Benefits of Tea Tree oil in Hindi

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Benefits of Tea Tree oil in Hindi

Tea tree oil in Hindi:- भारत जड़ी बूटियों और औषधीय गुणों से युक्त वनस्पतियों का एक प्रमुख केंद्र माना जाता है। भारत में सदियों से हर्बल उत्पादों और प्राकृतिक तेलों का उपयोग किया जाता है उन्हीं तेलों में से एक होता है- टी ट्री ऑयल। टी ट्री ऑयल मैं कई पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो हमारे शरीर के लिए काफी फायदेमंद होते हैं। आज हम आपके साथ हमारे इस लेख के माध्यम से टी ट्री ऑयल से जुड़ी सभी आवश्यक जानकारी जैसे टी ट्री ऑयल क्या होता है?, टी ट्री ऑयल के फायदे, टी ट्री ऑयल के नुकसान, टी ट्री ऑयल की पोषक तत्व आदि पर चर्चा परिचर्चा करेंगे।

Tea tree oil in Hindi

Table of Contents

टी ट्री तेल को Melaleuca Alternifolia नामक पौधे की पत्तियों से निकाला जाता है। यह पौधा मूल रूप से ऑस्ट्रेलिया में पाया जाता है। टी ट्री एक प्रकार का एसेंशियल ऑयल होता है जैसे कि ग्रीन टी ऑयल होता है। टी ट्री ऑयल का इस्तेमाल पारंपरिक रूप से त्वचा से संबंधित समस्याओं का इलाज करने के लिए किया जाता है, जैसे कि फंगल इन्फेक्शन, एक्न, काट कीड़े के काटने आदि। यह तेल टी ट्री पौधे की टहनियों व पत्तियों से स्टीम डिस्टलेशन के माध्यम से निकाला जाता है। यह हमारी त्वचा के लिए काफी फायदेमंद होता है ।और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में भी सहायक होता है।

Nutrients of Tea tree oil in Hindi

 

टी ट्री ऑयल मे कई पोषक तत्व पाए जाते हैं जैसे कि एंटीमाइक्रोबियल्स एंटीसेप्टिक, एंटीफंगल, एंटीबैक्टेरियल, एंटीवायरल कीटनाशक, आदि। टी ट्री ऑयल में फाइटोकेमिकल्स, ट्रिपिनोलीन, साइमन, पिनेने,आदि प्रचुर मात्रा में पाए जाते है। यह हल्के पीले रंग का होता है।और इसमें कपूर की सुगंध आती है।

Benefits of tea tree oil in Hindi

मूत्राशय से जुड़ी समस्याओं के लिए (tea tree oil in Hindi for urinary problems)

इस दिल में तेल मैं एंटीबैक्टीरियल और एंटीफंगल औषधीय गुण पाए जाते हैं, जो मूत्राशय से जुड़े संक्रमण को रोकने में सहायक होते हैं। यह मुत्र मार्ग के विभिन्न अंग जैसे ब्लेंडर, यूरेटर, किडनी से जुड़ी सभी समस्याओं से निजात दिलवाने में सहायक होता है। यह बैक्टीरिया के इन्फेक्शन को रोकने में सहायक होता है। मूत्राशय से जुड़े संक्रमण की समस्याओं से निजात पाने के लिए आप टी ट्री ऑयल का इस्तेमाल कर सकते हैं। यह आपके स्वास्थ्य के लिए काफी फायदेमंद साबित हो सकता है।

आंखों के लिए (tea tree oil in Hindi for eyes)

टी ट्री ऑयल मे एंटीबैक्टीरियल औषधीय गुण पाए जाते हैं, जो बैक्टीरिया को खत्म करके फुंसी की समस्या से आराम दिलाने में सहायक होते हैं। इसके अतिरिक्त, टी ट्री ऑयल का इस्तेमाल कलेजी अंत को रोकने में भी किया जाता है। कभी भी टी ट्री ऑयल का इस्तेमाल आंखों के अंदर न करें। इसे केवल बाहरी हिस्सों पर ही लगाए।

मौखिक स्वास्थ्य के लिए (tea tree oil for health)

टी ट्री तेल मे कई पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो मुंह के छाले, मसूड़े के दर्द, बदबूदार सास की समस्या से निजात दिलवाने में सहायक होते हैं। एक गिलास गुनगुने पानी में एक चम्मच ब्रांडी और तीन चम्मच टी ट्री ऑयल मिलाकर कुल्ला करने से आप मुंह से जुड़ी कई समस्याओं से निजात पा सकते हैं। याद रखें कि यह आपके पेट के अंदर नहीं जाना चाहिए। इसे कुल्ला करके बाहर निकाल दे।

पैरों के छालों के लिए (tea tree oil for ulcers)

टी ट्री ऑयल में एक खास हीलिंग औषधिय गुण पाया जाता है, जो पर को छाले को ठीक करने में सहायक होता है। आप टी ट्री ऑयल और रोजमेरी ऑयल के मिश्रण को घाव पर लगा सकते हैं। ऐसा करने से घाव जल्दी भर जाते हैं। इसके अतिरिक्त इसमें एंटी इन्फ्लेमेटरी औषधीय गुण भी पाया जाता है जो सालों के कारण हुई सूजन को कम करने में सहायक होता है।

ड्राई सॉकेट की समस्या के लिए (tea tree oil for the treatment of dry socket problem)

ड्राई सॉकेट समस्याओं से संबंधित एक रोग होता है। जिसमें दांत निकलवाने के पश्चात तीन-चार दिन तक दर्द रहता है। उस दर्द से निजात पाने के लिए आप टी ट्री ऑयल का इस्तेमाल कर सकते हैं।

टी ट्री ऑयल में एंटीमाइक्रोब औषधीय गुण मौजूद होते हैं, जो घाव के बैक्टीरिया को नियंत्रित करते हैं जिससे गांव जल्दी ठीक हो जाता है । आप टी ट्री ऑयल का इस्तेमाल रुई पर शहद और एक दो बूंद ऑयल लगाकर घाव पर लगाने से घाव जल्दी भरते हैं।

साइनस संक्रमण के लिए (tea tree oil in Hindi for sinus infection)

यह मस्तिष्क कि वह खोखले छिद्र होते हैं, जिससे सांस लेने में समस्या उत्पन्न होती है जब किसी bacteria, वायरस या फंगस के संक्रमण के कारण साइनस हो जाता है। इस समस्या से छुटकारा पाने के लिए ऑयल का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसमें एंटी बैक्टीरियल, एंटी फंगल, एंटी वायरल औषधीय गुण मौजूद होते हैं ,जो संक्रमण को खत्म करने और सूजन को कम करने में सहायक होते हैं। श्वसन संबंधी समस्याओं से निजात पाने के लिए आप इस्तेमाल कर सकते हैं।

शरीर की दुर्गंध को कम करने के लिए (tea tree oil for body smell)

हमारे शरीर में दुर्गंध एक जटिल समस्या होती है जो व्यक्ति के पूरे व्यक्तित्व को प्रदर्शित करती है। जब हमारे शरीर पर पसीना आता है तो उस पसीने के साथ शरीर पर बैक्टीरिया भी पनपते हैं जो दुर्गंध के कारण बनते हैं। टी ट्री ऑयल में एंटीबैक्टीरियल औषधीय गुण पाया जाता है, जो जीवाणुओं को शरीर से लड़ने का कार्य करते हैं। शरीर की दुर्गंध को कम करने के लिए आप इस्तेमाल कर सकते हैं।

दाद की समस्या के लिए (tea tree oil in Hindi for ringworms)

टी ट्री ऑयल का इस्तेमाल करने से दाद खुजली तथा अन्य संबंधित समस्याओं से छुटकारा पाने के लिए सकते हैं। दाद की समस्या के लिए टी ट्री ऑयल का का इस्तेमाल कर सकते हैं, क्योंकि इसमें एंटीबैक्टीरियल एंटीफंगल एंटीवायरस औषधीय गुण पाया जाता है जो संक्रमण और त्वचा संबंधित अन्य समस्याओं से निजात दिलवाने में सहायक होता है। आप टी ट्री ऑयल का इस्तेमाल त्वचा संबंधित समस्याओं से निजात पाने के लिए कर सकते हैं। यह काफी फायदेमंद साबित होगा।

निमोनिया के लिए (Tea Tree Oil In Hindi Pneumonia )

टी ट्री तेल में निमोनिया के कारण होने वाले संक्रमण को दूर करने के लिए कई औषधीय गुण मौजूद होते हैं। टी ट्री ऑयल का इस्तेमाल करने से निमोनिया से ग्रसित व्यक्तियों को बुखार, ठंड लगना और खांसते वक्त बलगम निकलने जैसी समस्याओ से छुटकारा पाया जा सकता है। टी ट्री ऑयल में एंटीमाइक्रोब औषधीय गुण पाया जाता है, जो निमोनिया के लक्षणों को कम करने में सहायक होता है। टी ट्री ऑयल को सूंघने से निमोनिया को कम किया जा सकता है।

मस्सों की समस्या के लिए (Tea Tree Oil in Hindi For Amole)

मस्सा हमारी त्वचा पर होने वाला एक प्रकार का संक्रमण होता है, जो ह्यूमन पैपिलोमा वायरस यानी एचपीवी की वजह से होता है। इसे हटाने के लिए आप टी ट्री ऑयल का इस्तेमाल कर सकते हैं। इस तेल में एंटीमाइक्रोबॉयल औषधीय गुण पाया जाता है, जो मस्से की समस्या से छुटकारा दिलाने में सहायक होता है।

नाखूनों के फंगल इंफेक्शन के लिए (Tea Tree Oil For Nails Fungal Infection)

नाखूनों में संक्रमण होने पर नाखून पीले पडकर मोटे हो जाते हैं। और आसानी से टूट जाते हैं। इस समस्या से छुटकारा पाने के लिए आप टी ट्री ऑयल का इस्तेमाल कर सकते हैं। टी ट्री ऑयल में एंटीफंगल औषधीय गुण मौजूद होता है, जो फंगस को खत्म करने में सहायक होता है और नाखूनों को स्वस्थ बनाए रखता है। टी ट्री ऑयल का इस्तेमाल करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर ले।

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Side Effects Of Tea Tree oil in Hindi

  •  इस तेल का इस्तेमाल करने से आपको भ्रम कन्फ्यूजन की समस्या सामने आ सकती है।
  •  टी ट्री तेल का सेवन करने से शरीर का संतुलन बनाए रखने में समस्या हो सकती है।
  • एलर्जी की समस्या होने पर टी ट्री ऑयल का इस्तेमाल करने से लाल खुजली दाग धब्बे हो सकते हैं ।और यह त्वचा पर जलन और खुजली भी पैदा कर सकता है।

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मस्सों की समस्या के लिए Tea Tree Oil के उपयोग बताईये?

मस्सा हमारी त्वचा पर होने वाला एक प्रकार का संक्रमण होता है, जो ह्यूमन पैपिलोमा वायरस यानी एचपीवी की वजह से होता है। इसे हटाने के लिए आप टी ट्री ऑयल का इस्तेमाल कर सकते हैं। इस तेल में एंटीमाइक्रोबॉयल औषधीय गुण पाया जाता है, जो मस्से की समस्या से छुटकारा दिलाने में सहायक होता है।

मूत्राशय से जुड़ी समस्याओं के लिए Tea Tree Oil के उपयोग बताईये?

इस दिल में तेल मैं एंटीबैक्टीरियल और एंटीफंगल औषधीय गुण पाए जाते हैं, जो मूत्राशय से जुड़े संक्रमण को रोकने में सहायक होते हैं। यह मुत्र मार्ग के विभिन्न अंग जैसे ब्लेंडर, यूरेटर, किडनी से जुड़ी सभी समस्याओं से निजात दिलवाने में सहायक होता है। यह बैक्टीरिया के इन्फेक्शन को रोकने में सहायक होता है। मूत्राशय से जुड़े संक्रमण की समस्याओं से निजात पाने के लिए आप टी ट्री ऑयल का इस्तेमाल कर सकते हैं। यह आपके स्वास्थ्य के लिए काफी फायदेमंद साबित हो सकता है।

Tea Tree Oil से होने वाले Side Effects बताईये?

इस तेल का इस्तेमाल करने से आपको भ्रम कन्फ्यूजन की समस्या सामने आ सकती है।
 टी ट्री तेल का सेवन करने से शरीर का संतुलन बनाए रखने में समस्या हो सकती है।
एलर्जी की समस्या होने पर टी ट्री ऑयल का इस्तेमाल करने से लाल खुजली दाग धब्बे हो सकते हैं ।और यह त्वचा पर जलन और खुजली भी पैदा कर सकता है।