपकी तेलीय त्‍वचा होती है। मसूर आपके चेहरे से तेल को हटाने में मदद करती है साथ उम्र बढ़ने के लक्षणों जैसे कि त्‍वचा की लकीरों और झुर्रियों (Wrinkles) कम करने में लाभकारी होती है।

8) कोलेस्ट्रॉल को कम करने के लिए ( Benefits of Lentils for cholesterol )

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कोलेस्ट्रॉल को कम करने में भी मसूर लाभकारी होता है क्योंकि यह अपने लघु गुण के कारण पाचन को स्वस्थ रखने में मदद करता है। जिसके कारण शरीर में आम (विषैले पदार्थ )इकट्ठे नहीं हो पाते और कोलेस्ट्रॉल की उचित मात्रा शरीर में बनी रहती है। साथ ही एक रिसर्च में भी कहा गया है की यह एच.डी.एल. को बढ़ाने एवं एल.डी.एल. को कम ( recipe of masoor dal ) करने में सहयोगी होता है। स्‍वस्‍थ्‍य और निरोगी शरीर के लिए कोलेस्‍ट्रॉल की अधिक मात्रा घातक हो सकती है। कोलेस्‍ट्रॉल की अधिक मात्रा हृदय स्‍वास्‍थ्‍य के साथ-साथ अन्‍य बीमारियों को भी निमंत्रण देता है। लेकिन आप यदि नियमित रूप से मसूर की दाल का सेवन करते हैं तो यह आपके शरीर में कोलेस्‍ट्रॉल (Cholesterol) को नियंत्रित कर सकता है। अध्‍ययनों से पता चलता है कि यदि मसूर दाल का सेवन करने से खराब कोलेस्‍ट्रॉल को 5 प्रतिशत तक कम किया जा सकता है। इसके अलावा मसूर दाल का सेवन करने से तांबे की दैनिक जरूरत का 50 प्रतिशत हिस्‍सा प्राप्‍त किया जा सकता है। ( recipe of masoor dal )

मसूर दाल का उपयोग | Uses of Lentils in Hindi

दोस्तों यदि आप मसूर दाल का उपयोग दाल बनाकर नहीं करना चाहते हैं तो आप मसूर दाल का उपयोग इस प्रकार से भी कर सकते हैं।

1. मसूर दाल को अंकुरित करके इसका उपयोग कर सकते हैं। यदि आप मसूर दाल का उपयोग इस विधि से करते हैं तो आपको मसूर दाल के अधिक मात्रा में पौष्टिक तत्वों की प्राप्ति होगी।

2. मसूर दाल का उपयोग आप सब्जियों में मिलाकर कर सकते हैं।

3. मसूर दाल का इस्तेमाल आप सूप बनाकर कर सकते हैं।

4. मंजन या काढ़ा के रूप में भी मसूर दाल का उपयोग किया जा सकता है।

5. मसूर दाल का पेस्ट बनाकर इसका इस्तेमाल आप सब्जी के रूप कर सकते हैं। 6. मसूर दाल का उपयोग मसूर दाल परांठा अथवा रोटी बनाकर भी कर सकते हैं।

Side Effects of Lentils in Hindi

1. जिन लोगों को गुर्दे से सम्बंधित किसी भी प्रकार की समस्या है ऐसे लोगों को मसूर दाल का सेवन नहीं करना चाहिए। इसके सेवन से गुर्दे की तकलीफ बढ़ सकती है।

2. मसूर दाल की तासीर गर्म होती है इसलिए इसका अधिक सेवन करने से पेट में जलन एवं एसिडिटी हो सकती है।

3. मसूर की दाल में अमीनो एसिड पाया जाता है अतः इसका अधिक सेवन से आपको किडनी और पेट में समस्या उत्पन्न हो सकती है।

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