Sugar-free Gold Side Side Effects in Hindi ( जाने इसके साइड इफेक्‍ट्स )

0
592

Sugar-free Gold Side Side Effects:- आपको मधुमेह से बचाने की जगह आपकी सेहत बिगाड़ सकती हैं, जानिए कैसे। शायद ही आप जानते होंगे कि खाने में मिठास बनाए रखने के लिए इस्तेमाल होने वाले ये आर्टिफिशियल स्वीटनर आपको मधुमेह, हाई ब्लड प्रेशर और दिल संबंधी रोग लगा सकते हैं। ऐसा एक शोध में भी सामने आ चुका है कि आर्टिफिशियल स्वीटनर के इस्तेमाल से लोगों के पाचन तंत्र पर बुरा असर पड़ता है। इसका इस्तेमाल करने से व्यक्ति को भूख नहीं लगती। आप डायबिटिक हैं, लेकिन मीठा खाना चाहते हैं, तो आपके दिमाग में सबसे पहले शुगर फ्री का ख्याल आता है,और डायबिटीज के मरीजों के लिए पूरा बाजार भी तैयार है. शुगर फ्री मिठाइयां, लड्डू, केक, पेस्ट्री और साथ में बहुत से शुगर सब्स्टिट्यूट्स, जिनका घर में भी मीठी चीजें बनाने के लिए इस्तेमाल कर लिया जाता है |

Sugar-free Gold Side Side Effects

Table of Contents

 लेकिन क्या शुगर फ्री वाकई में डायबिटिक लोगों के लिए इतना बेहतर होता है कि वो बिना किसी चीज की परवाह किए इनका इस्तेमाल कर सकते हैं? चाय या हलवे में चीनी की जगह शुगर फ्री डाल सकते हैं? कई लोग होते हैं, जो डायबिटीज नहीं होने के बावजूद भी अपने खानपान में चीनी को अधिक शामिल करने से बचते हैं। ऐसे में वे चीनी की मात्रा कम करने के लिए शुगर फ्री गोलियों यानी आर्टिफिशियल स्वीटनर्स का इस्तेमाल करते हैं। अधिकतर लोगों का यही मानना है कि ऐसा करके वे डायबिटीज से बचे रहेंगे। साथ ही चीनी के अधिक सेवन से मिलने वाली आतिरिक्त कैलोरीज से भी बच जाएंगे।

Sugar-free Gold Side Side Effects

शुगर फ्री का अधिक इस्तेमाल स्वास्थ्य के लिए कई बार हानिकारक साबित हो सकता है। भागदौड़ भरी जिंदगी और व्यस्त जीवनशैली ने लोगों की जिंदगी बदल कर रख दी है। उसके बाद कोविड-19 और लॉकडाउन ने रही सही कसर भी पूरी कर दी। आंकड़े बताते हैं कि कोविड-19 संक्रमण (Covid-19) और लॉकडाउन (Lockdown) के कारण डायबिटीज (Diabetes) के मरीजों की संख्या बढ़ी है। वहीं उन लोगों की भी संख्या कम नहीं है जो डायबिटीज की बाॅर्डरलाइन पर हैं।

इससे बचने के लिए लोग मीठे का परहेज कर रहे हैं और उसकी जगह शुगर फ्री (Sugar Free Pills) गोलियों से अपनी चाय या कॉफी में मिठास बढ़ा रहे हैं। सिर्फ इतना ही नहीं अब तो बाजार में शुगर फ्री मिठाइयां (Sugar free sweets) भी उपलब्ध होने लगी हैं। पर क्या शुगर फ्री टेबलेट्स आपके डायबिटीज से मुक्त रहने की गारंटी हैं? आइए जानते हैं कि आपके लिए कितनी हेल्दी हैं शुगर फ्री गोलियां।

क्या हैं शुगर फ्री पिल्स

अधिकांश लोग यह सोचते हैं कि शुगर फ्री की गोलियां खाने से वह शुगर से बचे रहेंगे। उन्हें डायबिटीज नहीं होगी और यह उनके लिए हेल्दी भी होगा। लेकिन यह बात पूरी तरह से सही नहीं है। दरअसल खूबसूरत पैकेजिंग में लपेट कर बेचे जा रहे ये आर्टिफिशियल स्वीटनर्स (कृत्रिम मिठास) होते हैं। जो आपको डायबिटीज से बचने का विकल्प लग सकते हैं, लेकिन इनके अधिक सेवन से दिल के रोग और हाइपरटेंशन का खतरा बढ़ जाता है।

Sugar-free Gold Side Side Effects

शुगर फ्री या शुगर है बेहतर (suger free)

यहां प्रश्न यह उठता है कि शुगर फ्री खाना अधिक फायदेमंद है या शुगर यानी चीनी ? शुगर फ्री आर्टिफिशियल स्वीटनर्स होते हैं। यह भी दावा किया जाता है कि ये कैलोरी फ्री होते हैं। डायबिटीज के मरीजों के लिए शुगर फ्री चीनी का बेहतरीन विकल्प है, पर किसी को भी इसका इस्तेमाल अधिक नहीं करना चाहिए। अगर आप शुगर फ्री की पैकिंग देखेंगे, तो उसके लेबल पर आपको एस्पार्टेम, सैकरिन, सुक्रोज और रेबियाना जैसे पदार्थों के नाम लिखे हुए दिखाई देंगे। जिन आर्टिफिशियल स्वीटनर्स को आप स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद समझकर हजम किए जा रहे हैं, वास्तव में वे चीनी से कहीं ज्यादा खतरनाक हैं। भले ही इन पदार्थों को प्राकृतिक उत्पादों के सम्मिश्रण से बनाया जाता है, लेकिन आपके मुंह तक पहुंचने से पहले ये उत्पाद किसी न किसी प्रकार की रासायनिक प्रक्रिया से भी गुजरते हैं।

बीमार कर सकता है शुगर फ्री

आर्टिफिशियल स्वीटनर्स के लंबे समय तक इस्तेमाल से कैंसर जैसी खतरनाक बीमारियों के होने का खतरा बढ़ जाता है। लोग सोचते हैं कि शुगर फ्री वजन घटाने में मदद करते हैं। मैसाचुसेट्स जनरल हॉस्पिटल की एक रिसर्च के अनुसार, शुगर फ्री प्रोडक्ट्स दुबले होने में बिल्कुल भी मदद नहीं करते। यह शोध अप्लाइड फिजियोलॉजी, न्यूट्रीशन एंड मेटाबॉलिज्म पत्रिका में प्रकाशित किया गया था। यह मेटाबॉलिज्म और एपेटाइट पर भी विपरीत असर डालते हैं।

सिरदर्द, मितली, जोड़ों में दर्द, नींद न आना, घबराहट आदि इसके कुछ साइड एफेक्ट्स हैं, जो कुछ लोगों में नजर आते हैं। चीनी की बजाय आर्टिफिशियल स्वीटनर्स के इस्तेमाल से पाचन क्रिया पर विपरीत असर पड़ता है। यह आंतों में मौजूद बैक्टीरिया पर नकारात्मक असर डालता है, जिससे भूख कम लगती है। शोधकर्ताओं के अनुसार, यह मोटापे और दिल संबंधी बीमारियों को भी न्यौता दे सकता है। ऐसे में सेहत के लिए बेहतर यही होगा कि आप कम मात्रा में सामान्य चीनी का इस्तेमाल करें।

Sugar-free Gold Side Side Effects

आइए, जानते हैं शुगर फ्री टेबलेट से होने वाले नुकसान- (sugar free tablets side effects)

जिन लोगों को मधुमेह की बीमारी है उनके लिए चीनी के स्थान पर शुगर फ्री टेबलेट लेने का चलन शुरु हो गया है। यह टेबलेट शुगर फ्री होते हुए भी किसी भी चीज में मिठास घोल देती है और इसमें कैलोरी भी नहीं होती है। ऐसे में यह मधुमेह के रोगियों के लिए बड़े काम की होती है। इसका इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि इसके अधिक सेवन से कुछ गंभीर नुकसान भी हो सकते हैं।

1) चीनी की बजाय आर्टिफिशियल स्वीटनर्स के इस्तेमाल से पाचन क्रिया पर विपरीत असर पड़ता है। यह आंतों में मौजूद बैक्टीरिया पर नकारात्मक असर डालता है, जिससे भूख कम लगती है।

2) लोग सोचते हैं कि शुगर फ्री वजन घटाने में मदद करती हैं। मैसाचुसेट्स जनरल हॉस्पिटल की एक रिसर्च के अनुसार, शुगर फ्री दुबले होने में बिल्कुल भी मदद नहीं करती। यह मेटाबॉलिज्म और एपेटाइट पर विपरीत असर डालती हैं।

3) शुगर फ्री के इस्तेमाल से लोगों के शरीर में पाचन क्रिया पर विपरीत असर पड़ता है। इससे आंतों में मौजूद बैक्टीरिया पर नकारात्मक असर पड़ता है, जिससे भूख लगने की आदत प्रभावित होती है।

4) ये गोलियां हृदय के लिए भी नुकसानदायक है। शुगर फ्री की गोलियां आपका ब्लड प्रेशर बढ़ा सकती है।

5) Artificial Sweeteners के लंबे समय तक इस्तेमाल करने से कैंसर जैसी खतरनाक बीमारियों के होने का खतरा बढ़ जाता है। sugar free gold powder

Sugar-free Gold Side Side Effects

शुगर फ्री में भी होती है शक्कर (sugar free gold)

अगर आप सोचते हैं कि शुगर फ्री खाद्य पदार्थों में शक्कर नहीं है, तो ये सही नहीं है। वास्तव में यह सिर्फ किसी प्रोडेक्ट को प्रमोट करने के लिए कही जाती है। जिन खाद्य पदार्थ में शक्कर नहीं होने की बात की जाती है उनमें भी अन्य तरह की शक्कर शामिल होती है, जैसे ग्लूकोज और माल्ट चीनी आदि। यानि फ्री का मतलब बिल्कुल नहीं से अलग होता है। अगर किसी प्रोडेक्ट पर शुगर फ्री लिखा हुआ है, और उसमें शक्कर की मात्रा केवल प्रति सौ ग्राम में 0.5 ग्राम से कम है, तो ये ठीक है।

रिफाइन चीनी के खाने से मस्तिष्क में रासायनिक क्रियाएं होने से सेरेटोनिन का स्राव हो सकता है, जिससे स्वभाव में चिड़चिड़ापन, अवसाद जैसे लक्षण आते हैं। इसमें सुक्रोज बचता है, इसकी अधिक मात्रा शरीर के लिये नुकसानदायक होती है। अधिक मात्रा में चीनी का इस्तेमाल वसा से ज्यादा नुकसान करती है। इससे मधुमेह की दिक्कत होती है। ज्यादा इस्तेमाल करने से वजन बढ़ सकता है। चीनी या इससे बनी चीजें खाने के बाद मुंह साफ करना चाहिए। ये दांतों की सुरक्षा कवच को नुकसान पहुंचाती है। दिन भर में महिलाओं को २१-२५ ग्राम और पुरुषों को ३०-३५ ग्राम तक चीनी लीनी चाहिए। इससे अधिक मात्रा में लेने में स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचा सकती है।

चीनी का विकल्प है गुड़, खजूर

चीनी की बजाय मिनरल्स, विटामिन्स युक्त गुड़, शहद, खजूर, फलों का रस, फलों का प्रयोग करना चाहिए। इनके इस्तेमाल से रक्त में ग्लूकोज का स्तर तेजी से नहीं बढ़ता है। 10 फीसदी से ज्यादा नहीं होनी चाहिए खाने से ली गई ऊर्जा में शक्कर। दूध, फल और सब्जी में मौजूद शक्कर से किसी प्रकार का नुकसान नहीं होता है।

चीनी के चार प्रकार

चीनी चार प्रकार की होती है। ग्रनुलेटेड (दानेदार) चीनी कुकीज़, केक, पाई, आइसक्रीम बनाने में प्रयोग की जाती है। कैल्शियम, मैग्नीशियम, पोटैशियम और आयरन से भरपूर ब्राउन शुगर रोग प्रतिरोधकता व पाचन सही रखता है। चिपचिपी ब्राउन शुगर को रिफाइंड नहीं किया जाता है। ब्राउन शुगर की तरह और महंगी शुगर को आइसक्रीम सॉस और ब्रेड पुडिंग में प्रयोग होता है। कन्फेक्शनर शुगर मक्का स्टार्च के साथ रिफाइंड दानेदार चीनी का पाउडर के रूप में होता है।

Tulsi juice Benefits of Hindi ( तुलसी जूस के ये 8 चमत्कारी फायदे )

शुगर के साइड इफेक्ट क्या है?

ब्लड शुगर बढ़ने पर पाचन संबंधी दिक्कत- अगर आपका ब्लड शुगर लंबे समय तक बढ़ा रहता है तो ये आपके वेगस तंत्रिका को नुकसान पहुंचा सकता है. ये तंत्रिका पेट और आंतों में भोजन पहुंचाने में मदद करती है. इसकी वजह से वजन भी तेजी से कम होने लगता है. इसके अलावा एसिड रिफ्लक्स, ऐंठन, उल्टी और गंभीर कब्ज की समस्या हो सकती है.

शुगर की गोली कैसे लेनी चाहिए?

शुगर कंट्रोल 1mg/500mg टैबलेट सीनियर को खाने के साथ लेना चाहिए. अधिकतम लाभ प्राप्त करने के लिए इसे हर रोज एक नियमित रूप से एक ही समय पर लें. आपका डॉक्टर यह निर्णय लेगा कि आपके लिए कौन सी खुराक सबसे अच्छी है और यह समय-समय पर बदल सकती है इस अनुसार कि यह आपके खून में शुगर के स्तर के अनुसार कैसे काम कर रही है.

शुगर फ्री पाउडर क्या है?

जिन खाद्य पदार्थ में शक्कर नहीं होने की बात की जाती है उनमें भी अन्य तरह की शक्कर शामिल होती है, जैसे ग्लूकोज और माल्ट चीनी आदि। यानि फ्री का मतलब बिल्कुल नहीं से अलग होता है। अगर किसी प्रोडेक्ट पर शुगर फ्री लिखा हुआ है, और उसमें शक्कर की मात्रा केवल प्रति सौ ग्राम में 0.5 ग्राम से कम है, तो ये ठीक है।

शुगर फ्री कितने की आती है?

Sugar Free Natura Diet Sugar – 80 g: आप इस शुगर फ्री को अमेजन से 240 रुपये में खरीद सकते हैं जबकि इसकी MRP-499 रुपये हैं।

हाई शुगर कितना होता है?

तुरंत चीनी का सेवन करें या डॉक्टर से संपर्क करें। 90 mg/dl – यह स्तर साधारण है। 120-160 mg/dl- यह साधारण से कुछ ऊपर है, लेकिन यह स्तर होने पर डॉक्टर से संपर्क करें। 160-240 mg/dl – यह रक्त शर्करा का बेहद उच्च स्तर है।

शुगर जड़ से खत्म कैसे होगा?

शुगर की बीमारी के लिए भी ऐसे कई घरेलू उपचार है जो कि शुगर के लेवल को कंट्रोल करने में बहुत मदद करते हैं।
करेले से होगा शुगर का इलाज …
आंवला भी है लाभकारी …
मेथी के दाने होते हैं फायदेमंद …
दालचीनी भी होती है फायदेमंद …
एलोवेरा से मिलेगा आराम …
जामुन रखेगा शुगर से दूर …
आम भी है लाभकारी …
ग्रीन टी रखेगी शुगर लेवल कम

शुगर की टेबलेट कब लेनी चाहिए?

उन्होंने कहा कि डायबिटीज की दवा भोजन से आधा घंटा पहले लेनी चाहिए

शुगर के लिए सबसे अच्छी दवा कौन सी है?

यदि आप अपने ब्लड शुगर को कम करने के लिए दालचीनी का सेवन शुरू करना चाहते हैं, तो सीलोन दालचीनी का उपयोग करें। डायबिटीज मरीजों के लिए रोजाना इसका 6 ग्राम तक सेवन करना सुरक्षित है।

शुगर में ताकत के लिए क्या खाएं?

आप पालक, मेथी, बथुआ, ब्रोकली, लौकी, तोरई, करेला जैसी सब्जियां खा सकते हैं. इन सब्जियों में कम कैलोरी और ज्यादा पोषक तत्व होते हैं. हरी सब्जियों में Antioxidants गुण होते हैं जिससे ब्लड शुगर कंट्रोल रहता है. हरी सब्जियां हार्ट और आंखों के लिए भी बहुत फायदेमंद है |

क्या शुगर फ्री हानिकारक है?

शुगर फ्री की गोलियां आपका ब्लड प्रेशर बढ़ा सकती है। इन टेबलेट के अधिक प्रयोग से आपकी आंखों की रोशनी भी कम हो सकती है। शुगर फ्री के इस्तेमाल से लोगों के शरीर में पाचन क्रिया पर विपरीत असर पड़ता है। इससे आंतों में मौजूद बैक्टीरिया पर नकारात्मक असर पड़ता है, जिससे भूख लगने की आदत प्रभावित होती है।

शुगर में कौन सा बिस्कुट खाना चाहिए?

Worth2Deal शुगर फ़्री ओट्स बिस्किट 400g- स्वादिष्ट और स्वस्थ बिस्कुट – बच्चों और मधुमेह रोगियों के लिए सर्वश्रेष्ठ

शुगर फ्री च्यवनप्राश कौन सा है?

अगर आपको भी च्यवनप्राश खरीदना है तो आप Amazon Great Freedom Festival Sale 2021 से अपने लिए शुगर फ्री च्यवनप्राश खरीद सकते हैं। यहां आपको डाबर, बैद्यनाथ, जीवा आदि के च्यवनप्राश बहुत ही कम कीमत में मिलेंगे। इन च्यवनप्राश में कई पावरफुल जड़ी बूटियां है जो आपकी ओवरऑल हेल्थ के लिए बहुत ही फायदेमंद हो सकती है।

हाई शुगर के लक्षण क्या है?

ज्यादातर लोगों का सुबह के समय ब्लड शुगर लेवल बढ़ जाता है। डॉक्टरों के मुताबिक टाइप-2 डायबिटीज वाले लगभग 50 प्रतिशत लोगों को सुबह के समय शुगर का स्तर बढ़ने से संबंधित दिक्कतें हो सकती हैं। सामान्यतौर पर इन लक्षणों के माध्यम से बढ़े हुए शुगर लेवल की पहचान की जा सकती है। मतली आना।

Sugar बढ़ने से कौन सी बीमारी होती है?

क्योंकि शरीर में शुगर लेवल बढ़ने से कई तरह की गंभीर समस्याएं हो सकती हैं। इनमें हार्ट अटैक, किडनी से जुड़ी बीमारियां, सिरदर्द, वजन घटना, आंखों की रोशनी धुंधली होना, मल्टीपल आर्गन फेलियर, बार-बार पेशाब आना और ज्यादा प्यास लगना शामिल है।

खाना खाने के 2 घंटे बाद शुगर कितनी होनी चाहिए?

वहीं फास्टिंग में 130 mg/dl या उससे अधिक ब्लड शुगर लेवल डायबिटीज का संकेत है। इसके अधिक अगर इसका लेवल बढ़ता है तो ये सेहत के लिए हानिकारक होता है। अगर आप खाना खाने के बाद ब्लड शुगर लेवल चेक करना चाहते हैं तो 2 घंटे बाद करें। खाने के 2 घंटे बाद स्वस्थ लोगों का ब्लड शुगर लेवल करीब 130 से 140 mg/dl के बीच होना चाहिए

शुगर के लिए आयुर्वेदिक दवा क्या है?

जामुन के बीज- डायबिटीज के आयुर्वेदिक इलाज में जामुन के बीजों का इस्तेमाल किया जाता है. …
अंजीर के पत्ते- अंजीर के पत्तों को खाली पेट चबाने या पानी में उबाल कर पीने से मधुमेह कंट्रोल रहता है. …
मेथी- मधुमेह के रोगियों के लिए मेथी बहुत फायदेमंद मानी जाती है.

डायबिटीज और शुगर में क्या अंतर है?

टाइप-1, डायबिटीज का शुरुआती दौर होता है। इसे कंट्रोल किया जा सकता है। वहीं, टाइप-2 डायबिटीज में मरीज के शरीर में ब्लड शुगर लेवल बहुत ज्यादा हो जाता है। इसे कंट्रोल करना मुश्किल है।

खाली पेट शुगर कितनी होनी चाहिए?

अगर हम नॉर्मल शुगर की बात करें तो आमतौर पर भूखे रहने पर शुगर की मात्रा 70-110 के बीच होती है। खाना खाने के आधा घण्टे बाद ये मात्रा बढ़कर 110-140 तक हो जाती है।

शुगर रोगी दूध कितना पी सकते है?

आमतौर पर स्वस्थ रहने के लिए दूध सभी पीते हैं, लेकिन डायबिटीज होने पर व्यक्ति अगर नियमित रूप से नाश्ते में पोषक तत्वों से भरपूर दूध पी ले, तो ब्लड शुगर लेवल अंडर कंट्रोल रहेगा। विशेषज्ञों के मुताबिक, एक गिलास दूध में 8 ग्राम प्रोटीन होता है। इसी वजह से इसे पीने से आपका पेट काफी देर तक भरा रहता है।

शुगर में कौन कौन सी सब्जी नहीं खानी चाहिए?

शुगर लेवल कंट्रोल करता है करेला: मधुमेह से पीड़ित लोगों को स्वास्थ्य विशेषज्ञ करेला खाने की सलाह देते हैं।
भिंडी खाने से होगा लाभ: लो GI वैल्यू से भरपूर भिंडी डायबिटीज रोगियों के लिए फायदेमंद होता है।
डायबिटीज रोगियों के लिए फायदेमंद है टमाटर: विटामिन-सी का बेहतरीन स्रोत टमाटर ब्लड शुगर कंट्रोल करने में भी सहायक है।

शुगर में कौन सा फल नहीं खाना चाहिए?

डायबिटीज के मरीजों को कुछ फलों का सेवन करते हुए अधिक सावधान रहना होगा, जैसे केला, चीकू, अंगूर, आम और लीची आदि। आपको इन फलों का सेवन बहुत कम मात्रा में करना होगा। क्योंकि इनका ग्लाइसेमिक इंडेक्स अधिक होता है जो ब्लड शुगर को स्पाइक कर सकता है।

क्या Sugar पूरी तरह ठीक हो सकता है?

वियतनाम, बांग्लादेश, मलेशिया, स्विट्जरलैंड जैसे कई देशों में सेंटर चला रहे डॉ. चौधरी का दावा है कि डायबिटीज कोई बीमारी है ही नहीं। वे इसे सिर्फ एक मेडिकल कंडीशन यानी चिकित्सकीय अवस्था मानते हैं जो जीवनशैली में बदलाव करके ठीक रखी जा सकती है। उनका मानना है कि डायबिटीज हो जाए तो पूरी तरह से दवाइयों पर निर्भर न रहें।

शुगर में काजू खा सकते हैं क्या?

Diabetes रोगियों को अखरोट, काजू, पिस्ता, बादाम आदि खाना चाहिए. इनसे ब्लड शुगर लेवल नहीं बढ़ता. इनके सेवन से शरीर में Fatty-Acid और फाइबर जैसे पोषक तत्व जाते हैं, जो सेहत के लिए कई और मायने में फायदेमंद हैं.

शुगर में चक्कर क्यों आते हैं?

यदि एक मधुमेह से पीड़ित व्यक्ति अस्वस्थ महसूस कर रहा है और पसीना, चक्कर आना या कमजोरी जैसे लक्षण दिखाता है, तो संभव है कि उनका रक्त शर्करा स्तर गिर गया हो। शुगर लेवल को सामान्य सीमा तक लाने के लिए आपको उन्हें तुरंत एक ग्लूकोज टैबलेट, एक कैंडी या एक चम्मच चीनी, शहद आदि देना चाहिए।